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पुलिस लाइन, थानों, विद्यालयों और गांवों में लगाए गए हजारों पौधे, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
मथुरा। शासन के निर्देश पर रविवार को जनपदभर में ‘वृक्षारोपण महायज्ञ-2026’ एवं ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत व्यापक स्तर पर पौधरोपण किया गया। पुलिस विभाग, ग्राम पंचायतों, विद्यालयों और विभिन्न सरकारी संस्थानों में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
जनपद मथुरा पुलिस की ओर से पुलिस लाइन, सभी थानों, चौकियों और पुलिस परिसरों में वृक्षारोपण किया गया। पुलिस अधीक्षक सुरक्षा, प्रतिसार निरीक्षक तथा क्षेत्राधिकारियों के निर्देशन में अधिकारियों और जवानों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए तथा उनके संरक्षण और नियमित देखभाल का संकल्प लिया। अधिकारियों ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण संतुलन का आधार ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की अमूल्य धरोहर हैं।
विकास खंड बलदेव के ग्राम भरतिया में ब्रज क्षेत्र के “101 लाड़ली वन” अभियान के अंतर्गत लाड़ली वन की स्थापना की गई। क्षेत्रीय विधायक पूरन प्रकाश ने पौधरोपण कर अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया। इस दौरान जिला विकास अधिकारी गरिमा खरे, एसडीएम उषा सिंह, खंड विकास अधिकारी नेहा रावत सहित अन्य अधिकारी एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
राजकीय इंटर कॉलेज दघेंटा, बलदेव में जिला विद्यालय निरीक्षक राघवेंद्र सिंह के निर्देशन में प्रधानाचार्य डॉ. अखिलेश यादव ने विद्यार्थियों और ग्राम प्रधान के साथ पौधरोपण किया। विद्यालय में 100 पौधे लगाने का लक्ष्य पूरा किया गया। डॉ. यादव ने कहा कि ब्रजभूमि की पहचान रहे वन, कुंज, नदियां और सरोवर आज अस्तित्व के संकट से जूझ रहे हैं। जल, जंगल और जमीन का संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से पौधारोपण के साथ उनके संरक्षण का भी संकल्प लेने का आह्वान किया।
उधर, महावन स्थित श्री गुरु कार्ष्णि इंटर कॉलेज में भी ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रधानाचार्य जितेंद्र कुमार मिश्र ने पौधरोपण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। खेल शिक्षक डॉ. राकेश कुमार राही, स्काउट-गाइड, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों तथा विद्यार्थियों ने परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया।
जिलेभर में आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाने और लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया। अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और विद्यार्थियों ने पौधों की नियमित देखभाल करने तथा अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने का संकल्प लिया।

