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गीता के निष्काम कर्म के सिद्धांत को जीवन में करें आत्मसात: डॉ. कोठारी

February 2, 2026

गीता के निष्काम कर्म के सिद्धांत को जीवन में करें आत्मसात: डॉ. कोठारी

Dr Jagdish Kothari

डा जगदीश कोठारी

Posted on 02.02.2026 Monday, Time: 07.10 PM, Teerthankar Mahaveer University TMU, Shrimad Bhagwadgeeta, Dr Jagdeesh Kothari, Moradabad

 

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के आईकेएस सेंटर की ओर से उद्देश्य, अवसर और व्यावसायिक जीवनः श्रीमद्भगवद्गीता से सीख पर 12वीं राष्ट्रीय कॉन्क्लेव में प्रतिष्ठित भगवदाचार्य और ज्योतिषाचार्य डॉ. जगदीश कोठारी ने बतौर मुख्य वक्ता की शिरकत

मुरादाबाद, 02 फरवरी 2026, प्रतिष्ठित भगवदाचार्य और ज्योतिषाचार्य डॉ. जगदीश कोठारी ने श्रीमद्भगवद्गीता के चयनित श्लोकों के जरिए जीवन के उद्देश्य, आत्मज्ञान और निष्काम कर्म के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करते हुए कहा कि हमें निष्काम कर्म के सिद्धांत को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। इससे  न केवल व्यावसायिक सफलता प्राप्त की जा सकती है, बल्कि आंतरिक संतोष और मानसिक शांति भी मिलती है। डॉ. कोठारी तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के सेंटर फॉर इंडियन नॉलेज सिस्टम- आईकेएस की ओर से उद्देश्य, अवसर और व्यावसायिक जीवनः श्रीमद्भगवद्गीता से सीख पर टिमिट के सभागार में आयोजित 12वीं राष्ट्रीय कॉन्क्लेव में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे। इससे पूर्व ज्योतिषाचार्य डॉ. जगदीश कोठारी, आई स्पेशलिस्ट डॉ. उपमा अवस्थी, यूथ मेंटर श्री अरविंदाक्ष माधव दास, इस्कॉन के प्रतिनिधि श्री अरुणोदय कीर्तन दास आदि ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके कॉन्क्लेव का शुभारम्भ किया। इस मौके पर डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन आदि की गरिमामयी मौजूदगी रही। प्रो. मंजुला जैन ने यूनिवर्सिटी की प्रगति आख्या प्रस्तुत करते हुए कहा कि गीता का कर्मयोग युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति निष्ठावान रहने, परिणाम की चिंता किए बिना निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने आत्मविकास, अनुशासन और सकारात्मक सोच को जीवन में अपनाने का आह्वान करते हुए ऐसे आयोजनों को भारतीय ज्ञान परंपरा के पुनर्जागरण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। कॉन्क्लेव के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों ने वक्ताओं से जीवन, करियर, नेतृत्व और मूल्य-आधारित शिक्षा से संबंधित जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।

आई स्पेशलिस्ट डॉ. उपमा अवस्थी ने मानसिक स्वास्थ्य, संतुलित जीवनशैली और आंतरिक शांति के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कह, गीता के सिद्धांत आज भी तनाव प्रबंधन, सकारात्मक सोच और भावनात्मक संतुलन के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। यूथ मेंटर श्री अरविंदाक्ष माधव दास ने युवाओं से कहा, जुनून और स्पष्ट उद्देश्य के बिना सफलता अधूरी रहती है। उन्होंने गीता के जरिए नेतृत्व क्षमता, आत्मअनुशासन और सशक्त निर्णय लेने की कला पर बल दिया। उन्होंने युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ प्रतिबद्ध और नशे से दूर रहने की प्रतिज्ञा दिलवाई। इस्कॉन के प्रतिनिधि श्री अरुणोदय कीर्तन दास ने कहा, जब व्यावसायिक जीवन में आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों का समावेश हो जाता है, तब व्यक्ति न केवल सफलता प्राप्त करता है, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणास्रोत बनता है। टीएमयू आईकेएस सेंटर की कोऑर्डिनेटर डॉ. अलका अग्रवाल ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन प्रबंधन, नेतृत्व, कर्मयोग और नैतिक मूल्यों की एक सशक्त और व्यावहारिक मार्गदर्शिका है। इस अवसर पर डॉ. मनोज अग्रवाल, डॉ. चंचल चावला, डॉ. विभोर जैन, डॉ. विवेक पाठक, डॉ. अमीषा सिंह आदि की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। संचालन डॉ. माधव शर्मा ने किया।

