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ट्रस्ट रामजी के एक एक पैसे के लिए जिम्मेवार: विहिप

June 19, 2026

ट्रस्ट रामजी के एक एक पैसे के लिए जिम्मेवार: विहिप

News Posted on 19.06.2026, Friday Time 07.09 PM Haridwar

विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय मार्ग दर्शक मण्डल की हरिद्वार बैठक में आए विषयों पर दण्डी स्वामी पूज्य स्वामी जितेंद्रानन्द सरस्वती तथा विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार का संयुक्त प्रेस वक्तव्य

*परिवार कानूनों की समीक्षा, मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता, गौ रक्षा, गौ संवर्धन, नशा मुक्ति, तथा हिन्दू समाज की एकता के संकल्प के साथ पूर्ण हुई विहिप के केन्द्रीय मार्ग दर्शक मण्डल की द्वि-दिवसीय बैठक*
हरिद्वार, जून 19, 2026. मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता, गौ रक्षा, गौ संवर्धन, नशा मुक्ति, परिवार कानूनों की समीक्षा तथा हिन्दू समाज की एकता के संकल्प के साथ विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय मार्ग दर्शक मण्डल की द्विदिवसीय हरिद्वार बैठक आज शुक्रवार को निष्काम सेवा ट्रस्ट, भूपतवाला परिसर में समाप्त हो गई। बैठक के बाद उसमें उभरे विषयों की जानकारी देने हेतु आज उसी परिसर में दण्डी स्वामी पूज्य स्वामी जितेंद्रनन्द सरस्वती तथा विहिप के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री आलोक कुमार ने संयुक्त रूप से एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि:
परिवार कानूनों की समीक्षा
परिवार संस्था विश्व को हिंदुत्व की एक बड़ी देन है। विवाह संस्था जीवन में काम को संयमित करती है। पिछले दिनों में ऐसे निर्णय हुए हैं जो चिंता पैदा करते हैं। जैसे व्यभिचार को अपराध नहीं माना जाने का निर्णय, बिना विवाह के लिव इन में रहने की अनुमति, समलैंगिक जोड़ों को पति-पत्नी की तरह रहने की आजादी इत्यादि। ऐसा वातावरण बन रहा है कि विवाह एक झंझट लगने लगे और मुक्त काम समाज में स्वीकार हो जाए। यह खतरनाक होगा।
साथ ही परिवार के विवादों को निपटाने के लिए सामाजिक व्यवस्थाएं टूट रही है। अब पति-पत्नी, बच्चे, मां-बाप इनमें से किसी के प्रति भी कुछ विवाद लगे तो आपस में बैठकर नहीं सुलझाया जाता। यह पुलिस और कचहरी के द्वारा होता है। इससे शत्रुता पैदा होती है; समाधान नहीं।
केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल का मत है कि सभी परिवार कानूनों की समीक्षा करने का समय आ गया है। इस बात की आवश्यकता है कि परिवार कानूनों को परिवार और विवाह संस्था के साथ सुसंगत बनाया जाए।
केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल यह भी आह्वान करता है कि माता-पिता से लेकर साधु संत तक सब लोग आने वाली पीढ़ियों को स्वधर्म की जानकारी और उसके अनुरूप जीवन बनाने के लिए प्रेरित करें।
राम मंदिर दान विवाद विषय
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के पैसे को लेकर गंभीर आरोप लगाए जा रहे है। ट्रस्ट रामजी के एक-एक पैसे के लिए जिम्मेवार है। इसलिए विषय सामने आते ही ट्रस्ट ने स्वयं मुख्यमंत्री जी से SIT बनाने के लिए प्रार्थना की। उच्च स्तरीय SIT बनी है। चम्पतजी ने अपने को पूछताछ के लिए SIT के समक्ष प्रस्तुत किया है। जांच में पूरा सहयोग देंगे। जो लोग दोषी पाए जाएंगे, वो कोई भी हों, दंडित होने चाहिएं।
SIT की जांच का दायरा बढ़ाने की आवश्यकता है। जिन जिन अन्य ट्रस्टों ने राम मंदिर के नाम पर पैसा या सोना इकट्ठा किया, जिसमें रामालय ट्रस्ट और राम जन्म मंदिर पुनर्निर्माण ट्रस्ट भी शामिल हैं, उनके खातों की भी जांच होनी चाहिए।
किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले हमको जांच पूरी होने की प्रतीक्षा करनी चाहिए। अभी से सब पर कीचड़ उछालना ठीक नहीं होगा। यह भी देखना होगा कि किन्होंने बेइमानी की है और किनका दोष असावधान रहने का है।
इस बात की आवश्यकता है कि रामजन्मभूमि मंदिर की सब व्यवस्थाओं को पूर्ण रूप से दोषमुक्त बनाना होगा। SIT से भी इस बारे में अनुशंसा मांगी है। इस काम में अब कोई देरी नहीं होनी चाहिए।
साथ ही अयोध्या को 2027 के विधानसभा चुनाव का हिस्सा बनाने के दुष्प्रयत्नो से सावधान रहना होगा। कांग्रेस और समाजवादी पार्टियां राम मंदिर की सतत विरोधी रही हैं। वह कारसेवकों के दमन और हत्या के लिए भी जिम्मेवार हैं। यहां तक कि सर्वोच्च न्यायालय में शपथपत्र दे कर कहा गया था कि राम वास्तविक नहीं, केवल एक काल्पनिक पात्र थे।
आज वही लोग मांग कर रहे हैं कि जांच के लिए सर्वदलीय समिति बनाई जाए। यह हास्यास्पद मांग है। क्या किसी आपराधिक प्रकरण की जांच राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को सौंपी जा सकती है? क्या उन्हें इस तरह की जांच का कोई अनुभव है? क्या कानून राजनीतिक दलों के लोगों को आपराधिक जांच की अनुमति देता है? और फिर उन लोगों ने तो जांच से पहले ही मानो परिणाम घोषित कर रखा है। इस मामले में राजनीति को हिंदू समाज कभी स्वीकार नहीं करेगा।
गोरक्षा एवं गौ संवर्धन:
मार्गदर्शक मंडल की बैठक में गोरक्षा और गौ संवर्धन पर चर्चा हुई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद ने इसके लिए सतत कार्य किया है। 1948 में संघ ने गोरक्षा के पक्ष में 2 करोड़ से अधिक हस्ताक्षर राष्ट्रपति जी को सौंपे थे। 7 नवंबर 1966 के विराट प्रदर्शन में हमारा बड़ा सहभाग था। प्रतिवर्ष बजरंगदल के कार्यकर्ता 2 लाख से अधिक गौवंश को कटने से बचाते हैं। विहिप मानती है कि संपूर्ण गौवंश की रक्षा के लिए केंद्रीय कानून बनाना चाहिए। हम इस बात से भी सहमत हैं कि सरकार गाय को सम्मानित करने वाला कोई योग्य नाम दे। कुछ लोगों का सुझाव है कि गाय को राष्ट्रमाता कहना उचित होगा। विहिप संतों के साथ देश भर में इस विषय पर सहमति बनाने का अभियान चलाएगी।
कुछ राज्यों में गोरक्षा के कानूनों में 14 वर्ष से अधिक गौधन की हत्या की अनुमति है। विहिप सभी राज्य सरकारों से आग्रह करेगी कि सख्त कानून बना कर संपूर्ण गौवंश की रक्षा सुनिश्चित करें।
विहिप समाज के सब समर्थ लोगों को गौपालन के लिए प्रेरित करेगी। गाय के गोबर और मूत्र से भी किसान को इतनी आमदनी हो जाती है कि गौपालन का खर्चा निकल आए। घर-घर में गौपालन ही इस समस्या का समाधान है।
नशा मुक्ति अभियान
देश में बढ़ती नशाखोरी को रोकने के लिए बजरंग दल गत एक वर्ष से एक सघन नशा मुक्ति अभियान चला रहा है। अब इस अभियान को और प्रभावी बनाने हेतु पूज्य संतों द्वारा भी इस संदर्भ में एक व्यापक समाज प्रबोधन का कार्य किया जाएगा।
संत रविदास जी की 650 वीं जयंती
संतों ने आह्वान किया कि सामाजिक समरसता के अग्रदूत व महान आध्यात्मिक पुरुष पूज्य संत रविदास जी की 650 वीं जयंती को देश भर में समाज के हर वर्ग द्वारा वर्ष भर मनाया जाए तथा उनके प्रेरक संदेशों को जन मन में उतारा जाए।
जनगणना में ORP षड्यंत्र
बैठक में इस वर्ष होने वाली जनगणना के संबंध में चर्चा करते हुए पूज्य संतों ने आह्वान किया कि जो लोग जन जातीय समाज को ORP के रूप में दर्ज करने की बात कर रहे हैं वे उन्हें उनकी मूल संस्कृति से काटने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिन्दू हम सब एक हैं।
जनसंख्या असंतुलन पर उच्चस्तरीय समिति
केंद्र सरकार द्वारा जनसंख्या असंतुलन की जांच हेतु गठित एक उच्च स्तरीय समिति के गठन के संदर्भ में प्रधान मंत्री जी का धन्यवाद करते हुए पूज्य संतों ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा व अलगाववाद को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

