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पूर्व सांसद पर हमला प्रकरणः डीएम से मिले जाट महासभा के अध्यक्ष

April 7, 2026

पूर्व सांसद पर हमला प्रकरणः डीएम से मिले जाट महासभा के अध्यक्ष

जिलाधिकारी बिजनौर से मिला  जाट महासभा का प्रतिनिधिमंडल

Posted on 07.04.2026 Tuesday, Time 09.33 pm, Dr Pukhraj Singh Malik

बिजनौर 7 अप्रैल: राष्ट्रीय जाट महासभा भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सचिन सरोहा ने कहा कि जनपद बिजनौर के कुछ स्थानीय नेता बिना सोचे समझे माफियाओं और गुंडा तत्वों को संरक्षण देकर उनका हौसला बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं जबकि माफियाओं और गुंडा तत्वों का कोई भी धर्म, जाति और बिरादरी नहीं होती। राष्ट्रीय जाट महासभा भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष आज एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बिजनौर में माफिया बंधुओ द्वारा पूर्व सांसद भारतेन्दु सिंह पर जानलेवा हमले के संबंध में जिलाधिकारी बिजनौर से मिले। इस अवसर पर उनके साथ बड़ी संख्या में राष्ट्रीय जाट महासभा के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। चौधरी सचिन सरोहा ने कहा कि कुछ स्थानीय नेता अपनी राजनीति चमकाने के उद्देश्य एवं अखबारों की सुर्खियां बटोरने के उद्देश्य से बिना सोचे समझे माफियाओं को संरक्षण देकर उनका हौसला बुलंद करने का कार्य कर रहे हैं। जबकि किसी भी जनप्रतिनिधि पर किसी भी माफिया द्वारा जानलेवा हमला बहुत ही निंदनीय है। और इस तरह के हमले से माफियाओं के हौसले बुलंद होते दिख रहे हैं तथा माफियाओं की नजर में जन्म प्रतिनिधियों की कोई भी वैल्यू नहीं रह जाती है। इसलिए बिना सोचे समझे जनप्रतिनिधियों को किसी भी अपराधी तत्व का साथ न देकर निष्पक्ष जांच की मांग करनी चाहिए। तथा समाज में द्वेष भावना फैलाने वाले लोगों से दूर रहकर अच्छे कार्य करने चाहिए।  इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के प्रदेश सचिव डॉ विकुल मलिक एवं प्रधान संघ के जिला अध्यक्ष सचिन मलिक ने भी अपनी अपनी टीम के साथ एक एक मांग पत्र जिलाधिकारी बिजनौर को सौंप कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने एवं पूर्व सांसद कुंवर भारतेंदु की सुरक्षा बढ़ाई जाने की मांग की। राष्ट्रीय जाट महासभा भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सरोहा के साथ
सर्व श्री गजेंद्र सिंह नीलकंठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, श्री मनोज राठी राष्ट्रीय सचिव, लोकेश चौधरी, जसवंत चौधरी, सौरभ चौधरी, श्री रिशिपाल प्रदेश अध्यक्ष, विपिन चौधरी, मेरठ मंडल अध्यक्ष, अनुकूल सिंह जिला अध्यक्ष मुजफ्फरनगर, राहुल चौधरी जिला अध्यक्ष बिजनौर, शलभ चौधरी युवा जिला अध्यक्ष बिजनौर, बीजेपी जन कल्याण मंच के जिला अध्यक्ष योगेंद्र सिंह, जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष चौधरी अमन सिंह, श्री बृजेश काकरान बिजनौर आदि उपस्थित रहे।

निजी किताबों के प्रयोग पर होगी सख्त कार्रवाई

एटा में एनसीईआरटी पुस्तकों की अनिवार्यता को राज्य महिला आयोग सदस्य का निर्देश,

एटा 07 अप्रैल उप्रससे। राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ ने जनपद के समस्त शैक्षणिक संस्थानों को निर्देशित किया है कि वे केवल एनसीईआरटी द्वारा निर्धारित पाठ्यपुस्तकों का ही उपयोग करें। शासन और प्रशासन द्वारा पूर्व में भी इस संबंध में निर्देश जारी किए जा चुके हैं।

राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गोड़ ने कहा यह जानकारी मिली है कि कुछ विद्यालय अभी भी इन दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर रहे हैं और अपनी सुविधा तथा लाभ के लिए अन्य पुस्तकों का प्रयोग कर रहे हैं। आयोग की सदस्य ने चेतावनी दी कि यह पूरी तरह से अनुचित और नियमों के विरुद्ध है। सभी विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं कि वे तत्काल प्रभाव से एनसीईआरटी की पुस्तकों के अलावा किसी भी अन्य पाठ्य सामग्री का उपयोग बंद करें। उन्हें शासन के निर्देशों का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। यदि किसी भी विद्यालय में इस संबंध में कोई अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित संस्थान के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