 

राहुल गांधी के चीनी घुसपैठ का मुद्दा उठाने पर संसद में तकरार

Leader of opposition Rahul Gandhi

लोकसभा में नेता विरोधी दल राहुल गांधी

  • जनरल मुकुन्द नरवने की अप्रकाशित किताब को उद्धृत करने की कोशिश

Posted on 02.02.2026 Monday, Time: 07.10 PM, Rahul Gandhi, General Manoj Mukund Narvane, Loksabha, China Border

नई दिल्ली, 02 फरवरी 2026, लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान आज उस समय भारी हंगामा हो गया जब नेता विपक्ष राहुल गांधी ने चीनी घुसपैठ का पुराना मुद्दा उठाने की कोशिश की। इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर तकरार हुई। नेता विपक्ष को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने भी नसीहत दी कि वे विषय पर बोलें। लेकिन, वे अपनी बात पर अड़े रहे। बाद में लोकसभा की कार्यवाही स्थगति कर दी गई।

लोकसभा में आज राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के लिए नेता विरोधी दल राहुल गांधी को बोलने के लिए आमंत्रित किया गया। उन्होंने जैसे ही बोलना शुरु किया तो भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या के भाषण का जिक्र किया और कहा कि उन्होंने कांग्रेस और उसके नेताओं के बारे में कहा है कि वे देशभक्त नहीं हैं। इसलिए मैं उसका जवाब दे रहा हूं। उन्होंने कहा कि मैं पूर्व थलसेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुन्द नरवने की किताब का उल्लेख करना चाहता हूं जिसमें कहा गया है कि चीनी सैनिक भारत की सीमा में घुस आये थे। उनके टैंक भी कई किमी तक भारतीय सीमा में घुसे थे।

General Manoj Mukund Narvanee

पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुन्द नरवने

राहुल गांधी के जनरल नरवने की किताब की जिक्र करने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आपत्ति की और कहा कि क्या उनकी कोई किताब प्रकाशित हुई है। श्री सिंह ने कहा कि जनरल नरवने की कोई किताब प्रकाशित ही नहीं हुई है, अगर हुई हो तो उसे यहां प्रस्तुत किया जाए। इसके बाद राहुल ने कहा कि एक मैगजीन में लेख प्रकाशित हुआ है। लेकिन, राहुल को फिर भी बोलने की इजाजत नहीं दी गई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि सदन के नियमों के अनुसार किसी भी ऐसी पुस्तक, समाचार पत्र या पत्रिका का जिक्र यहां नहीं किया जा सकता है जिसका इस सदन की कार्यवाही से कोई सम्बन्ध न हो। इसलिए राहुल गांधी केवल विषय पर बोलें। लेकिन राहुल गांधी बार बार पीठ के निर्देशों की अवहलेना करते रहे और उसी मुद्दे को उठने की कोई करते रहे। उन्होंने यह भी कहा कि इस किताब के खुलासे से रक्षा मंत्री और गृह मंत्री अहसहज हो रहे हैं। इस मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा कि रक्षा मंत्री ने बता दिया है कि कोई किताब जनरल नरवने की प्रकाशित नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस के बारे में कुछ नहीं कहा था उन्होंने केवल 2004 से 2014 के बीच के राष्ट्रपतियों के भाषणों की जिक्र किया था।

