Santosh Kumar Singh Gorakhpur
13/05/2026
गोरखपुर जेल प्रशासन की बड़ी पहल:
गोरखपुर। जिला कारागार गोरखपुर में बंदियों और उनके परिजनों के लिए मुलाकात की व्यवस्था को अब अधिक सुगम और सरल बना दिया गया है। जेल प्रशासन ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मुलाकात के समय में महत्वपूर्ण बदलाव किया है, जिससे अब परिजनों को चिलचिलाती धूप या लंबी कतारों में घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
अब तक जेल में बंदियों से मुलाकात की प्रक्रिया सुबह 11:00 बजे के बाद शुरू होती थी। इस व्यवस्था के कारण दूर-दराज के गांवों और अन्य जिलों से आने वाले परिजनों का पूरा दिन जेल परिसर में ही बीत जाता था। भीड़ अधिक होने के कारण कई बार शाम तक लोगों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता था।
जेल प्रशासन ने इस समस्या का संज्ञान लेते हुए अब मुलाकात का समय सुबह 7:30 बजे से निर्धारित कर दिया है।
जेल अधीक्षक दिलीप पाण्डेय ने बताया कि जेल में प्रतिदिन औसतन 200 से अधिक बंदियों से मिलने के लिए लगभग 500 परिजन पहुंचते हैं। पुरानी व्यवस्था में देरी से प्रक्रिया शुरू होने के कारण परिजनों को भारी असुविधा होती थी। इसे देखते हुए अब सुबह की पाली में भी मुलाकात शुरू करने का निर्णय लिया गया है, ताकि लोग समय से अपने घर वापस जा सकें।
नई व्यवस्था के फायदे:
सुबह जल्दी मुलाकात होने से परिजनों का पूरा दिन खराब नहीं होगा।
दो पालियों में काम होने से जेल गेट पर एक साथ होने वाली भीड़ कम होगी। सुबह के ठंडे समय में प्रक्रिया शुरू होने से बुजुर्गों और बच्चों के साथ आने वाले परिजनों को राहत मिलेगी।
जेल प्रशासन के इस फैसले की स्थानीय लोगों और बंदियों के परिजनों ने काफी सराहना की है। अब जेल परिसर में लंबी कतारों और अव्यवस्था से काफी हद तक निजात मिलने की उम्मीद है।
