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केंद्र सरकार ने हर वर्ग को प्रतिनिधित्व दिया: पंकज चौधरी

April 20, 2026

केंद्र सरकार ने हर वर्ग को प्रतिनिधित्व दिया: पंकज चौधरी

महराजगंज 20 अप्रैल 2026 | भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को महराजगंज में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में सर्वसमावेशी लोकतंत्र का निरंतर विस्तार हो रहा है। केंद्र सरकार ने समाज के हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देने का कार्य किया है। इसका प्रमाण यह है कि आज केंद्रीय मंत्रिमंडल में लगभग 40 प्रतिशत मंत्री अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से हैं, जो सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
श्री चौधरी ने कहा कि इसी समावेशी सोच के तहत देश की आधी आबादी—माताओं और बहनों—को नीति निर्धारण में उनका अधिकार देने के उद्देश्य से मोदी सरकार ने 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का ऐतिहासिक विधेयक प्रस्तुत किया। लेकिन कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और इंडी एलायंस के अन्य सहयोगी दलों ने इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित नहीं होने देकर अपनी वास्तविक मंशा उजागर कर दी।
उन्होंने कहा कि इंडी एलायंस के दल महिला आरक्षण का समर्थन करने का केवल ढोंग करते हैं, जबकि सच्चाई यह है कि वे महिलाओं को उनका अधिकार देने के पक्ष में नहीं हैं। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और उनके सहयोगियों ने एक बार फिर अपनी महिला विरोधी मानसिकता को सामने ला दिया है। ये दल भली-भांति जानते हैं कि जब घर की महिलाएं आगे बढ़ेंगी, तो उनका परिवारवाद और वंशवाद स्वतः कमजोर हो जाएगा।
श्री चौधरी ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने अपनी महिला विरोधी सोच को छुपाने के लिए “नकाब का सहारा” लिया, लेकिन अब देश की आधी आबादी के सामने उनका यह नकाब उतर चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि तुष्टिकरण की राजनीति करते हुए इन दलों ने देश में केवल लगभग 20 प्रतिशत मुस्लिम महिलाओं का बहाना बनाकर शेष 80 प्रतिशत महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय किया है। विपक्षी दलों ने मुस्लिम महिलाओं के साथ भी अन्याय ही किया है क्योंकि इस विधेयक का लाभ तो समाज के सभी वर्गों की महिलाओं को मिलता और उनमें मुस्लिम वर्ग की महिलाएं भी सम्मिलित हैं ।
उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्म के आधार पर आरक्षण संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है और भारतीय जनता पार्टी सदैव संविधान की मर्यादा और मूल सिद्धांतों का पालन करती रही है।
श्री चौधरी ने कहा कि मोदी सरकार की महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता अत्यंत मजबूत है। माननीय गृहमंत्री द्वारा सदन के पटल पर पूरे देश में 50 प्रतिशत सीटें बढ़ाने की गारंटी देना इस बात का प्रमाण है कि सरकार महिलाओं को अधिक से अधिक अवसर देने के लिए संकल्पित है।
उन्होंने इंडी एलायंस को “एंटी वूमेन एलायंस” बताते हुए कहा कि यह गठबंधन रूढ़िवादी सोच से ग्रसित है और चाहता है कि महिलाएं घर की चारदीवारी तक सीमित रहें। इन दलों ने हमेशा महिला आरक्षण को रोकने, टोकने, अटकाने और भटकाने का कार्य किया है।
श्री चौधरी ने कहा कि देश का विकास बिना आधी आबादी के सशक्तिकरण के संभव नहीं है और देश की नारी शक्ति ऐसे महिला विरोधी गठबंधन को कभी माफ नहीं करेगी।

एटा के कस्बा मिरहची में देव प्रतिमाओं का नगर भ्रमण, मंदिर में हुईं प्राण प्रतिष्ठा

