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बच्चों के झगड़े से भड़की जातीय हिंसा, कई घायल

April 28, 2026

बच्चों के झगड़े से भड़की जातीय हिंसा, कई घायल

मैनपुरी।  एलाऊ थाना क्षेत्र के ग्राम मंछना में बच्चों के विवाद ने कथित तौर पर जातीय हिंसा का रूप ले लिया। गांव के एक विकलांग युवक महेंद्र सिंह जाटव ने थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया है कि बच्चों के खेल के दौरान हुए मामूली झगड़े के बाद गांव के दबंगों ने संगठित होकर हमला कर दिया।
पीड़ित के मुताबिक, शाम करीब साढ़े पांच बजे 10 नामजद और 5 अज्ञात लोग लाठी-डंडे, सरिया और फावड़े के बेंट लेकर पहुंचे और जातिसूचक गालियां देते हुए हमला बोल दिया। आरोप है कि महेंद्र सिंह, उनकी नानी रेशमा देवी, मामी संगीता देवी और ममेरे भाइयों अमित कुमार व रामू के साथ मारपीट की गई, जिससे सभी घायल हो गए। तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि हमलावरों ने घर के बाहर खड़ी स्विफ्ट डिजायर कार में तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया। शोर सुनकर जब मोहल्ले के अन्य लोग बचाव में पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट की गई। जितेंद्र और राकेश के घर में घुसकर हमला करने तथा बचाने आई महिलाओं और बेटियों बसंती, संध्या और काजल को भी पीटने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित का कहना है कि हमलावर जातिसूचक टिप्पणी करते हुए गांव छोड़ने और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। महेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि आरोपी प्रभावशाली और दबंग प्रवृत्ति के हैं, जिससे परिवार में दहशत का माहौल है।
घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने थाना एलाऊ में तहरीर देकर नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। मामले में जातीय उत्पीड़न, मारपीट, तोड़फोड़ और धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। तहरीर के आधार पर आरोपों की पड़ताल की जा रही है और पुलिस का कहना है कि जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस की नजर बनी हुई है।

जिलाधिकारी ने फार्मर रजिस्ट्री की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी 

मैनपुरी।  जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने त्रिलोकपुर, कुचेला में फार्मर रजिस्ट्री के कार्य का स्थलीय निरीक्षण करते हुए फॉर्मर रजिस्ट्री की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उप कृषि निदेशक को आदेशित किया कि फॉर्मर रजिस्ट्री की प्रगति सुधारने के लिए सम्मिलित प्रयास करें, लेखपाल, पंचायत सचिव, पंचायत सहायक, ए.टी.एम., बी.टी.एम. सहित अन्य ग्राम स्तरीय कार्मिकों से सुबह-शाम फॉर्मर रजिस्ट्री का कार्य करायें, अभी त्रिलोकपुर में 1771 एंव कुचेला में 1132 किसानों की फॉर्मर रजिस्ट्री होना शेष है। उन्होने ग्राम पंचायत कुचेला के लेखपाल अवध बिहारी को आदेशित करते हुए कहा कि अवशेष किसानों की फॉर्मर रजिस्ट्री तत्काल कराना सुनिश्चित करें, निरीक्षण के दौरान मुख्य मार्ग से पंचायत घर तक का सम्पर्क मार्ग क्षतिग्रस्त पाये जाने, नालियों में गंदगी व्याप्त होने, पंचायत घर परिसर में घास, गदंगी पाये जाने, विकास कार्यों में लापरवाही बरतने, खराब हैंडपंपों को ठीक न कराने पर सचिव प्रबल प्रताप को प्रतिकूल प्रविष्टि एवं सफाईकर्मी संजू को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर नये सफाईकर्मी की तैनाती किये जाने के निर्देश जिला पंचायत राज अधिकारी को देते हुए कहा कि गांव में जो भी हैडपंप खराब हैं उन्हें प्राथमिकता पर ठीक कराया जाये ताकि ग्रामवासियों को भीषण गर्मी में पानी की समस्या का सामना न करना पड़े।
              श्री त्रिपाठी ने निरीक्षण के दौरान पाया कि गांव मंे जल जीवन मिशन के तहत ओवरहेड टैंक, ट्यूवेल, पाइप लाइन का कार्य कराया गया है, घरों में नल कनेक्शन भी लगाये गये हैं लेकिन ग्रामवासियों ने बताया कि जलापूर्ति नहीं की जा रही है, जिस पर उन्होने अधिशाषी अभियंता जल निगम को गांव का भ्रमण कर हर घर नल के माध्यम से स्वच्छ जल की आपूर्ति सुनिश्चित कराये जाने हेतु निर्देशित किया। उन्होने जिला पंचायत राज अधिकारी से कहा कि गांव में बने पंचायत घर तक जाने वाले मार्ग पर अगले 10 दिन में सी.सी. कराकर फोटोग्राफ्स उपलब्ध करायें। निरीक्षण के दौरान उप कृषि निदेशक नरेन्द्र कुमार त्रिपाठी, तहसीलदार हरेंश कर्दम, ग्राम प्रधान विमल चन्द्र, अनिल सक्सैना आदि उपस्थित रहे।

