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एटा में दो बार हुआ अपंजीकृत अस्पताल सील, उसके बाद भी हो रहा मरीजों का इलाज

March 30, 2026

एटा में दो बार हुआ अपंजीकृत अस्पताल सील, उसके बाद भी हो रहा मरीजों का इलाज

सीएमओ की कार्यवाही पर उठे सवाल

एटा 30 मार्च उप्रससे। जनपद में कस्बा जैथरा स्थित भारतीय स्टेट बैंक के पास एम्स नाम से संचालित अपंजीकृत अस्पताल हमेशा से विवादों में रहा है। इस अस्पताल में कई गंभीर बीमारियों के सफल इलाज का दावा किया जाता है। अस्पताल में लगा बोर्ड कई रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टर के नाम और उनकी उपलब्धियों को दर्शाता है। जबकि यहां बिना डिग्री डिप्लोमा के अपशिष्ट डॉक्टर यहां मरीजों का इलाज करते हैं। कई बार गर्भपात जैसी जटिल प्रक्रिया इन्ही झोलाछाप चिकित्सकों के द्वारा कराई जाती है। पिछले वर्ष तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी उमेश चंद्र त्रिपाठी ने इसी अस्पताल को सीज कर दिया था। अस्पताल संचालक ने किसी युक्ति से सील खुलवाकर दोबारा से देहात क्षेत्र से आने वाले सीधे-साधे लोगों के जीवन से खिलवाड़ करना आरंभ कर दिया।

20 मार्च शुक्रवार को शिकायत के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने फिर छापा मारा। इस दौरान टीम को कई खामियां मिली किंतु उन कमियों को नजर अंदाज करते हुए केवल ऑपरेशन थिएटर को सील कर खानापूर्ति की गई। अस्पताल संचालक तथाकथित डॉक्टर दानिश से स्पष्टीकरण मांगा गया। स्वास्थ्य विभाग के लचर रवैया ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि यहां कितना भी कानून का उल्लंघन करो सब जायज है। क्योंकि स्वास्थ्य विभाग में दलालों व चापलूसों के चंगुल में फंसे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा अवैध को वैध कर दिया जाता है। इसी कारण फर्जी डॉक्टर बनकर इलाज करने वाला डॉक्टर दानिश स्वास्थ्य विभाग की मिली भगत से स्थानीय लोगों की आंखों में धूल झोंककर हर बार कानूनी शिकंजे से बच जाता है।

सूत्रों के अनुसार चिकित्सा विभाग पर उसकी पकड़ बहुत मजबूत बताई जाती है। अस्पताल से होने वाली मोटी कमाई का एक हिस्सा मुख्य चिकित्सा अधिकारी के ऑफिस में पहुंचाया जाता है। इसी वजह से हर बार वह कानूनी शिकंजे से बच निकलता है और कुछ समय बाद अपना कारोबार दोबारा शुरू कर देता है। जबकि नियमानुसार बिना पंजीयन अस्पताल चलाना पूरी तरह अवैध है। पकड़े जाने पर जुर्माना और संचालक के विरुद्ध एफ आई आर दर्द कराए जाने का प्रावधान है।

वेस्ट यूपी राज्य की मांग, कितना समर्थन

Editorial Posted on 30.03.2026, Time 06.26 AM , Monday, By Editor Sarvesh Kumar Singh 

West UP State

पश्चिम उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाने की बात एक बार फिर से उठी है और यह बात उठाई है बसपा की अध्यक्ष बहन मायावती ने। तो यह प्रश्न एक बार फिर यह चर्चा में आ गया है कि क्या उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव जो 2027 में होना है उसमें पश्चिम उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाने का मुद्दा अहम रूप से उठेगा और क्या यह एक खास मुद्दा बन पाएगा।

बहन मायावती ने एक ट्वीट किया है। वैसे यह ट्वीट तो जो कल प्रधानमंत्री का भाषण हुआ, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का कल उद्घाटन हुआ । उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ,  राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और तमाम नेता वहां मौजूद थे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बहन मायावती ने ट्वीट में यह कहा है कि इस एयरपोर्ट का पूरा प्रोजेक्ट , नक्शा और इसकी भूमिका सब कुछ हमारी सरकार में बन चुकी थी। अगर केंद्र सरकार ने उस समय जो केंद्र में यूपीए की सरकार थी, कांग्रेस के नेतृत्व की सरकार थी, अगर उसने अड़ंगा ना लगाया होता और हमारा सहयोग किया होता, तो यह पहले ही बन चुका होता। यह जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट दरअसल बहुजन समाज पार्टी की कल्पना है और उसने ही इसकी भूमिका तैयार की थी। उसने ही निर्माण के लिए पहल भी की थी। उन्होंने कहा कि जिस तरह से आगरा एक्सप्रेसवे बना उसी तरह से यह भी अब तक बन चुका होता। इसके साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी पर भी कटाक्ष किए। उन्होंने कह समाजवादी पार्टी की सरकार आई 2012 में और उसने हमारी सरकार द्वारा शुरू किए गए जन कल्याण के कार्य गरीबों के उत्थान के लिए कार्य और योजनाएं बंद करने का उन्हें पलटने का नाम बदलने का काम किया।  तमाम जो महापुरुषों के नाम पर हमने नगरों का नामकरण किया उन्हें बदल diya।

