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एटा में इफको खाद केंद्र पर धूप में तप रहा किसान

May 8, 2026

एटा में इफको खाद केंद्र पर धूप में तप रहा किसान

सुबह से शाम तक लाइन में खड़े होने के बाद भी नहीं मिली यूरिया

एटा 08 मई उप्रससे। जनपद में यूरिया खाद की किल्लत अब विकराल रूप लेती जा रही है। कृषि उत्पादन मंडी स्थित इफको खाद केंद्र पर शुक्रवार को हालात इतने बिगड़ गए कि सैकड़ों किसानों को सुबह से लेकर शाम तक लाइन में लगने के बाद भी खाद नहीं मिल सकी। तेज धूप, उमस और अव्यवस्थित वितरण व्यवस्था के बीच किसान घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते रहे।

कृषि उत्पादन मंडी समिति स्थित इफको खाद केंद्र पर आज शुक्रवार को सुबह 10 बजे से लाइन में लगे किसानों का सब्र तब टूट गया, जब अचानक खाद वितरण रोक दिया गया और केंद्र की खिड़की बंद कर दी गई। इसके बाद मौके पर हंगामे जैसे हालात बन गए। किसानों ने प्रशासन और कृषि विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

किसानों का कहना था कि जिले में यूरिया खाद के लिए मारामारी मची हुई है। रोजाना किसान अपने खेत और परिवार छोड़कर खाद केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन व्यवस्था इतनी खराब है कि घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
लाइन में लगे किसानों ने बताया कि खरीफ सीजन की फसलें खेतों में खड़ी हैं और उन्हें तत्काल यूरिया की जरूरत है। यदि समय पर खाद नहीं मिली तो फसलों की पैदावार प्रभावित हो सकती है। किसानों का दर्द साफ झलक रहा था। कई बुजुर्ग किसान धूप में जमीन पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, जबकि महिलाओं को भी घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा।

एक किसान ने नाराजगी जताते हुए कहा, “सुबह अंधेरा रहते घर से निकलते हैं, पूरे दिन लाइन में खड़े रहते हैं और शाम को बिना खाद लौटना पड़ता है। आखिर किसान खेती करे या खाद के लिए भटकते हुए मर जाए। कई बार बिना सूचना के वितरण रोक दिया जाता है। वितरण व्यवस्था पारदर्शी न होने के कारण अफरा-तफरी बनी रहती है। यदि जल्द पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध नहीं कराई गई तो इसका सीधा असर खेती और उत्पादन पर पड़ेगा।

 

किसानों को केंद्र पर नहीं है पानी और बैठने की व्यवस्था

इफको केंद्र पर हालात इतने खराब हो गए कि लंबी-लंबी लाइनें लग गई। धूप में खड़े किसानों के पास न पीने के पानी की व्यवस्था थी और न ही बैठने की कोई सुविधा। सरकार किसानों को अन्नदाता कहती है, लेकिन जमीनी स्तर पर उनकी हालत बेहद दयनीय है।

कृषि अधिकारी मनवीर सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। आखिर खाद वितरण क्यों प्रभावित हुआ, इसकी जानकारी कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।

एटा में 20 वर्षीय विवाहिता का फंदे पर लटका मिला शव

मायके वालों ने दहेज हत्या का लगाया आरोप

एटा 08 मई उप्रससे। जनपद में मिरहची थाना क्षेत्र के गांव साउसपुर में एक 20 वर्षीय विवाहिता का शव घर के अंदर फांसी के फंदे पर लटका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतरवाकर मामले की जांच शुरू कर दी।

मिरहची थाना पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। क्षेत्राधिकारी सदर संकल्पदीप ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

घटना की जानकारी मिलने के बाद मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने पति सहित ससुरालियों पर अतिरिक्त दहेज के लिए प्रताड़ित कर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है।
मृतका के परिजनों ने बताया शिवानी का विवाह फरवरी 2026 में जय किशोर के साथ हुआ था। पति द्वारा मोटरसाइकिल और अतिरिक्त दहेज की मांग की जा रही थी। मृतका एक दिन पहले ही अपने मायके नगला इमलिया, थाना पिलुआ से ससुराल लौटी थी।