रेनू गौड़ ने जोर देकर कहा कि शिक्षा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों का समग्र विकास करना है, न कि आर्थिक लाभकमाना। उन्होंने सभी विद्यालयों से अपेक्षा की है कि वे नियमों का पालन करते हुए छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

पीएमओ के नाम पर ठगी, दो पत्रकार गिरफ्तार

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Posted on 07.04.2026 Tuesday Time 09.22 PM, Mumbai

पीएम मोदी के ‘फर्जी’ हस्ताक्षर से 4 लाख की रंगदारी; प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के नाम पर ठगी करने वाले दो ‘पत्रकार’ गिरफ्तार

मुंबई 07 अप्रैल 2026 । मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल (जबरन वसूली विरोधी प्रकोष्ठ) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्ताक्षर वाले फर्जी पत्र का इस्तेमाल करके 4 लाख फिरौती मांगने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को एस्प्लेनेड कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान टारगेट मीडिया से जुड़े तौसीफ हुसैन इस्माइल पटेल (44) और सिद्धिनाथ दीनानाथ पांडे उर्फ ​​सुनील (43) के रूप में हुई है। दोनों आरोपी शास्त्री नगर, गोरेगांव (पश्चिम) के निवासी हैं। शिकायत के अनुसार, पीड़िता “मेगा श्रेया” नामक एक गैर सरकारी संगठन चलाती हैं, जो 2020 से वंचित बच्चों, वृद्धाश्रमों और अनाथालयों के लिए सामाजिक कार्य कर रहा है।

शिकायतकर्ता की मुलाकात तौसीफ पटेल और उसके सहयोगी फरनाज वाडिया से 2022 में एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान हुई। दोनों ने खुद को पत्रकार बताया और व्हाट्सएप के जरिए शिकायतकर्ता के सामाजिक कार्यों के बारे में जानकारी साझा करते हुए संपर्क में रहे। 18 मार्च को पटेल ने कथित तौर पर व्हाट्सएप पर एक वॉयस नोट भेजा, जिसमें पैसे के बदले प्रधानमंत्री कार्यालय से जन्मदिन की बधाई का पत्र भेजने की पेशकश की गई थी। शिकायतकर्ता ने शुरू में इस दावे को फर्जी बताकर खारिज कर दिया। हालांकि, आरोपियों ने पत्र को असली बताते हुए 4 लाख रुपये जनसंपर्क शुल्क की मांग की। इसके बाद, 28 मार्च को फरनाज वाडिया ने प्रधानमंत्री के हस्ताक्षर वाला एक पत्र की डिजिटल प्रति भेजी, जो शिकायतकर्ता को संबोधित था और उसके सामाजिक कार्यों की प्रशंसा करता था। शिकायतकर्ता ने शुरू में पत्र को सोशल मीडिया पर साझा किया, लेकिन सहकर्मियों द्वारा इसकी प्रामाणिकता पर संदेह जताए जाने के बाद इसे हटा दिया। आरोपी ने कथित तौर पर अपनी मांगों को तेज कर दिया और फर्जी संदेश को विश्वसनीयता प्रदान करने के लिए शिकायतकर्ता के नाम से एक फर्जी ईमेल आईडी बनाई। शिकायतकर्ता ने आरोपियों को वर्ली के एक कैफे में बुलाया.

यहां आरोपियों ने दावा किया कि प्रधानमंत्री कार्यालय में उनके संपर्क हैं और उन्होंने एक “असली” पत्र के बदले में 4 लाख रुपये की मांग दोहराई। लगातार दबाव और धमकियों के बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस से संपर्क किया। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए जबरन वसूली विरोधी प्रकोष्ठ ने वर्ली सी फेस स्थित एक होटल में जाल बिछाया, जहां आरोपियों को शिकायकर्ता से पैसे लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से प्रधानमंत्री द्वारा कथित तौर पर हस्ताक्षरित एक फर्जी जन्मदिन का बधाई पत्र, खिलौने वाले नोटों के बंडल, दो असली 500 रुपये के नोट और अपराध में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन बरामद किए।

इसके बाद आरोपियों के खिलाफ बीएनएस और आईटी अधिनियम की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में एफआईआर वर्ली पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी और बाद में जांच के लिए जबरन वसूली विरोधी प्रकोष्ठ को स्थानांतरित कर दी गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तकनीकी जांच की और वर्ली इलाके में जाल बिछाया, जहां आरोपियों को रंगे हाथों जबरन वसूली की रकम लेते हुए पकड़ा गया। पुलिस को अन्य आरोपियों की संलिप्तता का संदेह है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री के जाली हस्ताक्षर और लेटरहेड के स्रोत, फर्जी दस्तावेज बनाने में इस्तेमाल किए गए डिजिटल उपकरण सहित पहले भी इस तरह की धोखाधड़ी समेत अन्य बिंदुओं पर जांच कर रही है।

