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गंगा दशहरा पर्व पर रेलवे चलाएगा दो स्पेशल ट्रेनें

May 18, 2026

गंगा दशहरा पर्व पर रेलवे चलाएगा दो स्पेशल ट्रेनें

25 से 27 मई तक चलेंगी जनरल कोच की गाड़ियां

Post on 18.5.26
Monday, Moradabad
Rajesh Bhatia,Time 5.00 PM
मुरादाबाद,उप्र समाचार सेवा

गंगा दशहरा मेले को देखते हुए दो स्पेशल ट्रेनें चलेंगी। सोमवार को पड़ रहे दशहरा मेले में हरिद्वार में गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हरिद्वार से दिल्ली़ और लखनउ से हरिद्वार के बीच ट्रेनें चलेंगी। 25 से 27 मई तक चलने वाली स्पेेशल ट्रेनें जनरल कोच की है। रेलवे ने ट्रेनों का टाइम टेबल जारी किया गया है।

जेठ माह में गंगा दशहरा इस बार 25 मई को होगा।इस मौके पर बड़ी संख्या में हरिद्वार में लोग स्नान के लिए जुटते है।ऐसे मौके पर भीड़़ के नियंत्रण के लिए रेलवे ने सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी की है। रेलवे ने यात्री सुविधा को देखते हुए दो स्पेशल ट्रेनें चला रहा है।
सीनियर डीसीएम महेश यादव के अनुसार हरिद्वार से दिल्लीे स्पे्शल 04308-07 ट्रेन 25-26 मई को चलेगी।
ट्रेन टपरी,शामली,बड़ौत, बागपत रोड,नोली और दिल्ली शाहदरा में ठहराव होगा। इसके अलावा हरिद्वार से लखनउ के बीच 25 से 27 मई तक चलेगी। ट्रेन 04301-02 लक्सलर,नजीबाबाद,नगीना, धामपुर,स्योेहारा,कांठ,मुरादाबाद,रामपुर, बरेली,शाहजहांपुर, हरदोई, और बालामऊ से लखनऊ जाएंगी।

सीनियर डीसीएम के अनुसार दशहरा मेले को देखते हुए यात्री सुरक्षा की तैयारी की गई है।मेले में भीड़ को देखते हुए अतिरिक्तु ट्रेनें चलाई जा रही है। –

सदरपुर में ‘खाकी बनाम सत्ता’ की जंग!

थानाध्यक्ष और भाजपा नेता की वायरल बहस से मचा बवाल, एसपी दफ्तर पहुंचा मामला; कार्रवाई न हुई तो आंदोलन की चेतावनी
सीतापुर(उ. प्र. समाचार सेवा)। सदरपुर थाना अब सिर्फ पुलिस कार्रवाई को लेकर नहीं, बल्कि “खाकी बनाम सत्ता” की खुली जंग को लेकर सुर्खियों में आ गया है। सदरपुर थानाध्यक्ष मुकेश वर्मा और भाजपा नेता व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि शिवकुमार गुप्ता के बीच हुई तीखी नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिले की राजनीति और पुलिस महकमे में भूचाल आ गया है।
मामला इतना बढ़ गया कि सोमवार को शिवकुमार गुप्ता जिला पंचायत सदस्यों के साथ सीधे पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल के कार्यालय पहुंच गए। वहां उन्होंने सदरपुर थानाध्यक्ष मुकेश वर्मा पर भ्रष्टाचार, अभद्र व्यवहार और जनता के उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए।
भाजपा नेता ने कहा कि सदरपुर थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उनका आरोप है कि आम फरियादियों से ठीक व्यवहार नहीं किया जाता और थाना स्तर पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। वायरल वीडियो का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जिस भाषा का प्रयोग हुआ, उससे पुलिस विभाग की छवि जनता के बीच खराब हुई है।
बताया जा रहा है कि दो दिन पहले एक मारपीट के मामले में मुकदमा दर्ज करने को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ था, जो देखते ही देखते गरमा गया। इसके बाद हुई हॉट-टॉक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और मामला जिलेभर में चर्चा का विषय बन गया।
एसपी अंकुर अग्रवाल ने प्रतिनिधिमंडल को मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।वही शिवकुमार गुप्ता ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 22 मई तक कार्रवाई नहीं हुई तो जिला पंचायत सदस्यों और समर्थकों के साथ धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। सदरपुर का यह विवाद अब केवल थाने तक सीमित नहीं रह गया है। वायरल वीडियो ने जिले में पुलिस और राजनीतिक रसूख की टकराहट को खुलकर सामने ला दिया है। अब सबकी निगाहें एसपी की जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं, क्योंकि यह मामला आने वाले दिनों में और ज्यादा गरमा सकता है।