एटा 20 अप्रैल उप्रससे। जनपद में मिरहची कस्बे के जोगियान मुहल्ले में सोमवार को श्रद्धालुओं ने देव प्रतिमाओं को नगर भ्रमण कराने के बाद मंदिर में प्राण प्रतिष्ठित किया। यह कार्यक्रम मुहल्ले के मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद आयोजित किया गया।

प्राण प्रतिष्ठा से पहले, शिव परिवार सहित अन्य देव प्रतिमाओं को बैंड-बाजों के साथ पूरे नगर में भ्रमण कराया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। नगर भ्रमण के समापन के बाद, सभी प्रतिमाओं को जोगियान मुहल्ले स्थित मंदिर में विधि-विधान से स्थापित किया गया। प्राण प्रतिष्ठा के पश्चात श्रद्धालुओं ने मुहल्ले में प्रसाद भी वितरित किया।
इस कार्यक्रम में जयप्रकाश कश्यप, कालीचरन साहू, मुन्नालाल गोस्वामी, विनोद गोस्वामी, डॉ. एम.पी. कश्यप, हंसराज देवल, भोला कश्यप सहित मुहल्ले की कई महिलाएँ शामिल थीं।

मनीष बंसल ने आगरा के जिलाधिकारी का पदभार संभाला

आगरा शहर से है उनका गहरा नाता

… मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार जी के हैं दामाद… अरविंद मल्लप्पा बंगारी CM के विशेष सचिव बने…!

आगरा। सहारनपुर के डीएम रहे मनीष बंसल ने आज सायं आगरा के नए डीएम का पदभार संभाल लिया। इससे पहले डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी का ट्रांसफर हो गया। उनको मुख्यमंत्री का विशेष सचिव बनाया गया है।
मनीष बंसल देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के दामाद हैं। ज्ञानेश कुमार का जन्म आगरा में ही हुआ था। मनीष बंसल की पत्नी मेधा रूपम गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) की जिलाधिकारी हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानी जी की पैदाइश आगरा की होने के कारण यहां उनके तमाम रिश्तेदार हैं मेरी जी के आगरा ट्रांसफर होने से उनमें खुशी की लहर है। CA दिनेश गुप्ता का इस परिवार से नजदीकी रिश्ता है। उन्होंने बताया कि मनीष बंसल के ससुर ज्ञानेश गुप्ता के पिता डॉ. सुबोध कुमार गुप्ता और मां सत्यवती गुप्ता आगरा के विजय नगर कॉलोनी में रहते हैं। डा. सुबोध गुप्ता आगरा में एक स्कूल का संचालन कर रहे हैं।
आईएएस मनीष बंसल पंजाब के छोटे से शहर संगरूर से ताल्लुक रखते हैं। उनकी बचपन से ही पढ़ाई में रुचि थी। उन्होंने हाई स्कूल के साथ-साथ इंटरमीडिएट में अच्छे अंक प्राप्त किए थे। उन्होंने आईआईटी दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में प्रौद्योगिकी में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। वह 2014 बैच के आईएएस हैं।
अरविंद 2011 बैच के अधिकारी हैं अरविंद 2011 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और आगरा में 15 सितंबर 2024 को जिलाधिकारी बने थे। आगरा में उनका कार्यकाल अच्छा रहा। जनता के बीच में उनकी छवि अच्छी रही।
15 जिलों के डीएम सहित 40 आईएएस अधिकारियों के तबादले प्रदेश सरकार ने रविवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 15 जिलों के डीएम सहित 40 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। देवीपाटन मंडल के मंडलायुक्त भी बदले गए हैं। इनके अलावा मुख्य विकास अधिकारी के साथ ही सचिव स्तर के अधिकारी और विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों तक इसमें शामिल हैं।

शामली और सहारनपुर के जिलाधिकारी के रूप में उन्होंने न केवल लुप्तप्राय नदियों को जीवनदान दिया, बल्कि जन-शिकायतों के त्वरित निस्तारण और ‘टेक्नोलॉजी-आधारित प्रशासन’ के लिए भी अपनी पहचान बनाई।

आगरा के लिए नई उम्मीद: आगरा पर्यटन, ताजमहल और राजनीतिक संवेदनशीलता के लिहाज से एक महत्वपूर्ण जिला है. मनीष बंसल की कार्यकुशलता और सहारनपुर में उनके रिकॉर्ड को देखते हुए यह उम्मीद है कि वे यहां भी विकास, स्मार्ट गवर्नेंस और जन-सुनवाई पर विशेष ध्यान केंद्रित करेंगे.

