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वंदेमातरम् फाउंडेशन ने चलाया ‘जागे त्यागे पालीथीन’ अभियान

June 5, 2026

वंदेमातरम् फाउंडेशन ने चलाया ‘जागे त्यागे पालीथीन’ अभियान

विश्व पर्यावरण दिवस पर बांटे कपड़े के थैले

लखीमपुर खीरी। विश्व पर्यावरण दिवस के शुभ अवसर पर नगर की सब्जी मंडी में वंदेमातरम् फाउंडेशन द्वारा ‘जागे त्यागे पालीथीन’ अभियान चलाया गया। इस मुहिम के तहत संस्था के सदस्यों ने सब्जी मंडी आने वाले ग्राहकों से पॉलिथीन का बहिष्कार करने और घर से कपड़े का थैला लेकर चलने की भावपूर्ण अपील की। इस दौरान जो लोग बिना थैले के मंडी आए थे, उन्हें संस्था की ओर से कपड़े के थैले मुफ्त वितरित किए गए।

मोबाइल याद रहता है तो थैला क्यों नहीं-ब्रजेश मिश्रा

अभियान के संयोजक और सामाजिक कार्यकर्ता ब्रजेश मिश्रा ने लोगों से तीखा मगर विनम्र सवाल करते हुए कहा, “जब हम घर से निकलते हैं तो मोबाइल ले जाना नहीं भूलते, फिर कपड़े का थैला क्यों भूल जाते हैं?” उन्होंने कहा कि हमारा एक छोटा सा प्रयास शहर को स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बना सकता है। पॉलिथीन नालियों को चोक करती है, जिससे जलभराव होता है और सड़कें खराब होती हैं।

पर्यावरण हित में पॉलिथीन को कहें ना: डॉ. सत्येंद्र द्विवेदी

संस्था के अध्यक्ष व प्रख्यात कवि डॉ. सत्येंद्र द्विवेदी ‘गंवार लखीमपुरी’ ने नागरिकों से अपील की कि पर्यावरण संरक्षण के हित में पॉलिथीन का प्रयोग पूरी तरह बंद कर दें और केवल कपड़े के थैलों में ही सामान लें। वहीं, संस्था के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. वी.बी. धुरिया के विशेष सहयोग से आम जनता को कपड़े के थैले बांटे गए।

बेजुबान पशुओं की जान ले रही पॉलिथीन: डॉ. आलोक मिश्रा

संस्था के उपाध्यक्ष डॉ. आलोक मिश्रा ने पॉलिथीन के घातक परिणामों पर चिंता जताते हुए कहा कि लोग पॉलिथीन में सब्जी लाते हैं और उसे इधर-उधर फेंक देते हैं। इसे खाकर हमारी गौवंश (गाय व अन्य पशु) बीमार हो रहे हैं और असमय मौत का शिकार हो रहे हैं।

पूर्वजों की आदतें अपनाने की जरूरत:पूर्णिमा मिश्रा

सुआगाढा प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका और संस्था सदस्य श्रीमती पूर्णिमा मिश्रा ने कहा कि हमें अपने पूर्वजों की तरह जूट और कपड़े के थैले इस्तेमाल करने की आदत डालनी होगी, अन्यथा आने वाली पीढ़ियां हमारे इस गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के लिए हमें कभी माफ नहीं करेंगी।लगा गगन भेदी नारा मंडी में मौजूद सभी लोगों और संस्था के सदस्यों ने एक स्वर में नारा लगाया “जो पर्यावरण से करते हैं प्यार, पॉलिथीन को करें इंकार, लेकर चलें थैला, न करें नगर को मैला।”इस सराहनीय मुहिम में कवि डॉ. सत्येंद्र द्विवेदी ‘गंवार लखीमपुरी’, ब्रजेश मिश्रा, डॉ. वी.बी. धुरिया, श्रीमती पूर्णिमा मिश्रा, मनोज गुप्ता, राजेश शुक्ला सहित नगर के कई गणमान्य नागरिक और पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे।

Lakhimpur Kheri: महज 3 फीट जमीन के विवाद में 8 वर्षीय मासूम की निर्मम हत्या

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Posted on 05.06.2026 Time 05.47 PM