बाद में पीठ पर विराजमान हुए अधिष्ठाता जगदम्बिका पाल ने राहुल गांधी से विषय पर बोलने के लिए कहा लेकिन, राहुल गांधी ने फिर वही मुद्दा उठा दिया। इस पर फिर हंगामा हुआ। कानून और संसदीय कार्यमंत्री किरन रिजिजू ने भी कहा कि यह नियम विरुद्ध है कि किसी अखबार या किताब का यहां जिक्र किया। लेकिन राहुल गांधी ने किसी की नहीं सुनी वे अपनी बात कहने पर आमादा रहे। इसपर पीठ पर विराजमान अधिष्ठाता जगदम्बिका पाल ने सदन की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी।

February 1, 2026

बजट 2026-27 केन्द्रीय वित्त मंत्री ने पेश किया 53.47 लाख करोड़ रुपये व्यय का बजट

FINANCE MINISTER NIRMALA SEETHARAMAN PRESENTED UNION BUDGET 2026-27 IN LOKSABHA

केन्द्री वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण लोकसभा में केन्द्रीय बजट प्रस्तुत करते हुए

BUDGET 01.02.2026 TABLE

budget 2026-27 table

Posted on 01.02.2026 Sunday, Time: 10.59 PM, Source PIB

नई दिल्ली, 02 फरवरी 2026,  केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में केन्द्रीय बजट पेश किया। उन्होंने 44 लाख 4 हजार करोड़ रुपये की आय के विपरीत 53 लाख 47 हजार करोड़ रुपये अनुमानित व्यय दर्शाया है। बजट में 9 लाख 43 हजार रुपये का घाटा दर्शाया गया है।

आय

वित्‍त वर्ष 2026-27 के बजट अनुमान में कुल कर राजस्‍व के 44.04 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। यह 2025-26 के संशोधित अनुमानों से 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। प्रत्‍यक्ष कर 26.97 लाख करोड़ रुपये का जीटीआर (जीटीआर का 61.2 प्रतिशत) में मुख्‍य योगदान है। प्रत्‍यक्ष करो का अनुमान 17.07 लाख  करोड़ रुपये है। वित्‍त वर्ष 2026-27 के बजट अनुमानों में जीटीआर और जीडीपी का अनुपात 11.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। 2026-27 का बजट 16वें वित्‍त आयोग (एसएफसी) 16वें वित्‍त आयोग के पहले वर्ष के लिए पुरस्‍कार समय भी है। एसएफसी ने राज्‍यों के विकेन्‍द्रीयकरण के लिए अलग हिस्‍से का 41 प्रतिशत बरकरार रहने का सलाह दी है। कर राजस्‍व (एनटीआर-केन्‍द्र के लिए कुल) 28.67 लाख करोड़ रुपये अनुमानित किया गया है। 2026-27 बजट अनुमानों में केन्‍द्र सरकार के लिए एनटीआर को 6.66 लाख करोड़ रुपये अनुमानित किया गया है। केन्‍द्र सरकार की [कर राजस्‍व (एनटीआर) और गैर कर राजस्‍व (एनटीआर)] का अनुमान 35.33 लाख करोड़ रुपये है। 2025-26 के संशोधित अनुमानों से राजस्‍व प्राप्ति अनुमान ने 5.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

व्‍यय

बजट अनुमान 2026-27 में केन्‍द्र सरकार का कुल व्‍यय 53.47 लाख करोड़ रुपये (जीडीपी का 13.6 प्रतिशत) रखा गया है जो 2025-26 के 49.65 लाख करोड़ रुपये के संशोधित अनुमानों से 7.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। वित्‍त वर्ष 2026-27 के बजट में पूंजीगत व्‍यय के लिए 12.22 लाख करोड़ रुपये (जीडीपी का 3.1 प्रतिशत) रखा गया है। इसमें एसएएससीआई (पूंजीगत व्‍यय के लिए राज्‍यों को विशेष सहायता ऋण) के माध्‍यम से पूंजीगत सहायता शामिल है। केन्‍द्र सरकार के प्रभावी पूंजीगत व्‍यय में भारत सरकार का पूंजीगत व्‍यय और पूंजीगत परिसंपत्ति हासिल करने के लिए अनुदान सहायता राशि शामिल है। यह दोनों मिलकर निवेश करते हैं जो अर्थव्‍यवस्‍था की क्षमता को बढ़ाता है। 2026-27 के बजट अनुमानों में अनुदान सहायता राशि के अंतर्गत पूंजीगत संपत्ति बनाने के लिए 4.93 लाख करोड़ रुपये (जीडीपी का 1.3 प्रतिशत) रखे गए हैं। इस प्रकार वित्‍त वर्ष 2026-27 में प्रभावी पूंजीगत व्‍यय 17.15 लाख करोड़ रुपये (जीडीपी का 4.4 प्रतिशत) रहने का अनुमान है।

