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युवा दिवस पर ब्रह्मचर्य से ओज-तेज की प्रेरणा लेने का आह्वान

January 11, 2026

युवा दिवस पर ब्रह्मचर्य से ओज-तेज की प्रेरणा लेने का आह्वान

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के मीडिया कोऑर्डिनेटर बी.के. दिनेश

हाथरस, 11 जनवरी 2026 (उप्रससे)।  युवा दिवस एवं स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के मीडिया कोऑर्डिनेटर बी.के. दिनेश ने युवाओं से पवित्र ब्रह्मचारी जीवन की प्रेरणा स्वामी विवेकानंद से लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारत के उत्थान के लिए युवाओं की ऊर्जा को सबसे बड़ा आधार बताया था और कहा था कि यदि उन्हें 100 ऊर्जावान ब्रह्मचारी युवा मिल जाएं तो वे भारत का चेहरा बदल सकते हैं।
बी.के. दिनेश ने कहा कि आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में एक ओर भक्ति और पूजा-पाठ बढ़ा है, वहीं दूसरी ओर काम विकार का प्रभाव भी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे समाज और युवा वर्ग अपनी ऊर्जा खो रहा है। उन्होंने कहा कि असली शक्ति और मर्दानगी काम वासनाओं में नहीं, बल्कि संयम, चरित्र और राष्ट्र सेवा में है। युवाओं को अपनी शक्ति को आध्यात्मिक, सामाजिक और राष्ट्रीय निर्माण में लगाना चाहिए।
उन्होंने महात्मा गांधी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि ब्रह्मचर्य को लेकर सृष्टि के संचालन की चिंता करना मनुष्य की कमजोरी को दर्शाता है। वेदों में वर्णित ब्रह्मचर्य को ओज, तेज और बुद्धि का आधार बताया गया है। उन्होंने कहा कि सभी से आजीवन ब्रह्मचर्य की अपेक्षा नहीं की जा सकती, लेकिन संयमित जीवन अपनाकर युवा अपनी ऊर्जा को सही दिशा दे सकते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि भारत भ्रमण के दौरान स्वामी विवेकानंद के शिष्य हाथरस के सहायक स्टेशन मास्टर शरत चंद्र गुप्त थे, जो बाद में संन्यास लेकर स्वामी सदानंद कहलाए। इस ऐतिहासिक घटना का उल्लेख हाथरस सिटी स्टेशन पर लगे शिलालेख में था, जो स्टेशन के जीर्णोद्धार के दौरान लापरवाही से हट गया और आज वह स्मृति लुप्त हो चुकी है।
बी.के. दिनेश ने कहा कि स्वामी विवेकानंद को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब भारत का युवा अपनी ऊर्जा को राष्ट्र को आध्यात्मिक, सामाजिक और भौतिक रूप से सशक्त बनाने में लगाए।

पंडित सुरेंद्र नाथ चतुर्वेदी ने बताई मकर संक्रांति पर दान की महत्ता

पंडित सुरेन्द्र नाथ चतुर्वेदी

हाथरस, 11 जनवरी 2026 (उप्रससे)। जनपद के प्रकांड विद्वान एवं सिद्ध गोपाल सेवा ट्रस्ट समिति के संस्थापक व अध्यक्ष पंडित सुरेंद्र नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि मकर संक्रांति का पर्व हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और पुण्यदायक माना गया है। यह पर्व उस दिन मनाया जाता है जब सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करता है। वर्ष 2026 में मकर संक्रांति का पर्व 14 और 15 जनवरी दोनों दिन मनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों में मकर संक्रांति को अलग-अलग नामों और परंपराओं के साथ मनाया जाता है। कहीं इसे खिचड़ी पर्व कहा जाता है तो कहीं उत्तरायण पर्व के रूप में मनाया जाता है। इस दिन स्नान और दान का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि मकर संक्रांति पर किए गए दान से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
पंडित सुरेंद्र नाथ चतुर्वेदी के अनुसार मकर संक्रांति पर खिचड़ी अथवा काली उड़द का दान करने से धन-धान्य में वृद्धि होती है। गुड़ का दान सूर्य ग्रह को मजबूत करता है और आत्मविश्वास व भाग्य में वृद्धि करता है। काले तिल का दान करने से सूर्यदेव और शनिदेव दोनों की कृपा प्राप्त होती है। इसके साथ ही गर्म वस्त्रों और कंबल का दान करने से लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। वहीं घी का दान आर्थिक उन्नति और पारिवारिक खुशहाली का कारक माना गया है।
उन्होंने आमजन से अपील की कि मकर संक्रांति के पावन अवसर पर दान-पुण्य कर इस पर्व को सेवा और सद्भाव के साथ मनाएं।

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