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तीसरे दिन सुलझा निगम की दुकानों के किरायों के निर्धारण का विवाद

February 9, 2026

तीसरे दिन सुलझा निगम की दुकानों के किरायों के निर्धारण का विवाद

मेयर, अपर नगर आयुक्त और व्यापारी संगठन और पार्षद के बीच बनी सहमति
निगम लेगा 400 रुपए प्रति वर्गमीटर का किराया
18 प्रतिशत जीएसटी के बदले इतनी ही छूट का प्रावधान

मुरादाबाद,9 फरवरी(उप्र समाचार सेवा)।
मुरादाबाद में नगर निगम की दुकानों के निर्धारण का विवाद सुलझ गया। कई दिन से व्यापारी किराए में बेतहाशा बढ़ोतरी को लेकर खफा थे।‌विरोध स्वरुप शहर के बीच कई बाजारों में दुकानों के शटर नहीं उठें। दोनों पक्षों में समझौते को लेकर बैठकों का दौर चला। मेयर, व्यापारी संगठन, निगम पार्षद के बीच सोमवार शाम को रजामंदी हो गई। निगम अपनी दुकानों का अब 400 रुपए प्रति वर्गमीटर से किराया लेगा। नगर निगम ने 18 प्रतिशत जीएसटी के बदले इतनी ही रियायत देने का निर्णय लिया है। नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल व व्यापारी संगठनों से वार्ता के बाद दुकानदारों ने किराए पर सहमति जता दी। 15 साल बाद किराए पर को भी चर्चा हुई। निगम प्रीमियम लेगा। व्यापारी नवीनीकरण करा सकेंगे।

मुरादाबाद में तीन दिन से चल रहा दुकानों के किराए का विवाद हल हो गया। शहर के बीच पटेल, अंबेडकर मार्केट आदि दुकानदार निगम के अचानक किराए में वृद्धि को लेकर नाराज थे। व्यापारियों का कहना है कि पहले जहां किराया कम था अब किराया कई गुना बढ़ा दिया गया। सालाना किराया हजारों से बढ़कर लाखों में पहुंच गया। निगम ने सर्किल रेट के हिसाब से नए सिरे से किराए का निर्धारण किया। सर्किल रेट में शहर के बीच मार्केट में 618.75 रुपए रेट निकला। निगम ने 30 % की छूट देते हुए 434 रुपए प्रति वर्ग मीटर तय किया। तीन दिन बाजारों में दुकानों बंद रहीं। शनिवार से निगम व व्यापारियों के बीच चल रही वार्ता पर आज समझौता हो गया।

विवाद सुलझाने को मेयर विनोद अग्रवाल, अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह की पहल को। तीसरे दिन सफलता मिली। नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल व व्यापारी नेताओं में बातचीत हुई। जिसमें कि किराया 400 रुपए प्रति वर्ग मीटर तय हुआ। 15 साल के किराए को लेकर बैठक में चर्चा हुई।

अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह का कहना है कि दुकानदार अब नए रेट से किराया जमा करेंगे। इसमें 18% जीएसटी अलग से थीं। व्यापारी को राहत देते हुए एक मुश्त किराए पर इतनी छूट का प्रावधान किया गया है।

व्यापारी नेता विजय मदान व पार्षद देश रत्न कत्याल का कहना है कि दुकानों के किराए को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद को सुलझा लिया गया। इसी के साथ तीन दिन से बंद दुकानें खुल जाएगी।
दुकानदार रतन भाटिया के अनुसार निगम ने 400 रुपए रेट निर्धारित किया है। 15 साल किराएनामे पर भी मेयर व निगम ने आश्वस्त किया है।

