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एटा में 15 वर्ष पूर्ण कर चुके निजी वाहनों का संचालन प्रतिबंधित

February 23, 2026

एटा में 15 वर्ष पूर्ण कर चुके निजी वाहनों का संचालन प्रतिबंधित

एटा 23 फरवरी उप्रससे। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सतेन्द्र कुमार ने बताया है कि जनपद एटा के टीटीजेड क्षेत्र (जलेसर, अवागढ़) में पंजीकृत ऐसे सभी निजी वाहन (दो पहिया/चार पहिया, गैर परिवहन वाहन), जिनकी पंजीकरण तिथि से 15 वर्ष की आयु पूर्ण हो चुकी है, उनका संचालन नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश दिनांक 20 जुलाई 2016 तथा अध्यक्ष, टीटीजेड प्राधिकरण आगरा द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है। ऐसे समस्त वाहनों का पंजीयन मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 53(1) के अंतर्गत निलंबित/निरस्त किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि पूर्व में दिनांक 01 नवंबर 2007 से 25 जून 2010 तक पंजीकृत समस्त गैर परिवहन वाहन, जो जनपद एटा में पंजीकृत थे अथवा अन्य जनपद/राज्य से एनओसी लेकर आए थे और जिनकी आयु 25 जून 2010 तक 15 वर्ष पूर्ण हो चुकी थी, कुल संख्या 4533 का संचालन जनपद एटा में किसी भी स्थान अथवा टीटीजेड क्षेत्र में नहीं किया जा सकता। इस संबंध में कार्यालय आदेश के माध्यम से पंजीयन निलंबन/निरस्तीकरण की कार्यवाही की जा चुकी है।
उन्होंने आगे बताया कि वर्तमान में टीटीजेड क्षेत्रांतर्गत दिनांक 17 फरवरी 2011 से पूर्व पंजीकृत 5401 पेट्रोल वाहन एवं 17 फरवरी 2016 से पूर्व पंजीकृत 2162 डीजल वाहनों के स्वामी कार्यालय से एनओसी प्राप्त कर अन्य क्षेत्र अथवा अन्य जनपद में पंजीकरण कराएं। अन्यथा की स्थिति में उपयुक्त क्षेत्रांतर्गत पंजीकृत ऐसे समस्त वाहनों की आरसी निलंबित कर दी जाएगी।
यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि 15 वर्ष पुराने वाहन टीटीजेड क्षेत्र में संचालित पाए जाते हैं तो पुलिस/परिवहन विभाग द्वारा ऐसे वाहनों को निरुद्ध कर आरबीएसएफ केंद्रों के माध्यम से स्क्रैप कर दिया जाएगा।

एटा में बिजली ठीक करने गये लाइनमैन की करंट लगने से मौत

एटा 23 फरवरी उप्रससे। जनपद के मेडिकल कॉलेज में सोमवार सुबह एक लाइनमैन को मृत घोषित कर दिया गया। फिरोजाबाद जिले के नगला सामंती निवासी 26 वर्षीय सौरभ पुत्र नरेश बाबू को गंभीर हालत में परिवार के लोग मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड लाए थे। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

सौरभ बिजली विभाग में लाइनमैन के पद पर कार्यरत था। सोमवार सुबह वह गांव बिरामपुर में बिजली लाइन पर काम कर रहा था, तभी उसे करंट लग गया। और वह नीचे गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सौरभ को निजी वाहन से एटा मेडिकल कॉलेज ले गए। मौत की खबर सुनकर मृतक के परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है।
सूचना पर पहुंची कोतवाली नगर पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल की। लेकिन परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए ही लाइनमैन सौरभ के शव को घर ले गए।

निरंकारी मिशन का सेवा और समर्पण से सशक्त जल संरक्षण का प्रेरक संकल्प

जल की रक्षा, सृष्टि की सुरक्षा

एटा 22 फरवरी उप्रससे। जल प्रकृति का अमूल्य उपहार है, जीवन की आधारशिला और मानव सभ्यता की जीवन रेखा जब यह जल स्वच्छ और संरक्षित रहता है, तो केवल पर्यावरण ही नहीं, समाज का सामूहिक स्वास्थ्य और संतुलन भी सुदृढ़ होता है। इसी विचार को साकार रूप देते हुए संत निरंकारी मिशन की ब्रांच एटा के निरंकारी श्रद्धालुओं ने संगत इंचार्ज सेवाराम एवं यूनिट नंबर 526 के सेवा दल अधिकारी प्रेमचंद के नेतृत्व में सैकड़ो सेवादारो ने आगरा रोड स्थित हजारा नहर पर स्वच्छ जल.स्वच्छ मन का संदेश को देते हुए सफाई अभियान का आयोजन किया। साथ ही प्राकृतिक जल स्रोतों, नदियों, तालाबों, झीलों और समुद्री तटों की निस्वार्थ भाव से स्वच्छता एवं संरक्षण का व्यापक अभियान आज जन-जन के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है। यह पहल केवल सफाई तक सीमित नहीं, बल्कि जागरूकता, जिम्मेदारी और सामूहिक सहभागिता का सशक्त संदेश है।