मृतका के भाई नीलेश कुमार ने बताया कि उनकी बहन की शादी सामर्थ्य अनुसार दान दहेज देकर की गई थी, लेकिन पति और ससुराल पक्ष के लोग मोटरसाइकिल की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर उसकी हत्या कर दी गई।

क्षेत्राधिकारी संकल्प दीप कुशवाह ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया, साक्ष्य संकलित किए गए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस आगे की जांच कर रही है।

May 7, 2026

एटा में एआरटीओ ने सात दिन में 32 चालान, एवं 14 स्कूली वाहन निरुद्ध

बिना परमिट एवं फिटनेस के संचालित वाहनों पर होगी कार्रवाही

एटा 07 मई उप्रससे। जनपद में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बिना फिटनेस, परमिट एवं सुरक्षा मानकों के संचालित स्कूली वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने तड़के प्रवर्तन दल के साथ अलीगंज क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएँ सामने आईं। कार्रवाई करते हुए बिना परमिट एवं फिटनेस के संचालित पाए गए वाहनों पर कड़ी कार्रवाई की गई। 01 से 07 मई के अंतर्गत अब तक 32 वाहनों के चालान किए जा चुके हैं, जबकि 14 वाहनों को सीज किया गया है। अधिकारियों के अनुसार ऐसे वाहन स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकते थे। विभाग द्वारा जनपद में लगातार विद्यालयों में जाकर स्कूली वाहनों का निरीक्षण किया जा रहा है। निरुद्ध वाहनों को संभागीय निरीक्षक (RI) द्वारा भौतिक निरीक्षण एवं मानकों की पुष्टि के उपरांत ही रिलीज किया जा रहा है।

एआरटीओ सत्येन्द्र कुमार ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस संबंध में बीएसए एवं डीआईओएस को पत्र लिखकर निर्देशित करने का आग्रह किया है कि विद्यालयों में संचालित सभी वाहन तत्काल मानकों के अनुरूप कराए जाएँ तथा बिना प्रपत्र संचालित वाहनों को विद्यालयों से हटाया जाए। उन्होंने बताया कि स्कूली वाहनों की सुरक्षा का मुद्दा जनपद में आयोजित होने वाली सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठकों में भी लगातार उठाया जाता रहा है, ताकि विद्यालय प्रबंधन नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कर सके।
प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान विद्यालय प्रशासन को संबंधित वाहनों के विरुद्ध पंजीयन निलंबन की कार्रवाई प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संभागीय निरीक्षक, एटा को वाहनों का भौतिक निरीक्षण कर विस्तृत आख्या प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया है। शासन द्वारा 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाया गया था तथा वाहन स्वामियों एवं विद्यालय प्रबंधन को प्रपत्र पूर्ण कराने हेतु अतिरिक्त 15 से 20 दिनों का समय भी दिया गया। इसके बावजूद कई विद्यालयों द्वारा अभी तक आवश्यक प्रपत्र पूर्ण नहीं कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिलाधिकारी महोदय एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा भी नाराजगी व्यक्त की गई है। अतः विद्यालक संचालकों से पुनः अनुरोध है की वे शीघ्र ही अपने वाहनों के फिटनेस-परमिट बनवा लें, अब नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने वाले स्कूली वाहनों के विरुद्ध सीधे निरुद्ध (सीज) करने की कठोर कार्रवाई की जाएगी।

एटा में डीजे पर डांस को लेकर चली गोली, दुल्हन के ममेरे भाई के सीने में लगी, अलीगढ़ रेफर

एटा 07 मई उप्रससे। जनपद में मारहरा थाना क्षेत्र के गांव नगला भीम में एक शादी समारोह के दौरान डीजे पर डांस को लेकर हुए विवाद में गोली चल गई। इस घटना में दुल्हन के ममेरे भाई के सीने में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है।