राज्यों को  वित्त आयोग के अनुदान के रूप में 1.4 लाख करोड़ रुपए दिए जाएंगे

केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए कहा कि सरकार ने 41 प्रतिशत हस्तांतरण के वर्टिकल शेयर को बनाए रखने के लिए 16वें वित्त आयोग की संस्तुतियों को स्वीकार किया है।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा, “ सरकार ने 41 प्रतिशत हस्तांतरण के वर्टिकल शेयर को बनाए रखने के लिए 16वें वित्त आयोग की संस्तुतियों को स्वीकार किया है। आयोग की संस्तुतियों के अनुसार मैंने वित्त आयोग के अनुदान के रूप में  वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्यों को 1.4 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।”

इसके बाद, श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि आयोग ने 17 नवंबर, 2025 को राष्ट्रपति को अपनी रिपोर्ट दाखिल की थी और सरकार संविधान की धारा 281 के तहत अधिदेश के अनुसार संसद में आयोग की संस्तुतियों पर कार्रवाई रिपोर्ट पर आधारित वर्णन सहित ज्ञापन रिपोर्ट को प्रस्तुत करेगी।

पूर्वी क्षेत्र में नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान की स्‍थापना की जाएगी  

प्रमुख औद्योगिक और रसद गलियारों में 5 विश्‍वविद्यालय टाउनशिप का निर्माण

प्रत्‍येक जिले में एक महिला छात्रावास की स्‍थापना की जाएगी

केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए कहा कि विकसित भारत के एक प्रमुख संचालक के तौर पर सेवा क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने के उपायों की सिफा‍रिश हेतु एक उच्चाधिकार प्राप्‍त रोजगार एवं उद्यम एवं स्थायी समिति के गठन का प्रस्ताव किया। यह 2047 तक वैश्विक भागीदारी में 10 प्रतिशत की हिस्‍सेदारी के साथ सेवा क्षेत्र में भारत को अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर अग्रणी बनाएगा। यह समिति वृद्धि, रोजगार और निर्यात को समग्र रूप से बढ़ाने के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर काम करेगी। यह समिति एआई स‍हित रोजगारों और कौशल आवश्‍यकताओं के अलावा प्रस्‍तावित उपायों के माध्‍यम से उभरती हुई तकनीकियों के प्रभाव का आकलन भी करेगी।

भारतीय डिजाइन उद्योग का तेजी से विस्‍तार होने के बावजूद अभी भी भारतीय डिजाइनरों की कमी है। केंद्रीय बजट भारत के पूर्वी क्षेत्र में डिजाइन शिक्षा और इसके विकास को प्रोत्‍साहन देने के लिए एक नए राष्‍ट्रीय डिजाइन संस्‍थान की स्‍थापना का प्रस्‍ताव करता है।

सरकार प्रमुख औद्योगिक और रसद गलियारों के आसपास के क्षेत्रों में पांच विश्‍वविद्यालय टाउनशिप के निर्माण में चुनौतीपूर्ण साधनों के माध्‍यम से राज्‍यों को सहायता प्रदान करेगी। इन योजनाबद्ध शैक्षणिक क्षेत्रों में विभिन्‍न विश्‍ववि़द्यालयों, महाविद्यालयों, अनुसंधान संस्‍थानों, कौशल केंद्रों और आवासीय परिसरों का निर्माण किया जाएगा।

छात्राएं उच्‍चतर शिक्षा एसटीईएम संस्‍थानों की प्रयोगशाला में लंबे समय तक किए जाने वाले अध्‍ययन से जुड़ी चुनौतियों का सामना करती हैं। केंद्रीय बजट ने वीजीएफ/पूंजीगत सहायता के माध्यम से प्रत्येक जिले में 1 महिला छात्रावास की स्‍थापना का प्रस्‍ताव किया।