बालिका से दुष्कर्म के प्रयास में आरोपी को आजीवन कारावास

मैनपुरी, 18 मई (उप्रससे)। थाना करहल क्षेत्र के एक गांव में तीन साल पहले एक बालिका से दुष्कर्म करने के प्रयास का आरोपी दोषी पाया गया है। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट जहेंद्र पाल सिंह ने उसको आजीवन कारावास की सजा सुनाकर 50000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दोषी को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
करहल क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली एक तीन साल की बालिका नौ दिसंबर 2023 को घर के बाहर खेल रही थी। तभी गांव का रहने वाला आकाश उर्फ शिवम वहां आया। बालिका को पास में ही एक खाली जगह पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया। बालिका के चीखने पर वहां पहुंचे ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। आकाश के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने जांच करके आकाश के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में भेज दी।
मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट जहेंद्र पाल सिंह के न्यायालय में हुई। अभियोजन पक्ष ने गवाहों की गवाही न्यायालय में कराई। गवाही के आधार पर आकाश को बालिका के साथ दुष्कर्म के पयास का दोषी पाया गया। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट जहेंद्र पाल सिंह ने उसको आजीवन कारावास की सजा सुनाकर 50000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाने के बाद उसको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
स्पेशल जज ने आदेश में लिखा है कि दोषी पर लगाए गए जुर्माने की धनराशि वसूल होने पर पूरी धनराशि पीड़िता को दी जाएगी। यह धनराशि लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 6 की उपधारा 2 के तहत दी जाएगी। इस मुकदमे में अभियोजन की पैरवी विशेष लोक अभियोजक शैलेंदी राजपूत ने की है

जातियों पर टिप्पणी से बचें नेता

सम्पादकीय 18.05.2026, Time 07.36 PM, Monday, by Sarvesh Kumar Singh, Editor UP Web News, Lucknow

राजनीति अब समाज का अभिन्न अंग बन चुकी है। यह केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं रह गई है। मीडिया के बदलते स्वरूप में इसका जहां स्वरूप व्यापक हुआ है वहीं नेताओं की हर बात तत्काल डिजिटल माध्यमों से जनता तक पहुंच रही है। इसके दोनों पक्ष हैं लाभकारी भी है और हानिकर भी। सोशल मीडिया के युग में नेताओं के लिए जुबान पर नियंत्रण करना समय की मांग है। अन्यथा वे अपने बयानों के कारण अपनी ही पार्टी और अपना वयक्तिगत नुकसान भी कर रहे हैं। वैसे भी एक पुरानी कहावत है कि “मुंह से निकली बात परायी हो जाती है”, जुबान से निकलने के बाद इस पर बोलने वाला का कोई नियंत्रण नहीं रहता। फिर दूसरे लोग इसकी व्याख्या और प्रचार प्रसार अपने ढंग से करते हैं।

ताजा मामला समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी से जुड़ा है। ये दो कार्यक्रमों में जातियों पर टिप्पणी करके फंस गए हैं। इनकी देशभर में न केवल आलोचना हो रही है, बल्कि मामला एफआईआर तक पहुंच गया है। इन्होंने मई महीने में ही पहले ब्राह्मण समाज पर प्रतिकूल टिप्पणी की, इसके एक सप्ताह बाद ही जाटों और खुद की जाति गुर्जरों पर प्रतिकूल टिप्पणी कर दी। दोनों टिप्पणियां न केवल अशोभनीय हैं बल्कि मानहानि कारक हैं और बगैर किसी संदर्भ की गई थीं। लेकिन विवाद गर्मा गया है। अब उनके पुतले जलाये जा रहे हैं। इन अनियंत्रित बयानों का असर समाजवादी पार्टी की राजनीति पर भी पडना अवश्यमभावी है, हालांकि अभी तक पार्टी के शीर्ष नेतृत्व कोई संज्ञान नहीं लिया है। इस पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पूरी तरह चुप्पी साध रखी है।

भाटी ने पहली टिप्पणी 5 मई को दिल्ली में जवाहर भवन में एक पुस्तक विमोचन के कार्यक्रम में ब्राह्मणों पर की। यह पुस्तक दो लेखकों डा.रफ रफ शकील अंसारी और जावेद अनवर लिखित है। इसका विषय है-“जाति और साम्प्रयादिकता के विषाणु” । पुस्तक विमोचन समारोह में राजकुमार भाटी के अलावा कई अन्य प्रमुख वयक्ति मौजूद थे। इनमें वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष, अभय कुमार दूबे, प्रो. रतन लाल, शीबा असलम, डा. हिलाल अहमद प्रमुख थे।

