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गोरखपुर में रसोई गैस को लेकर मचा हाहाकार, गैस न मिलने से मायूस होकर लौट रहे लोग

March 10, 2026

गोरखपुर में रसोई गैस को लेकर मचा हाहाकार, गैस न मिलने से मायूस होकर लौट रहे लोग

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
10/03/2026

खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध और होली के त्यौहार के कारण गोरखपुर में गैस आपूर्ति पर असर दिख रहा है लोगो में गैस को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। लोग लगातार लाइनों में लग रहे है लेकिन गैस न मिलने से मायूस होकर लौट जा रहे हैं। ट्रांसपोर्ट नगर के समीप स्थित भारत गैस एजेंसी पर गैस के लिए लोगों की काफी लंबी लाइन लगी हुई थी। लोग भोर से ही लाइनों में लगे हुए थे और अपनी बारी का घंटों से इंतजार कर रहे हैं। लोगो का कहना है कि पहले ऐसा स्थिति नहीं थी लेकिन इधर पिछले 5-6 दिनों से गैस के लिए काफी दिक्कत हो रही है। कुछ लोग इसके लिए खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध को कारण बताया ।
रामगढ़ताल इलाके में स्थित इंडियन गैस की एजेंसी पर भी गैस के लिए लोगों की काफी लंबी लाइन लगी थी। लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। लोगो का कहना था कि पहले गैस बुक करने पर तुरंत मैसेज आ जाता था लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है जिससे हम लोगों को काफी दिक्कत हो रही है।अब जिसका बुकिंग नहीं है उसको अब गैस नहीं मिल रहा है।
गोरखपुर में हो रही गैस की किल्लत के संबंध में जिलाधिकारी गोरखपुर दीपक मीणा ने बताया कि इधर गैस को लेकर कुछ दिक्कतें चल रही है होली के त्यौहार के कारण गैस की हाई डिमांड थी जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है साथ ही ऑयल कंपनियों की सप्लाई भी थोड़ी कम होना भी एक कारण है लेकिन जनता को परेशान होने की जरूरत नहीं है एक दो दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी।

March 9, 2026

सतर्क होमगार्ड ने नाकाम की किडनैपिंग की साजिश

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
09/03/2026

संदिग्ध ऑटो रोकते ही भागे युवक, SSP ने होमगार्ड को दिया ₹10 हजार इनाम

गोरखपुर। ड्यूटी के दौरान एक होमगार्ड की सतर्कता और सूझबूझ से अपहरण की संभावित घटना टल गई। संदिग्ध गतिविधि देख होमगार्ड ने ऑटो रोकने की कोशिश की तो उसमें सवार दो युवक मौके से भाग निकले। बाद में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों को हिरासत में ले लिया।
घटना 09 मार्च 2026 की है। ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड विजय प्रताप सिंह को एक ऑटो में सवार लोगों का आचरण संदिग्ध लगा। शक होने पर उन्होंने ऑटो को रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान ऑटो में बैठे दो युवक अचानक भाग निकले।
होमगार्ड विजय प्रताप सिंह ने तत्काल इसकी सूचना अपने उच्चाधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए ऑटो चालक और ऑटो को हिरासत में ले लिया। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज और अन्य माध्यमों की मदद से फरार हुए दोनों युवकों को भी पकड़ लिया गया।
पुलिस के अनुसार होमगार्ड की सतर्कता और तत्परता के कारण अपहरण की घटना को समय रहते रोक लिया गया। इस सराहनीय कार्य के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ कौस्तुभ ने होमगार्ड विजय प्रताप सिंह को ₹10,000 के नगद पुरस्कार से सम्मानित किया है। इस मौके पर एसपी सिटी अभिनव त्यागी भी मौजूद रहे।