गहन अध्‍ययन के माध्‍यम से खगोल-भौतिकी और खगोल विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए 4 टेलिस्‍कोप अवस्‍थापना सुविधाओं- नेशनल लार्ज सोलर टेलिस्‍कोप, नेशनल लार्ज ऑप्टिकल इन्‍फ्रारेड टेलिस्‍कॉप, हिमालयन चंद्र टेलिस्‍कॉप और द कॉसमॉस-2 प्‍लेनेटोरियम की स्‍थापना की जाएगी।

किसानों की आमदनी बढ़ाना

किसानों की आमदनी बढ़ाने के व्यापक उद्देश्य के अंतर्गत बजट में 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास करने, तटीय क्षेत्रों में मत्स्य मूल्य श्रृंखला को मजबूती प्रदान करने तथा स्टार्ट अप और महिला प्रेरित समूहों को मत्स्य कृषक उत्पादक संगठनों के साथ शामिल करते हुए बाजार से जोड़ना सक्षम बनाने के प्रावधान किए गए हैं।

श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि पशुपालन किसानों की आमदनी बढ़ाने के प्रमुख क्षेत्रों में से एक हैं। ग्रामीण और अर्ध शहरी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए सरकार उद्यमिता विकास के तहत पशुपालन क्षेत्र को सहायता प्रदान करने के लिए निम्न कदम उठाएगी : (क) ऋण आधारित सब्सिडी कार्यक्रम (ख) पशुधन उद्यमों का संवर्धन और आधुनिकीकरण (ग)  पशुधन. डेयरी और मुर्गीपालन के लिए संकेंद्रित मूल्य श्रृंखला का सृजन को संवर्धित करना और (घ) पशुधन कृषक उत्पादक संगठनों की स्थापना को प्रोत्साहन देना।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने तटीय क्षेत्रों में नारियल, चंदन, कोको और काजू जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों में सहायता प्रदान कर उच्च मूल्य वाली खेतीबाड़ी पर जोर दिया। पूर्वोत्तर में अगर वृ‍क्षों  और पर्वतीय क्षेत्रों में बादाम, काजू और खुमानी जैसे गिरीदार फलों को भी सहायता प्रदान करेगा।

श्रीमती सीतारमण ने कहा, “भारत दुनिया का सबसे बड़ा नारियल उत्पादक है। लगभग 10 मिलियन किसानों सहित लगभग 30 मिलियन लोग अपनी आजीविका के लिए नारियल पर निर्भर हैं। नारियल उगाने वाले प्रमुख राज्यों में नारियल उत्पादन में प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देने के लिए पुराने और गैर-उत्पादक पेड़ों को नए सैपलिंग/ पौधों /किस्मों से बदलने सहित विभिन्न कदमों के माध्यम से उत्पादन बढ़ाने और उत्पादकता को संवर्धित करने के जरिए मैं नारियल संवर्धन योजना की पेशकश करती हूं।”

किसानों की आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य की दिशा में एक और कदम उठाते हुए केंद्रीय बजट 2026-27 में भारत को कच्चे काजू और कोको उत्पादन व प्रसंस्करण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने तथा निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और भारतीय काजू और भारतीय कोको को वर्ष 2030 तक प्रीमियम वैश्विक ब्रांड में प्रवर्तित करने के लिए भारतीय काजू और कोको हेतु एक समर्पित कार्यक्रम की भी पेशकश की गई है।

भारतीय चंदन इकोसिस्टम के गौरव को बहाल करने हेतु केंद्र सरकार केंद्रित खेती और कटाई के पश्चात प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकारों के साथ भी भागीदारी करेगी।

पुराने और कम उपज देने वाले उद्यानों को फिर हरा-भरा बनाने तथा अखरोट, बादाम और खुमानीकी उच्च घनत्व वाली खेती का विस्तार करने के लिए बजट में किसानों की आमदनी बढ़ाने और युवाओं की सहभागिता से मूल्यवर्धन करने के लिए एक समर्पित कार्यक्रम की पेशकश की गई है।