यहां राजकुमार भाटी ने जातियों में मुहावरे और दोहे बाले जाने की प्रवृत्ति की जिक्र किया और एक ऐसा दोहा सुना दिया जो ब्राह्मण समाज के लिए अपमान जनक था। दोहा इस प्रकार है-“ब्राह्मण भला न वेश्या, इनमें भला न कोय। और कोई कोई वेश्या तो भली, ब्राह्मण भला न कोय”। कार्यक्रम में जब यह दोहा सुनाया गया तो उपस्थित श्रोताओं और मंचस्थ विशिष्ट अतिथियों ने जोरदार ठहाका भी लगाया। खास बात यह भी रही कि मंच पर बैठे अभय कुमार दुबे और आशुतोष भी मौन साधे रहे।

दूसरा प्रकरण जाटों और गूर्जरों पर टिप्पणी से जुडा है। यह भी एक कार्यक्रम में ही हुआ। यह कार्यक्रम चौधरी चरण सिंह और चौधरी महेन्द्र सिंह टिकैत की पुण्य तिथि मनाने के लिए 14 मई को अन्तराष्ट्रीय जाट महासभा द्वारा दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित किया गया था। इसमें भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत और हरियाणा के प्रमुख जाट नेता सांसद दीपेन्द्र सिंह हुड्डा भी मौजूद थे। यहां राजकुमार भाटी ने जाटों और गूर्जरों के बीच एक प्रथा का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह तो सुना जाता है कि राजा महाराजाओं की कई-कई पत्नियां होती थीं, किन्तु एक पत्नी के कई-कई पति हों यह प्रथा जाटों और गूर्जरों में रही है। उन्होंने इसका संदर्भ महाभारत काल से जोडने की कोशिश की और बताया कि द्रोपदी के भी कई पति थे। यादव, जाट और गूर्जर महाभारत काल में एक ही जाति के थे। इस टिप्पणी से भी माहौल गर्मा गया। जाटों और गूर्जरों में भाटी के बयान से भारी नाराजगी है। उन्होंने इनके बयान को पूरी तरह से खारिज किया है और इसे समाज की महिलाओं का अपमान करने वाला बताया है। अब राजकुमार भाटी अपने दोनों बयानों के लिए सफाई दे रहे हैं। लेकिन, आक्रोश कम होने का नाम नहीं ले रहा है।

राजकुमार भाटी की इस बयानबाजी से पूरे पश्चिम उत्तर प्रदेश की राजनीति गर्मायी हुई है। खासकर जाट समाज में बहुत नाराजगी है। क्योंकि राकेश टिकैत खुद उस मंच पर उपस्थित थे, जहां जाटों की महिलाओं पर अभद्र और अशोभनीय टिप्पणी की गई थी। उनसे पूछा जा रहा है कि उन्होंने उसी समय इस बात का प्रतिवाद क्यों नहीं किया।

ऐसी ही एक टिप्पणी गत लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के गुजरात के राजकोट प्रत्याशी और पूर्व केन्द्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने 22 मार्च 2024 को एक जनसभा में की थी। य़हां उन्होंने राजा महाराजाओं और क्षत्रियों की नारियों पर अभद्र टिप्पणी कर दी थी। इससे उनके खिलाफ भी भारी आक्रोश पैदा हुआ था। उन्हें भी माफी मांगनी पडी थी।

अतः आश्यकता इस बात की है कि नेताओं को अपनी वाणी पर नियंत्रण और संयम रखना चाहिए। खासकर जाति और धर्म के मामले में टिप्पण करते समय, अन्यथा वे अपने और अपने दल की उन्नति करने के बजाय अवनति के कारक ही बनेंगे।

उपमुख्यमंत्री के आश्वासन पर ग्राम प्रधानों का धरना समाप्त

मांगों को लेकर ग्राम प्रधानों ने गांधी प्रतिमा पर दिया सांकेतिक धरना

लखनऊ । ग्राम पंचायत के कार्यकाल को लेकर अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संघ ने आज गांधी प्रतिमा पर सांकेतिक धरना दिया । प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने ग्राम प्रधानों को आश्वासन दिया कि मांगे जायज है , प्रयास करेंगे वह जल्द ही पूरी हो । आश्वासन के साथ ही बृजेश पाठक ने ग्राम प्रधानों को लड्डू खिलाकर धरना समाप्त कराया। इससे पूर्व प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर को उनके आवास पर ग्राम प्रधान संघ ने ज्ञापन सोपा।
अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संघ के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह के नेतृत्व में सैकड़ो ग्राम प्रधानों ने आज हजरतगंज स्थित गांधी प्रथम पर सांकेतिक धरना दिया। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि मध्य प्रदेश और अन्य राज्य सरकारों की भांति उत्तर प्रदेश सरकार भी सभी ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के दिन से ग्राम प्रधानों को ही ग्राम पंचायत के संचालन का अधिकार दे । तभी ग्राम प्रधान राज्य सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ रहेंगे।

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