वहीं, उनकी पत्नी मेधा रूपम ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से इकोनॉमिक्स में बीए (ऑनर्स) की पढ़ाई की है. इतना ही नहीं उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2013 में ऑल इंडिया रैंक 10 हासिल की थी. इसके बाद 2025 में उन्हें नोएडा की जिलाधिकारी पद दिया गया. इससे पहले वह मेरठ, बागपत जैसे जिलों में भी तैनात रही हैं

भक्ति के आड़ में शस्त्र लहराकर शक्ति प्रदर्शन का वीडियो वायरल, कानून की जमकर उड़ाई गयी धज्जियां।

रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 20/04/2026

एंकर – उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद में एक सार्वजनिक कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में भीड़ के बीच जमकर शस्त्र प्रदर्शन किया जा रहा है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरीके से तलवार और फरसा जैसे शस्त्र लेकर कुछ युवाओं के द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। आपको बता दे की शस्त्र का प्रदर्शन करना कानूनन अपराध है।

वायरल वीडियो बलिया शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित भृगु मंदिर परिसर का बताया जा रहा है। जहां भगवान परशुराम जन्मोत्सव का आयोजन किया गया था। इस आयोजन में हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी थी। कार्यक्रम का मंच राजनीतिक लोगो और वरिष्ठ जनों से भरा पड़ा था। इसी दौरान युवकों का एक झुंड हाथों में तलवार और फरसा लेकर प्रदर्शन करते हुए मंच पर पहुंचे जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

बताया जा रहा है कि कार्यक्रम का आयोजन पूर्व ब्लाक प्रमुख मृत्युंजय तिवारी उर्फ बबलू के द्वारा किया गया था। इस कार्यक्रम में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ला समेत तमाम दिग्गज नेताओं को आमंत्रित किया गया था। जिनकी उपस्थिति से पहले युवाओं के द्वारा कानून को ताख पर रखकर शस्त्र का प्रदर्शन करते हुए भगवान परशुराम के जयकारे लगाए गए। आपको बता दे कि किसी भी धार्मिक कार्यक्रमों में इस प्रकार से शस्त्र का प्रदर्शन करना वर्जित है जो कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। बरहाल यह वायरल वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है।

आपको बता दे कि सार्वजनिक स्थानों पर बिना उचित अनुमति के शस्त्रों का प्रदर्शन करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। भारतीय कानून विशेष रूप से शस्त्र अधिनियम आर्म्स एक्ट और शस्त्र नियम 2016 हथियारों के स्वामित्व और उनके सार्वजनिक प्रदर्शन को नियंत्रित करते हैं। कानून किसी भी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से घातक हथियार प्रदर्शित करने की अनुमति नहीं देता है यदि कोई व्यक्ति बिना वैध लाइसेंस या बिना सरकारी अनुमति के सार्वजनिक स्थान पर हथियार लहराता है तो वह शस्त्र अधिनियम के तहत दण्डनीय अपराध माना जाता है। कई बार लोगों इसे धार्मिक परंपरा मानते हैं लेकिन भारतीय कानून में सार्वजनिक सुरक्षा का नियम किसी भी धार्मिक परंपरा से ऊपर है यदि कोई प्रदर्शन लोक व्यवस्था को बिगाड़ने का जोखिम पैदा करता है तो प्रशासन कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।

April 19, 2026

योगी आदित्यनाथ ने सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा ट्रेन को हरी झंड़ी दिखाई

