Web News

www.upwebnews.com

एटा में ई-रिक्शा-बाइक भिड़ंत में सिक्योरिटी गार्ड की मौत

February 7, 2026

एटा में ई-रिक्शा-बाइक भिड़ंत में सिक्योरिटी गार्ड की मौत

एटा 07 फरवरी उप्रससे। जनपद के थाना कोतवाली देहात क्षेत्र में शुक्रवार रात करीब 11.30 बजे एक सड़क हादसे में फर्रुखाबाद निवासी 45 वर्षीय सिक्योरिटी गार्ड रविंद्र सिंह की मौत हो गई। यह दुर्घटना हाईवे स्थित गांव विरामपुर के पास एक बाइक और ई-रिक्शा की भिड़ंत के कारण हुई।

रविंद्र सिंह अपने साले अर्जुन सिंह के साथ नोएडा से घर वापस लौट रहे थे, जब उनकी बाइक ई-रिक्शा से टकरा गई। इस भीषण भिड़ंत में रविंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद रविंद्र सिंह को मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार के सदस्य एटा मेडिकल कॉलेज पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई कर पोस्टमार्टम कराया

मृतक के भाई धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि रविंद्र दिल्ली में एक प्राइवेट कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे और अपने साले के साथ बाइक से लौट रहे थे।

थाना कोतवाली देहात प्रभारी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर भेजा गया था। उन्होंने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया है और मामले की गहनता से जांच पड़ताल कीजा रही है।

एटाः पेड़ से टकराकर 15 फीट दूर गिरी कार, 3 की मौत 2 घायल

Car accident Etah

एटा में पेड़ से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हुई कार

Posted on : 07.02.2026 Saturday, Time: 01.15 PM Etah News

एटा 07 फरवरी (उप्रससे)। जनपद के मलावन थाना क्षेत्र में 100 की स्पीड में कार पेड़ से टकराकर पलट गई। और सड़क से 15 फुट दूर गड्ढे में जा गिरी। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

चीख-पुकार सुनकर राहगीर दौड़ कर मौके पर पहुंचे। उन्होंने आनन-फानन में कार का दरवाजा तोड़कर सभी घायलों को बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी और घायलों को मेडिकल कॉलेज भिजवाया। कार सवार सभी लोग गुरुग्राम से मैनपुरी की ओर जा रहे थे। यह कार हरियाणा नंबर की है।
पुलिस ने मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी है। मृतकों में मैनपुरी निवासी शिवम यादव (21), सुमित यादव (23) और मनकी (19) है। वहीं, मैनपुरी के ही रहने वाले राहुल (28) और खुशबू (22) घायल हैं। हादसा सुबह करीब साढ़े 8 बजे जिला मुख्यालय से 18 किलोमीटर दूर मलावन थाना क्षेत्र में हुआ।
प्रत्यक्षदर्शी शिव कुमार ने बताया, “मैं अपने गांव सकीट जा रहा था, तभी अचानक कार बेकाबू होकर पलट गई। इसके बाद मैंने चिल्लाकर स्थानीय लोगों को बुलाया। फिर कार में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश की, लेकिन कार अंदर से लॉक थी। इसके बाद दरवाजा तोड़कर लोगों को बाहर निकाला गया। इसमें 10 से 15 मिनट लग गए, लेकिन तब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज भिजवाया।

मलावन थाना प्रभारी आरके सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि हादसे के वक्त कार की रफ्तार काफी तेज थी। बावली नहर के पास खतरनाक मोड़ होने के कारण चालक कार से नियंत्रण खो बैठा। इसके चलते कार सड़क से नीचे उतरकर पेड़ से टकराने के बाद पलट गई।

भारत का नेतृत्व राष्ट्रऋषि के हाथों में: योगी आदित्यनाथ

CM UP Yogi Adityanath & CM UK Pushkar Singh Dhami

उत्तराखंड के पौड़ी जनपद में यमकेश्वर इंटर कालेज के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