तहसील प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
09/03/2026

चौरीचौरा-खजनी एसडीएम पर आदेश न मानने का आरोप, डीएम से शिकायत

गोरखपुर। जिलाधिकारी दीपक मीणा अपने कार्यालय में आने वाले फरियादियों की समस्याएं सुनकर उनका त्वरित समाधान कर रहे थे। इसी दौरान चौरीचौरा तहसील क्षेत्र की एक गंभीर समस्या को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता मुन्नीलाल यादव ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने चौरीचौरा तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि शासन और जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद संबंधित अधिकारी आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वरिष्ठ अधिवक्ता मुन्नीलाल यादव ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि गोरखपुर जनपद के 43 गांवों को लेकर शासन द्वारा पहले नोटिफिकेशन जारी किया गया था और बाद में इन गांवों को सर्वे से तहसील में आने के लिए डी-नोटिफिकेशन करते हुए संबंधित तहसीलों को भेज दिया गया। शासन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि सर्वे के दौरान जिन मुकदमों में जो भी आदेश और निर्णय दर्ज किए गए हैं, उन्हें संबंधित तहसीलों की कंप्यूटराइज्ड खतौनी में दर्ज किया जाए, ताकि राजस्व अभिलेखों में वास्तविक स्थिति परिलक्षित हो सके।
उन्होंने बताया कि तत्कालीन जिलाधिकारी कृष्ण करुणेश ने शासन के आदेशों का पालन करते हुए जनपद की सभी तहसीलों को इस संबंध में लिखित निर्देश जारी किए थे। इसके बाद जनपद की अधिकांश तहसीलों—सदर, गोला, कैंपियरगंज, खजनी, सहजनवा और बांसगांव—ने सर्वे के दौरान चले मुकदमों में दिए गए आदेशों और निर्णयों को कंप्यूटराइज्ड खतौनी में दर्ज करने का कार्य पूरा कर लिया।
लेकिन चौरीचौरा तहसील प्रशासन पर आरोप लगाते हुए मुन्नीलाल यादव ने कहा कि वहां के एसडीएम शासन और जिलाधिकारी के आदेशों का अनुपालन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डी-नोटिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी संबंधित मुकदमों के आदेश और निर्णय खतौनी में दर्ज नहीं किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को लगातार परेशान होना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि चौरीचौरा तहसील के अंतर्गत आने वाले कई गांवों के लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं। विशेष रूप से ग्राम खैरजुटा, सरार, मझगांवा, सिहोड़वा, सेमरोना और बौठा सहित कई गांवों के ग्रामीण सालों से तहसील के चक्कर लगाने को मजबूर हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी भी बढ़ती जा रही है।
मुन्नीलाल यादव ने जिलाधिकारी से मांग करते हुए कहा कि जब जनपद की अन्य तहसीलों में शासन के निर्देशों का पालन हो चुका है तो चौरीचौरा तहसील में इस कार्य को लंबित रखना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और शासन के आदेशों का तत्काल पालन सुनिश्चित कराया जाए।
इसी दौरान जिलाधिकारी कार्यालय में एक अन्य मामला भी सामने आया। खजनी तहसील क्षेत्र की एक महिला निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जिलाधिकारी से मिलने पहुंची थी। महिला ने बताया कि उसने कई बार आवेदन किया, लेकिन अभी तक उसका निवास प्रमाण पत्र नहीं बन पाया है।
महिला की शिकायत सुनते ही जिलाधिकारी दीपक मीणा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए खजनी के एसडीएम को फोन पर कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि संबंधित महिला का निवास प्रमाण पत्र आज शाम तक बनाकर उपलब्ध कराया जाए और इसकी सूचना उन्हें मोबाइल पर भेजी जाए।
इसके अलावा जिलाधिकारी कार्यालय में मृतक आश्रित से जुड़ा एक मामला सामने आया। मृतक युवक की माता और भाई जिलाधिकारी से मिलने पहुंचे और उन्होंने बताया कि उनके बेटे की शादी नहीं हुई थी, लेकिन एक महिला खुद को मृतक की पत्नी बताकर नौकरी पाने की कोशिश कर चुकी है।
परिजनों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने इस पूरे मामले की जांच मुख्य राजस्व अधिकारी को सौंप दी और निर्देश दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान कई अन्य फरियादी भी अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी ने सभी मामलों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और स्पष्ट कहा कि आम जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता मुन्नीलाल यादव ने कहा कि शासन के आदेशों का समयबद्ध तरीके से पालन करना प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी है। यदि अधिकारी ही आदेशों की अनदेखी करेंगे तो आम जनता को न्याय मिलने में कठिनाई होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद ग्रामीणों की समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा।

मुख्यमंत्री योगी की मां पर अभद्र टिप्पणी करने वाले मौलाना के खिलाफ गोरखपुर में आक्रोश

Santosh Kumar Singh
Girakhpur
09/03/2026

वकीलों की एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग*

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माता पर टिप्पणी करने वाले मौलाना के खिलाफ देशभर में आक्रोश का माहौल है। वहीं गोरखपुर में भी लोग अक्रोशित है इस संदर्भ में कैंट थाने में दीवानी कचहरी के वकीलों ने मौलाना अब्दुल सलीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है, वकीलों का कहना है कि यदि फिर दर्ज कर कार्रवाई नहीं की गई तो वकील सड़क पर उतरने के लिए भी मजबूर होंगे क्योंकि मां, मां होती है, चाहे वह किसी आमजन की हो या मुख्यमंत्री की।

रविवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा, जिसमें बिहार का एक मौलाना अब्दुल सलीम किसी धार्मिक जलसे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माताजी पर टिप्पणी करते हुए गलत भाषा का इस्तेमाल करता नजर आ रहा है, जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लोग मौलाना के खिलाफ अक्रोषित हो गए और विरोध में जगह-जगह प्रदर्शन करते हुए स्थानीय थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है, लखनऊ में इस मामले को लेकर जमकर प्रदर्शन हुआ और आरोपी मौलाना के खिलाफ वहां भी मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसी कड़ी में गोरखपुर दीवानी कचहरी के वकीलों ने भी सोमवार को कैंट थाने पहुंचकर आरोपी मौलाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्यवाही करने की मांग की है। वकीलों का कहना है कि मां किसी की भी हो, चाहे वह आमजन की हो या किसी मुख्यमंत्री की मा, मां ही होती है यदि किसी की भी मां के खिलाफ इस तरह की अभद्र टिप्पणी की जाएगी तो उसका विरोध निश्चित रूप से होगा। इस बारे में अधिवक्ता अवनीश कुमार सिंह का कहना है कि आज हम लोग कैंट थाने पहुंचकर sho से मुलाकात की और एक पत्रक देकर आरोपी अब्दुल्ला सलीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और सख्त कार्रवाई की मांग की है। यदि कार्यावाई नहीं होती है, तो फिर हम लोग सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे, यह सिर्फ राजनीतिक मामला नहीं आमजन से जुड़ा हुआ मामला है। सोशल मीडिया पर यदि कोई व्यक्ति किसी के खिलाफ गलत बोलता है,तो उसके खिलाफ सूटसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई निश्चित रूप से होने चाहिए।

March 8, 2026

दिशा समिति की बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा, गुणवत्ता पर सख्त हुए केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री कमलेश पासवान

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
08/03/2029

*5 वर्ष के भीतर टूटी सड़कों की मरम्मत न कराने वाली कार्यदायी संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश*

 

गोरखपुर। जिले में संचालित केंद्र सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए रविवार को एनेक्सी सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बांसगांव सांसद एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने की। बैठक में जिले में चल रही प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल जीवन मिशन सहित अन्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई और अधिकारियों को योजनाओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बनी सड़कों के समय से पहले क्षतिग्रस्त होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। इस पर सांसद कमलेश पासवान ने नाराजगी जाहिर करते हुए संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बनने वाली सड़कों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई सड़क निर्माण के पांच वर्ष के भीतर ही टूट जाती है तो उसकी मरम्मत संबंधित कार्यदायी संस्था द्वारा ही कराई जानी चाहिए।
सांसद ने कहा कि सड़क निर्माण में लापरवाही या घटिया सामग्री के उपयोग की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऐसे मामलों में जिम्मेदार कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि यदि कोई संस्था पांच वर्ष की अवधि के भीतर खराब हुई सड़क की मरम्मत कराने में लापरवाही बरतती है तो उसे ब्लैकलिस्ट किया जाए और उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
बैठक में सांसद कमलेश पासवान ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं और गांवों को बेहतर सड़क, आवास, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऐसे में योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विकास योजनाओं की नियमित निगरानी की जाए और जनता से मिलने वाली शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखते हुए लाभार्थियों को समय पर लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना की भी समीक्षा की गई। सांसद ने अधिकारियों से कहा कि जिन पात्र परिवारों को अभी तक योजना का लाभ नहीं मिल पाया है, उन्हें चिन्हित कर शीघ्र लाभान्वित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आवास निर्माण की गुणवत्ता और समय सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए ताकि लाभार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इसके अलावा जल जीवन मिशन के तहत गांवों में घर-घर नल से जल पहुंचाने की योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सांसद ने कहा कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इस योजना को पूरी गंभीरता के साथ लागू किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन क्षेत्रों में अभी तक योजना का कार्य अधूरा है, वहां तेजी से काम कराते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है और अधिक से अधिक पात्र लोगों को इन योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का गंभीरता से पालन कराया जाएगा।
महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने भी बैठक में नगर क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं और विकास कार्यों पर अपने सुझाव रखे। उन्होंने शहर में सड़कों की गुणवत्ता और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए संबंधित विभागों से समन्वय बनाकर काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक में विधायक सरवन निषाद, विधायक राजेश त्रिपाठी, विधायक डॉ. महेंद्र पाल सिंह और विधायक प्रदीप शुक्ला ने भी अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर सुझाव दिए। जनप्रतिनिधियों ने कई स्थानों पर सड़क, पेयजल और अन्य योजनाओं से संबंधित समस्याओं की जानकारी देते हुए उनके समाधान की मांग की।
सांसद कमलेश पासवान ने अधिकारियों से कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से लिया जाए और प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का लाभ तभी सार्थक होगा जब आम जनता को उसका वास्तविक लाभ मिले।
बैठक के अंत में सांसद ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
इस अवसर पर जिलाधिकारी दीपक मीणा, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक सरवन निषाद, विधायक राजेश त्रिपाठी, विधायक डॉ. महेंद्र पाल सिंह, विधायक प्रदीप शुक्ला सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में जिले के विकास कार्यों को गति देने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

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