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रामसर सूची में शामिल हुआ एटा का पटना पक्षी विहार

January 31, 2026

रामसर सूची में शामिल हुआ एटा का पटना पक्षी विहार

एटा को बड़ी सौगात, पटना पक्षी विहार को किया रामसर स्थल घोषित, मिलेगी वैश्विक पहचान क्षेत्र में खुशी का माहौल

Posted on 31.01.2026 Saturday, Time : 09.44 PM, by Anuj Mishra Etah

Patna Bird sanctuary named in Ramsar list

Patna Bird sanctuary etah

पटना पक्षी विहार को मिली वैश्विक पहचान, रामसर सूची में शामिल

एटा 31 जनवरी उप्रससे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के एटा जिले में स्थित पटना पक्षी विहार को अन्तर्राष्ट्रीय महत्व का रामसर स्थल घोषित किया है। इसके साथ ही गुजरात के कच्छ क्षेत्र में स्थित चारी-ढांड को भी रामसर सूची में शामिल किया गया है। इस घोषणा से भारत की आर्द्रभूमि संरक्षण नीति को नई मजबूती मिली है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने स्थानीय जनता और आर्द्रभूमि संरक्षण में लगे सभी नागरिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह कदम भारत की प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और वैश्विक मंच पर देश की पर्यावरणीय भूमिका को मजबूत करेगा। प्रधानमंत्री की इस घोषणा के साथ ही एटा जिला अन्तर्राष्ट्रीय पर्यावरण मानचित्र पर दर्ज हो गया है।
उत्तर प्रदेश के एटा जनपद की जलेसर तहसील में स्थित पटना पक्षी विहार अब भारत की उन चुनिंदा आर्द्रभूमियों में से एक है, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त है।

पटना पक्षी विहार में आते हैं हजारों प्रवासी पक्षी

Bird sanctuary

पटना पक्षी विहार में प्रवासी

लगभग 108.86 हेक्टेयर में फैला पटना पक्षी विहार उत्तर प्रदेश की सबसे समृद्ध छोटी वेटलैंड्स में से एक है। यह आर्द्रभूमि हर साल सर्दियों के मौसम में देश-विदेश से आने वाले हजारों प्रवासी पक्षियों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करती है।

भारत के प्रमुख पक्षी संरक्षण केंद्रों में से एक है

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दीं शुभकामनाएं

विशेषज्ञों और सर्वेक्षणों के अनुसार, इस पक्षी विहार में अब तक 178 प्रजातियों के पक्षी दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें भारतीय उपमहाद्वीप की 42 प्रजातियों में से 18 प्रजातियां नियमित रूप से देखी जाती हैं। प्रत्येक वर्ष यह क्षेत्र 50 हजार से अधिक पक्षियों का मौसमी आवास बनता है, जिससे यह उत्तर भारत के प्रमुख पक्षी संरक्षण केंद्रों में गिना जाता है। पटना पक्षी विहार की जैव विविधता इसे और भी विशिष्ट बनाती है। यहां 44 से अधिक दुर्लभ प्रजातियों के पक्षी पाए जाते हैं। सर्दियों में जब आसपास के खेत जलमग्न हो जाते हैं, तब यह झील ‘सारस केम’ के रूप में विकसित हो जाती है। इस दौरान यहां बड़ी संख्या में सारस पक्षियों का एकत्रीकरण देखने को मिलता है।

252 पौध प्रजातियां भी पाई जाती हैं

यह आर्द्रभूमि केवल पक्षियों तक सीमित नहीं है। किए गए सर्वेक्षणों में यहां 71 वनस्पति परिवारों की 252 पौध प्रजातियां, जिनमें 24 जलीय पौधें शामिल हैं, दर्ज की गई हैं। इसके अलावा नीलगाय, सियार, नेवला, मॉनिटर लिज़र्ड, जंगली बिल्ली और साही जैसे वन्य जीव इस क्षेत्र की पारिस्थितिक समृद्धि को और सुदृढ़ करते हैं। प्रकृति के साथ विकास विजन को करेगी साकार पटना पक्षी विहार परिसर में स्थित प्राचीन भगवान शिव मंदिर धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से क्षेत्र को विशेष महत्व देता है। रामसर स्थल का दर्जा मिलने के बाद यह क्षेत्र अब इको-टूरिज्म, पर्यावरण शिक्षा, शोध कार्य और स्थानीय रोजगार की व्यापक संभावनाओं के नए दौर में प्रवेश कर चुका है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि पटना पक्षी विहार को मिली यह अंतरराष्ट्रीय मान्यता भारत के “प्रकृति के साथ विकास” के विजन को साकार करती है। इसके साथ ही यह उपलब्धि एटा जनपद को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने वाली एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गई है।

पटना गांव के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि हरेंद्र पाल है जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें बेहद खुशी हुई है कि देश के प्रधानमंत्री ने जलेसर के पटना पक्षी विहार को रामसर घोषित किया है अब जलेसर के पटना पक्षी विहार को वैश्विक पहचान मिल गई है यहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा रोजगार के अवसर पैदा होंगे वन्य जीव जंतु पंछियों को संरक्षित किया जाएगा।

