Web News

www.upwebnews.com

नरेंद्र मोदी सरकार के उत्कृष्ट 12 वर्ष

June 10, 2026

नरेंद्र मोदी सरकार के उत्कृष्ट 12 वर्ष

Narendra Modi Prime Minister

सर्वेश कुमार सिंह

प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी ने आज देश के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड बना दिया। उन्होंने प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का 4398 दिन के कार्यकाल का रिकॉर्ड तोड़ा है। इसके साथ ही उनके प्रधानमंत्री के कार्यकाल को 12 वर्ष 15 दिन आज पूरे हुए। श्री मोदी ने 26 मई 2014 को भाजपा नीत राजग गठबंधन के नेता के रूप में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। दूसरी बार 30 मई 2019 और तीसरी बार 9 जून 2024 को शपथ ली।

मोदी ने अपने 12 साल के कार्यकाल में भाजपा के मुख्य और चिरप्रतीक्षित मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया और उन मांगों को पूरा किया। इसमें सबसे प्रमुख श्रीरामजंभुमि मंदिर निर्माण, कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति शामिल है। एक और ऐसा मुद्दा और मांग है जिसे भाजपा और संघ विचार परिवार उठाता रहा है, वह है देश में समान नागरिक संहिता लागू करना। ये अभी कुछ राज्यों में लागू हुआ है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर केंद्रीय कानून की आवश्यकता है।

अगर हम मोदी जी के कार्यकाल को सफलता और विकास के पैमाने पर मापने की कोशिश करे तो ये उत्कृष्ट कार्यकाल है। किसी भी देश की प्रगति उसकी तीन तरह की सुरक्षा पर निर्भर करती है। सामाजिक,आर्थिक सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा और बाहरी सुरक्षा। मोदी सरकार इन तीनों में खरी साबित हुई है। सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर मोदी सरकार ने जो काम किए है वे इससे पहले की किसी सरकार ने ना तो सोचे और ना ही क्रियान्वित हुए। समाज के तीनों वर्गों किसान और मजदूर, व्यापारी और उद्योग तथा सेवा क्षेत्र सभी के लिए मोदी सरकार ने कोई न कोई नई और लाभकारी योजना शुरू की है। इसमें किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, गांव में हर घर शौचालय, और हर नल से पानी, संपूर्ण विद्युतीकरण जैसी योजनाओं को धरातल पर उतारा है। किसान सम्मान निधि के रूप में गत 12 साल में 4 लाख 30 हजार करोड़ रुपए वितरित हुए है। लगभग 9 करोड़ किसान परिवार लाभान्वित हो रहे है।

व्यापारियों के लिए मुद्रा ऋण, जीएसटी का सरलीकरण, आयकर में छूट की सीमा बढ़ाना शामिल है। विश्व व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नए विश्व बाजार की खोज कर निर्यात को बढ़ाया गया है। सेवा क्षेत्र सर्वाधिक प्रगति वाला क्षेत्र बना हुआ है। इसमें यूपीआई लेनदेन ने क्रांतिकारी भूमिका निभाई है। आज हमारी अर्थव्यवस्था का आकार 345 लाख करोड़ के आसपास है,जोकि वर्ष 2014 में 180 लाख करोड़ था। गत वित्तीय वर्ष में जीडीपी की वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रही है। विदेशी मुद्रा भंडार जून के प्रथम सप्ताह में 682 अरब डॉलर है, ये 2014 में 304 अरब डॉलर था। मोदी सरकार के 12 साल में स्वर्ण भंडार भी दो गुना हो गया है। वर्तमान स्वर्ण भंडार 880 मीट्रिक टन है जोकि 2914 में 557 मीट्रिक टन था।

आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर भारत के सामने दो सबसे बड़ी चुनौतियां थीं। एक जम्मू कश्मीर में आतंकवाद पर नियंत्रण और दूसरी माओवादी उग्रवादियों नक्सलियों का खत्मा। दोनों मोर्चों पर मोदी सरकार ने गृहमंत्री अमित शाह के कुशल नेतृत्व को प्रोत्साहित कर और उन्हें खुली छूट देकर निर्णायक प्रहार कर दिया। जम्मू कश्मीर में कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। वहां अब सेना और सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी नहीं होती बल्कि वहां अब वंदे भारत जैसी आधुनिक रेल संचालित हो रही है। नक्सलवाद की समाप्ति एक दिवास्वप्न माना जाता था। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री सरदार मनमोहन सिंह ने तो एक बार कह दिया था कि नक्सलवाद देश की सबसे बड़ी चुनौती है। लेकिन उनकी सरकार कुछ कर नहीं सकी। मोदी सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षाबलों के संयुक्त अभियान, अमित शाह की सफल रणनीति से आज देश नक्सलवाद मुक्त हो गया है। अमित शाह ने तारीख तय करके इस समस्या को जड़ मूल से उखाड़ फेंका। उन्होंने 31 मार्च 2026 की तारीख तय की थी नक्सलवाद की समाप्ति के लिए और इसी तारीख को संसद में नक्सलमुक्त भारत होने की घोषणा कर दी। पाक प्रायोजित और आईएसआई से संचालित नेटवर्क को भी मोदी सरकार ने तोड़ दिया है। बाहरी सुरक्षा के क्षेत्र में भारत की ताकत को मई 2025 में सम्पूर्ण विश्व ने ऑपरेशन सिंदूर के रूप में देख लिया। आज हम रक्षा क्षेत्र में आयातक देश से निर्यातक देश बन गए है। हम ब्रह्मोस मिसाइल और तेजस विमान निर्यात करने की तैयारी में है।

मोदी है तो मुमकिन है, ये नारा अब 2047 में विकसित भारत के स्वप्न को भी साकार करेगा। हम अगले दो वित्तीय वर्ष में यानी कि लगभग 2030 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएंगे। सामाजिक,आर्थिक, और आंतरिक सुरक्षा के लिए देश को एक समान नागरिक संहिता और जनसंख्या नियंत्रण कानून की भी सख्त आवश्यकता है। ये उम्मीद भी मोदी जी ही निकट भविष्य में पूरी करेंगे।

Sarvesh Kumar Singh Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

Sarvesh Kumar Singh
Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh