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देश जनहित राष्ट्रीय हिंदी पत्रिका का विमोचन

May 2, 2026

देश जनहित राष्ट्रीय हिंदी पत्रिका का विमोचन

पत्रकारों के लिए बीमा योजना की घोषणा

हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार के प्रेस क्लब सभागार में शुक्रवार को “देश जनहित” राष्ट्रीय हिंदी पत्रिका का भव्य विमोचन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों और समाजसेवियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। इस अवसर पर पत्रिका के संपादक दीपक राजपूत ने पत्रकारों के हित में बड़ी घोषणा करते हुए जनहित टीम से जुड़े प्रत्येक पत्रकार के लिए पांच-पांच लाख रुपये का बीमा कराने की बात कही, जिसकी कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने सराहना की।
कार्यक्रम का शुभारंभ एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह, समाजसेवी डॉ. विशाल गर्ग, एसडीएम जितेंद्र कुमार, जिला सूचना अधिकारी रति लाल शाह और प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद मंचासीन अतिथियों ने पत्रिका का विमोचन कर इसे जनमानस के लिए समर्पित किया।
अपने संबोधन में समाजसेवी डॉ. विशाल गर्ग ने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया का प्रभाव तेजी से बढ़ा है, जिसके चलते सूचनाओं का आदान-प्रदान तो आसान हुआ है, लेकिन इसके साथ ही भ्रामक खबरों का प्रसार भी चिंता का विषय बन गया है। उन्होंने कहा कि अपुष्ट और गलत खबरें समाज में अराजकता पैदा कर सकती हैं, इसलिए पत्रकारों को जिम्मेदारी के साथ खबरों की पुष्टि करने के बाद ही उनका प्रकाशन करना चाहिए। उन्होंने “देश जनहित” पत्रिका को एक सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि यह पत्रिका जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी।
एआरटीओ हरिद्वार निखिल शर्मा ने कहा कि आज का दौर डिजिटल और सोशल मीडिया का है, जहां हर खबर पलभर में लोगों तक पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि इस तेजी के बीच प्रिंट मीडिया की अपनी अलग विश्वसनीयता और गरिमा है, जिसे बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पत्रिका निष्पक्ष और तथ्यात्मक पत्रकारिता को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
एआरटीओ प्रवर्तन नेहा झा ने अपने संबोधन में कहा कि सोशल मीडिया के इस दौर में किसी पुस्तक या पत्रिका का विमोचन होना अपने आप में बड़ी बात है। उन्होंने सड़क सुरक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यदि लोगों में जागरूकता बढ़े तो सड़क दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि पत्रिका में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों से संबंधित जागरूकता लेखों को भी स्थान दिया जाना चाहिए।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रौतेला ने मीडिया की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में मीडिया का योगदान बेहद अहम होता है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय सही और त्वरित जानकारी लोगों तक पहुंचाना मीडिया की जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने आग्रह किया कि पत्रिका में आपदा प्रबंधन से जुड़े लेखों को भी प्रकाशित किया जाए, ताकि आमजन को जागरूक किया जा सके।
शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा ने अपने विचार रखते हुए कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि “देश जनहित” पत्रिका समाज के विभिन्न मुद्दों को उजागर कर लोगों को जागरूक करने का काम करेगी।
प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि हरिद्वार की पत्रकारिता का इतिहास गौरवशाली रहा है और यहां के पत्रकार हमेशा जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देते रहे हैं। उन्होंने “देश जनहित” पत्रिका की टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पत्रिका निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता का उदाहरण बनेगी।
एसडीएम जितेंद्र कुमार ने कहा कि मीडिया और प्रशासन के बीच समन्वय होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक पत्रकारिता से समाज में विकास और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने पत्रिका के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकार और पुलिस दोनों ही समाज की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि सही खबरों का प्रसार समाज में शांति और व्यवस्था बनाए रखने में सहायक होता है। उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि वे तथ्यों पर आधारित और जिम्मेदार पत्रकारिता करें।
कार्यक्रम के अंत में संपादक दीपक राजपूत ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि “देश जनहित” पत्रिका का उद्देश्य समाज के हर वर्ग की आवाज बनना है और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार बाल कृष्ण शास्त्री, श्रवण झा, रतन मणि डोभाल, अरुण कश्यप,मुदित अग्रवाल,मुस्कान राजपूत, कल्पना राजपूत, निर्मल दास महाराज, जोगेंद्र मावी, दिशा शर्मा, रश्मि कश्यप, राहुल शर्मा, लक्ष्मण कश्यप, अनिल कुमार, बसंत कुमार, बलराम कश्यप, जहांगीर अली,महावीर नेगी ,विनोद कश्यप ,विपिन कश्यप रोहित कश्यप, मनोज कश्यप ,मोहित प्रधान शिवा अग्रवाल, जहांगीर अली , संजय पुंडीर, सुमित सैनी, सुमित यशकल्याण,,सचिन सैनी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन उत्साह और सकारात्मक संदेश के साथ हुआ।