सीमावर्ती इलाकों में आर्थिक लेनदेन, बड़े निर्माण और प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री पर रहे पैनी नजर, 5 वर्षों के भूमि रिकॉर्ड की हो गहन जांच

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने त्रिपुरा के सालबगान में सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर बैठक की अध्यक्षता की

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में भारत सरकार सीमा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हर सीमावर्ती क्षेत्र को सुरक्षित और सशक्त बना रही है

सीमा सुरक्षा आइसोलेटेड ड्यूटी नहीं, टेरिटोरियल रिस्पॉन्सिबिलिटी है, DM, SP, पटवारी, सरपंच, मॉडर्न टेक्नोलॉजी और BSF मिलकर बनाएगा फुल-प्रूफ सुरक्षा ग्रिड

सिर्फ फेंसिंग नहीं, टोटल टेरिटोरियल डिफेंस -लोकल एडमिनिस्ट्रेशन, स्मार्ट टेक्नोलॉजी और BSF मिलकर बनाएँगे फुली सिक्योर्ड, लीक-प्रूफ बॉर्डर ग्रिड

सीमावासियों को हथियार और नारकोटिक्स की चुनौती से निपटने की ट्रेनिंग के लिए लगें कैंप, पटवारी से लेकर थाना और BSF तक हों शामिल

गृह मंत्रालय के CCTV मॉडल को त्रिपुरा में सबसे पहले लागू किया जाए, BSF के सभी कैमरे अपग्रेड कर डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन से जोड़े जाएं

बॉर्डर एरिया में हथियारों और ड्रग्स तस्करी के खिलाफ चले सघन अभियान, नशे की पूरी चेन पर रूथलेस अप्रोच से हो कार्रवाई

सरहदी जिलों में फाइनेंशियल डिसिप्लिन लाना राज्य की भी जिम्मेदारी, कलेक्टर और GST अधिकारी हों प्रशिक्षित, फेक करेंसी के खिलाफ CBDT कराए सर्वे

Posted Date:- Jun 06, 2026

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने त्रिपुरा के सालबगान में सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में भारत-बांग्लादेश सीमा (IBB) से सटे त्रिपुरा के सीमावर्ती जिलों से जुड़े सुरक्षा संबंधी मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP) और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ राज्य के सभी 8 सीमावर्ती जिलों के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधीक्षकों ने भाग लिया। बैठक में राज्य सरकार के तंत्र के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए सीमा प्रबंधन को सशक्त एवं व्यापक बनाने पर जोर दिया गया।

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि सीमा सुरक्षा कोई आइसोलेटेड ड्यूटी नहीं, बल्कि टेरिटोरियल रिस्पॉन्सिबिलिटी है। उन्होंने कहा कि डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक, पटवारी, सरपंच, मॉडर्न टेक्नोलॉजी और सीमा सुरक्षा बल (BSF) मिलकर एक फुल-प्रूफ सुरक्षा ग्रिड का निर्माण करेगा।