मैनपुरी में स्मार्ट मीटर के खिलाफ भाकियू का हल्लाबोल, बिजली विभाग का पुतला फूंका

मैनपुरी , 27 अप्रैल 2026, स्मार्ट मीटर और बिजली विभाग की कथित मनमानी के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन (महाशक्ति) ने मैनपुरी में जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों कार्यकर्ता मदार दरवाजे पर एकजुट हुए और बिजली विभाग का पुतला फूंककर विरोध जताया।
प्रदर्शन के दौरान ‘स्मार्ट मीटर हटाओ’ और ‘विद्युत विभाग मुर्दाबाद’ के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। भाकियू (महाशक्ति) के नेताओं ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग उपभोक्ताओं की सहमति के बिना जबरन स्मार्ट मीटर लगा रहा है। संगठन का कहना है कि महज 100 रुपये के बकाये पर भी कनेक्शन काट दिए जा रहे हैं, जिससे किसान और आम उपभोक्ता परेशान हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि स्मार्ट मीटर से बिजली बिल अधिक आ रहे हैं और चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। भाकियू ने बिजली विभाग को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी गई कि अगर इस अवधि में स्मार्ट मीटर नहीं हटाए गए और व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो संगठन सड़क पर उतरकर और भी भव्य आंदोलन करेगा। गौरतलब है कि मैनपुरी के करहल क्षेत्र में पहले भी स्मार्ट मीटर को लेकर विरोध हो चुका है। ग्रामीणों और किसान संगठनों का आरोप है कि विभाग कर्मचारी घरों में घुसकर दबंगई दिखाते हैं और विरोध करने पर अभद्र व्यवहार करते हैं। वहीं बिजली विभाग का कहना है कि स्मार्ट मीटर से गलत बिल की समस्या खत्म होगी और उपभोक्ता मोबाइल ऐप से खपत देख सकेंगे। फिलहाल बिजली विभाग के अधिकारी इस प्रदर्शन पर कोई प्रतिक्रिया देने से बच रहे हैं।

Farmer Suicides : फसल में नुकसान और बैंक कर्ज से परेशान दंपत्ति ने की आत्महत्या

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मैनपुरी, 27 अप्रैल 26, थाना बरनाहल क्षेत्र के गांव अढूपुर निवासी वृद्ध दंपती संतोष कुमार और राधा देवी सोडरा गांव के पास अचेत अवस्था में मिले। ग्रामीणों ने जब उन्हें देखा तो इसकी सूचना परिजन को दी। परिजन दंपती को सैफई अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने दंपती को मृत घोषित कर दिया।

 घटना की सूचना मिलते ही दंपती का एक बेटा दिलीप जो फौज में तैनात है, वह घर पर आ गया। वहीं दूसरा बेटा खेती करता है जो पहले से ही घर पर मौजूद था। घटना की सूचना मिलने के बाद एसपी ग्रामीण अभिषेक तिवारी SP Rural Abhishek Tiwari भी क्षेत्राधिकारी करहल और थाना प्रभारी के साथ मौके पर पहुंच गए। एसपी ग्रामीण अभिषेक तिवारी ने बताया कि दंपती के जहर खाकर आत्महत्या की सूचना प्राप्त हुई थी, जिसके बाद उन्हें पीजीआई में भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत के स्पष्ट कारणों के लिए अभी जांच की जा रही है। मौके पर पुलिस बल तैनात है वहीं ग्रामीणों की मानें तो मृतक किसान के ऊपर बैंक का कर्ज था। वह आलू में घाटे की वजह से परेशान भी थे। कई बार किसान ने कहा था कि कर्ज खत्म करने के लिए चाहे मुझे अपने खेत को बेचना पड़े मैं बेच दूंगा।

सूचना विभाग बनाता है सरकार की छवि: रोहित नंदन

Smarika RIJWA vimochan by Ritered Information Officers in Lucknow

Posted on 27.04.2026 Time 09.12 Tuesday, Lucknow, UP Information Department, RIJWA

लखनऊ में मोबाइल फोन सूचना निदेशक के नाम लिया गया था, सूचना विभाग का रहा है स्वर्णिम इतिहास