लखनऊ : 06 फरवरी, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी तथा उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी ने आज पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखण्ड में इण्टर कॉलेज, यमकेश्वर के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने विद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया। मुख्यमंत्री जी ने यमकेश्वर महादेव की पावन धरा को नमन करते हुए सभी को इण्टर कॉलेज के नवनिर्मित भवन की बधाई दी।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि उत्तराखण्ड विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। यह विकास एकतरफा नहीं है, बल्कि अपनी सभ्यता और संस्कृति तथा अपने उच्च आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित रखते हुए जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में विकास के नये आयाम स्थापित हो रहे हैं। भौतिक विकास जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं, बल्कि उसका एक पक्ष है। यह तात्कालिक आवश्यकताओं की पूर्ति का माध्यम है। वास्तविक और सार्थक विकास वही है, जो अपनी सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों का सम्मान करते हुए हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रदान करे। शिक्षण संस्थानों को इसी सोच के साथ स्वयं को तैयार करना होगा, ताकि विद्यालय केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि संस्कार, कौशल तथा जीवन निर्माण के केन्द्र बनें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हर सनातन धर्मावलम्बी अपने आप को किसी न किसी गोत्र से सम्बन्धित करता है। यह गोत्र हमारी ऋषि परम्परा का प्रतिनिधित्व करता है, जो उनके प्रति हमारी कृतज्ञता को भी व्यक्त करता है। प्राचीनकाल में ऋषियों के आश्रम हमारी शिक्षा के केन्द्र थे, जिन्हें गुरुकुल भी कहते थे। यह गुरुकुल अध्ययन के साथ ही शिक्षा, शिल्प, कृषि, आयुर्वेद सहित जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में पारंगत बनाने के केन्द्र भी थे। यहां से निकले छात्र जीवन संग्राम में अपने आपको असहाय नहीं पाते थे। उनके लिए कोई कार्य छोटा अथवा कठिन नहीं होता था।
जीवन में वही सफल होता है, जो सकारात्मक भाव के साथ अपने पुरुषार्थ और परिश्रम से आगे बढ़ने में विश्वास रखता है। यह हमारा सौभाग्य है कि वर्तमान में भारत का नेतृत्व राष्ट्रऋषि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के हाथों में है, जो देश को विकास की नित नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 हमारा ध्यान आकर्षित करती हैं कि विद्यालय केवल पुस्तकीय ज्ञान देने तक सीमित न रहे, बल्कि व्यावहारिक जानकारी प्रदान करने के केन्द्र भी बनें। हमें इस दिशा में बढ़ना होगा।
हमारे विद्यालय स्किल डेवलपमेन्ट के केन्द्र हो सकते हैं। उत्तराखण्ड सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ाए हैं। इण्टर कॉलेज, यमकेश्वर में स्मार्ट क्लासेज, स्किल लैब, डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं हैं। वर्तमान समय की उभरती हुई तकनीकों का केन्द्र बिन्दु हमारे शिक्षण संस्थान बन रहे हैं। इस कॉलेज की स्थापना स्व श्री सोहन सिंह चौहान द्वारा की गयी थी। उस समय यमकेश्वर में साधन, सड़कें एवं विद्युत की व्यवस्था नहीं थी। आज गांव-गांव में बिजली, पेयजल तथा सड़कें हैं। आवागमन आसान हुआ है। अच्छी कनेक्टिविटी हो गई है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वह आज से लगभग 45 वर्ष पहले यहां आये थे। उस समय इस क्षेत्र में मेला लगा था। तब कॉलेज भवन काफी जर्जर था। आदित्य बिरला ग्रुप ने उत्तराखण्ड सरकार के साथ मिलकर कॉलेज के नवीन भवन के निर्माण को पूर्ण किया। अब इसमें और अच्छी शिक्षा मिले, यह हमारा संकल्प होना चाहिए। हमें बच्चों को प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना होगा। आज आपके लिए शिक्षा आसान हो गई है। हम भी आई0आई0टी0, जे0ई0ई0, नीट तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बच्चों को तैयार कर सकते हैं। निर्धारित समय तक विद्यालय के उपयोग के बाद भी विद्यालय भवन का उपयोग हो। उसमें कुछ विशेष कक्षाएं चलायी जाएं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमें पाठ्यक्रम में भी कुछ नयापन करना चाहिए। यमकेश्वर महादेव का बहुत अच्छा मन्दिर है। यहां पर पर्यटन की सम्भावनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में विद्यालय को स्वयं को जोड़ना चाहिए। इसी प्रकार बागवानी, सब्जी की अच्छी खेती तथा ऑर्गेनिक फसलों के क्षेत्र में लोगों को तैयार करना चाहिए। यहां का जल प्राकृतिक और शुद्ध है। इस शुद्धता की कीमत हमें समझनी होगी। इस दिशा में नये प्रयासों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। हमारे यह कार्य लोगों के लिए एक प्रेरणा होंगे। इस प्रेरणा का केन्द्रबिन्दु हमारे शिक्षण संस्थानों को बनना पड़ेगा।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि ‘विद्या नाम नरस्य रूपमधिकं’ अर्थात विद्या मनुष्य का सबसे बड़ा आभूषण है। शिक्षा में वह शक्ति है, जो व्यक्ति के जीवन को दिशा तथा समाज को संस्कार देती है और राष्ट्र के भविष्य को सशक्त बनाती है। शिक्षा के महत्व को समझते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी देश में नई शिक्षा नीति लेकर आए। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारी सरकार प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को अधिक आधुनिक, व्यावहारिक एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए निरन्तर प्रयास कर रही है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी सनातन संस्कृति के रक्षक हैं। वह इसी भूमि में पैदा हुए हैं तथा उनके हृदय में देवभूमि उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव है। संन्यास, साधना और राष्ट्र सेवा का अद्भुत समन्वय योगी जी के व्यक्तित्व में दिखाई देता है। यह उन्हें एक साधारण राजनेता से कहीं ऊपर एक राष्ट्र पुरुष के रूप में स्थापित करता है। आज योगी जी ने उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री के रूप में सुशासन की स्थापना की है। वह आज पूरे देश के लिए एक प्रेरणा बन चुके हैं। आज उत्तर प्रदेश सुरक्षा, विकास का एक नया मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। उनका सादा जीवन, उच्च विचार और कर्तव्यनिष्ठ कार्यशैली आज की युवा पीढ़ी के लिए आदर्श है।
योगी जी ने भी इसी क्षेत्र में पढ़ाई की है। इसी क्षेत्र में साधारण परिस्थितियों में पैदा होने के बाद उन्होंने असाधारण काम किया है। उन्होंने अपने अनुशासन, परिश्रम और संकल्प से असाधारण ऊंचाइयां प्राप्त की हैं और आज देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा कर रहे हैं। योगी जी का जीवन सभी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हां, कितनी भी कठिन क्यों ना हों, यदि राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पण का भाव हो, तो कोई भी कार्य असम्भव नहीं होता है। हर चुनौती एक अवसर बन जाती है।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत, उत्तराखण्ड के विद्यालयी शिक्षा (बेसिक एवं माध्यमिक) मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, शिक्षकगण तथा विद्यार्थी उपस्थित थे।