बचाने आई मां पर भी चाकू से ताबड़तोड़ हमला, चचेरे भाइयों पर आरोप

निघासन खीरी 05 जून 2026, ।ऊत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिला अंतर्गत निघासन कोतवाली क्षेत्र के तारानगर गांव में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां महज चंद फीट जमीन की रंजिश के चलते दो सगे संबंधियों (चचेरे देवर) ने घर में घुसकर चारपाई पर सो रहे 8 साल के मासूम बच्चे की चाकू से गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस दौरान जब मां ने अपने कलेजे के टुकड़े को बचाने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उन पर भी चाकू से जानलेवा हमला कर लहूलुहान कर दिया। इस जघन्य हत्याकांड से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और गांव में भारी दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, तारानगर निवासी रामप्रसाद का मानसिक संतुलन ठीक नहीं रहता है, जिसके कारण परिवार पहले से ही काफी तंगहाली और मुश्किलों का सामना कर रहा था। गुरुवार रात रामप्रसाद की पत्नी ज्ञानवती (ज्ञान देवी) अपने 8 वर्षीय पुत्र रवि कुमार के साथ छप्परनुमा घर में मच्छरदानी लगाकर सो रही थीं।रात करीब 1:45 से 2:00 बजे के बीच आहट होने पर ज्ञानवती की आंख खुली। उन्होंने देखा कि उनके पति के चचेरे भाई सियाराम और हरेराम चारपाई के पास खड़े हैं। इससे पहले कि महिला कुछ समझ पाती या शोर मचाती, आरोपी सियाराम ने ज्ञानवती को दबोच लिया। इसी दौरान दूसरे आरोपी हरेराम ने मच्छरदानी के भीतर सो रहे मासूम रवि की गर्दन पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए।

बेटे को बचाने तड़पी मां, खुद भी हुईं घायल

आंखों के सामने तड़प रहे बेटे को बचाने के लिए जब मां ज्ञानवती ने पूरी ताकत से विरोध किया और हमलावरों से भिड़ गईं, तो आरोपियों ने उन पर भी रहम नहीं खाया। हमलावरों ने महिला की गर्दन और दाहिने हाथ पर चाकू से कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
ज्ञानवती के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर परिवार और आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े। खून से लथपथ मां-बेटे को आनन-फानन में एम्बुलेंस की मदद से निघासन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया जा रहा था, लेकिन घाव गहरे होने के कारण मासूम रवि ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। सीएचसी के डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल मां ज्ञानवती का इलाज अस्पताल में जारी है।

डेढ़ से तीन फीट जमीन का था पुराना विवाद

घटना की सूचना मिलते ही निघासन कोतवाली पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गई। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों परिवारों के बीच काफी समय से महज डेढ़ से तीन फीट जमीन के छोटे से हिस्से को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते इस खूनी खेल को अंजाम दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर आवश्यक वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं।

मुकदमा दर्ज, आरोपियों की तलाश में जुटीं पुलिस टीमें

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया है। निघासन कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (कोतवाल) अवध राज सिंह सेंगर ने बताया कि मृत बालक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया है। पीड़ित महिला की तहरीर के आधार पर नामजद आरोपियों (सियाराम और हरेराम) के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे तारानगर गांव में शोक, मातम और गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