समाजवादी पार्टी सरकार ने दलित महापुरुषों के नाम हटा दिए गए और वह केवल बदले की भावना से ही काम करते रहे। इसके साथ ही मायावती ने जो सबसे महत्वपूर्ण बात कही है वह सबसे आखिर में अपने ट्वीट में कही है।मायावती जी ने कहा है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाने का मुद्दा भी अहम है और यह बनना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद हाई कोर्ट की बेंच की स्थापना की बात को भी बल दिया। यह दो मांगे बहुत लंबे समय से या कहा जाए तीन से चार दशक से चली आ रही है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की बेंच पश्चिम उत्तर प्रदेश में बने इसकी मांग तो लगभग 40 साल पुरानी है। लेकिन आज तक उस पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। बड़ा राज्य होने के कारण दो या तीन राज्य बनाने की बात भी बार-बार होती रही है। पश्चिम उत्तर प्रदेश अलग राज्य होना चाहिए। यह मांग कई मंचों से उठी लेकिन कभी भी प्रभावी रूप से इसकी ना तो पैरवी हो पाई और ना ही कोई दल इसे प्रभावी रूप से उठाने के लिए तैयार हो पाया। हां, यह बात जरूर है कि बीच-बीच में समय-समय पर हरित प्रदेश के नाम पर इस मांग को राष्ट्रीय लोकदल उठाता रहा। लेकिन अब राष्ट्रीय लोकदल भी इसके बारे में कोई बात नहीं करता।

मायावती जी की जब सरकार थी तो उन्होंने तीन बार पश्चिम उत्तर प्रदेश को अलग करके एक नया राज्य बनाने की और पूरे उत्तर प्रदेश के विभाजन की की मांग रखी थी। उन्होंने इसके लिए विधानसभा से प्रस्ताव पारित करके केंद्र सरकार के पास भेजे भी थे। उन प्रस्तावों में पश्चिम उत्तर प्रदेश के साथ-साथ एक पूर्वांचल राज्य और बुंदेलखंड राज्य को अलग से बनाने की मांग की गई थी। लेकिन उस समय की केंद्र सरकारों ने इन प्रस्तावों पर भी कोई ध्यान नहीं दिया।

अब मायावती ने विधानसभा चुनाव से ऐन पहले इस मुद्दे को फिर से उठाकर अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है और यह उम्मीद भी जगा दी है पश्चिम उत्तर प्रदेश के लोगों में कि उनको एक नया राज्य मिल सकता है अगर बहुजन समाज पार्टी का साथ दें तो। इसके साथ ही बुंदेलखंड में भी यह मांग उठती रही है कि अलग राज्य बने। पूर्वांचल में भी इसकी मांग होती रही है।

भारतीय जनता पार्टी के अंदर भी चर्चा होती है। भारतीय जनता पार्टी भी यूं तो अलग राज्य के मुद्दे पर सैद्धांतिक रूप से सहमत है। लेकिन उत्तर प्रदेश को अलग करने के लिए अभी तक कोई निर्णय नहीं ले सकी है। पश्चिम उत्तर प्रदेश अगर बनता है तो ये पश्चिम की जनता के लिए एक बड़ा ही लाभकारी और सुविधाजनक राज्य होगा क्योंकि उत्तर प्रदेश बहुत बड़ा राज्य है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट की दूरी भी बहुत ज्यादा है। तमाम वादकारियों को इलाहाबाद पहुंचने में बहुत कष्ट होता है। तो यूं तो इलाहाबाद हाईकोर्ट की बेंच संभवत नहीं मिलेगी जब तक कि राज्य नहीं बनेगा। जब राज्य बनेगा तो स्वाभाविक रूप से हर राज्य का एक हाई कोर्ट होता है और वह हाई कोर्ट फिर पश्चिम उत्तर प्रदेश को स्वाभाविक रूप से मिल जाएगा। अब देखना पड़ेगा कि कितना समर्थन होता है। क्या पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता मायावती जी की इस मांग के साथ खड़ी होती है और इस मांग के साथ ही इसको बल मिलता है।

यह बात भी स्पष्ट है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग करने के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी कभी भी साथ नहीं आई है। समाजवादी पार्टी नीतिगत रूप से यह मानती है कि राज्य का विभाजन उचित नहीं है। यह बात मुलायम सिंह यादव जी ने भी स्पष्ट कर दी थी कि वह राज्य के विभाजन के पक्ष में नहीं है। देखना है कि राज्य का विभाजन होता है या नहीं होता है या यह चुनावी मुद्दा बनकर रह जाएगा और अगर चुनावी मुद्दा बनेगा भी तो यह कितना प्रभावी मुद्दा बनेगा आने वाले विधानसभा चुनाव में। लेकिन बहन मायावती ने एक बहुत ही गंभीर और संवेदनशील मुद्दे पर बहस छेड़ दी  चर्चा छेड़ दी है। इसके लिए जरूरी है,  जनमानस तैयार हो। लोग खड़े हो और लोग इस मांग को प्रभावी रूप से उठाएं तब शायद राजनीतिक निर्णय हो सकता है।