नया आयकर अधिनियम

आयकर अधिनियम 2025, 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा। सरलीकृत आयकर नियम व फॉर्म उचित समय पर अधिसूचित कर दिए जाएंगे ताकि करदाताओं को इनसे परिचित होने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। फॉर्म को नए रूप में डिजाइन किया गया है, जिससे आम लोग आसानी से समझ कर इसका अनुपालन कर सकें।

दस हजार करोड़ की एमएसएमई निधि

सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यम (एमएसएमई) को विकास का मत्वपूर्ण इंजन करार देते हुए वित्त मंत्री ने इसके विकास के लिए तीन सूत्रीय दृष्टिकोण का प्रस्ताव रखा।

इनमें पहला इक्विटि समर्थन है जिसमें उन्होंने लघु तथा मध्यम उद्यम के विकास के लिए 10,000 करोड़ रुपए का एक समर्पित निधि का प्रस्ताव रखा है। इसके अंतर्गत चुनिंदा मानकों पर भविष्य में उत्कृष्ट उद्यमों का सृजन करना है। वित्त मंत्री ने वर्ष 2021 में स्थापित आत्मनिर्भर भारत कोष में बढ़ोतरी के लिए 2,000 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा है, जिसका उद्देश्य सूक्ष्म उद्यमों को मदद पहुंचाना और जोखिम पूंजी तक उनकी पहुंच बनाए रखना है।

बजट में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान

FINANCE MINISTER NIRMALA SEETHARAMAN PRESENTED UNION BUDGET 2026-27 IN LOKSABHA

केन्द्री वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण लोकसभा में केन्द्रीय बजट प्रस्तुत करते हुए

Posted on 01.02.2026 Sunday, Time: 10.35 PM, Source PIB

नई दिल्ली, 02 फरवरी 2026,  संसद में केंद्रीय बजट पेश करते हुए केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि “सरकार सामाजिक जरूरतों से समझौता किये बिना लगातार राजकोषीय वचनबद्धताओं को पूरा करती रही है।” इसी के अनुरूप, ऋण-से-जीडीपी अनुपात संशोधित अनुमान 2025-26 में जीडीपी के 56.1 प्रतिशत की तुलना में बजट अनुमान 2026-27 में जीडीपी के 55.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। गिरता हुआ ऋण-से-जीडीपी अनुपात धीरे-धीरे ब्याज भुगतान पर व्यय को कम करके प्राथमिक क्षेत्र के व्यय के लिए संसाधनों को मुक्त करेगा।

राजकोषीय घाटा 4.5 प्रतिशत से कम रखने को प्रतिबद्धः निर्मला सीतारमण

राजकोषीय घाटा, जोकि ऋण लक्ष्य के लिए एक मुख्य प्रचालनात्मक लिखत है, के बारे में बात करते हुए श्रीमती सीतारमण ने संसद को सूचित किया कि वित्त वर्ष 2021-2022 में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.5 प्रतिशत से नीचे कम करने के लिए की गई वचनबद्धता को पूरा किया गया है। संशोधित अनुमान 2025-26 में राजकोषीय घाटा का अनुमान जीडीपी के 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। ऋण समेकन की नई राजकोषीय दूरदर्शिता के अनुरूप, बजट अनुमान 2026-27 राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

निवल बाजार उधारी

केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि “राजकोषीय घाटे के वित्तपोषण हेतु, दिनांकित प्रतिभूतियों से निवल बाजार उधारी का अनुमान 11.7 लाख करोड़ रुपये है। शेष वित्तपोषण छोटी बचतों और अन्य स्रोतों के आने की संभावना है। सकल बाजार उधारी का अनुमान 17.2 लाख करोड़ रुपये है। ”

 

 

