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चकबंदी से आहत किसान ने की खुदकुशी

April 8, 2026

चकबंदी से आहत किसान ने की खुदकुशी

मैनपुरी। तहसील करहल की ग्राम पंचायत भांती के मजरा दौलतपुर के एक किसान ने मूल जोत से चक हटा देने से आहत हो कर खुदकुशी कर ली। शव झोपड़ी में फंदे पर लटका मिला। किसान ने सुसाइड नोट भी छोड़ा, जिसमें उन्होंने चकबंदी के लिए रुपये मांगने का आरोप लगाकर आत्महत्या की बात कही।
सूचना पर एसडीएम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची, परिजन से जानकारी लेने के बाद जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया, पुलिस ने किसान के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय स्थित मोर्चरी भेजा
तहसील के कुर्रा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भांती में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है, आरोप है कि इस प्रक्रिया के तहत कई किसानों की मूल जोत से चक हटा दिए गए हैं। उन्हें दूसरे स्थान पर चक दिए हैं।किसान संग्राम सिंह ने एक सुसाइड नोट भी लिखा, जो कि परिजन ने वहां पहुंचे अधिकारियों को दिखाया। सुसाइड नोट में चकबंदी प्रक्रिया में भ्रष्टाचार को लेकर किसान का दर्द छलक रहा था, नोट में कहा कि आलू भूड़ में उनका चक नहीं रहा। यह ब्लॉक में गए तो चकबंदी वालों ने रुपये मांगे, उनके पास रुपये नहीं थे, इसलिए खुदकुशी कर ली। सुसाइड नोट में यह भी लिखा था कि उनका शव उनके चक पर ही लगाया जाए, उनकी मूर्ति भी लगवाई जाए। शव का पोस्टमार्टम न कराया जाए। यह भी लिखा था कि उनके जाने के बाद बच्चों की सुनवाई की जाए और नौकरी लगवाई जाए ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत भांती के मजरा गांव तरा में 12 मार्च की रात किसान प्रदीप कुमार की भी मौत हो गई थी।। मृतक किसान की पत्नी ने  चकबंदी प्रक्रिया से आहत होकर खुदकुशी करने का आरोप लगाया था।
ग्राम पंचायत के मजरा दौलतपुर के रहने वाले 70 वर्षीय किसान मूल जोत से चक हटाए जाने से आहत थे। उन्होंने अपनी झोपड़ी में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। मंगलवार सुबह जानकारी हुई तो परिजन में चीख पुकार मच गई। रोते बिलखते परिजन चकबंदी प्रक्रिया को गलत बताते हुए डीएम को बुलाने की मांग करने लगे। एसडीएम सुनिष्ठा सिंह, सीओ करहल व पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे
इस सम्बंध में सांसद डिंपल यादव ने किसान की आत्महत्या के मामले में जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह को पत्र लिखा है। सांसद ने कहा कि चकबंदी प्रक्रिया के नाम पर जिस प्रकार की घूसखोरी, मनमानी और खुली अनियमिताएं चल रही हैं, वह अत्यन्त गंभीर और अस्वीकार्य हैं। पत्र में कहा गया है कि मृतक द्वारा छोड़े गये पत्र में स्पष्ट रूप से तहसील व चकबंदी अधिकारियों की ओर से अवैध धन की मांग, गलत निर्णय और लगातार उत्पीड़न का उल्लेख किया गया है। सांसद ने प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराकर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए और उनके विरुद्ध थाने में प्राथमिकी दर्ज कर कठोरतम कार्रवाई की जाए।

