Web News

www.upwebnews.com

इटली में पीएम मोदी को एग्रीकोला सम्मान

May 20, 2026

इटली में पीएम मोदी को एग्रीकोला सम्मान

रोम, 20 मई 2026, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आज इटली के रोम में स्थित खाद्य और कृषि संगठन (एफ.ए.ओ) के मुख्यालय में प्रतिष्ठित ‘एग्रीकोला मेडल’ से सम्मानित किया गया। उन्‍होंने  पुरस्कार ग्रहण करते हुए, इस सम्मान को भारत के लाखों किसानों, पशुपालकों, मछली पालकों, कृषि वैज्ञानिकों और श्रमिकों को समर्पित किया। श्री मोदी को यह मेडल एफ.ए.ओ  के महानिदेशक क्यू डोंग्यू ने  प्रदान किया ।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पुरस्कार खाद्य सुरक्षा, सतत विकास और मानव कल्याण के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि खाद्य सुरक्षा केवल एक नीतिगत मामला नहीं है, बल्कि मानवता के प्रति एक ज़िम्मेदारी है।

श्री मोदी ने कहा कि भारत एक सतत, जलवायु-अनुकूल और भविष्य के लिए तैयार कृषि पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण कर रहा है, जबकि पूरे देश में ‘मिशन मोड’ में वैज्ञानिक कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी भारतीय कृषि की एक बड़ी ताकत बनती जा रही है। उन्‍होंने   इस बात पर ज़ोर दिया कि खेती का भविष्य केवल अधिक उत्पादन करने में नहीं, बल्कि बेहतर उत्पादन करने में निहित है।

भारत इटली में 15 समझौते, मोदी मैलानी की बैठक के बाद हस्ताक्षर

रोम, 20 मई 2026, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली यात्रा से दोनों देशों के रिश्तों को बड़ी मज़बूती मिली है। भारत और इटली ने अलग-अलग क्षेत्रों में 15 अहम नतीजों को अंतिम रूप दिया है। इन समझौतों पर आज रोम में प्रधानमंत्री मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत के बाद हस्‍ताक्षर किए गए। इन नतीजों से दोनों देशों के रिश्तों का स्तर बढ़कर ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ तक पहुँच गया है।

दोनों देशों ने कृषि, अहम खनिजों, आयुर्वेद, विज्ञान तथा टेक्नोलॉजी, समुद्री परिवहन और बंदरगाहों के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने के लिए कई समझौता ज्ञापनों पर हस्‍ताक्षर किए। भारतीय नर्सों के इटली आने-जाने को आसान बनाने के लिए भी एक समझौता किया गया, जिससे कुशल स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए नए अवसर खुलेंगे। एक और अहम समझौता लोथल में ‘राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर’ के विकास पर केंद्रित है, जो सांस्कृतिक और समुद्री विरासत के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग को दिखाता है। भारत और इटली ने टैक्स से जुड़े अपराधों, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के लिए पैसे जुटाने के खिलाफ़ तालमेल को मज़बूत करने पर भी सहमति व्‍यक्‍त की है।

प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के बाद,  संयुक्त प्रेस बयान में कहा कि ‘भारत-इटली संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029’ दोनों देशों के बीच सहयोग के लिए एक व्यावहारिक और भविष्योन्मुखी रोडमैप देगी। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष ‘भारत-इटली इनोवेशन सेंटर’ बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। श्री मोदी ने यह भी बताया कि ‘भारत-इटली रक्षा औद्योगिक रोडमैप’ ने रक्षा क्षेत्र में मिलकर विकास करने और मिलकर उत्पादन करने के नए रास्ते खोल दिए हैं।

श्री मोदी ने कहा कि भारत और इटली, समुद्री ताकतों के तौर पर शिपिंग, बंदरगाहों के आधुनिकीकरण, लॉजिस्टिक्स और ब्लू इकोनॉमी के क्षेत्र में सहयोग का विस्तार करेंगे। वैश्विक चुनौतियों का उल्‍लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देश यूक्रेन, पश्चिम एशिया और अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर लगातार एक-दूसरे के संपर्क में हैं। श्री मोदी ने इस बात को दोहराया कि बातचीत और कूटनीति ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है। उन्होंने कहा कि भारत और इटली इस मामले में एकमत हैं कि आतंकवाद मानवता के लिए एक गंभीर खतरा है। उन्होंने आतंकवाद के लिए पैसे जुटाने वाले नेटवर्क के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया।

आर्थिक सहयोग पर बल देते हुए श्री मोदी ने कहा कि इटली दुनिया भर में अपने डिज़ाइन और बारीकी के लिए जाना जाता है, जबकि भारत को बड़े पैमाने, प्रतिभा और किफायती नवाचार के एक केंद्र के रूप में पहचाना जाता है। उन्होंने कहा कि दोनों देश “भारत और इटली में डिज़ाइन तथा विकास  और इन्‍हें दुनिया के लिए उपलब्ध कराने” के सिद्धांत पर आगे बढ़ेंगे।