April 26, 2026

संघर्ष, समर्पण और जनसेवा की मिसाल है हिंदी पत्रकारिता की 200 वर्ष की यात्रा-डा.निशंक

हिंदी पत्रकारिता द्विशताब्दी समारोह
आर्थिक उदारीकरण बनाम बाजारीकरण के दौर में मीडिया की भूमिका पर गहन चर्चा
जनहितकारी पत्रकारिता को आगे बढ़ाएं पत्रकार-आचार्य बालकृष्ण
डिजिटल मीडिया के आने से बदला पत्रकारिता का परिदृश्य-प्रियंका शर्मा
पत्रकारों को बदलते समय के साथ खुद को ढालना होगा-धर्मेद्र चौधरी
हरिद्वार, 26 अप्रैल। हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रविवार को प्रेस क्लब सभागार में भव्य द्विशताब्दी समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री डा.रमेश पोखरियाल निशंक, विशिष्ट अतिथि आचार्य बालकृष्ण और मुख्य वक्ता प्रसिद्ध एंकर प्रियंका शर्मा द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।

समारोह में बड़ी संख्या में पत्रकार, बुद्धिजीवी और मीडिया से जुड़े लोग उपस्थित रहे। प्रैस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी, महामंत्री सूर्यकांत बेलवाल, वरिष्ठ पत्रकार शिवशंकर जायसवाल, कौशल सिखौला, आदेश त्यागी, रामचंद्र कन्नौजिया, रजनीकांत शुक्ला, गोपाल, रावत, सुनील दत्त पांडे, बालकृष्ण शास्त्री, श्रवण झा, राहुल वर्मा, प्रदीप गर्ग आदि ने फूलमाला पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत किया। कार्यक्रम में आर्थिक उदारीकरण बनाम बाजारीकरण के दौर में पत्रकारिता विषय पर बदलते मीडिया परिदृश्य, पत्रकारिता के मूल्यों और डिजिटल युग की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। पूर्व मुख्यमंत्री डा.रमेश पोखरियाल निशंक ने हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कहा कि 200 वर्षों की यह यात्रा संघर्ष, समर्पण और जनसेवा की मिसाल है। उन्होंने कहा कि हिंदी आज विश्व की सबसे प्रभावशाली भाषाओं में से एक है और आज भी हिंदी अखबारों के पाठकों की संख्या सबसे अधिक है। उन्होंने अपने पत्रकारिता के शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि उन्होंने पौड़ी से सीमांत वार्ता नाम से दैनिक अखबार की शुरुआत की थी और उस समय संसाधनों की कमी के बावजूद उन्होंने दिन-रात मेहनत कर पत्रकारिता को जीवित रखा। उन्होंने कहा कि आज भी हिंदी का बाजार सबसे बड़ा है और वैश्विक स्तर पर भी हिंदी का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। लंदन से भी कई हिंदी पत्रिकाएं प्रकाशित हो रही हैं और दुनिया के करीब 250 विश्वविद्यालयों में हिंदी का अध्ययन कराया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पत्रकारिता केवल खबरों का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का सशक्त जरिया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विशिष्ट अतिथि आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य समाज को सही दिशा देना और सत्य को सामने लाना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारों को अपने दायित्वों को समझते हुए निष्पक्ष और जनहितकारी पत्रकारिता को आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया समाज का दर्पण होता है और इसकी विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद आवश्यक है। मुख्य वक्ता और द प्रियंका शर्मा शो की एंकर प्रियंका शर्मा ने आधुनिक पत्रकारिता की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के दौर में पत्रकारिता की छवि को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं पत्रकारिता का स्तर गिरा है और इसका असर जनता के भरोसे पर भी पड़ा है। उन्होंने बताया कि एक समय था जब अखबारों की खबरें समाज को झकझोर देती थीं और कलम की ताकत का अलग ही प्रभाव होता था, लेकिन अब डिजिटल मीडिया के आने से परिदृश्य पूरी तरह बदल चुका है। उन्होंने कहा कि आज का युवा वर्ग डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अधिक भरोसा करता है और खबरों का उपभोग भी उसी माध्यम से कर रहा है। सोशल मीडिया ने आम लोगों को अपनी बात रखने का मंच दिया है, लेकिन इसके साथ ही फेक न्यूज और भ्रामक जानकारी की समस्या भी बढ़ी है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि टीवी चैनलों में काम करने के दौरान उनकी पहचान सीमित थी, लेकिन सोशल मीडिया ने उन्हें एक अलग पहचान दी। उन्होंने कहा कि यदि पत्रकार सच्चाई के साथ काम करता है, तो उसे सफलता जरूर मिलती है। प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता का 200वां वर्ष केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि आत्ममंथन का भी समय है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को बदलते समय के साथ खुद को ढालना होगा, लेकिन साथ ही पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों सत्य, निष्पक्षता और जनहित को बनाए रखना भी जरूरी है। कार्यक्रम में शिवा अग्रवाल, रोहित सिखोला, सुनील पाल, आशीष मिश्रा, मनोज सिंह रावत, केके पालीवाल, रामेश्वर गौड़, डा.मनोज सोही, मनोज खन्ना, नवीन चौहान, शिवप्रकाश शिव, मुकेश वर्मा, विकास चौहान, शिवकुमार शर्मा, कुशलपाल चौहान, आफताब खान, रूपेश शर्मा, बिजेंद्र हर्ष, संजीव शर्मा, संजीव खन्ना, लोकेंद्रनाथ, संदीप शर्मा, कुमकुम शर्मा, सुरेंद्र बोकाड़िया, रावत रियासत पुंडीर, मेहताब आलम, तनवीर अली, जोगेंद्र मावी, मुदित अग्रवाल, विकास चौहान, अमित शर्मा, काशीराम सैनी, नरेश गुप्ता, पंरमजीत सिंह, दीपक नौटियाल, मुदित अग्रवाल, शिवांग अग्रवाल, कुमार दुष्यंत, राजकुमार, त्रिलोकचंद भट्ट, गुलशन नैय्यर, डीएस वर्मा, कुलभूषण शर्मा, शैलेंद्र ठाकुर, चंद्रशेखर जोशी, हिमांशु द्विवेदी, राधिका नागरथ, लव शर्मा आदि पत्रकारों के राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष संदीप गोयल, मनोज गौतम, युवा कांग्रेस नेता कैख खुराना, कांग्रेस नेत्री संतोष चौहान, लता जोशी, आशु चौहान आदि अतिथी मौजूद रहे।