मथुरा में यमुना एक्सप्रेस वे पर कंटेनर ने 6 लोग रौंदे, मौत

Mathura News

Mathura Samachar

Posted on 07.02.2016 Saturday Time 09.18 AM, Mathura , Yamuna expressway Accident

मथुरा। यमुना एक्सप्रेस वे पर सुरीर थाना इलाके में दिल्ली से कानपुर की ओर जा रही एक प्राइवेट बस के छह यात्रियों को एक बेकाबू कंटेनर ने उस समय रौंद दिया, जब वे बस से उतरकर सड़क किनारे खड़े थे।
​दुर्घटना ​शनिवार सुबह की है। दिल्ली के नांगलोई से यात्रियों को लेकर एक निजी बस (स्लीपर कोच) कानपुर के रसूलाबाद के लिए रवाना हुई थी। जैसे ही बस सुरीर क्षेत्र के माइल स्टोन 88 के पास पहुंची, कुछ यात्रियों ने लघुशंका (Toilet) जाने के लिए बस रुकवाई। कायदे से बस को ‘ग्रीन जोन’ या टोल के पास रुकना चाहिए था, लेकिन चालक ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बस को एक्सप्रेस-वे की मेन लेन के किनारे ही खड़ा कर दिया। बस से आधा दर्जन से ज्यादा यात्री नीचे उतरकर किनारे पर खड़े थे, तभी पीछे से मौत बनकर आए एक तेज रफ्तार कंटेनर ने पूरी ताकत से बस के पिछले हिस्से में टक्कर मारी। कंटेनर की रफ्तार 100 किमी/घंटा से अधिक रही होगी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि नीचे खड़े यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। कंटेनर उन यात्रियों को रौंदता हुआ आगे निकल गया। टक्कर के बाद वहां का दृश्य देखकर राहगीरों की रूह कांप गई। औरैया के सोनू, बस्ती के देवेश, कन्नौज के अस्लम और दिल्ली के संतोष के शरीर के अंग सड़क पर बिखर चुके थे। चार लोगों की पहचान उनके दस्तावेजों से हुई, जबकि दो अन्य के शव इस कदर क्षत-विक्षत थे कि उनकी पहचान करने में घंटों लग गए।
​​हादसे की सूचना मिलते ही एक्सप्रेस-वे सुरक्षा दल और सुरीर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल औरैया निवासी अमर दुबे को तत्काल एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने जब मृतकों के मोबाइल फोन से उनके परिजनों को कॉल किया।