राजनैतिक तथा सामाजिक बदलाव के 12 वर्ष

Posted on 05.06.2026
मृत्युंजय दीक्षित
बारह वर्ष पूर्व 26 मई को भारतीय राजनीति में एक स्वर्णिम अध्याय का आरम्भ हुआ । देश में पहली बार पूर्ण बहुमत की विशुद्ध गैर कांग्रेसी सरकार बनी। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र प्रथम की भावना से ओतप्रोत राजनीति का मंगल युग आरम्भ हुआ, जिसने भारत के जन जन आकांक्षाओं विस्तार दिया। सरकारी फाइलों में दब चुके सपनों ने चन्द्रमा पर उतर कर भारतीय ध्वज फहरा दिया, अंतरिक्ष की सैर कर आए और विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थ व्यवस्था बनने की ओर चल पड़े। ये भारत के “फ्रेजाइल फाइव” से “टॉप फाइव” की यात्रा के बारह वर्ष हैं। मोदी सरकार का यह 12 वर्षों का कार्यकाल राष्ट्र के पुनर्निर्माण का काल है। भारत वैश्विक पटल पर एक ग्लोबल लीडर के रूप में स्थापित हो रहा है। आज युद्ध और राजनैतिक अस्थिरता के समय भी जब विश्व के कई देशों में सत्ता परिवर्तन हो रहे हैं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता बनी हुई है।
सामान्य नागरिक जीवन से राष्ट्र जीवन तक एक भी ऐसा पक्ष नहीं है जो नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी विचारों से अछूता रहा हो – स्वच्छ भारत मिशन और मेक इन इंडिया से लेकर रक्षा आत्मनिर्भरता, आयुष्मान भारत और सांस्कृतिक पुनरोदय तक सभी नए भारत को गढ़ रहे हैं संकल्प से सिद्धि की यह यात्रा अद्भुत है।
भाजपा के तीन पारंपरिक संकल्पों की सिद्धि: सनातन समाज के श्री राम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ को राजनैतिक समर्थन देने के श्री लाल कृष्ण अडवाणी के निर्णय के बाद भाजपा का राजनैतिक कद तेजी से बढ़ा। श्री राम जन्मभूमि स्थल पर भव्य श्री राममंदिर का निर्माण भाजपा के एजेंडे में आया। परिस्थितियां ऐसी हो गयीं कि विरोधी, “मंदिर वहीं बनायेंगे” के नारे में “लेकिन तारीख नहीं बताएँगे“ जोड़कर पार्टी और उसके समर्थकों का उपहास करने लगे। आज श्री रामजन्मभूमि स्थल पर भव्य श्री राम मंदिर बन चुका है और पूरे विश्व के हिन्दू समाज को गर्व की अनुभूति करा रहा है।
इसी प्रकार भाजपा का दूसरा प्रमुख नीतिगत विषय धारा 370 रहा जिसके लिए डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जे अपना जीवन तक अर्पित कर दिया। कश्मीर की विभाजनकारी पार्टियाँ चुनौती देती रहीं कि 370 हटी तो कोई यहाँ तिरंगा उठाने वाला नहीं रहेगा लेकिन 370 भी हटी, 35 ए भी हटी और आज कश्मीर राष्ट्र की मुख्यधारा में बह रहा है। समान नागरिक संहिता भाजपा का तीसरा परंपरागत मुद्दा था जिस पर भाजपा की सशक्त राज्य सरकारें एक -एक कर निर्णय ले रही हैं और राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू होती जा रही है।
आतंकवाद के विरुद्ध शुन्य सहनशीलता तथा रक्षा आत्मनिर्भरता : भारत में 2014 के बाद भी कुछ बड़े आतंकी हमले हुए किंतु मोदी काल में भारत ने उनका भीषण प्रतिकार किया। वर्ष 2025 में पहलगाम में हुए हमले के प्रतिरोध में किए गए भारत के ऑपरेशन सिंदूर की धमक पूरे विश्व में सुनाई दी । नया भारत शत्रु के घर में घुसकर वार करता है। भारत ने आतंकवाद व सीमा पार खतरों को देखते हुए अपनी सेनाओं को लगातार मजबूती प्रदान कर रहा है। अब भारत आधुनिकतम स्वदेशी मिसाइलों, ड्रोन तथा रक्षा तकनीक का विकास कर रहा है। सुरक्षा खतरों को देखते हुए अब स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम भी विकसित किये जा रहे हैं । उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में रक्षा गलियारे विकसित किये जा रहे हैं।
आत्मनिर्भर भारत : वर्तमान अनिश्चित वैश्विक परिस्थितियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का अभियान चला रहे हैं। मेक इन इंडिया के माध्यम से आयात पर निर्भरता कम करने का प्रयास किया जा रहा है। कोविड काल के बाद से लेकर अब तक सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों इलेक्ट्रानिक्स, फार्मास्युटिकल, ऑटोमोबाइल और टेक्सटाइल से लेकर सेमीकंडक्टर के निर्माण लिए विशेष योजनाओं का आरम्भ हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी ने एक तरफ “लोकल फॉर वोकल“ अभियान का श्रीगणेश किया दूसरी ओर “ईज ऑफ़ डुइंग बिजनेस” को प्राथमिकता दे रहे हैं।
अवस्थापना ढांचे में व्यापक बदलाव – मोदी सरकार ने जीवन की सरलता के लिए अवस्थापना ढांचे में व्यापक बढ़ोत्तरी करी है। आधुनिक एक्सप्रेस वे और विश्वस्तरीय एयरपोर्ट्स का जाल बिछाकर सरकार ने विकसित भारत को गति प्रदान की है। विज्ञान व अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी भारत अभूतपूर्व प्राग कर रहा है इसरो ने कई बड़े अभियान सफलतापूर्वक पूर्ण किए हैं। नया भारत नए उर्जा स्रोतों की ओर देख रहा है।
डिजिटल इंडिया अभियान – यूपीआई ने भारत की अर्थव्यवस्था को डिजिटल बनाया। आज दुनिया के कई देश भारत के डिजिटल मॉडल को अपना रहे हैं।
आर्थिक सुधार : जीएसटी की अर्थव्यवस्था ने देश की अर्थव्यवस्था को पारदर्शी बनाया है। जीएसटी ने कई करों को समाप्त कर एक एकल कर प्रणाली लागू की जिससे “एक राष्ट्र एक कर“ का सपना साकार हुआ।
भारत की सॉफ्ट पॉवर: भारत की योग, अध्यात्म, कला , संस्कृति और खेलों जैसी सॉफ्ट पॉवर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की वैश्विक चमक को धार दी। 21 जून को पूरा विश्व योग दिवस मनाता है। विश्व के कोने कोने से लोग कुम्भ मेले को समझने आए। खेलो इंडिया ने भारत की युवा शक्ति को वैश्विक मंचों के लिए तैयार किया । भारत के हैंडीक्राफ्ट को विश्व के मंचों पर पहचान मिली। नारी सशक्तीकरण को यह सरकार एक नए सोपान पर ले गई – मोदी जी ने नारी के नेतृत्व में सशक्तीकरण की बात कही। ट्रिपल तलाक की कुप्रथा की समाप्ति से लेकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम और लखपति दीदी की मुस्कराहट तक आज का भारत स्त्रियों के साथ और उनके नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है
माओवाद से मुक्ति: प्रधानमंत्री नेंद्र मोदी के कार्यकाल की बड़ी सफलताओं में यदि नक्सली आतंक के सफाए और माओवाद से मुक्ति की बात न की जाए तो ये चर्चा अधूरी रह जाएगी। मोदी जी के नेतृत्व में वर्तमान गृहमंत्री अमित शाह ने संकल्प लेकर 31 मार्च 2026 को नाक्साली आतंक की समाप्ति की बात कही थी और उअसको सिद्ध करके दिखाया।
आज केवल भारत ही नहीं वरन पूरा विश्व प्रधानमंत्री मोदी की ओर आशा की दृष्टि से देखता है। कोविड काल में भारत ने जिस प्रकार से वसुधैव कुटुम्बकम के ध्येय वाक्य को दृष्टिगत रखते हुए विभिन्न देशों की सहायता की, अपनी दृष्टि और मित्रता के स्वरूप स्पष्ट रखे, आतंकवाद पर दोहरा रवैया नहीं अपनाया जिसके परिणाम स्वरुप मोदी जी को 32 राष्ट्र अपना विशिष्ट सम्मान दे चुके हैं। प्रधानमंत्री को मिलने वाला ऐसा प्रत्येक सम्मान भारत का सम्मान है।
प्रेषक – मृत्युंजय दीक्षित
फोन नं.- 9198571540