April 16, 2026

इंकलाबी मजदूर केंद्र ने की मजदूरों पर लाठी चार्ज व मुकद्मे दर्ज करने की निंदा

वेतन 30 हजार मासिक करने, गिरफ्तार मजदूरों व यूनियन प्रतिनिधियों को रिहा करने की मांग की
हरिद्वार, 16 अप्रैल। इंकलाबी मजदूर केंद्र ने गुड़गांव, मानेसर, फरीदाबाद व नोएडा में वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे मजदूरों पर लाठीचार्ज एवं झूठे मुकद्मे दर्ज किए जाने का आरोप लगाते हुए सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, सभी मुक्दमे वापस लेने और गिरफ्तार किए गए मजदूर यूनियनों के प्रतिनिधियों को रिहा करने की मांग की है। प्रैस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए इंकलाबी मजदूर केंद्र की हरिद्वार इकाई के सचिव पंकज ने कहा कि मजदूर वेतन बढ़ाने, ओवर टाइम दोगुना करने, श्रम कानूनों का पालन आदि मांगों को लेकर कई दिनों से आंदोलन कर रहे थे। 9 अपैल को कंपनी संचालन से जुड़े लोगों ने बाहरी तत्वों की मदद से तोड़फोड़ और आगजनी कर आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास किया। जिस पर पुलिस ने मजदूरों पर लाठीचार्ज किया और 56 मजदूरों जिनमें 20 महिलाएं शामिल हैं को गिरफ्तार कर लिया। मजदूरों पर मुकद्मे दर्ज करने के साथ कई मजदूर यूनियनों के कई प्रतिनिधियों को भी गिरफ्तार कर लिया। पंकज कुमार ने मांग करते हुए कहा कि गिरफ्तार किए गए सभी मजदूरों और मजदूर प्रतिनिधियों को तत्काल रिहा किया जाए। सभी मुकद्मे वापस लिए जाएं। केंद्र व हरियाणा सरकार पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराए। कपंनी प्रबंधकों और लाठीचार्ज के दोषी पुलिस अधिकारियों पर मुकद्मे दर्ज किए जाएं। लाठी चार्ज में घायल मजदूरों का सरकारी खर्च पर इलाज किया जाए और मुआवजा दिया जाए। मजदूर विरोध 4 लेबर कोड रद्द किए जाएं। ठेका प्रथा समाप्त कर स्थाई कार्य के लिए स्थाई नियुक्ति की जाए। महिला मजदूरों के नाइट शिफ्ट में काम करने का कानून रद्द किया जाए। न्यूनतम वेतन 30 हजार घोषित किया जाए। पत्रकारवार्ता में राजकिशोर, सुरेश राम, नीता आदि ने भी कर्मचारियों के हितों में फैसले लेने की मांग की।