नगला भीम निवासी चरण सिंह की बेटी आरती की बारात सोरों गेट कासगंज से आई थी। शादी की रस्में चल रही थीं और एक तरफ डीजे पर नाच-गाना चल रहा था। इसी दौरान बारातियों और घरातियों के बीच डीजे पर नाचने को लेकर कहासुनी हो गई और मारपीट में बदल गई।
विवाद बढ़ने पर भीड़ में शामिल एक युवक ने फायरिंग कर दी। गोली सीधे दुल्हन के ममेरे भाई के सीने में जा लगी, जिससे वह छटपटाकर गिर पड़ा। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल युवक को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद अलीगढ़ हायर सेंटर रेफर कर दिया। युवक का उपचार अलीगढ़ के अस्पताल में चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
सूचना मिलने पर मारहरा थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।

थाना प्रभारी मारहरा के. के. लोधी ने बताया कि घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिजनों की लिखित शिकायत के आधार पर चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

एटा आंगनवाड़ी भर्ती में पहले बांटे नियुक्ति पत्र, फिर इस्तीफा देने का बनाया दबाव

एटा 06 मई उप्रससे। जनपद में आंगनवाड़ी सहायिका भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर सवालों के घेरे में है। दो महिलाओं को पहले विधिवत नियुक्ति पत्र देकर जॉइन कराया गया, बैंक खाते खुलवाए गए और सभी औपचारिकताएं पूरी कराई गई। लेकिन कुछ ही दिनों बाद कथित रूप से दबाव बनाकर उनसे इस्तीफा लिखवा लिया गया।

जांच कमेटी पर उठे सवाल

इस पूरे घटनाक्रम ने चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित महिलाओं का कहना है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे सक्षम न्यायालय की शरण लेंगी।

सकीट ब्लॉक के ग्राम छछैना केंद्र पर मंजू राठौर का चयन आंगनवाड़ी सहायिका पद पर हुआ था। उन्हें नियुक्ति पत्र जारी कर जॉइनिंग कराई गई और बैंक खाता तक खुलवाया गया। जॉइनिंग के बाद अधिकारियों ने यह कहते हुए नियुक्ति निरस्त कर दी कि उनका निवास दूसरी ग्राम पंचायत में है। इसके बाद उन पर दबाव बनाकर इस्तीफा लिखवा लिया गया।

मंजू के पति उमेश ने बताया कि वे कई दिनों से विकास भवन के चक्कर काट रहे हैं। उनका सवाल है कि यदि ग्राम पंचायत को लेकर आपत्ति थी तो नियुक्ति पत्र जारी करने से पहले जांच क्यों नहीं की गई।
दूसरा मामला मारहरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सरनऊ (नगला मानधाती) का है, जहां दामिनी पत्नी रवि कुमार को भी करीब 20 दिन पहले नियुक्ति पत्र दिया गया था। बाद में अधिकारियों ने यह कहते हुए चयन रद्द कर दिया कि उनके पास कक्षा 12 के शैक्षिक प्रमाण पत्र नहीं है। इस मामले में भी आरोप है कि उन पर दबाव बनाकर इस्तीफा लिखवाया गया।
दोनों मामलों में जांच कमेटी की कार्यप्रणाली कटघरे में है। नियमों के अनुसार आवेदन में किसी भी त्रुटि को प्रारंभिक जांच में ही पकड़ा जाना चाहिए था, लेकिन यहां पहले चयन और नियुक्ति के बाद खामियां निकाली गई। जांच में गंभीर लापरवाही हुई या फिर जानबूझकर अनियमितताओं को नजरअंदाज किया गया। स्थानीय स्तर पर मांग उठ रही है कि जांच कमेटी के सदस्यों को निलंबित कर निष्पक्ष जांच कराई जाए। पहले भी इसी तरह का मामला सामने आया था, जब एक अयोग्य अभ्यर्थी को जीआईसी में प्रधानाचार्य नियुक्त कर दिया गया था। बाद में नियुक्ति निरस्त होने पर मामला कोर्ट पहुंचा और सुप्रीम कोर्ट ने अभ्यर्थी के पक्ष में फैसला देते हुए नियुक्ति बहाल करने के आदेश दिए थे। प्रशासनिक लापरवाही के ऐसे मामले न्यायालय तक पहुंचकर सरकार के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं।

वर्जन
जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय सिंह ने बताया कि मंजू राठौर का चयन ग्राम पंचायत अलग होने के कारण निरस्त किया गया। दामिनी का चयन शैक्षिक योग्यता अधूरी होने के कारण रद्द किया गया।

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