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श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर भव्य मंदिर बनने की जताई उम्मीद

May 14, 2026

श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर भव्य मंदिर बनने की जताई उम्मीद

वृंदावन पहुंचे मनिंदर सिंह बिट्टा, देवकीनंदन महाराज की सनातन बोर्ड मांग का किया समर्थन
मथुरा। धार्मिक यात्रा पर वृंदावन पहुंचे अखिल भारत आतंकवाद विरोधी मोर्चा के अध्यक्ष मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने प्रसिद्ध कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सनातन बोर्ड के गठन की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि देश में सनातन धर्म और मंदिरों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था आवश्यक है।
मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने कहा कि देश ने अयोध्या में भगवान राम मंदिर निर्माण और काशी में ज्ञानवापी विवाद को लेकर हुए बदलाव देखे हैं। अब मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि को अतिक्रमण मुक्त कर भव्य मंदिर बनते देखने की इच्छा है।
उन्होंने कहा कि मुगल आक्रांताओं द्वारा देश के कई मंदिरों को लूटा गया और तोड़कर वहां अवैध निर्माण किए गए। उन्होंने मुस्लिम समाज से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि मुस्लिम भाई बाहरी आक्रांताओं को अपना न मानकर मंदिर निर्माण में सहयोग करें, तो यह देश में सौहार्द और एकता की मिसाल बनेगा।
इस अवसर पर धार्मिक एवं सामाजिक विषयों को लेकर दोनों नेताओं के बीच विस्तृत चर्चा हुई।

स्नैचिंग गैंग पर पुलिस का शिकंजा, मुठभेड़ में बदमाश घायल

मैनपुरी। स्नैचिंग की लगातार हो रही घटनाओं के बीच बिछवां पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। देर रात चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक आरोपी के पैर में गोली लग गई, जबकि उसके साथी को पुलिस ने दौड़ाकर पकड़ लिया। दोनों आरोपी अपाचे बाइक से वारदातों को अंजाम देते थे और कुरावली, सदर कोतवाली व बिछवां क्षेत्र में हुई स्नैचिंग की घटनाओं में इनका नाम सामने आया है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना बिछवां पुलिस ने कार्रवाई की। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अभिषेक तिवारी के मुताबिक पुलिस को सूचना मिली थी कि संदिग्ध बदमाश बीलो के पास से गुजरने वाले हैं। इसके बाद थाना प्रभारी आशीष दुबे के नेतृत्व में चेकिंग अभियान चलाया गया। देर रात सफेद अपाचे बाइक पर दो युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो दोनों ग्राम नाका की ओर भागने लगे और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी रवीन्द्र पाल उर्फ राजकुमार के पैर में गोली लग गई। वहीं दूसरा आरोपी महेश चन्द्र भागने का प्रयास कर रहा था, लेकिन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। घायल आरोपी को पहले पीएचसी सुल्तानगंज और बाद में जिला अस्पताल भेजा गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवीन्द्र पाल उर्फ राजकुमार निवासी अंगदपुर थाना सकीट जनपद एटा और महेश चन्द्र निवासी सबलपुर थाना सकीट एटा के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक अवैध तमंचा 315 बोर, तीन जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, एक अपाचे बाइक, पीली धातु की टूटी चेन के दो टुकड़े और 17 हजार 700 रुपये नकद बरामद किए हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज, यक्ष एप और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस इन बदमाशों तक पहुंची। जांच में सामने आया कि हाल के दिनों में हुई तीनों स्नैचिंग की घटनाओं में यही गिरोह सक्रिय था।
पुलिस के अनुसार आरोपी रवीन्द्र पाल पर पहले से लूट, गैंगस्टर, हत्या के प्रयास और धोखाधड़ी समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। मामले में थाना बिछवां पर आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है।

फरियादियों की समस्याएं सुनकर डीएम ने दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
13/05/2029

गोरखपुर। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय में पहुंचे फरियादियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने भूमि विवाद, राजस्व संबंधित मामलों, पेंशन, आवास, बिजली, जलनिकासी, सड़क तथा अन्य जनहित से जुड़ी समस्याएं डीएम के समक्ष रखीं।
जिलाधिकारी ने एक-एक फरियादी की बात ध्यानपूर्वक सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही फोन कर समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।
डीएम दीपक मीणा ने यह भी निर्देशित किया कि जिन मामलों में जांच की आवश्यकता है, उनमें पारदर्शिता के साथ जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए और पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आम जनता को त्वरित न्याय और राहत मिलनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाए और शिकायतों का निस्तारण तय समय सीमा के भीतर किया जाए। साथ ही फरियादियों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी स्वयं पहल करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।

अब सुबह 7:30 बजे से मिल सकेंगे बंदी, परिजनों को नहीं करना होगा घंटों इंतजार

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
13/05/2026

​गोरखपुर जेल प्रशासन की बड़ी पहल:

​गोरखपुर। जिला कारागार गोरखपुर में बंदियों और उनके परिजनों के लिए मुलाकात की व्यवस्था को अब अधिक सुगम और सरल बना दिया गया है। जेल प्रशासन ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मुलाकात के समय में महत्वपूर्ण बदलाव किया है, जिससे अब परिजनों को चिलचिलाती धूप या लंबी कतारों में घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

