Posted on 26/05/2026
Time 17:40 P.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh
गोरखपुर। 26 मई 2026 ( उप्र समाचार सेवा) नगर निगम की बैठक मंगलवार को अधिकारियों की कार्यशैली और समय प्रबंधन को लेकर भारी हंगामे की भेंट चढ़ गई। निर्धारित समय से आधा घंटा देरी से सदन में पहुंचे अधिकारियों के खिलाफ पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया। इस दौरान पार्षदों ने इसे जनप्रतिनिधियों का अपमान और प्रशासनिक लापरवाही करार दिया।
सदन की बैठक सुबह 11 बजे निर्धारित थी, लेकिन नगर आयुक्त और महापौर के साढ़े 11 बजे पहुंचने पर पार्षदों का धैर्य जवाब दे गया। पार्षद रवींद्र सिंह ने कड़े शब्दों में विरोध जताते हुए कहा कि “अपमान के बल पर सदन नहीं चलेगा।” पार्षदों का आरोप था कि जब वे समय पर उपस्थित हो सकते हैं, तो अधिकारियों की ओर से देरी क्यों की गई।
पार्षदों ने सवाल उठाया कि जब सदन की बैठक बुलाई गई थी, तो उसी समय नीचे सभागार में ‘सम्भव’ कार्यक्रम क्यों रखा गया? इसे अधिकारियों ने प्रशासनिक चूक माना।
पूर्व पार्षद रोजा खातून के निधन के बाद मिनट्स जारी न होने और पूर्व नगर आयुक्त के विदाई समारोह की सूचना न मिलने पर भी पार्षदों ने तीखा आक्रोश जताया।
बढ़ते हंगामे को देखते हुए अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार ने सामने आकर प्रशासनिक चूक स्वीकार की और भविष्य में पुनरावृत्ति न करने का आश्वासन दिया। हालांकि, पार्षदों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। अंततः पूर्व पार्षद के सम्मान में दो मिनट का मौन रखने के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

