Posted on: 10.03.2026, Tuesday Time : 08.15 AM, Iran – US, Israel war
नई दिल्ली 09 मार्च , 26, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए संवाद और कूटनीति के रास्ते अपनाने पर जोर दिया है। पश्चिम एशिया की स्थिति पर लोकसभा में बयान देते हुए डॉ. जयशंकर ने कहा कि सरकार ने पिछले महीने की 20 तारीख को स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए एक बयान जारी किया था और सभी पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि भारत का मानना है कि तनाव कम करने के लिए संवाद और कूटनीति का रास्ता अपनाना चाहिए।
विदेश मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार उभरते घटनाक्रमों पर नजर रख रहे हैं और संबंधित मंत्रालय प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए समन्वय कर रहे हैं। डॉ. जयशंकर ने कहा कि संघर्ष लगातार तेज हो रहा है और पश्चिम एशिया क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति काफी बिगड़ गई है। उन्होंने कहा कि संघर्ष अन्य देशों में भी फैल गया है, जिससे भारी तबाही मची है और सामान्य जीवन और गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।
श्री जयशंकर ने कहा कि यह संघर्ष भारत के लिए विशेष चिंता का विषय है क्योंकि यह एक पड़ोसी क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में एक करोड़ भारतीय रहते हैं तथा हजारों भारतीय पढ़ाई या रोजगार के लिए ईरान में हैं। डॉ. जयशंकर ने कहा कि यह क्षेत्र भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है और इसमें तेल और गैस के कई महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता शामिल हैं।उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय ने स्थिति पर नजर रखने और प्रश्नों का उत्तर देने के लिए एक विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। श्री जयशंकर ने कहा कि कल तक लगभग 67 हजार भारतीय नागरिक देश लौट चुके हैं। उन्होंने यह बयान विपक्ष के हंगामे के बीच दिया, जो इस मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहा था।
नई दिल्ली 07 मार्च 26, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान सिलीगुड़ी में 9वें अंतर्राष्ट्रीय संथाल आदिवासी सम्मेलन में राज्य सरकार द्वारा प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने पर निराशा व्यक्त की है। कार्यक्रम के बाद लोगों से बातचीत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि जब राष्ट्रपति किसी राज्य के दौरे पर होते है तो प्रोटोकॉल के अनुसार मुख्यमंत्री को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना चाहिए।
राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि मुझे ज्ञात हुआ है कि आदिवासी समुदाय के कई लोगों को संथाल सम्मेलन में भाग लेने से रोका गया। राष्ट्रपति ने कहा कि राज्य सरकार ने सम्मेलन के लिए उचित स्थान भी उपलब्ध नहीं कराया ताकि अधिक लोग भाग ले सके। आरोप है कि राज्य सरकार के अधिकारी भी सम्मेलन में शामिल नहीं हुए।
नई दिल्ली, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज कहा कि पश्चिम बंगाल की TMC सरकार ने प्रोटोकॉल की खुलेआम अनदेखी करते हुए भारत के राष्ट्रपति का अपमान कर आज अपने अराजक व्यवहार में एक नया निचला स्तर छुआ है।
X पर एक पोस्ट में, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा, “पश्चिम बंगाल की TMC सरकार ने प्रोटोकॉल की खुलेआम अनदेखी करते हुए भारत के राष्ट्रपति का अपमान कर आज अपने अराजक व्यवहार में एक नया निचला स्तर छुआ है। इससे TMC सरकार की सड़ांध साफ नजर आती है, जो न सिर्फ अपनी मर्ज़ी से नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करती है, बल्कि भारत के राष्ट्रपति को भी अपनी तानाशाही से नहीं बख्शती। भारत के सबसे ऊंचे संवैधानिक पद का अपमान, वह भी हमारे आदिवासी बहनों और भाइयों द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में, हमारे देश और उन संवैधानिक मूल्यों का अपमान है जो हमारे लोकतंत्र को परिभाषित करते हैं। आज, लोकतंत्र में विश्वास करने वाला हर नागरिक बहुत दुखी और आहत है।”
विजयबड़ा, 07 मार्च 26, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने घोषणा की है कि आंध्र प्रदेश सरकार राज्य की घटती प्रजनन दर और भविष्य की जनसांख्यिकीय चुनौतियों से निपटने के लिए देश में अपनी तरह की पहली जनसंख्या प्रबंधन नीति लाने की तैयारी कर रही है। विधानसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य इस नीति को पहली अप्रैल से इसे लागू करना है।
उन्होंने चिंता व्यक्त की कि राज्य की कुल प्रजनन दर 1993 में 3 से घटकर वर्तमान में लगभग डेढ हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह गिरावट जारी रहने से आबादी और युवा श्रमिकों की कमी हो सकती है। इससे दीर्घकालिक आर्थिक विकास प्रभावित होगा।