महाभारत कालीन मंदिर
महाभारत काल का प्राचीन शिव मंदिर भी इस पटना पक्षी बिहार में स्थापित है करीब 600 वर्ष पुराना यहां महादेव का मंदिर स्थापित है। मंदिर की देखरेख करने वाले किशन ने ये जानकारी दी है उन्होंने बताया पी एम मोदी की इस घोषणा के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

रेलवे महिला कल्याण संगठन ने महिलाओं को बांटे मुफ्त सैनिटरी नैपकिन

Posted on 31.01.2026, Saturday Time:08.57 PM
मुरादाबाद, 31 जनवरी(उप्र समाचार सेवा)। उत्तर रेलवे महिला कल्याण संगठन की ओर से महिलाओं के स्वास्थ्य व स्वच्छता को देखते हुए सेनेटरी नैपकिन का वितरण किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कुष्ठ रोग से प्रभावित एवं आश्रम में महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूक करना था, साथ ही सेनेटरी नैपकिन बांटे गए।
इस दौरान महिला कल्याण संगठन की समस्त पदाधिकारी मौजूद रहीं। कार्यक्रम का संचालन सुशीला गौतम ने किया। सचिव डॉ. भानुप्रिया वाधवान ने महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखने एवं सेनेटरी नैपकिन के सही उपयोग तथा संक्रमण से बचाव के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान कुष्ठ आश्रम में निवासरत महिलाओं को निःशुल्क सेनेटरी नैपकिन वितरित किए गए।

अपनी भाषा में पढ़ सकेंगे अदालत के फैसले इलाहाबाद हाईकोर्ट की नई पहल

सुप्रीम कोर्ट विधिक अनुवाद साँफ्टवेयर बनेगा माध्यम

The Bar Association and Library Moradabad Meeting

द बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी मुरादाबाद का जागरूकता शिविर संपन्न

Posted on 31.01.2926, Saturday, Time:08.44, By Rajesh Bhatia, Moradabad 

मुरादाबाद,31 जनवरी (उप्र समाचार सेवा)।
अब न्यायालयों में होने वाले फैसलों अब अपनी भाषा में पढ़ सकेंगे। इसके लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खास पहल की है।
शनिवार को दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी के जागरूकता शिविर में यह जानकारी दी गई।
सुप्रीम कोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से लोगों को उनकी अपनी भाषा में न्यायालयों में होने वाले फैसले उपलब्ध कराने और विधिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए विशेष शुरुआत की गई है। इसके तहत सुप्रीम कोर्ट विधिक अनुवाद साँफ्टवेयर के जरिए उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के फैसलों का हिंदी में अनुवाद कराया जा रहा है। ताकि आम लोग भी हिन्दी में अनुवाद से फैसलों को आसानी से समझ सकें। इसके चलते शनिवार को बार एसोसिएशन के सभागार में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिला जज माऊज बिन आसिम के निर्देशन में हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता एडीजे घनेन्द्र कुमार व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव तपस्या त्रिपाठी ने की। इस दौरान बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता व महासचिव कपिल गुप्ता समेत अन्य बार के पदाधिकारी और अधिवक्ता रहे।
एडीजे घनेन्द्र कुमार ने बताया कि न्यायालयों के निर्णय की अनुवाद की पहल सुप्रीम कोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में की गई है। इस दौरान प्राधिकरण सचिव तपस्या त्रिपाठी ने इस सुविधा के प्रचार प्रसार और विधिक जागरूकता फैलाने की अपील भी की। इस दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से वेबसाइट की भी जानकारी दी गई।

यूपी में 6 आईएएस अफसरों के तबादले

नागेंद्र प्रताप आगरा के नए कमिश्नर

Posted on 31.01.2026 Saturday Time: 08.32 PM, Lucknow
लखनऊ। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी नगेंद्र प्रताप को आगरा मंडल का कमिश्नर बनाया गया..
मऊ के मुख्य विकास अधिकारी यानि सीडीओ प्रशांत नागर को फिरोजाबाद का नगर आयुक्त और फिरोजाबाद शिकोहाबाद विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया। लोक सेवा आयोग में तैनात उप सचिव विवेक कुमार श्रीवास्तव को मऊ का मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया।

मथुरा के मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीणा यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी बनाकर भेजे गए। गाजियाबाद की संयुक्त मजिस्ट्रेट डॉक्टर पूजा गुप्ता को मथुरा का मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया।
खाद्य एवं रसद तथा उपभोक्ता मामले विभाग के प्रमुख सचिव रणवीर प्रसाद को वर्तमान पद के साथ ही इसी विभाग के आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है..