​अब तक जेल में बंदियों से मुलाकात की प्रक्रिया सुबह 11:00 बजे के बाद शुरू होती थी। इस व्यवस्था के कारण दूर-दराज के गांवों और अन्य जिलों से आने वाले परिजनों का पूरा दिन जेल परिसर में ही बीत जाता था। भीड़ अधिक होने के कारण कई बार शाम तक लोगों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता था।
​जेल प्रशासन ने इस समस्या का संज्ञान लेते हुए अब मुलाकात का समय सुबह 7:30 बजे से निर्धारित कर दिया है।

​जेल अधीक्षक दिलीप पाण्डेय ने बताया कि जेल में प्रतिदिन औसतन 200 से अधिक बंदियों से मिलने के लिए लगभग 500 परिजन पहुंचते हैं। पुरानी व्यवस्था में देरी से प्रक्रिया शुरू होने के कारण परिजनों को भारी असुविधा होती थी। इसे देखते हुए अब सुबह की पाली में भी मुलाकात शुरू करने का निर्णय लिया गया है, ताकि लोग समय से अपने घर वापस जा सकें।

​नई व्यवस्था के फायदे:

​सुबह जल्दी मुलाकात होने से परिजनों का पूरा दिन खराब नहीं होगा।
​दो पालियों में काम होने से जेल गेट पर एक साथ होने वाली भीड़ कम होगी। सुबह के ठंडे समय में प्रक्रिया शुरू होने से बुजुर्गों और बच्चों के साथ आने वाले परिजनों को राहत मिलेगी।
​जेल प्रशासन के इस फैसले की स्थानीय लोगों और बंदियों के परिजनों ने काफी सराहना की है। अब जेल परिसर में लंबी कतारों और अव्यवस्था से काफी हद तक निजात मिलने की उम्मीद है।

मृतक के नाम पर फर्जी व्यक्ति खड़ा कर कराई रजिस्ट्री

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
13/05/2026

बाहर नौकरी कर रहे जमीन मालिक की गैरमौजूदगी का उठाया फायदा,

सविता त्रिपाठी पर उठे सवाल, मृतक के नाम पर करोड़ों की संपत्ति का सौदा कराने का दावा

डीएम से गुहार के बाद प्रेस क्लब में फूटा परिवार का दर्द, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

गोरखपुर। जनपद में जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने न केवल रजिस्ट्री प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर चिंता जताई है। आरोप है कि वर्ष 1996 में मृत हो चुके बृज गोपाल दास शाह के नाम पर वर्ष 2016 में जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। इस पूरे प्रकरण में सविता त्रिपाठी का नाम सामने आ रहा है, जिन पर मृत व्यक्ति को जीवित दिखाकर संपत्ति अपने नाम कराने का आरोप लगाया गया है।
मामला कैंपियरगंज क्षेत्र के अलगटपुर स्थित लगभग चार एकड़ मूल्यवान जमीन से जुड़ा हुआ है। पीड़ित परिवार का कहना है कि जमीन के वास्तविक मालिक उस समय अन्य प्रदेश में नौकरी कर रहे थे, जिसका फायदा उठाकर कथित रूप से यह फर्जीवाड़ा किया गया। आरोप है कि मृतक के नाम से मिलता-जुलता एक व्यक्ति खड़ा कर रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी कराई गई।
परिजनों के अनुसार, बृज गोपाल दास शाह की मृत्यु वर्ष 1996 में हो चुकी थी, जिसका प्रमाण सरकारी अभिलेखों में दर्ज है। इसके बावजूद वर्ष 2016 में “बृज गोपाल” नाम के आधार पर रजिस्ट्री कराई गई। उनका कहना है कि दस्तावेजों में नाम की समानता का लाभ उठाकर और पहचान संबंधी कागजातों में हेरफेर कर यह पूरा खेल रचा गया।
परिवार का यह भी कहना है कि इस मामले की जांच पूर्व में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्तर से कराई जा चुकी है, जिसमें यह पुष्टि हो चुकी है कि “बृज गोपाल दास” और “बृज गोपाल दास शाह” एक ही व्यक्ति हैं और उनकी मृत्यु 1996 में ही हो गई थी। ऐसे में 2016 में उनके नाम से रजिस्ट्री होना गंभीर सवाल खड़े करता है।
न्याय की मांग को लेकर मृतक के परिजन—पोता, पोती, दामाद एवं अन्य परिजन—जिलाधिकारी दीपक मीणा से मिल चुके हैं और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनों ने डीएम को दिए गए प्रार्थना पत्र में फर्जी रजिस्ट्री को निरस्त करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपील की है।
इसके बाद गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में विजय कृष्ण गर्ग, श्रीमती प्रियमबदा गर्ग, महेंद्र अग्रवाल और सुरेंद्र अग्रवाल सहित अन्य परिजन मौजूद रहे। प्रेस वार्ता के दौरान परिजनों ने भावुक होते हुए कहा, “अगर हमारे मृत बाबा जिंदा हैं, तो उन्हें सामने लाकर खड़ा कर दीजिए। जिनका हमने वर्ष 1996 में अंतिम संस्कार किया, वह अचानक 2016 में जिंदा कैसे हो गए?”
पीड़ित परिवार ने इस पूरे प्रकरण में राजेश यादव पुत्र बैजनाथ यादव, निवासी तिलक नगर, गोरखनाथ को मास्टरमाइंड बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पूरे फर्जीवाड़े की साजिश रचने और उसे अंजाम तक पहुंचाने में उक्त व्यक्ति की मुख्य भूमिका रही है।
पीड़ित परिवार ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के मामलों पर प्रभावी रोक लग सके।

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