श्री अमित शाह ने कहा कि सिर्फ फेंसिंग ही नहीं, बल्कि टोटल टेरिटोरियल डिफेंस की अवधारणा पर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि लोकल एडमिनिस्ट्रेशन, स्मार्ट टेक्नोलॉजी और BSF मिलकर एक फुली सिक्योर्ड और लीक-प्रूफ बॉर्डर ग्रिड बनाएँगे।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि सीमा पर रहने वाले लोगों को हथियारों और नारकोटिक्स की चुनौती से निपटने की ट्रेनिंग देने के लिए कैंप आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि इन कैंपों में पटवारी से लेकर स्थानीय थाने और BSF के जवानों तक की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि गृह मंत्रालय के CCTV मॉडल को सबसे पहले त्रिपुरा में लागू किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि BSF के सभी कैमरों को अपग्रेड कर डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन से जोड़ा जाए।

श्री अमित शाह ने कहा कि बॉर्डर एरिया में हथियारों और ड्रग्स की तस्करी के खिलाफ सघन अभियान निरंतर चलाए जाएं तथा नशे के कारोबार में योगदान देने वाली पूरी चेन के विरुद्ध रूथलेस अप्रोच के साथ कार्रवाई की जाए।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सरहदी जिलों में वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करना राज्य सरकार की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिया कि कलेक्टरों और GST अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाए तथा फेक करेंसी के विरुद्ध केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) सर्वे कराए।

श्री अमित शाह ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में आर्थिक लेनदेन, बड़े निर्माण कार्यों और प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री पर पैनी नजर रखी जाए। उन्होंने पिछले 5 वर्षों के भूमि रिकॉर्ड की गहन जांच कराने का भी निर्देश दिया।

बैठक में रेखांकित किया गया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में भारत सरकार सीमा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हर सीमावर्ती क्षेत्र को सुरक्षित और सशक्त बना रही है। साथ ही, केन्द्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय को बढ़ावा देकर सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास और सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

अमित शाह से मिले अमेरिकी राजदूत सर्जियो गौर

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह से नई दिल्ली में भारत में अमेरिकी राजदूत श्री सर्जियो गोर ने भेंट की
सुरक्षा, खासकर आतंकवाद और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लड़ाई में भारत और अमेरिका के बीच सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ‘भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ को और भी आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है

Posted Date:- Jun 18, 2026

नई दिल्ली, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से आज नई दिल्ली में भारत में अमेरिकी राजदूत श्री सर्जियो गोर ने भेट की।

X पर जारी एक पोस्ट में, श्री अमित शाह ने कहा, “आज नई दिल्ली में भारत में अमेरिकी राजदूत श्री सर्जियो गोर से मुलाकात की। सुरक्षा के क्षेत्र में, खासकर आतंकवाद और नशीले पदार्थों की तस्करी से निपटने में, भारत और अमेरिका के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई।”

“प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में, भारत ‘भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ को आगे बढ़ाने और यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि दोनों देशों के लोगों को इस द्विपक्षीय रिश्ते का लाभ मिले।”

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Met U.S. Ambassador to India, Mr. Sergio Gor in New Delhi today.

Had a detailed discussion on further strengthening cooperation between India and the U.S. in the area of security, particularly in counter-terrorism and counter-narcotics.

Under the leadership of PM Shri… pic.twitter.com/8s5kF7Opr9

— Amit Shah (@AmitShah) June 18, 2026

June 11, 2026

G 7 की बैठक में शामिल होंगे मोदी, 13 से 19 तक विदेश यात्रा पर

Narendra Modi Prime Minister

News Posted on 11.06.2026, Time 06.03 PM, Thursday, PM Narendra Modi

नई दिल्ली 11 जून 2026, फ्रांस के राष्ट्रपति महामहिम श्री इमैनुएल मैक्रों के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 13-14 जून, 2026 को नीस तथा 16-19 जून, 2026 को एवियन और पेरिस में फ्रांस की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। इसके अलावा, वह 14-16 जून, 2026 तक स्लोवाकिया की भी यात्रा करेंगे। यात्रा के पहले चरण में प्रधानमंत्री 14 जून को राष्ट्रपति मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक के लिए नीस जाएंगे। दोनों नेता भारत-फ्रांस द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा करेंगे, जिसे इसी वर्ष स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया गया है। नीस में दोनों नेता संयुक्त रूप से ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन भी करेंगे, जो भारत, फ्रांस और अन्य देशों के प्रमुख इनोवेशन स्टार्टअप्स और वेंचर कैपिटल फंड्स को एक मंच पर लाएगा। इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन के दौरान आयोजित किया जा रहा यह प्रमुख कार्यक्रम दोनों देशों के बीच मौजूद मजबूत और वाइब्रेंट इनोवेशन पार्टनरशिप को और मजबूती प्रदान करता है।