MDA: शिवालिक योजना में भूमि अधिग्रहण की स्वीकृति

लैंड पूलिंग पॉलिसी बनेगा आधार, 300 हेक्टेयर भूमि खरीदेंगे, पहले चरण में डिडौरा -डिडौरी समेत तीन गांव
एमडीए बोर्ड की 143 वीं बैठक में कई प्रस्तावों को मंजूरी

MDA Board Meeting, Moradabad

मुरादाबाद विकास प्राधिकरण बोर्ड की बैठक

Posted on 07.02.2026 Saturday, Time : 08.57 AM , By Correspondent Rajesh Bhatia, Moradabad

मुरादाबाद, 7 फरवरी। (उप्र समाचार सेवा)। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण बोर्ड की 143 वीं बैठक में महत्वाकांक्षी शिवालिक योजना में भूमि अधिग्रहण को मंजूरी मिली है। कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में लैंड पूलिंग पॉलिसी के आधार पर किसानों की जमीन लिए जाने पर सहमति बनी। इससे आपसी सहमति के आधार पर मिलने वाली भूमि लेने का भी रास्ता साफ हो गया है। पहले चरण में तीन गांव- डिडौरा डिडौरी और रसूलपुर सुनवाती में जमीन लेने के प्रस्ताव पर मुहर लगीं। साथ ही सोनकपुर की सहृदि योजना को रेरा में एप्रूवल के लिए भेजा जाएगा।
एमडीए सभागार में हुई बोर्ड बैठक में अन्य प्रस्तावों को मंजूरी मिली। निर्णय हुआ कि जहां सीलिंग या नजूल जमीन है वहां एनओसी दी जाएगी। बैठक में छह तरह की एनओसी का सरलीकरण किया गया।
बैठक में जानकारी दी गई कि शिवालिक योजना के पहले चरण में चिन्हित 385 हेक्टेयर भूमि में से 85 हेक्टेयर भूमि किसानों से खरीदी गई है। बाकी भूमि लैंड पूलिंग पॉलिसी के आधार पर ली जाएगी।
अवस्थापना निधि से तीस करोड़ रुपए से सुधारने पर जोर दिया गया। शाहपुर तिगरी के सामुदायिक केंद्र को निगम को हस्तांतरित से पहले आवश्यक कार्य कराने के अलावा सीतापुरी दस सराय, कांशीराम नगर सामुदायिक केंद्रों को सुदृढ़ करने पर सहमति बनी।

-विकास शुल्क बढ़ा –
उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास द्वितीय संशोधन नियमावली के संशोधन के तहत लिया जा रहा विकास शुल्क की दर 1465 रुपए से बढ़ाकर 1510 रुपए प्रति वर्ग मी. की गई है।

प्राधिकरण बोर्ड में 879.54 करोड़ का बजट मंजूर —
वर्ष में 2025-26 के पुनरीक्षित बजट 653.60 करोड़ के सापेक्ष आय 324.41 करोड़ और नए
वित्तीय वर्ष 2026-27 में 879.54 करोड़ रुपए रखा। इसमें 1036.16 करोड़ रुपए का अवशेष जोड़कर कुल 1915.17 रुपये को मंजूरी दी गई। जबकि वर्ष 2025-26 में
17388 लाख के राजस्व प्राप्ति एवं 47971 लाख की पूंजीगत प्राप्ति का पुनरीक्षित आय -व्ययक तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 में 31237.00 लाख के राजस्व प्राप्ति एवं 56717 लाख की पूंजीगत प्राप्ति का आय-व्यय स्वीकृत हुआ।वित्तीय वर्ष 2025-26 में 3969 लाख के राजस्व व्यय एवं 50726 लाख की पूंजीगत व्यय का पुनरीक्षित आय-व्ययक तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 में 5256 लाख के राजस्व व्यय व 61651 लाख के पूंजीगत व्यय का आय-व्ययक को स्वीकृत मिलीं ।

बैठक में मौजूद रहें।
बोर्ड के अध्यक्ष कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह,एमडीए उपाध्यक्ष अनुभव सिंह, सचिव पंकज वर्मा, अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार, प्राधिकरण सदस्य विकास जैन समेत सीटीसीपी कार्यालय, पेंशन, कोषागार के अधिकारी रहे।

« Newer PostsOlder Posts »