फसलों को नुकसान पर तत्काल किसानों का सहयोग करने के सीएम के निर्देश

  • मुख्यमंत्री ने असमय वर्षा, ओलावृष्टि तथा कुछ स्थानों पर आगजनी से रबी फसलों को हुए नुकसान के दृष्टिगत त्वरित, पारदर्शी एवं संवेदनशील कार्रवाई के निर्देश दिए
  • प्रत्येक प्रभावित किसान एवं बटाईदार के नुकसान का सटीक, निष्पक्ष एवं समयबद्ध आकलन कर तत्काल क्षतिपूर्ति सुनिश्चित की जाए
  • बीमा कम्पनियों के साथ सक्रिय समन्वय स्थापित कर फसल बीमा दावों का शीघ्र निस्तारण किया जाए, अधिकारी स्वयं किसानों से सम्पर्क कर उन्हें बीमा योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें
  • राज्य आपदा राहत कोष से प्रत्येक जनपद को पर्याप्त धनराशि तत्काल उपलब्ध कराई जाए, आवश्यकतानुसार राहत शिविर स्थापित किए जाएं, मण्डी समितियों के माध्यम से भी किसानों को हरसम्भव सहयोग उपलब्ध कराया जाए
  • जनहानि एवं पशुहानि की स्थिति में 24 घण्टे के अन्दर राहत राशि उपलब्ध कराई जाए, पात्र लाभार्थियों को कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अन्तर्गत शीघ्र लाभान्वित किया जाए
  • जिन परिवारों के घर क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर मुख्यमंत्री आवास योजनान्तर्गत आवास उपलब्ध कराया जाए

लखनऊ : 08 अप्रैल, 2026 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने असमय वर्षा, ओलावृष्टि तथा कुछ स्थानों पर आगजनी की घटनाओं से रबी फसलों को हुए नुकसान पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को त्वरित, पारदर्शी एवं संवेदनशील कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री जी ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में कहा कि प्रदेश सरकार इस आपदा की घड़ी में प्रत्येक किसान, कृषक परिवार एवं बटाईदार के साथ पूरी संवेदनशीलता, तत्परता एवं प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। उन्हें हर सम्भव सहायता उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रत्येक प्रभावित किसान एवं बटाईदार के नुकसान का सटीक, निष्पक्ष एवं समयबद्ध आकलन कर तत्काल क्षतिपूर्ति सुनिश्चित की जाए। जनपद स्तर पर राजस्व, कृषि एवं अन्य सम्बन्धित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए शीघ्र सर्वेक्षण कर रिपोर्ट शासन को प्रेषित की जाए, ताकि राहत वितरण में किसी प्रकार का विलम्ब न हो। बीमा कम्पनियों के साथ सक्रिय समन्वय स्थापित कर फसल बीमा दावों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश देते हुए कहा कि अधिकारी स्वयं किसानों से सम्पर्क कर उन्हें बीमा योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें, जिससे अधिकतम राहत उपलब्ध हो सके।
मुख्यमंत्री जी ने राजस्व विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि राज्य आपदा राहत कोष से प्रत्येक जनपद को पर्याप्त धनराशि तत्काल उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रभावित किसानों को त्वरित एवं पारदर्शी ढंग से सहायता प्रदान की जाए। जहां आवश्यकता हो, वहां राहत शिविर स्थापित किए जाएं तथा मण्डी समितियों के माध्यम से भी किसानों को हरसम्भव सहयोग उपलब्ध कराया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने अग्निकाण्ड की घटनाओं पर विशेष संवेदनशीलता बरतते हुए कहा कि जनहानि एवं पशुहानि की स्थिति में 24 घण्टे के अन्दर राहत राशि उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, पात्र लाभार्थियों को कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अन्तर्गत शीघ्र लाभान्वित किया जाए। जिन परिवारों के घर क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर मुख्यमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत आवास उपलब्ध कराया जाए। राहत एवं पुनर्वास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य होगी और इसके लिए सम्बन्धित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गौ सेवकों के साथ गौ संरक्षण के संबंध में बैठक संपन्न


( संजीव गुप्त द्वारा )
शाहजहांपुर 7 अप्रैल। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में गौ सेवकों के साथ गौ संरक्षण के संबंध में बैठक कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में आयोजित की गई‌। बैठक में गौ संरक्षण एवं गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर विचार किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में 17 बृहद गौशालाएं संचालित है तथा 14 निर्माणधीन है। गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गोबर गैस, वर्मी कंपोस्ट जैसे अन्य कार्य किए जाए। उन्होंने बताया कि गौशालाओं के देखने के लिए तीन लोगों की कमेटी का गठन किया जाएगा। नैनीताल ढाबा के सामने नेशनल हाईवे पर गोवंशों के लिए ट्रामा सेंटर बनाने की कार्रवाई की जाएगी। गौशालाओं के पास चारागाह की जमीन पर हरा चारा बुवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि गोवंश बीमार होने पर या चोट लगने पर एनिमल एंबुलेंस के लिए टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल कर सकते हैं।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ अपराजिता सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेंद्र प्रताप एवं जिला पंचायत राज अधिकारी प्रमोद यादव सहित गौ संरक्षक मौजूद रहे।