लखनऊ, 27 अप्रैल 2026, । मोबाइल फोन की आमद1995 में हुई थी और लखनऊ में पहला मोबाइल फोन कनेक्शन जुलाई 1996 में सूचना निदेशक के नाम लिया गया। इसी तरह इंटरनेट का मामला है। इंटरनेट का लखनऊ में पहला कनेक्शन सूचना विभाग के नाम लिया गया। सूचना विभाग सरकार की आँख और कान हुआ करता था, अब भी है, तकनीक और लेखनी दोनों के सम्मिश्रण से सूचना विभाग आज भी अपनी प्रासंगिकता बरकरार रखे हुए है।
यूपी के तीन बार सूचना निदेशक रहे वरिष्ठ पूर्व आईएएस अधिकारी रोहित नंदन ने यह बातें आज सूचना भवन आडिटोरियम में आयोजित सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के पूर्व अधिकारियों के हाल ही में बनाए गए संगठन “रिटायर्ड इन्फ़ॉर्मेशन जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन” के पहले सम्मान समारोह को सम्बोधित करते हुए कहीं।इस अवसर पर पूर्व सूचना निदेशक, सुधेश ओझा, अजय उपाध्याय और पूर्व अपर निदेशक रहे डॉक्टर अनिल पाठक भी मौजूद रहे।
रोहित नंदन एकमात्र अधिकारी हैं जो सूचना निदेशक पद पर तीन बार तैनात हुए हालाँकि वह इस पद पर पहले आना नहीं चाहते थे, लेकिन आज वह जब याद कर रहे थे कि कैसे उन्होंने उस समय इस पद पर सबसे लम्बे कार्यकाल का निर्वहन किया, तो बताया कि इस पद की गरिमा इसके वर्चस्व से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि सूचना विभाग के अधिकारी जो काम करते हैं उससे सरकार की छवि बनती है और सरकार की छवि आम आदमी के दिमाग़ में बेहतर से बेहतर बनाना आसान काम नहीं होता। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन हो या इंटरनेट, सबसे पहले सूचना विभाग के पास आता है तो इससे समझा जा सकता है कि यह विभाग कितना महत्वपूर्ण है।
चुनाव आयुक्त रहे पूर्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्री अनूप चंद्र पांडेय भी दो बार यूपी के सूचना निदेशक पद पर रहे। उन्होंने कहा कि उनकी बहुत बड़े बड़े पदों पर तैनाती हुई। यूपी के मुख्य सचिव से लेकर चुनाव आयुक्त तक, लेकिन सूचना निदेशक के कार्यकाल को वह सबसे ज्यादा याद करते हैं। उन्होंने कहा कि उनका वो कार्यकाल अविस्मरणीय है। श्री पांडेय ने बताया कि कैसे एक बार बजट पेश किए जाने के समय प्रेस विज्ञप्ति में जो लिखा गया था वह बजट में था ही नहीं। विधानसभा में इस पर बहस हो गई तो सरकार ने सूचना विभाग के प्रेस नोट की बात स्वीकार कर ली। उन्होंने कहा कि सूचना निदेशक का पद सरकारी सिस्टम में शक्ति का केंद्र माना जाता है और सूचना निदेशक ही वह अधिकारी होता है जिसकी पहुंच मुख्यमंत्री तक सीधे होती है और कभी भी किसी भी समय वह मुख्यमंत्री से सीधे बात कर सकता है। श्री पांडेय ने कहा कि अखबारों की स्क्रुटनी भी इस विभाग का एक विशेष कार्य रहा है और सूचना विभाग के अधिकारियों की बौद्धिक क्षमता का सरकार के पक्ष में बेहतर इस्तेमाल का लंबा इतिहास रहा है।


सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति राघवेंद्र कुमार ने इस अवसर पर कहा कि सूचना विभाग के कार्य वास्तव में बड़े महत्वपूर्ण और सराहनीय रहे हैं। उन्होंने बताया कि किस तरह न्यायालयों के कार्यों का भी सूचना विभाग ने प्रचार कर आम आदमी के मन में न्यायपालिका के प्रति विश्वास को पुख्ता करने का कार्य किया है। इस अवसर पर रिटायर्ड इन्फ़ॉर्मेशन जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन की पत्रिका “रिज़वा” का भी लोकार्पण किया गया और रोहित नंदन को अशोक प्रियदर्शी स्मृति सूचना सम्मान और अनूप चन्द्र पांडेय को उमेश कुमार सिंह चौहान स्मृति सम्मान से नवाज़ा गया। इस अवसर पर सूचना विभाग के पूर्व अधिकारियों में श्री विजय राय, राजगोपाल सिंह वर्मा, हामिद अली खां, ज्ञानवती, दिनेश सहगल, अशोक कुमार शर्मा, अशोक बनर्जी, अमजद हुसैन सहित ग्यारह लोगों को भी सम्मानित किया गया।

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