लखनऊ : 19 अप्रैल, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में देश ने अपनी गौरवशाली विरासत के साथ-साथ आधुनिक विकास के नये युग में प्रवेश किया है। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर उत्तर प्रदेश के यात्रियों की विशेष ट्रेन, विभिन्न तीर्थों से होते हुए द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम सोमनाथ धाम का दर्शन करने के लिए जा रही है।
मुख्यमंत्री जी ने आज यहां गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अन्तर्गत ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश’ के शुभारम्भ कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने बाबा सोमनाथ के अभिषेक हेतु उत्तर प्रदेश की पवित्र सप्त नदियों का पावन जल कलश यात्रा के प्रतिभागी श्रद्धालुओं को सौंपा। शुभारम्भ कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री जी ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश’ की विशेष ट्रेन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शास्त्रों की मान्यता के अनुसार आत्मा अजर और अमर तथा जीवन की शाश्वतता का प्रतीक है। इसी प्रकार सनातन आस्था भी उसी अजर, अमर पथ का प्रतीक है। भारत की सनातन संस्कृति पर अनेक हमले हुए। लेकिन यह हमले भारत की आस्था को न डिगा पाए, न हटा पाए और न झुका पाए। 01 हजार वर्ष पहले देवाधिदेव महादेव के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम, भगवान सोमनाथ के मंदिर पर विदेशी आक्रांता महमूद गजनवी के नेतृत्व में कायराना हमला हुआ। वर्ष दर वर्ष यह हमला बढ़ता गया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विदेशी आक्रांता भारत की धन-सम्पदा को लूटते गए, मंदिरों को अपवित्र करते गए तथा भारत की सनातन आस्था पर प्रहार करते गए। लेकिन सनातन धर्म की आस्था अपनी भगवा पताका के साथ पूरी मजबूती से खड़ी रही। 01 हजार वर्ष बाद भी भारत की सनातन आस्था दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रही है, लेकिन उन आक्रांताओं का कोई भी नामो-निशान इस दुनिया में नहीं बचा है। यही ’यतो धर्मस्ततो जयः’ का शंखनाद है, जिसे आक्रांताओं की बर्बरता रोक नहीं पायी, झुका नहीं पायी और तोड़ भी नहीं पायी। ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ सनातन धर्म की इसी आस्था का आयोजन है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वतंत्र भारत में हर देशवासी की यह अभिलाषा थी कि देश को केवल राजनीतिक स्वतंत्रता ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक स्वाधीनता भी प्राप्त होनी चाहिए। इसके लिए अनेक ओर से आवाजें उठीं तथा इस दिशा में प्रयास किए गए। भारत माता के महान सपूत और देश की अखण्डता के शिल्पी लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने उस समय द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम, सोमनाथ मंदिर की दुर्दशा को देखकर इसके पुनरुद्धार का संकल्प लिया था।
सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से इस कार्य को आगे बढ़ाया और मंदिर का पुनर्निर्माण पूरा हुआ। प्राण-प्रतिष्ठा के कार्यक्रम को भव्यता के साथ आगे बढ़ाने के लिए आयोजन समिति ने तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद को आमंत्रित किया। राष्ट्रपति डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद ने सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार कार्यक्रम को अपने हाथों से सम्पन्न किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जो कार्य आजाद भारत में सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद ने आगे बढ़ाया था, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भारत के स्वाभिमान और सनातन आस्था के गौरव के अभियान को आगे बढ़ाने के रूप में वही कार्य किया है। आज का यह कार्यक्रम उसी अभियान का हिस्सा है।
