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ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी, चिलुआताल पुलिस ने पीड़ित के 57,310 रुपये वापस कराए

March 15, 2026

ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी, चिलुआताल पुलिस ने पीड़ित के 57,310 रुपये वापस कराए

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
15/03/2026

गोरखपुर। जिले में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच चिलुआताल थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए ऑनलाइन ठगी के शिकार युवक की पूरी धनराशि वापस दिलाने में सफलता हासिल की है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते पीड़ित के खाते में 57,310 वापस कराए गए, जिससे उसे बड़ी राहत मिली है।
मिली जानकारी के अनुसार नितेश यादव ने थाना चिलुआताल में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा देकर उसके मोबाइल में एक फर्जी एपीके (APK) एप्लीकेशन इंस्टॉल करा दिया। इसी एप्लीकेशन के माध्यम से उसके बैंक खाते से कुल 57,310 निकाल लिए गए। कुछ समय बाद जब उसे अपने साथ हुई धोखाधड़ी की जानकारी हुई तो उसने तुरंत थाना चिलुआताल पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए चिलुआताल पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए संबंधित खाते को होल्ड कराया गया, जिससे धनराशि को आगे ट्रांसफर होने से रोका जा सका। इसके बाद आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए न्यायालय से आदेश प्राप्त किया गया और पीड़ित के खाते में पूरी धनराशि वापस करा दी गई।
इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व थानाध्यक्ष सूरज सिंह ने किया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सक्रियता से पीड़ित को उसकी पूरी रकम वापस मिल सकी।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, एप्लीकेशन या ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर आने वाले प्रस्तावों से सावधान रहें। किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या एप को डाउनलोड करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें। यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत नजदीकी थाने या राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर धनराशि को बचाया जा सके।

मोबाइल पर बात करने को लेकर पिता ने बेटी को हंसिया से काटा, मौत

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
15/03/2026

*पिपराइच थाना क्षेत्र का मामला, पुलिस ने आरोपी पिता को किया गिरफ्तार*

गोरखपुर। पिपराइच थाना क्षेत्र के सिंहोरिया गांव में 23 वर्षीय युवती की मौत के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। युवती की मौत हादसा नहीं बल्कि हत्या थी। पुलिस जांच में सामने आया कि युवती के पिता ने ही गुस्से में आकर उस पर हंसिया से हमला कर दिया था, जिससे गंभीर रूप से घायल युवती की इलाज के दौरान मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार 13 मार्च को सिंहोरिया गांव की एक युवती के संदिग्ध परिस्थितियों में घायल होने की सूचना मिली थी। परिजनों ने बताया था कि युवती हंसिया पर गिर गई थी, जिससे उसे गंभीर चोट लग गई। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना के आधार पर पुलिस ने पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई और मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को कई बातें संदिग्ध लगीं। पूछताछ में यह सामने आया कि युवती किसी युवक से मोबाइल पर बात करती थी, जिसे लेकर उसके पिता से अक्सर विवाद होता था। घटना के दिन भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। गुस्से में आकर पिता ने बेटी के साथ मारपीट की और घर में रखे हंसिया से उस पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
परिजन उसे इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बाद में परिवार ने घटना को हादसा बताने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की गहन जांच और पूछताछ में सच्चाई सामने आ गई।
पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी पिता कमलेश पुत्र रामबृक्ष निवासी ग्राम सिंहोरिया थाना पिपराइच को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हंसिया भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

गोरखपुर में गैस वितरण पर उठे सवाल, उपभोक्ता ने CM के IGRS पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
14/03/2026

गोरखपुर में घरेलू गैस वितरण को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के एक उपभोक्ता ने गैस एजेंसी पर बिना सिलेंडर दिए वितरण दिखाने का आरोप लगाया है और इसकी शिकायत मुख्यमंत्री के IGRS पोर्टल पर दर्ज कराई है।

दरअसल गोरखपुर के जाफरा बाजार निवासी अहमद हसन ने आरोप लगाया है कि उन्होंने फरवरी 2026 में गैस सिलेंडर बुक कराया था, लेकिन उन्हें सिलेंडर नहीं मिला। जब वे 14 मार्च को गैस लेने के लिए धर्मशाला बाजार स्थित ओम गणपति इंडियन गैस सर्विस एजेंसी पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि 23 फरवरी को ही उनके नाम से गैस वितरित कर दी गई है।
उपभोक्ता का कहना है कि उन्होंने 16 नवंबर 2025 के बाद कोई गैस नहीं ली है, इसके बावजूद रिकॉर्ड में सिलेंडर वितरण दिखाया जा रहा है। इसको लेकर उपभोक्ता ने मुख्यमंत्री के IGRS पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
उपभोक्ता ने प्रशासन से मांग की है कि गैस एजेंसी की जांच कराई जाए और उन्हें जल्द से जल्द गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए, ताकि आम उपभोक्ताओं को इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।

बरौली में सड़क सीमांकन पर बड़ा खेल!

