Posted on 17.06.2026, Lakhimpur Kheri, Kathmandu Nepal, International Ayush Concave
कमलजीत सिंह
काठमांडू / लखीमपुर खीरी। काउंसिल ऑफ इंटेग्रेटिव वैद्य इन्नोवेशन एंड कोलेब्रेशन इंडिया एवं नेपाल चैम्बर ऑफ कॉमर्स के संयुक्त तत्वावधान में नेपाल के काठमांडू में इंटरनेशनल आयुष कॉन्क्लेव आयोजित 4.0 नेपाल एडिशन आयोजित किया गया। जहां उत्तर प्रदेश के लखीमपुर शहर के प्रतिष्ठित आयुष विशेषज्ञ डॉ. अनुपम मौर्य को आयुष क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए अंतर्राष्ट्रीय अवार्ड से सम्मानित किया गया।
नेपाल के काठमांडू में आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नेपाल चैम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष कमलेश अग्रवाल रहे, जबकि भारतीय दूतावास नेपाल के प्रतिनिधि सुमन शेखर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त लीजेंड वर्ल्ड रिकॉर्ड दुबई (यूएई) के प्रतिनिधि कुलदीप चतुर्वेदी ने भी कार्यक्रम में विशेष सहभागिता की।
इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भारत के 25 से अधिक राज्यों के साथ-साथ नेपाल, मलेशिया, कनाडा, यूएई, बांग्लादेश और सिंगापुर से आए आयुष चिकित्सकों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों, उद्यमियों एवं मैन्युफैक्चरर्स सहित कुल 254 प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण “ मोस्ट आयुआयुष डॉक्टर्स इन क्लीनिकल डायग्नोसिस सेशन” विषय पर आयोजित लीजेंड्स वर्ल्ड रिकॉर्डस अटेम्प्ट रहा, जिसे सफलतापूर्वक पूर्ण कर एक ऐतिहासिक विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया गया। इस उपलब्धि ने वैश्विक स्तर पर आयुष चिकित्सा प्रणाली की क्षमता, प्रभावशीलता और बढ़ती स्वीकार्यता को नई पहचान प्रदान की।
सम्मेलन के दौरान आयुष क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विशेषज्ञों को आयुष लीजेंड अवार्ड, आयुष एक्सीलेंस अवार्ड तथा आयुष राइजिंग अवार्ड से सम्मानित किया गया।
इसमें लखीमपुर खीरी के डॉ. अनुपम मौर्य को यह सम्मान आयुष चिकित्सा, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, शोध, नवाचार एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रदान किया गया। उन्हें यह सम्मान नेपाल चैम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष कमलेश अग्रवाल, सिविक के संस्थापक डॉ. एम. एम. कुरैशी तथा लीजेंड्स वर्ल्ड रिकॉर्डस दुबई के प्रतिनिधि कुलदीप चतुर्वेदी द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान किया गया। इस अवसर पर सिविक के संस्थापक डॉ. एम. एम. कुरैशी ने कहा कि इंटरनेशनल आयुष कॉन्क्लेव का उद्देश्य विश्वभर के आयुष विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों को एक साझा मंच पर लाकर ज्ञान, शोध, नवाचार और वैश्विक सहयोग को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि नेपाल संस्करण की सफलता और विश्व रिकॉर्ड की उपलब्धि आयुष के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।
यह सम्मान प्राप्त करने पर लखीमपुर खीरी के डॉ. अनुपम मौर्य ने आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें आयुष चिकित्सा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में और अधिक समर्पण एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।