इटली की पीएम जोर्जिया मेलोनी ने कहा कि ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ भारत और इटली के रिश्तों की बढ़ती गहराई को दिखाती है, जो आपसी भरोसे और साझा मूल्यों पर आधारित है। उन्होंने ‘हिंद-प्रशांत क्षेत्र’ में नौवहन की आज़ादी सुनिश्चित करने और अहम क्षेत्रों में सहयोग को मज़बूत करने के महत्व पर भी ज़ोर दिया। श्री मोदी की इस यात्रा के परिणामों से आर्थिक जुड़ाव, नवाचार साझेदारी और लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान को और बढ़ावा मिलने की आशा है, साथ ही वैश्विक शांति, सतत विकास और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग भी मज़बूत होगा।

दक्षिण कोरिया पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

सोल,20 मई 2026, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तीन दिन की आधिकारिक यात्रा पर आज दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल पहुंचे। एक सोशल मीडिया पोस्‍ट में श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्‍य दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और रणनीतिक भागीदारी को और सुदृढ़ करना है। उन्‍होंने कहा कि इस यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने तथा परस्‍पर हित के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

इस दौरान श्री राजनाथ सिंह, दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री आन ग्‍यू बैक के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेता रक्षा, सहयोग की समीक्षा करेंगे तथा द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने के लिए नई पहलों की तलाश करेंगे। वे क्षेत्रीय और आपसी हित के वैश्विक मुद्दों पर भी विचार विमर्श करेंगे।

इससे पहले, श्री सिंह वियतनाम की दो दिन की यात्रा के बाद सोल पहुंचे।

भारत में नॉर्डिक देशों का निवेश 2 सौ प्रतिशत तक बढ़ा: मोदी

ओस्लो, 20 मई 2026, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि नॉर्डिक देशों के साथ भारत की भागीदारी को पर्यावरण अनुकूल प्रौद्योगिकी और नवाचार रणनीतिक भागीदारी के स्‍तर पर ले जाने का निर्णय लिया गया है। नार्वे की राजधानी ओस्‍लो में आयोजित तीसरे भारत नॉर्डिक सम्‍मेलन के बाद श्री मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्डिक क्षेत्र सतत विकास में नॉर्डिक देशों की विशेज्ञता को भारत के व्‍यापक स्‍तर के साथ जोड़कर भविष्‍य के लिए भरोसेमंद वैश्विक समाधान विकसित कर सकते हैं।

श्री मोदी ने भारत-नॉर्डिक संबंधों में वृद्धि का उल्‍लेख करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में व्‍यापार में चार गुना वृद्धि हुई है और भारत में नॉर्डिक देशों का निवेश 200 प्रतिशत तक बढ़ा है। उन्‍होंने कहा कि इस वृद्धि ने न केवल भारत के विकास में योगदान दिया है कि बल्‍कि नॉर्डिक देशों में रोजगार के अवसर भी सृजित किये हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्‍नत भागीदारी के जरिये प्रत्‍येक नॉर्डिक देश की विशेषज्ञताओं का उपयोग किया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि आइसलैंड की भूतापीय ऊर्जा और मत्‍स्‍य क्षेत्र में विशेषज्ञता, नार्वे की समुद्री अर्थव्‍यवस्‍था और आर्किटिक मामलों में विशेषज्ञता, स्‍वीडन की उन्‍नत निर्माण और रक्षा तकनीकी, फिनलैंड की दूरसंचार और डिजिटल प्रौदयोगिकी तथा डेनमार्क की साइबर सुरक्षा और स्‍वास्‍थ्‍य तकनीकी क्षेत्र में विशेषज्ञता है।

उन्‍होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच अनुसंधान, कौशल विकास और प्रतिभा के आदान प्रदान को बढ़ावा देने के लिए विश्‍वविद्यालयों, प्रयोगशालाओं, स्‍टार्टअप तंत्र के स्‍तर पर सहयोग मजबूत किया जा रहा है।

सांस्‍कृतिक संबंधों को साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संबंध शब्‍द का अर्थ भारत और नॉर्डिक भाषा में एकसमान है। उन्‍होंने आशा व्‍यक्‍त की है कि यह आगे बढ़ रहे घनिष्‍ठ और अधिक सार्थक संबंधों में भी प्रदर्शित होगा।

नॉर्डिक देशों के नेताओं ने लोकतंत्र, नियम आधारित वैश्विक व्‍यवस्‍था और बहुपक्षीय संस्‍थाओं में सुधारों को लेकर प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्‍होंने कहा कि संघर्ष और व्‍यवधान सहित वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए भारत के साथ मजबूत सहयोग का भी आहवान किया।

वैश्विक मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि युक्रेन और पश्चिम एशिया में संघर्षविराम के पक्ष में भारत के रूख की पुष्टि की। उन्‍होंने कहा कि भारत और नॉर्डिक देश आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रूख रखते हैं और इसमें दोहरे मानदंडों को बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा।

ब्लादिमीर पुतिन चीन यात्रा पर बीजिंग पहुंचे

बीजिंग, 20 मई 2026, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चीन की दो दिन की यात्रा पर कल रात बीजिंग पहुंचे। इस दौरान श्री पुतिन चीन के राष्‍ट्रपति षी चिनफिंग के साथ वार्ता करेंगे। श्री पुतिन की यह यात्रा अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की चीन यात्रा सम्पन्‍न होने के एक सप्ताह से भी कम समय में हो रही है। इस दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय तथा क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। श्री पुतिन की यह यात्रा वर्ष 2001 में हस्ताक्षरित चीन-रूस मैत्री संधि की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रही है।

Older Posts »