नाथ संप्रदाय सदैव ही सानातन की रक्षा करने में अग्रणी रहा- योगी आदित्यनाथ


सीतापुर (उ०प्र० समाचार सेवा)। सनातन धर्म के पौराणिक स्थल जनपद सीतापुर स्थित योगी बाड़ा श्री तपोधाम आश्रम में मूर्ति स्थापना दिवस एवं भव्य भण्डारा कार्यक्रम में आज गोरक्षपीठाधीश्वर महंत एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराज सम्मिलित हुए।
इस अवसर पर योगी महाराज ने नवनिर्मित मूर्ति का अनावरण एवं गोरख अमृत धारा का लोकार्पण भी किया।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि दुनिया के अंदर तमाम सभ्यताएं तथा संस्कृतियां बनीं और समाप्त हो गईं, लेकिन सनातन धर्म आज भी गौरव के साथ खड़ा है और दुनिया को ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का संदेश दे रहा है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि नाथ संप्रदाय सदैव ही सानातन की रक्षा करने में अग्रणी रहा है।
सीतापुर जिला मुख्यालय के शास्त्रीनगर मुहल्ले में स्थिति योगी बाड़ा श्री तपोधाम आश्रम जो नाथ संप्रदाय का ही आश्रम है। जहां पर कई वर्षों पूर्व तपस्वी श्री गिरिधारीनाथ जी महाराज ने कई वर्षों तक तपस्या की थी ताकि अपने आराध्यदेव का आशीष प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अवधूत योगी महासभा के अध्यक्ष होने के कारण उन्हें इसी सभा के उपाध्यक्ष महंत श्री योगी बालक नाथ (सदस्य विधानसभा राजस्थान) तथा योगी बाड़ा तपोधाम आश्रम के महंत श्री योगी तेजनाथ जी ने विशेष रूप से आमंत्रित किया था। इस कार्यक्रम में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, पश्चिम उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश आदि कई प्रांतों से कई योगी महंतो ने कार्यक्रम में अपनी उपस्थित दर्ज कराई। मुख्यमंत्री ने अपनी भाषण में बांग्लादेश में हिंदुओं की वर्तमान हालत पर भी बरसे। उन्होंने कहा कि हमें बांग्लादेशी घटनाओं से काफी कुछ सीखने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री के 36 मिनट के भाषण का केंद्र बिंदु सनातन ही रहा।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना घोटाले में आधा दर्जन ग्राम सचिव निलंबित

Posted on 09.02.2026 Monday, Time 06.49 PM

मुरादाबाद, 9 फरवरी(उप्र समाचार सेवा)।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में हुए घोटाले में कार्रवाई का दौर शुरु हो गया है। इसके अलावा मूंढापांडे के बीडीओ का वेतन रोकते हुए विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
मामला सामूहिक विवाह समारोह से जुड़ा है। 4 दिसंबर को मुरादाबाद में बुद्धि विहार और 5 दिसंबर को अन्य जगहों पर हुए समारोह के आयोजनों में फर्जी शादी के मामले सामने आए। विधायक रामवीर सिंह ने सरकारी योजना में गड़बड़ी का मामला उठाया तो शासन इसे गंभीरता से लिया। जिला प्रशासन ने मामले में जांच पड़ताल की। माना गया कि इन समारोहों में करीब 35 शादीशुदा जोड़ों की दोबारा शादी करा दी गई। समारोह में मिलने वाले बर्तन आदि देने में अनियमितता बरती गई। डीएम के कार्रवाई की संस्तुति के बाद शासन से अब निलंबन की कार्रवाई शुरू हो गई है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर मूंढापांडे के छह ग्राम सचिवों को निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद खंड विकास अधिकारी समेत पंचायत में अन्य अधिकारियों पर गाज गिरनी तय मानी जा रही है।