कृषि और ग्रामीण विकास का बजट साढे चार लाख करोड़ रुपये

शिवराज सिंह चौहान

केन्द्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान

  • ग्रामीण विकास बजट में 21% की वृद्धि

Posted on 01.02.2026 Sunday, Time: 22.21 PM, Source PIB

नई दिल्ली, 02 फरवरी 2026, लोक सभा में आज प्रस्तुत केन्द्रीय बजट में ग्रामीण विकास विभाग के लिये इस वर्ष 21 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। ग्रामीण विकास और कृषि विभाग को जोड़कर देखें तो ग्रामीण विकास और कृषि मंत्रालय का सम्मिलित बजट अब 4 लाख 35 हज़ार 779 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि ग्रामीण विकास के कुल बजट में अकेले विकसित भारत जी राम जीयोजना के लिए राज्यों के अंशदान सहित लगभग 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। मनरेगा के बारे में उन्होंने बताया कि पिछली बार ओवरऑल मनरेगा बजट लगभग 86,000 करोड़ रुपये था, जबकि इस बार अकेले केंद्र का हिस्सा 95,692 करोड़ रुपये से ज़्यादा रखा गया है। राज्यों के हिस्से को जोड़ने पर यह राशि 1,51,000 करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगी, जो अपने आप में ऐतिहासिक और अभूतपूर्व है।

पंचायतों को दोगुनी सीधी सहायता

केंद्रीय मंत्री श्री सिंह ने कहा कि 16वें वित्त आयोग के ताज़ा निर्णय के अनुसार पंचायतों को सीधे 55,900 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जाएगी। उन्होंने तुलना करते हुए बताया कि पहले पाँच वर्षों में पंचायतों को कुल लगभग 2,36,000 करोड़ रुपये सीधे मिले थे, जो अब बढ़कर 4,35,000 करोड़ रुपये हो गए हैंयानी लगभग दोगुना।

श्री चौहान ने विश्वास जताया कि विकसित भारत जी राम जीकी 1,51,000 करोड़ रु. की राशि और वित्त आयोग के तहत मिलने वाले 55,900 करोड़ रु. मिलकर विकसित ग्राम, स्वावलंबी ग्राम, रोजगारयुक्त और गरीबी‑मुक्त गांव के निर्माण में अभूतपूर्व भूमिका निभाएँगे।

कृषि बजट में उल्लेखनीय वृद्धि, अनुसंधान और सस्ती खाद पर विशेष ज़ोर

कृषि क्षेत्र पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि विभाग का बजट बढ़ाकर इस वर्ष 1,32,561 करोड़ रुपये कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि कृषि शिक्षा और अनुसंधान, विशेषकर आईसीएआर सहित, के लिए 9,967 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे शोध और नवाचार को बल मिलेगा।

किसानों के लिए उर्वरक सब्सिडी पर उन्होंने कहा कि सस्ता खाद और उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए 1,70,944 करोड़ रुपये की सब्सिडी का प्रावधान है, ताकि उत्पादन की लागत कम हो और किसान को राहत मिले।

नेशनल फाइबर स्कीम और मेडिसिनल प्लांट्स से किसानों को सीधा लाभ

श्री चौहान ने कहा कि नेशनल फाइबर स्कीम के अंतर्गत सिल्क, वूल और जूट जैसे फाइबर पर फोकस किया गया है, जिससे इनसे जुड़े किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।उन्होंने यह भी कहा कि आयुष मंत्रालय में मेडिसिनल प्लांट्स के सर्टिफिकेशन और एक्सपोर्ट से संबंधित प्रावधानों का फायदा औषधीय पौधे उगाने वाले किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद करेगा।

उन्होंने कहा कि परंपरागत फसलों के साथ‑साथ नारियल, कोको, काजू और चंदन की लकड़ी जैसी उच्च‑मूल्य फसलों के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। नारियल के पुराने बागों का पुनरुद्धार और नए बाग लगाने के लिए बजट में व्यवस्था की गई है।उन्होंने यह भी कहा कि फलों और सब्ज़ियों का उत्पादन बढ़ाने और उन्हें आसानी से उपभोक्ता तक पहुँचाने के लिए अलग प्रावधान किए गए हैं, ताकि किसान को बेहतर दाम और उपभोक्ता को आसान उपलब्धता मिल सके।

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