Posted on 27.02.2026 Friday Time 09.18 PM Holi Mathura Vrandavan, Report by :Atul Kumar Jindal, Senior Correspondent of UP Samachar Sewa, UP Web Newsभक्ति के गुलाल से सतरंगी हुई कान्हा की नगरी, परिक्रमा मार्ग और मंदिरों में जनसैलाब
मथुरा/वृंदावन। धर्म नगरी वृंदावन में बसंत पंचमी से आरंभ हुआ होली का उल्लास शुक्रवार को रंगभरनी एकादशी के अवसर पर चरम पर पहुंच गया। ठाकुरजी के संग होली खेलने और पुण्य लाभ कमाने की कामना लेकर देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं ने पूरी नगरी को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।
होली के इस उत्सव का मुख्य केंद्र विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर रहा। भोर होते ही मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। जैसे ही मंदिर के पट खुले, सेवायत गोस्वामियों ने ठाकुरजी की ओर से भक्तों पर अबीर-गुलाल की वर्षा शुरू कर दी। अपने आराध्य की प्रसादी स्वरूप गुलाल में भीगने के लिए श्रद्धालु उत्साहित नजर आए। “बांके बिहारी लाल की जय” के जयघोष और सतरंगी गुलाल की छटा से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर के निकास द्वार संख्या-1 पर विशाल एलईडी स्क्रीन लगाई गई, जिसके माध्यम से मंदिर के भीतर हो रहे कार्यक्रमों का लाइव प्रसारण किया गया। इससे बाहर खड़े श्रद्धालु भी ठाकुरजी के दर्शन और होली उत्सव का आनंद ले सके।
पंचकोसीय परिक्रमा मार्ग पर उमड़ा जनसैलाब
मंदिरों के साथ-साथ वृंदावन की पंचकोसीय परिक्रमा मार्ग पर भी आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही श्रद्धालुओं की टोलियां राधा-कृष्ण के जयकारे लगाते और होली के रसिया गाते हुए परिक्रमा के लिए निकल पड़ीं। उड़ते अबीर-गुलाल और एक-दूसरे को प्रेम पर्व की बधाई देते भक्तों के उत्साह ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
प्रशासन रहा सतर्क
भीड़ के भारी दबाव को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। प्रमुख चौराहों, मंदिर क्षेत्र और परिक्रमा मार्ग पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह एवं एसएसपी श्लोक कुमार ने स्वयं स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा और यातायात व्यवस्थाओं का जायजा लिया, ताकि श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित दर्शन मिल सकें।
रंगभरनी एकादशी के अवसर पर वृंदावन में उमड़ा यह जनसैलाब एक बार फिर साबित कर गया कि ब्रज की होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि भक्ति, प्रेम और आस्था का अद्वितीय संगम है।