April 13, 2026

सभी की सहभागिता से ही हो सकता है गौमाता का संरक्षण संवर्धन-राजेश दवे

हरिद्वार, 13 अप्रैल। गायों के संरक्षण संवर्धन को लेकर राजेश दवे ने कहा कि गौ माता का संरक्षण संवर्धन सभी की सहभागिता से ही हो सकता है। प्रैस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए राजेश दवे ने केंद्र सरकार से भी मांग की कि संस्कृति मंत्रालय का गठन किया जाना चाहिए, ताकि पालतू पशुओं का डाटा एकत्र किया जा सके। राजेश दवे ने कहा कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि गौ माता के अलावा भैंस, हाथी, घोड़ा, ऊंट, भेड़, बकरी, गधा आदि की रक्षा के लिए तत्पर रहे। पालतू जानवरों की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए। गौ हत्या पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया जाए। उन्होंने कहा कि गाय की संख्या लगातार घट रही है। जो कि चिंता का विषय है। पालतू जानवरों की रक्षा, सुरक्षा के लिए सभी की सहभागिता होनी चाहिए। धर्म को व्यवसाय ना बनाने की अपील भी की। पालतू जानवरों के संरक्षण संवर्धन को लेकर समाज में चेतना फैलाने का काम कर रहे राजेश दवे ने धर्म नगरी के संतों से भी गौमाता की रक्षा के लिए आगे आने की अपील की।

एक्स मुस्लिम यात्रा को लेकर गंगा अध्यक्ष के बयान पर स्वामी रामविशाल दास ने किया पलटवार

श्री गंगा सभा से की नितिन गौतम व उज्जवल पंडित को सभा से बाहर करने की मांग
हरिद्वार, 13 अप्रैल। एक्स मुस्लिम यात्रा को लेकर उठे सवाल एवं आरोप प्रत्यारोपों के बीच स्वामी रामविशाल दास महाराज ने श्री गंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम एवं तीर्थ पुरोहित उज्जवल पंडित के बयान पर पलटवार किया है। प्रैस क्लब में पत्रकार वार्ता के दौरान स्वामी रामविशाल दास महाराज ने कहा कि वे एक्स मुस्लिम यात्रा के ना तो संयोजक हैं, ना ही आयोजक हैं। वे केवल मुस्लिम से हिंदू बने लोगों का सम्मान करने पहुंचे थे। लेकिन श्री गंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम ने उन्हें कालनेमि कहकर संतों का अपमान किया है। रामविशाल दास ने कहा कि संत बनने के बाद वे संत परंपरांओं का पूरी तरह पालन कर रहे हैं। संतों के प्रचार प्रसार के चलते ही पूरे देश से लोग हरकी पैड़ी आते हैं। एक संत को कालनेमि बताने वाले व्यक्ति को श्री गंगा सभा का अध्यक्ष रहने का कोई अधिकार नहीं है। श्री गंगा सभा को नितिन गौतम व उज्जवल पंडित को तुरंत बाहर करना चाहिए। स्वामी रामविशाल दास ने गंगा सभा अध्यक्ष को डिबेट की चुनौती भी दी और कहा कि यदि किसी के टोपी पहनने पर आपत्ति थी तो मौके पर इसे रोका जा सकता था। लेकिन कार्यक्रम के दौरान किसी ने कोई आपत्ति नहीं जतायी। बाद में विवाद खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संतों के अपमान के इस मुद्दे को लेकर बुधवार को संत समाज की बैठक आयोजित की गयी है। बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी। बैठक के दौरान विनोद महाराज ने कहा कि एक्स मुस्लिम शब्द इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। सनातन हिंदू संस्कृति में विश्वास जताकर हिंदू धर्म अपना चुके लोगों को अब हिंदू ही कहा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि संतों को कालनेमि कहने का किसी कोई अधिकार नहीं है। स्वामी देवानंद ने कहा कि किसी भी तरह के आरोप लगाने से पहले सत्यता जाननी चाहिए। जिससे विवाद उत्पन्न ना हो।

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