जॉब्स के लिए केवल डिग्री इंपोर्टेंट नहींः कॉर्पोरेट एक्सपर्ट दीप्ति वर्मा

  • तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी Teerthankar Mahveer University (TMU) के सीटीएलडी CTLD की ओर से करियर टॉक्स- पाथवेज़ टु सक्सेस Career talks : pathwayes to success में एवीपीएन AVPN  की टैलेंट एक्विज़िशन लीडर सुश्री दीप्ति वर्मा ने स्टुडेंट्स को साझा किए तमाम टिप्स
Career talks in TMU Moradabad by Deepti Verma

स्टूडेंट्स के साथ कैरियर टाक के बाद सुश्री दीप्ति वर्मा का टीएमयू में हुआ सम्मान

Posted & Published on 31.01.2026, Saturday Time: 18.39, TMU Moradabad

मुरादाबाद, 31 जनवरी 2026, एवीपीएन की टैलेंट एक्विज़िशन लीडर सुश्री दीप्ति वर्मा ने कॉ कॉर्पोरेट भर्ती प्रक्रिया की वास्तविकताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा, चयन केवल अंकों या डिग्री पर आधारित नहीं होता, बल्कि अभ्यर्थी के व्यावहारिक कौशल, सोचने की क्षमता, संवाद शैली और संगठनात्मक संस्कृति के साथ सामंजस्य पर भी निर्भर करता है। एचआर प्रोफेशनल्स उम्मीदवार को केवल डिग्री होल्डर के रूप में नहीं, बल्कि एक सम्भावनाशील पेशेवर के रूप में देखते हैं। उन्होंने स्टुडेंट्स से कहा, प्रारंभिक स्क्रीनिंग से लेकर अंतिम चयन तक, रिज़्यूमे प्रस्तुति, इंटरव्यू के दौरान आत्मविश्वास, बॉडी लैंग्वेज, और प्रश्नों के प्रति दृष्टिकोण का विशेष महत्व होता है।  सुश्री दीप्ति वर्मा ने छात्रों को सलाह दी कि वे कॉलेज जीवन के दौरान ही इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स, स्वयंसेवी कार्य, टीमवर्क और लीडरशिप अवसरों को गंभीरता से लें, क्योंकि ये अनुभव साक्षात्कार के समय उम्मीदवार को दूसरों से अलग पहचान दिलाते हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आज के कॉर्पाेरेट जगत में एडैप्टेबिलिटी, डिजिटल अवेयरनेस और निरंतर सीखने की इच्छा सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। अंत में सुश्री दीप्ति वर्मा ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि करियर एक दौड़ नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक यात्रा है, जिसमें सही दिशा, धैर्य और निरंतर प्रयास से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है। एक्सपर्ट सेशन में सीसीएसआईटी, टिमिट, लॉ, एग्रीकल्चर, फार्मेसी आदि कॉलेजों के छात्रों की मौजूदगी में सवाल-जबाव का दौर भी चला।

 

 

सुश्री वर्मा तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के सेंटर फॉर टीचिंग, लर्निंग एंड डवलपमेंट- सीटीएलडी की ओर से करियर टॉक्स- पाथवेज़ टु सक्सेस पर आयोजित विशेषज्ञ सत्र में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहीं थीं। विशेषज्ञ सत्र का विषय कॉर्पोरेट रेडिनेस और शीर्षक हाउ एचआर एक्चुली हायर्सः द सिक्रेट सेलेक्शन टिप्स रहा। इससे पूर्व मुख्य वक्ता सुश्री दीप्ति वर्मा, फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के डीन प्रो. आरके द्विवेदी, सीटीएलडी के डायरेक्टर प्रो. पंकज कुमार सिंह आदि ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके एक्सपर्ट सेशन का शुभारम्भ किया। डीन प्रो. द्विवेदी ने स्टुडेंट्स से कहा, जॉब्स के लिए वर्तमान समय में केवल तकनीकी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। स्टुडेंट्स को संचार कौशल, सकारात्मक दृष्टिकोण, कार्यस्थल पर अनुकूलन क्षमता तथा नैतिक मूल्यों की समझ विद्यार्थियों को कॉर्पाेरेट जगत में सफल बनाती है। सीटीएलडी केे प्रो. पंकज कुमार सिंह बोले, कैरियर टॉक्स श्रृंखला का मकसद कक्षा में अर्जित ज्ञान और उद्योग की व्यावहारिक अपेक्षाओं के बीच की दूरी को कम करना है। उन्होंने सीटीएलडी की ओर से भविष्य में भी ऐसे उद्योग-संवाद आधारित कार्यक्रमों के आयोजन की प्रतिबद्धता दोहराई। डॉ. जैस्मिन स्टीफन ने संयोजक, जबकि श्री प्रदीप पंवार ने सह-समन्वयक की भूमिका निभाई। संचालन सुश्री अन्वेषा सिसोदिया ने किया। कार्यक्रम में श्रीमती मणि सारस्वत आदि की उल्लेखनीय मौजूदगी रही। अंत में डॉ. दिलीप दत्त वार्ष्णेय ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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