पहले कोई यह नहीं सोचता था कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण हो पाएगा। आज अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण हो चुका है। केसरिया पताका श्रीराम मंदिर पर लहरा रही है। देश के हर कोने तथा पूरी दुनिया में जय श्रीराम की आवाज सुनाई देती है। 500 वर्ष पहले आक्रांताओं ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर को अपमानित कर हमारी आस्था पर कुठाराघात किया था, लेकिन वह उसे डिगा नहीं पाए। जिन लोगों ने हमारी आस्था पर प्रहार किया था, आज उनका नाम लेने वाला कोई नहीं है। लेकिन हमारी सनातन आस्था पूरी भव्यता के साथ भारत के गौरव को बढ़ाने का कार्य कर रही है।
काशी में श्रीकाशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर तथा विंध्याचल में माँ विंध्यवासिनी का भव्य कॉरिडोर हमारी विरासत को नवीन ऊंचाई प्रदान कर रहे हैं। प्रयागराज की धरती पर आयोजित कुम्भ-2019 तथा महाकुम्भ-2025 ने दुनिया को यह बताया है कि सांस्कृतिक आयोजन किस प्रकार होने चाहिए। महाकुम्भ ने समरसता के आयोजन के रूप में सभी का ध्यान आकर्षित किया। इसी प्रकार मथुरा-वृन्दावन भी उत्तर प्रदेश का गौरव है। हमारा सौभाग्य है कि यह सभी स्थल उत्तर प्रदेश में हैं। काशी की जीवन्तता, अयोध्या की मर्यादा, मथुरा-वृन्दावन की भक्ति तथा प्रयागराज की समरसता पूरे देश और दुनिया को अपनी ओर आकर्षित करती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महाकाल का महालोक, भव्य श्री केदारनाथ धाम, बद्रीनाथ मंदिर तथा रामेश्वरम धाम हम सभी को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। यही भारत की वह सनातन आस्था है, जो बिना रुके, बिना झुके, बिना डिगे अपनी यात्रा को अनवरत आगे बढ़ा रही है। यह देश का गौरव है। इसी गौरव का साक्षी बनने के लिए 01 हजार से अधिक श्रद्धालु उत्तर प्रदेश से गुजरात की धरती पर भगवान सोमनाथ का दर्शन करने के लिए प्रस्थान कर रहे हैं। हम सभी इस यात्रा के शुभारम्भ के साक्षी बन रहे हैं। इन श्रद्धालुओं को जो पुण्य मिलेंगे, उसमें हम भी भागीदार होंगे।
मुख्यमंत्री जी ने सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा के शुभारम्भ के लिए प्रधानमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े हर जनपद से कम से कम 11 श्रद्धालु इस यात्रा में जा रहे हैं। इनमें उद्यमी, किसान, महिला, नौजवान, छात्र-शिक्षक सहित अलग-अलग वर्गों के 01 हजार श्रद्धालु शामिल हैं। रेलवे की ओर से यात्रा की सुविधा निःशुल्क है। केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय द्वारा अन्य खर्चे उठाए जा रहे हैं। यह लोग हर-हर महादेव की गूंज के साथ काशी तथा अपने-अपने क्षेत्र के तीर्थ स्थलों के जल से भगवान सोमनाथ का अभिषेक करेंगे। मुख्यमंत्री जी ने रेलवे तथा केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय का आभार व्यक्त करते हुए श्रद्धालुओं की सुखद यात्रा की कामना की।
ज्ञातव्य है कि इस यात्रा में श्रमिक, हॉकर्स, स्ट्रीट वेण्डर्स, महिलाएं, गिग वर्कर्स, विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी, युवा प्रोफेशनल्स, स्टार्टअप से जुड़े युवा, वरिष्ठ नागरिक, तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्र के विशेषज्ञ, स्वयंसेवक, आध्यात्मिक संस्थाओं से जुड़े सदस्य, सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासी तथा सेवा क्षेत्र से जुड़े कर्मयोगी शामिल हैं।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  केशव प्रसाद मौर्य, मत्स्य मंत्री संजय निषाद, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, पवन चौहान, लालजी प्रसाद निर्मल, विधायक नीरज बोरा, ओ0पी0 श्रीवास्तव, लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अपर मुख्य सचिव पर्यटन एवं संस्कृति श्री अमृत अभिजात तथा श्रद्धालु उपस्थित थे।
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