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Bullet train दिल्ली से लखनऊ 2 घंटा 10 में पहुंचेंगे

June 27, 2026

Bullet train दिल्ली से लखनऊ 2 घंटा 10 में पहुंचेंगे

*₹40,000 करोड़ के आयातित प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (पीसीबी) का उत्पादन अब होगा देश के अंदर, जेवर बनेगा उत्पादन का प्रमुख केंद्र: केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव*

*मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ तथा केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने संयुक्त रूप से उत्तर प्रदेश के जेवर में ₹6,750 करोड़ लागत की इलेक्ट्रॉनिक्स परियोजनाओं का किया शिलान्यास।*

*केंद्र सरकार के सहयोग से जेवर में 206 एकड़ क्षेत्रफल में लगभग 417 करोड़ रुपये की लागत से इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर का किया जा रहा है विकास।*

*बुलेट ट्रेन के माध्यम से दिल्ली से लखनऊ का सफ़र मात्र 2 घंटे 10 मिनट में पूरा होगा, जबकि जेवर से लखनऊ जाने में केवल 1 घंटा 40 मिनट लगेगा: केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव*

नोएडा, 27 जून 2026, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ तथा केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को गौतमबुद्ध नगर के जेवर की यमुना सिटी में लगभग 6,750 करोड़ रुपये के निवेश वाली दो प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुये केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जेवर आने वाले वर्षों में देश के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जिस अत्याधुनिक प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (पीसीबी) का लगभग 40,000 करोड़ रुपये का आयात भारत करता था, उसका निर्माण अब देश में ही होगा और इसकी शुरुआत जेवर से होगी। उन्होंने कहा कि आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग का आधार प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (पीसीबी) है, जिसमें अत्यंत जटिल बहु-स्तरीय (मल्टी-लेयर) सर्किट तकनीक का उपयोग होता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस उच्च तकनीक का निर्माण भारत में होने से इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई गति मिलेगी।

श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सेमीकंडक्टर के बाद अब जेवर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का भी बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की अनेक नई परियोजनाएं उत्तर प्रदेश में स्थापित होंगी और राज्य देश के अग्रणी इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित होगा।

दिल्ली – लखनऊ – वाराणसी – पटना – सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का जिक्र करते हुये केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा स्वीकृत बुलेट ट्रेन परियोजना उत्तर प्रदेश के परिवहन परिदृश्य में ऐतिहासिक बदलाव लाएगी। इसके संचालन के बाद दिल्ली से लखनऊ की यात्रा लगभग 2 घंटे 10 मिनट तथा जेवर से लखनऊ की यात्रा मात्र 1 घंटा 40 मिनट में पूरी की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार को नई गति प्रदान करेगी।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के सेक्टर-10 स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC) में स्थापित होने वाली पहली औद्योगिक इकाई की भी आधारशिला रखी। केंद्र सरकार के सहयोग से विकसित किये जा रहे 206 एकड़ क्षेत्रफल के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर का विकास लगभग 417 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है, जिसमें केंद्र सरकार का 144 करोड़ रुपये का योगदान है। यह क्लस्टर उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

*भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का निर्माण*

‘सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम’ के अंतर्गत शुरू किया गया भारत सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) देश में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) का एक मजबूत एवं व्यापक इकोसिस्टम विकसित कर रहा है। जून 2026 तक सरकार ने लगभग ₹1.64 लाख करोड़ के निवेश वाले 12 सेमीकंडक्टर विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की है। इनमें एक सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन यूनिट, दो कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन यूनिट तथा नौ सेमीकंडक्टर पैकेजिंग यूनिट शामिल हैं।

यह मिशन ‘डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (DLI)’ योजना के माध्यम से भारत के सेमीकंडक्टर डिजाइन इकोसिस्टम को भी सुदृढ़ बना रहा है। अब तक 24 डिजाइन परियोजनाओं को सहायता प्रदान की जा चुकी है, 105 कंपनियों को उन्नत इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन (EDA) टूल्स तक पहुंच उपलब्ध कराई गई है तथा विभिन्न फाउंड्रीज़ में उन्नत प्रौद्योगिकी नोड्स सहित 23 चिप टेप-आउट सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं। केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित ‘भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ का उद्देश्य सेमीकंडक्टर उपकरणों एवं सामग्रियों, स्वदेशी बौद्धिक संपदा, मजबूत आपूर्ति श्रृंखला तथा उन्नत विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ावा देना है। यह पहल वैश्विक स्तर पर एक विश्वसनीय सेमीकंडक्टर हब के रूप में भारत की पहचान को और अधिक सशक्त बनायेगी।