नाबालिग के अपहरण-दुष्कर्म में दस साल की कैद

Posted on 09.01.2026 Monday, Time 06.29, Rajesh Bhatia

मुरादाबाद,9 फरवरी (उप्र समाचार सेवा)।
विशेष न्यायाधीश(पाँक्सो कोर्ट)ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म में दस साल की सजा सुनाई है। छह साल पहले हुईं घटना शहर के कटघर क्षेत्र की है। सोमवार को अदालत ने दोषी पर 18 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
वादी की ओर से बिलारी में 6 जुलाई,18 को नाबालिग को अगवा किए जाने की तहरीर दी गई। कहा कि कटघर में वाल्मीकि बस्ती का दीपक कुमार नाबालिग को बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया।
आरोपी ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने बरेली के आंवला निवासी दीपक के खिलाफ अपहरण व दुष्कर्म का मुकदमा कायम कर लिया।
रिपोर्ट के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पीड़िता को कब्जे में लिया। साथ ही आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।
विशेष लोक अभियोजक अभिषेक भटनागर और मनोज कुमार वर्मा के अनुसार केस की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पाँक्सो कोर्ट में हुई। अदालत में पीड़िता और गवाहों के बयान हुए। कोर्ट में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश पाँक्सो कोर्ट-1 अविनाश चंद्र मिश्रा ने साक्ष्य के आधार पर दीपक को दोषी ठहराया। अदालत ने दोषी को दस साल की सजा और 18 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

February 8, 2026

संघ की सौ वर्ष की यात्रा हिन्दू स्वाभिमान और समरसता की यात्राः जोगिन्दर पाल सिंह

Joginder Pal Singh Adress in Hindu Sammelan

हिन्दू सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेश महामंत्री जोगिंदर पाल सिंह

Posted on: 08.02.2026 Sunday, Time: 11.17 PM, Moradabad

मुरादाबाद, 08 फरवरी 2026, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेश महामंत्री जोगिन्दिर पाल सिंह ने कहा कि है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सौ वर्ष की यात्रा हिन्दू स्वाभिमान और समरसता की यात्रा है। हिन्दू पुनर्जागरण की यात्रा है। संघ का सौ वर्ष का इतिहास गौरवपूर्ण है। श्री सिंह रविवार को यहां कृष्णा विद्या मन्दिर इंटर कालेज मंगुपुरा में आयोजित हिन्दू सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में  सम्बोधित कर रहे थे।

श्री सिंह ने कहा कि आज शबरी जयंती है। यह हमें समरसा का संदेश देती ही। शबरी ने अनेक वर्ष तक दृढ़ विश्वास के साथ भगवान श्रीराम की प्रतीक्षा की थी। भगवान श्रीराम ने भी शबरी के बेर खाकर समसरसा का संदेश दिया। उन्होंने कहा  हिन्दू समाज और संस्कृति पर अनेक आक्रमण हुए हैं। पहला आक्रमण मुहम्मद बिन कासिम ने सन् 712 में किया था। हमारी संस्कृति, सभ्यता और परंपराओं को नष्ट करने का प्रयास हुआ। इसके बाद भी अनेक आक्रमण हुए। लेकिन भारत के संत महात्माओं, महापुरुषों ने उन आक्रमओं का डटकर सामना किया। उन्हें विफल करते रहे।

हिन्दू सम्मेलन के अध्यक्ष सर्वेश कुमार सिंह का सम्मान

श्री सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना काल की परिस्थितियों और संस्थापक डा केशव बलिराम हेडगेवार के प्रेरणादायी जीवन का उल्लेख करते हुए बताया कि संघ ने स्वतंत्रता संग्राम में बढ चढकर हिस्सा लिया। संघ संस्थापक डा हेडगेवार ने ही सबसे पहले पूर्ण स्वराज्य का प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। उनके प्रस्ताव को मानकर ही पूर्ण स्वराज्य दिवस मनाने की परंपरा आरम्भ हुई थी। स्वतंत्रता के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर लगे प्रतिबंधों की भी उन्होंने चर्चा की। साथ ही बताया कि संघ के योगदान को देखते हुए ही 1963 में संघ को गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल किया गया था।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर शनि सिंह ने कहा कि आज यह विडम्बना ही है कि हिन्दुओं के देश में हिन्दू सम्मेलन आयोजित करने की आवश्यकता पड़ रही है। उन्होंने उन कारणों पर प्रकाश डाला जिनके कारण हिन्दू समाज को संगठित करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कार्य कर रहा है। श्री सिंह ने संघ के शताब्दी वर्ष में निर्धारित किये गए पंच परिवर्तनों पर विस्तार से प्रकाश डाला।  इन पंच परिवर्तनों के लिये समाज को तैयार होने और अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि पंच परिवर्तनों में कुटुम्ब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्व का जागरण और राष्ट्रीय कर्तव्य को आत्मसात करना है। इनके माध्यम से ही समाज अनेक आसन्न चुनौतियों का सामना करने में सफल होगा।