मोहसिना किदवई के निधन पर कांग्रेस नेताओं ने शोक जताया

काँग्रेस की वरिष्ठ नेता मोहिसना किदवई का निधन ।
नई दिल्ली। वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता और मेरठ से तीन बार सांसद रहीं मोहसिना किदवई के निधन पर कांग्रेस नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वे कांग्रेस की कर्मठ नेता रहीं।

मोहसिना किदवई का बुधवार को निधन हो गया। 93 साल की उम्र में किदवई ने बुधवार सुबह चार बजे अस्‍पताल में आखिरी सांस लीमोहसिन किदवई के निधन पर कई राजनेताओं ने शोक व्‍यक्‍त किया है। कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी व कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी शोक जताया है। राहुल गांधी ने सोशल साइट एक्स पर लिखा है, “पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व सांसद मोहसिना किदवई जी के निधन की खबर अत्यंत दुखद है। वे कांग्रेस पार्टी की एक वरिष्ठ और निष्ठावान नेता थीं ।

प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।” मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर लिखा, “कांग्रेस पार्टी की दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीमती मोहसिना किदवई जी के निधन से मैं अत्यंत व्यथित हूं, जिन्होंने अपने जीवन के छह दशकों से अधिक समय राष्ट्र सेवा में समर्पित किया। लोकसभा और राज्यसभा में दीर्घकालिक सांसद और कई वर्षों तक कांग्रेस कार्यसमिति की एक सम्मानित सदस्य के रूप में, वे पार्टी के सबसे चुनौतीपूर्ण दौर में भी मार्गदर्शक बनी रहीं। उनका निधन कांग्रेस पार्टी और राष्ट्र के लिए एक गहरा नुकसान है।

मुजफ्फरनगर में ट्रांसफार्मर चोरी का मामला डीएम तक पहुंचा, जेई पर गंभीर आरोप

मुजफ्फरनगर। सिसौली से सरकारी ट्रांसफार्मर और बिजली के पोल चुराने के गंभीर आरोपों के साथ-साथ एक कर्मचारी के उत्पीड़न का मामला जिलाधिकारी के दरबार तक पहुँच गया है। चोरी या कथित आरोप विभाग के जे•ई• पर है ।

जनपद के विद्युत विभाग में एक जूनियर इंजीनियर (जेई) की करतूतों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सिसौली से सरकारी ट्रांसफार्मर और बिजली के पोल चुराने के गंभीर आरोपों के साथ-साथ एक कर्मचारी के उत्पीड़न का मामला जिलाधिकारी के दरबार तक पहुँच गया है।

ग्राम दिनकरपुर निवासी शिवम त्यागी ने जिलाधिकारी को सौंपे शिकायत पत्र में आरोप लगाया है कि संबंधित जेई ने सिसौली से दो ट्रांसफार्मर और बिजली के लोहे के पोल चोरी किए। इन सामानों को दिनकरपुर क्षेत्र के बिजलीघर के पास एक खेत में छिपाया गया था। आरोप है कि बाद में जेई ने मिलीभगत कर उन दोनों ट्रांसफार्मरों को वहां से भी ‘गायब’ कर दिया। शिवम त्यागी ने दावा किया कि उनके पास इस चोरी के पोल छिपाने का वीडियो और अधिकारियों के साथ हुई बातचीत की कॉल डिटेल मौजूद है, जो इस भ्रष्टाचार की पोल खोलते हैं।

पीड़ित शिवम त्यागी ने बताया कि उनके पिता मांगेराम त्यागी, जो विद्युत विभाग में ही कार्यरत हैं, उन्हें जेई द्वारा लगातार ‘डबल ड्यूटी’ करने के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है शिवम त्यागी ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट जेई के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने अपने पिता को डबल ड्यूटी के दबाव से मुक्त कराने और उनका बकाया वेतन दिलाने की भी अपील की है।

इस घटना ने बिजली विभाग में भ्रष्टाचार के एक बड़े रैकेट की आशंका को जन्म दिया है, जिस पर अब प्रशासन क्या कदम उठाता है, यह देखने वाली बात होगी।

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