डकैती के दो अलग-अलग मामलों में दोषी को साढ़े नौ-नौ साल की सजा

ठाकुरद्वारा में बदमाश ने कुछ दिन में दो घरों में घुसकर नकदी, जेवर समेत लाखों का सामान की लूट
दोषी पाया बदमाश अमरोहा के बछरायूं का निवासी

Post on 7.4.26
Tuesday Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
ठाकुरद्वारा में डकैती के दो अलग-अलग मामलों में अमरोहा के दोषी करार देते हुए साढ़े 9-9 साल की सजा सुनाई गई। एडीजे कोर्ट निरंजन कुमार की अदालत में साक्ष्य के आधार पर दोषी पर बीस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया।
घरों में घुसकर लूटपाट करने की घटना दस साल पुरानी है।पहली घटना 18 मई,2016 को गांव गड़िया खेड़ा में ओमकार सिंह के घर पड़ी। दीवार फांदकर घर में घुसे बदमाशों ने शस्त्रों की नोंक पर चालीस हजार और जेवरात लूट लिए। दूसरी घटना इसी थाना क्षेत्र में गांव करना वाला में अखलेश कुमार के घर हुईं। 28 मई की रात बदमाश वादी के घर में घुसकर हजारों की नकदी और सोने चांदी के जेवर लेकर फरार हो गए। पुलिस ने डकैती व माल बरामद कर बदमाश सतवीर सिंह को गिरफ्तार किया। विवेचना के बाद अदालत में आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।
केस की सुनवाई एडीजे कोर्ट -14 निरंजन कुमार की अदालत में हुईं। एडीजीसी राजीव कौशिक ने बताया कि अदालत में दोनों अलग-अलग मामलों की सुनवाई हुई। जिसमें रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सतवीर सिंह को दोषी ठहराया। घरों में लूटपाट और माल बरामदगी में दोषी को अलग अलग साढ़े नौ नौ साल की सजा सुनाई। दोनों मामलों में 10-10 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया गया है।

गोरखपुर में वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय को कैबिनेट की मंजूरी

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
07/04/2026

कैम्पियरगंज क्षेत्र में लगभग 50 हेक्टेयर भूमि पर बनेगा विश्वविद्यालय, 491 करोड़ रुपये से अधिक आएगी लागत

वानिकी एवं औद्यानिकी में संचालित किए जाएंगे बीएससी, एमएससी, पीएचडी और डिप्लोमा पाठ्यक्रम

गोरखपुर, 7 अप्रैल। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में गोरखपुर में बनने वाले ‘उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय’ को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने इसके लिए “उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय अध्यादेश-2026” के प्रख्यापन को स्वीकृति प्रदान की है। 491 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से यह विश्वविद्यालय कैम्पियरगंज क्षेत्र में लगभग 50 हेक्टेयर भूमि पर स्थापित किया जाएगा। योगी सरकार वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय के लिए इस वर्ष प्रस्तुत प्रदेश के बजट में भी 50 करोड़ रुपये पास कर चुकी है।

गोरखपुर के इस पांचवें विश्वविद्यालय में वानिकी, औद्यानिकी, वन्य जीव संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, एग्रोफॉरेस्ट्री, फल एवं बागवानी सहित कई आधुनिक विषयों में बीएससी, एमएससी, पीएचडी और डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य वनावरण बढ़ाना, जैव विविधता संरक्षण को मजबूत करना, किसानों और छात्रों को आधुनिक प्रशिक्षण देना तथा कृषि और पर्यावरण के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देना है। इस फैसले से प्रदेश में हरित विकास, खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ ही वन एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए योगी सरकार और गोरखपुर के नाम एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज हो जाएगी। इसके पहले सरकार ने दुनिया के पहले राजगिद्ध (जटायु) संरक्षण केंद्र की स्थापना गोरखपुर में ही की है। 6 सितंबर 2024 को कैम्पियरगंज में दुनिया के पहले राजगिद्ध जटायु (रेड हेडेड वल्चर) संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र के उद्घाटन अवसर पर सीएम योगी ने जटायु संरक्षण केंद्र के समीप ही वानिकी विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा की थी। अब इसे कैबिनेट की भी मंजूरी मिल गई है। यह उत्तर भारत का पहला वानिकी विश्वविद्यालय होगा। इस विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए गोरखपुर वन प्रभाग ने जटायु संरक्षण केंद्र के समीप ही 50 हेक्टेयर भूमि चिह्नित कर प्रक्रियात्मक तैयारी तेज कर दी है।

गोरखपुर के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) विकास यादव का कहना है कि वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय में वानिकी के अलावा कृषि वानिकी, सामाजिक वानिकी और औद्यानिक के भी डिग्री और डिप्लोमा कोर्स संचालित कराने की योजना है ताकि बड़ी संख्या में युवाओं के सामने नौकरी और रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने बताया कि कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब शिलान्यास की तैयारी और तेज की जाएगी।

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