मीडिया प्रवक्ता अमित कुमार ने जानकारी देते हुए बतायाकि ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ अभियान के चौथे चरण का भव्य एवं प्रेरणास्पद आयोजन सतगुरु माता सुदीक्षा एवं निरंकारी राजपिता रमित के मार्गदर्शन में भारतवर्ष के 25 राज्यों, केन्द्रशासित प्रदेश के 930 शहरों के 1600 से अधिक स्थानों पर सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ, जिसमें लगभग 12 लाख स्वयंसेवक सम्मिलित हुए। यह केवल एक पर्यावरणीय प्रयास नहीं, बल्कि अध्यात्म, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का अद्भुत समन्वय था, जो जन-जन के अंतर्मन को स्पर्श करते हुए जागरूकता एवं कर्तव्यबोध की भावना को और अधिक सुदृढ़ बनाता है। संत निरंकारी मिशन की सामाजिक शाखा संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के तत्वावधान में, बाबा हरदेव सिंह की अनेक शिक्षाओं से प्रेरणा लेते हुए इस ‘प्रोजेक्ट अमृत’ का आयोजन किया गया। यह परियोजना मानवता को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाते हुए जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण संतुलन के प्रति सामूहिक संकल्प का संदेश देती है।
इसी सेवा भावना को आगे बढ़ाते हुए मिशन द्वारा “संत निरंकारी हेल्थ सिटी” जैसी मानवीय सेवा परियोजनाओं को विकसित किया जा रहा है। यह पहल केवल स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार नहीं, बल्कि करुणा और समर्पण का जीवंत उदाहरण है। जिस प्रकार ब्रह्मज्ञान आत्मा को शांति प्रदान करता है, उसी प्रकार यह स्वास्थ्य सेवा समाज के प्रत्येक वर्ग को शारीरिक राहत और सशक्त जीवन प्रदान करने का माध्यम बनेगी।

संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के सचिव ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान का शुभारम्भ सेवादल के प्रार्थना गीत से हुआ, जिससे संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा। इस अवसर पर देशभर में प्रसारित दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करते हुए सुरक्षा, अनुशासन एवं स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की गई, जो आयोजन की सुव्यवस्थित एवं संस्कारित कार्यशैली को दर्शाता है। इसी अवसर पर खुले प्रांगण में सत्संग कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। निःसंदेह, ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ का यह संदेश केवल एक अभियान नहीं, बल्कि एक जीवन-दर्शन है, जो जल की धाराओं में निर्मलता स्थापित करने के साथ ही मन की गहराइयों में चेतना को आलोकित करता है। यही ऊर्जा आने वाली पीढ़ियों के लिए एक संतुलित, सुरक्षित और शाश्वत भविष्य की आधारशिला बनाती है।

एटा में अज्ञात वाहन की टक्कर से दो सगे भाइयों की मौत, दवा लेकर लौट रहे थे घर

एटा 22 फरवरी उप्रससे। जनपद के जलेसर में हाथरस से लौट रहे दो सगे भाइयों को अज्ञात वाहन ने टक्कर मारी। दोनों की मौत, पुलिस सीसीटीवी से जांच में जुटी।

एटा जनपद के थाना जलेसर क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार दो सगे भाइयों की मौत हो गई। दोनों भाई हाथरस से दवा लेकर घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों ने बताया दोनों भाई दवा लेने के लिए बाइक से हाथरस गए थे। वापस लौटते समय जलेसर क्षेत्र में किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। हादसे के बाद दोनों भाई सड़क पर घायल अवस्था में पड़े रहे। राहगीरों ने घटना की सूचना तुरन्त जलेसर थाना पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए, जिससे परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए और शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। मृतकों के भाई सुरेंद्र ने बताया कि दोनों साथ में दवा लेने गए थे और घर लौटते समय यह हादसा हो गया।

जलेसर प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई की। अज्ञात वाहन की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपी वाहन चालक की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

February 20, 2026

बेटी की ससुराल आए पिता पर हमला

एटा में बेटी के घर आए पिता-भाई को ससुराल वालों ने दहेज के लिए लाठी-डंडों और फावड़े से पीटा, पिता को छत से फेंका

एटा 20 फरवरी उप्रससे। जिले के अलीगंज थाना क्षेत्र के मिहुता गांव में दहेज उत्पीड़न के एक मामले में बेटी के घर आए पिता और भाई पर ससुरालियों ने हमला कर दिया। लाठी-डंडों, ईंट-पत्थरों और फावड़े से किए गए इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद खून से लथपथ पिता-पुत्र अलीगंज कोतवाली पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने घायल पिता सुरेंद्र पुत्र वेदराम और उपेंद्र पुत्र सुरेंद्र का मेडिकल परीक्षण कराया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को हायर सेंटर रेफर कर दिया है। बताया जा रहा है कि पिता सुरेंद्र की हालत चिंताजनक बनी हुई है। दोनों फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज थाना क्षेत्र के जयसिंहपुर गांव के निवासी हैं।

सुरेंद्र अपने पुत्र उपेंद्र को लेकर बेटी के ससुराल मिहुता गांव आए थे। आरोप है कि ससुराल वाले बेटी को अतिरिक्त दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। बेटी की सूचना पर वे उसे समझाने आए थे, तभी यह हमला हुआ।

बेटी अनीता ने बताया कि ससुराल वाले उनसे एक लाख रुपये की मांग कर रहे थे। उन्होंने अपने पिता को फोन किया था, जिसके बाद वे पैसों का इंतजाम करके आए थे। अनीता के अनुसार, उनके पति देवेश, ससुर मनीराम और जेठ नेम सिंह ने मिलकर उन्हें पीटा और छत से नीचे फेंक दिया, जिससे उनके पिता और भाई घायल हो गए। अनीता ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें आए दिन अतिरिक्त दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता है।

घायल उपेंद्र ने बताया कि वे अपनी बहन को वापस बुलाने आए थे। तभी देवेश, नेम सिंह और मनीराम ने लाठी-डंडों, ईंट-पत्थरों से उन पर हमला किया और फावड़ा मार दिया। उपेंद्र ने कहा कि ससुराल वालों को उनकी बहन पसंद नहीं है, जबकि उन्होंने कभी दहेज देने से मना नहीं किया।

क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि शिकायत पत्र मिलते ही तत्काल एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया जा चुका है।

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