यात्रा के दूसरे चरण में, स्लोवाक गणराज्य के प्रधानमंत्री महामहिम श्री रॉबर्ट फिको के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 14-16 जून, 2026 तक स्लोवाक गणराज्य की राजकीय यात्रा करेंगे। वर्ष 1993 में स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह स्लोवाकिया की पहली यात्रा होगी। यह यात्रा अप्रैल 2025 में माननीय राष्ट्रपति जी की स्लोवाकिया की राजकीय यात्रा और फरवरी 2026 में ‘AI इम्पैक्ट समिट’ में भाग लेने के लिए स्लोवाकिया के राष्ट्रपति महामहिम श्री पीटर पेलेग्रिनी की भारत यात्रा के बाद हो रही है। पीएम मोदी, प्रधानमंत्री फिको के साथ बातचीत करेंगे और सहयोग के नए क्षेत्रों पर विचार-विमर्श करेंगे। प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति पेलेग्रिनी से भी मुलाकात करेंगे। यह यात्रा ट्रेड, इन्वेस्टमेंट तथा ऑटोमोबाइल और रेलवे मैन्युफैक्चरिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्लोवाकिया के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगी।

यात्रा के तीसरे चरण में प्रधानमंत्री 16-17 जून, 2026 को फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 समिट में भाग लेंगे। समिट के दौरान वह G7 नेताओं के साथ-साथ आमंत्रित साझेदार देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। वह समिट के उन सत्रों में भाग लेंगे, जिनका विषय है – नई साझेदारियों का निर्माण और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को पुनर्स्थापित करना; सभी के लिए संतुलित, साझा और सस्टेनेबल इकोनॉमिक ग्रोथ को पुनर्जीवित करना; तथा AI के सुरक्षित, तेज और प्रभावी रोलआउट को सुनिश्चित करना। समिट से इतर प्रधानमंत्री कई वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।

यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री 18 जून, 2026 को आगे की द्विपक्षीय बैठकों के लिए पेरिस जाएंगे। वह यूरोप के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप इवेंट VivaTech Summit में भी भाग लेंगे। प्रधानमंत्री के पेरिस में भारतीय समुदाय के सदस्यों को संबोधित करने की भी संभावना है।

प्रधानमंत्री की आगामी यूरोप यात्रा फ्रांस, स्लोवाकिया और G7 के साथ भारत की साझेदारी को और गहरा करेगी। G7 समिट में प्रधानमंत्री की उपस्थिति ग्लोबल साउथ की एक प्रमुख आवाज और वैश्विक चुनौतियों से निपटने में एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में भारत की स्थिति को दर्शाती है। भारत इनोवेट्स और VivaTech Summit, दोनों में प्रधानमंत्री की भागीदारी इनोवेशन, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और एंटरप्रेन्योरशिप के ग्लोबल हब के रूप में भारत को प्रमुखता से प्रदर्शित करेगी तथा भारतीय, फ्रांसीसी और यूरोपीय टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम्स के बीच नई साझेदारियों को बढ़ावा देने की उम्मीद है। यह यात्रा यूरोपियन यूनियन के साथ अपनी व्यापक स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को आगे बढ़ाने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करेगी।

June 7, 2026

बंगाल आयुष्मान योजना लागू करने वाला 36 वा राज्य

Ayushman
कोलकाता, पश्चिम बंगाल आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना लागू करने वाला देश का 36वां राज्य बनने जा रहा है। इस संबंध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच कल नई दिल्ली में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे. पी. नड्डा और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी उपस्थित रहेंगे। आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जाता है। योजना के लागू होने से राज्य के लाखों लोगों को बेहतर और किफायती स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।
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