सर्वेश कुमार सिंह

The demand for a separate state for western Uttar Pradesh has been raised once again by BSP president Mayawati. So the question has once again come up as to whether the issue of western Uttar Pradesh as a separate state will figure prominently in the Uttar Pradesh Assembly elections to be held in 2027 and whether it will be able to become a major issue.

March 29, 2026

श्रीकृष्ण जन्मभूमि और ईदगाह मामले की सुनवाई अब 10 अप्रैल को

Allahabad High Court

प्रयागराज, इलाहाबाद हाईकोर्ट में मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद मामले की सुनवाई अब अगली तारीख पर होगी। यह तारीख 10 अप्रैल निर्धारित की गई है। इसि मामले की सुनवाई शनिवार को होनी थी। संबंधित पक्षों की ओर से समय पर जवाब दाखिल नहीं हो सके। इस कारण सुनवाई टल गई। कोर्ट ने अब 10 अप्रैल की तारीख निर्धारित की है।

सत्ता में आने पर पीडीए नायकों की प्रतिमाएं लगवाएंगेः अखिलेश यादव

Akhilesh yadav

Posted on 29.03.2026, Sunday Time 19.53 PM Greater Noida, Dadri

दादरी, गौतमबुद्ध नगर, 29 मार्च 2026, (उप्र.समाचार सेवा) समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि सत्ता में आने पर हम पीडीए यानि पिछडा दलित और अल्पसंख्यक समाज से जुडे नायकों की प्रतिमाएं लगवाकर उन्हें सम्मान देंगे। श्री यादव ने एक दिन पहले हुई रैली के बारे में कहा कि इसमें एक यूनिवर्सिटी के छात्रों को बुलाया गया था। इस रैली में लोगों को जबरन लाया गया, इसमें सरकारी अधिकारी और कर्मचारी लगे थे। श्री यादव आज दोपहर यहांं महिर भोज डिग्री कालेज मैदान में समानता भाईचारा रैली को सम्बोधित कर रहे थे। इसका आयोजन सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने किया था।

रैली को सम्बोधित करते हुए श्री यादव ने कहा कि हमारी रैली की सफलता से घबराकर विरोधी पार्टी ने एक दिन पहले ही अपनी रैली कर ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सात एयरपोर्ट बनाने की घोषणा के बाद इसमें छह बंद हो गए। उन्होंने भाजपा सरकार पर कई आरोप लगाए।

समाजवादी पार्टी द्वारा आयोजित भाई चारा रैली में आसपास के 32 जिलों से नेता और कार्यकर्ता आमंत्रित किये गए थे। रैली को कैराना की सांसद इकरा हसन ने भी सम्बोधित किया।

बलिया में स्कूली वाहनों पर चला परिवहन प्रशासन का डंडा, 157 वाहनों को नोटिस

रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 29/03/2026

बलिया,  प्राइवेट वाहनों और कार्शियल वाहनों सहित स्कूली वाहनों पर परिवहन प्रशासन का डंडा चला है जिसके तहत 157 स्कूली वाहनों को नोटिस जारी किया गया है। खासकर बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन प्रशासन सख्त हो गया है।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी अरुण कुमार राय ने बताया कि जनपद में संचालित 157 स्कूली वाहनों की फिटनेस वैधता एवं आवश्यक प्रपत्र समाप्त हो चुके हैं। ऐसे वाहनों से बच्चों का परिवहन असुरक्षित माना गया है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की है कि इन वाहनों से अपने बच्चों को स्कूल न भेजें। साथ ही किसी भी वाहन से बच्चों को भेजने से पहले उसकी भौतिक एवं तकनीकी स्थिति की जांच अवश्य कर लें। इसमें वाहन की फर्श की स्थिति, खिड़कियों पर जाली या रॉड की उचित व्यवस्था जैसी सुरक्षा संबंधी बातों का विशेष ध्यान रखने को कहा है। उनका कहना है कि
विभाग ने सूची में शामिल सभी स्कूली वाहनों के स्वामियों, प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जब तक वाहनों की फिटनेस, तकनीकी स्थिति और दस्तावेज पूरी तरह सही नहीं हो जाते, तब तक इनसे बच्चों का परिवहन न किया जाए। सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि किसी भी प्रतिबंधित वाहन से बच्चों का परिवहन किया जाता है और कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन की होगी। साथ ही संबंधित के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा और विद्यालय की मान्यता रद्द करने की संस्तुति भी की जाएगी

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