प्रो. सिंह ने कहा कि हमें यह नारा देना होगा और इसे अपनाना भी होगा-जातिवाद की करो विदाई, हम सब हैं भाई भाई। हमें जातिवाद को दूर करना है, जातियों में नहीं बंटना है। भेदभाव रहित समाज, एकात्म समाज की स्थापना ही संघ का उद्देश्य है। इन पंच परिवर्तनों के भाव को युवा पीढ़ी को समझना और अपनाना आवश्यक है क्योंकि ये युवा ही देश के भविष्य हैं।

हिन्दू सम्मेलन के विशिष्ट अतिथि मेजर राजीव ढल ने कहा कि हम हिन्दू गर्व से कह सकते हैं कि हम हिन्दू हैं। हमारे पूर्वजों ने लालच में आकर, भय के कारण हिन्दू धर्म नहीं छोड़ा। उन पर अनेक अत्याचार हुए, अनेक तरह के प्रलोभन भी दिये गए किन्तु उन्हें स्वीकार नहीं किया। पूर्वजों ने बलिदान कर दिये किन्तु हिन्दू धर्म नहीं त्यागा। इसलिए हम कह सकते हैं कि हमें गर्व है कि हम हिन्दू हैं। भारत पर आक्रमण करने वालों ने हिन्दू संस्कृति को मिटाने का अभियान चलाया। मठ मन्दिर तोड़े गए, उनके स्थान पर मस्जिदें बनायी गईं। यदि उन्हें मस्जिदें बनानी थीं तो कहीं और भी बना सकते थे। लेकिन उन्हें हिन्दू समाज को अपमानित करना था इसलिए हिन्दू मंदिरों को तोड़ा गया, वहीं मस्जिदें बना दी गईं।

मेजर ढल ने कहा कि सिख गुरुओं के बलिदान से हिन्दू समाज की रक्षा हुई। गुरुओं की संतानों ने बलिदान किये। गुरुओं के शीश काट दिये गए। लेकिन उन्होंने हिन्दू धर्म को बचा लिया। भारत विभाजन की विभिषिका और कश्मीर में हुए नरसंहार की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए यह सब किया गया। नेता देखते रहे और नरसंहार होते रहे। भारत विभाजन के समय हो अत्याचारों को झेलते हुए जब अनेक हिन्दू यहां आये तो कोई मदद को नहीं आया। सिर्फ राष्ट्रीय स्वंयंसेवक संघ ने शिविर लगाकर सहायता की थी। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि स्वतंत्रता के बाद देश में मुगलों की इतिहास पढ़ाया जाने लगा, कभी गुरुओं के बलिदान का इतिहास नहीं पढ़ाया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार सर्वेश कुमार सिंह ने कहा कि 21वीं शताब्दी, हिन्दू शताब्दी है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में हो रहे हिन्दू सम्मेलनों की श्रंखला में सभी समस्याओं की भी समाधान है। उन्होंने बताया कि इसी क्षेत्र में 1982 से 85 के मध्य चार हिन्दू सम्मेलन हुए थे। ये सम्मेलन काशीपुर, अमरोहा, मुजफ्फरनगर और दिल्ली मे हुए। इन सम्मेलनों की ही शक्ति और जागरण का परिणाम था कि मात्र 46 वर्ष में अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य दिव्य मन्दिर बन गया। क्योंकि इन सम्मलेनों से ही राम मन्दिर के निर्माण की मांग उठी थी। हिन्दू सम्मेलन की शक्ति ने उस संघर्ष में निर्णायक विजय दिला दी जोकि 496 साल तक चला था। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नगर कार्यवाह जितेन्द्र चौधरी ने किया।

 

 

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