फिरोजाबाद। थाना रामगढ़ क्षेत्र अन्तर्गत मंगलवार को एक युवक का शव मिला है। गले पर चोट के निशान है। युवक की संदिग्धावस्था में मौत हुई है। पुलिस घटना की जांच कर रही है।
थाना रामगढ़ क्षेत्र अन्तर्गत सांती रोड गांव मिलक के सामने भट्ठे के समीप मंगलवार को एक युवक का शव लोगों ने पड़ा देखा तो वह हैरान रह गए। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पहचान कराई। मृतक की पहचान थाना रामगढ़ क्षेत्र के सैलई निवासी चन्दन पुत्र महेश के रूप में हुई है। मृतक के गले पर चोट के निशान है। पुलिस मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल लेकर आई है और घटना की जांच में जुट गई है।
इस सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक रवि शंकर प्रसाद का कहना है कि एक युवक का शव मिला है। जिसके गले पर चोट के निशान है। युवक की संदिग्ध मौत हुई है। मृत्यु का सही कारण व समय जानने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए है। घटना की जांच कर कार्यवाही की जा रही है।
Santosh Kumar Singh Gorakhpur
31/03/2026
16 कार्य दिवस में कठोर सजा: 6 वर्षीय मासूम से दुष्कर्म के आरोपी को उम्रकैद
गोरखपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई बना नजीर, साक्ष्य छिपाने पर महिला को भी 4 साल की कठोर सजा
गोरखपुर। मासूम बच्ची से दुष्कर्म अपराध के मामले में त्वरित न्याय की मिसाल सामने आई है। थाना पीपीगंज में 21 फरवरी 2026 को 6 साल की मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में महज 16 दिन के भीतर न्यायालय ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुना दी।
मा० न्यायालय विशेष पॉक्सो-01 गोरखपुर ने अभियुक्त अशोक निषाद पुत्र टुनटुन निषाद, निवासी साखी उर्फ मेंहदरिया, थाना पीपीगंज को दोषी पाते हुए शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक आजीवन कारावास तथा 55,000 के अर्थदंड से दंडित किया। वहीं, साक्ष्य छिपाने के आरोप में उसकी माँ सुनीता देवी को 4 वर्ष का कठोर कारावास और 5,000 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
घटना 20/21 फरवरी 2026 की रात की है, जब एक शादी समारोह के दौरान आरोपी ने मासूम के साथ दरिंदगी की। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपी और उसकी मां को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मात्र 5 दिनों में साक्ष्य एकत्र कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। इसके बाद न्यायालय ने लगातार सुनवाई करते हुए 16 दिन में गवाहों के बयान और बहस पूरी कर कठोर सजा सुनाई।
इस केस में एडीजीसी राघवेन्द्र राम त्रिपाठी और एडीजीसी अरविन्द्र कुमार श्रीवास्तव की प्रभावी पैरवी अहम रही।
गोरखपुर पुलिस की यह कार्रवाई ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत त्वरित न्याय की एक बड़ी नजीर मानी जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की सख्त और त्वरित कार्रवाई से अपराधियों में भय और आमजन में कानून के प्रति विश्वास मजबूत होगा।
आगरा। ताजगंज थाना क्षेत्र स्थित राठौर मंदिर के पास तुलसी चबूतरा के पीछे बस्ती में आज सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक घर में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते घर के भीतर रखा सामान और परिवार की आजीविका का मुख्य सहारा ‘राधा मोहन साड़ी सेंटर’ चंद मिनटों में लपटों की भेंट चढ़ गया।
बताया जा रहा है कि पीड़ित परिवार बेहद साधारण आर्थिक स्थिति में जीवनयापन करता है। परिवार का पालन-पोषण सनी नामक दुकानदार करता है, जो वर्षों से साड़ी का छोटा कारोबार कर अपने घर का खर्च चला रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार, सनी लंबे समय से मेहनत-मजदूरी और छोटे व्यापार के सहारे अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभा रहा था। अचानक लगी इस आग ने परिवार की पूरी पूंजी और भविष्य की उम्मीदों को झकझोर कर रख दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जैसे ही घर से धुआं और आग की लपटें उठती दिखाई दीं, आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। बस्ती के लोग तुरंत मौके पर जुटे और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। घटना की सूचना मिलते ही भाजपा नेता राजेश राठौर तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेते हुए ताजगंज पुलिस प्रशासन को तुरंत अवगत कराया। साथ ही स्थानीय निवासियों ने भी बिना देर किए फायर ब्रिगेड को सूचना दी।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और दमकलकर्मियों ने स्थानीय लोगों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते राहत कार्य शुरू होने से आग को आसपास के अन्य मकानों तक फैलने से रोक लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
भाजपा नेता राजेश राठौर ने बताया कि पीड़ित परिवार की दुकान में करीब चार से पांच लाख रुपये का साड़ी का माल रखा हुआ था। इसके अलावा दुकान में नकद रकम भी मौजूद थी, जो आग की चपेट में आकर पूरी तरह जल गई। उन्होंने कहा कि इस हादसे में परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और उनकी वर्षों की मेहनत एक झटके में राख हो गई।
हालांकि इस दर्दनाक हादसे में राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। आग के दौरान घर में मौजूद लोग समय रहते बाहर निकल आए, जिससे एक बड़ा अनर्थ टल गया। स्थानीय लोगों ने इसे भगवान की कृपा बताया और कहा कि सामान फिर से जुटाया जा सकता है, लेकिन जान बचना सबसे बड़ी राहत है।
घटना के बाद इलाके में भारी संख्या में लोग जुट गए। पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। बस्तीवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता, राहत सामग्री और व्यापार दोबारा शुरू करने के लिए सहयोग दिया जाए, ताकि यह गरीब परिवार फिर से अपने पैरों पर खड़ा हो सके।