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
14/03/2026

लेखपाल पर मिलीभगत के आरोप, 40 कड़ी सड़क को दिखाया आधा—अवैध कब्जा बरकरार*

गोरखपुर। सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा बरौली में सड़क सीमांकन को लेकर बड़ा खेल सामने आने का आरोप लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व विभाग की टीम, खासकर स्थानीय लेखपाल की कथित मिलीभगत के कारण 40 कड़ी चौड़ी सड़क पर वर्षों से चला आ रहा अवैध कब्जा आज भी जस का तस बना हुआ है। आरोप है कि रसूखदारों के दबाव में सीमांकन की प्रक्रिया को ही बदल दिया गया, जिससे सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को सीधा फायदा मिल गया और सड़क का दायरा सिमट कर रह गया।
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम सभा बरौली की लगभग 40 कड़ी चौड़ी सड़क पर कई स्थानों पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। इससे सड़क संकरी हो गई है और आवागमन में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस मामले को लेकर वर्ष 2025 में ग्रामीणों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को प्रार्थना पत्र देकर सड़क का सीमांकन कर अवैध कब्जा हटाने की मांग की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए 30 अप्रैल 2025 को राजस्व विभाग की टीम को मौके पर सीमांकन करने का निर्देश दिया गया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि 7 मई 2025 को जब राजस्व टीम सीमांकन के लिए गांव पहुंची और पैमाइश की प्रक्रिया शुरू हुई, तभी अवैध कब्जेदार भी मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि इसके बाद स्थानीय लेखपाल और टीम के कुछ कर्मियों से उनकी बातचीत हुई और कथित रूप से रसूख के बल पर सीमांकन की दिशा ही बदल दी गई। जहां सड़क की चौड़ाई लगभग 40 कड़ी होनी चाहिए थी, वहां सीमांकन को कम चौड़ाई में दिखाकर ग्रामीणों को गुमराह कर दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि सीमांकन का दायरा तुर्रा नाला पर बने पुल के एप्रोच मार्ग तक किया जाना था, लेकिन राजस्व टीम अधूरा सीमांकन दिखाकर ही वापस लौट गई। इससे अवैध कब्जेदारों को खुली छूट मिल गई और सड़क के किनारों पर कब्जा बरकरार रहा।
इधर, राजस्व विभाग की अधूरी कार्रवाई का फायदा उठाते हुए लोक निर्माण विभाग द्वारा तुर्रा नाला के पुल से जुड़े एप्रोच मार्ग पर सड़क निर्माण का काम भी करा दिया गया। आरोप है कि सड़क निर्माण में भी मानकों की अनदेखी की गई और पुरानी कच्ची सड़क पर ही गिट्टी डालकर पीचिंग कर दी गई। इससे सड़क की वास्तविक चौड़ाई बढ़ने के बजाय और सिमट गई।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहले सही तरीके से पैमाइश कर अवैध कब्जा हटाया गया होता, तो सड़क अपने निर्धारित आकार में बन सकती थी। लेकिन सीमांकन में कथित गड़बड़ी के कारण सड़क के दोनों ओर कब्जे बरकरार हैं और आज भी सड़क पतली होकर रह गई है।
स्थानीय लोगों में इस पूरे मामले को लेकर काफी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि लेखपाल ने उपजिलाधिकारी सदर के निर्देशों की भी अनदेखी की। उनका कहना है कि यदि आदेशों का सही तरीके से पालन किया गया होता तो अब तक सड़क से अवैध कब्जा हट चुका होता।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोबारा राजस्व टीम भेजकर सड़क की सही पैमाइश कराई जाए और सरकारी जमीन पर किए गए सभी अवैध कब्जों को हटाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होगी, तब तक सड़क की समस्या का समाधान संभव नहीं है और लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ेगी।

साइबर ठगी के मामले में चार आरोपी गिरफ्तार

 

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
14/03/2026

*बैंक खाते का दुरुपयोग कर लाखों रुपये के लेन-देन का आरोप, मोबाइल व अन्य सामान बरामद*

गोरखपुर। जनपद में साइबर अपराध के एक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी कैंट अरुण कुमार एस ने पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि साइबर माध्यम से बैंक खाते का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से साइबर अपराध में प्रयुक्त मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पासबुक, एटीएम कार्ड समेत अन्य सामान बरामद किया गया है।
प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 12 मार्च 2026 को एक महिला द्वारा शिकायत दी गई थी कि उसके परिचित युवक ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर उसे सरकार की कल्याणकारी योजना के तहत धनराशि और सिलाई मशीन दिलाने का झांसा दिया। इस दौरान बैंक में खाता खुलवाने के नाम पर उसका आधार कार्ड और पैन कार्ड ले लिया गया।
आरोप है कि इन दस्तावेजों के आधार पर एक सिम कार्ड प्राप्त किया गया और उसी के माध्यम से बैंक में खाता खुलवाकर पासबुक, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड अपने पास रख लिया गया। इसके बाद महिला के खाते का दुरुपयोग करते हुए धोखाधड़ी के जरिए लाखों रुपये का लेन-देन किया गया।
शिकायत मिलने के बाद मामले में थाना खोराबर में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में वंश निषाद पुत्र ओमप्रकाश निषाद निवासी नौसड़ थाना गीडा, शोभित गौड़ पुत्र सोनू गौड़ निवासी तारामंडल थाना रामगढ़ताल, शक्ति जायसवाल पुत्र रवि जायसवाल निवासी महादेव झारखंडी कूड़ाघाट थाना एम्स तथा शिवम पटवा पुत्र पशुपति पटवा निवासी कूड़ाघाट आवास विकास कॉलोनी थाना एम्स शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से 10 मोबाइल फोन, 2 सिम कार्ड, एक पासबुक, एक एटीएम कार्ड तथा तीन एटीएम स्लिप बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर उनके दस्तावेज हासिल करते थे और बाद में उनके बैंक खातों का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी करते थे।
प्रेस वार्ता के दौरान यह भी बताया गया कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक के विरुद्ध पूर्व में भी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। पुलिस इस मामले में अन्य संभावित कड़ियों की भी जांच कर रही है, ताकि इस तरह के साइबर अपराध में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा सके।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपने बैंक से संबंधित दस्तावेज, एटीएम कार्ड, ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी न दें। किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश के झांसे में न आएं और यदि इस प्रकार की कोई घटना सामने आती है तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें।
फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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