राष्ट्र के लिए समर्पित व्यक्तित्व निर्माण की कार्यशाला है संघ शिविर :निंबाराम

मूसलाधार वर्षा के बीच संघ शिक्षा वर्ग का समापन

प्रकट समारोह में दिखा अद्भुत उत्साह, हुआ समरसता भोज

उदयपुर 04 जून 2926, । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा आयोजित 15 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग (महाविद्यालय विद्यार्थी, चित्तौड़ प्रान्त) का समापन समारोह विद्या निकेतन विद्यालय, फतहनगर में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूज्या आई मां कंकू केसर ने की।

समारोह में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राजस्थान के क्षेत्र प्रचारक निंबाराम ने कहा कि संघ शिक्षा वर्ग केवल प्रशिक्षण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र के लिए समर्पित व्यक्तित्वों के निर्माण की कार्यशाला है। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए चरित्रवान, अनुशासित एवं संगठित व्यक्तियों की आवश्यकता है और संघ इसी दिशा में सतत कार्य कर रहा है।

उन्होंने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में संघ के प्रसिद्ध गीत “आंधी मिले, तूफान मिले, चाहे जितने व्यवधान मिले” का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वयंसेवकों का जीवन परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए भी अपने ध्येय के प्रति अडिग रहने का प्रतीक है। आज समापन समारोह में हो रही तेज वर्षा के बीच स्वयंसेवकों एवं समाजजनों की उपस्थिति इस गीत की भावना को साकार करती हुई दिखाई दी।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रकार्य में आने वाली कठिनाइयाँ स्वयंसेवकों के उत्साह को कम नहीं कर सकतीं, बल्कि उन्हें और अधिक दृढ़ बनाती हैं। भारत की शक्ति उसकी सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता एवं पारिवारिक मूल्यों में निहित है। संघ का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ते हुए एक संगठित, सक्षम एवं आत्मविश्वासी राष्ट्र का निर्माण करना है। वर्ग में प्राप्त संस्कारों को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उतारना ही प्रशिक्षण की वास्तविक सार्थकता है।

निंबाराम ने मेवाड़ की गौरवशाली परंपरा का स्मरण करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और अदम्य साहस का प्रेरक आदर्श है। इस वर्ष हल्दीघाटी विजय के 450 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं, जो सम्पूर्ण राष्ट्र और विशेष रूप से मेवाड़ के लिए गौरव का विषय है। इस ऐतिहासिक अवसर पर मेवाड़ में एक विशाल एवं भव्य कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। उन्होंने उपस्थित सभी स्वयंसेवकों, अभिभावकों एवं समाजजनों से इस ऐतिहासिक आयोजन में अधिकाधिक संख्या में सहभागिता करने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ने और राष्ट्रभाव को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं।

अध्यक्षीय उद्बोधन पूज्या आई मां कंकू केसर ने कहा कि राष्ट्र और समाज के लिए कार्य करने वाले युवाओं का निर्माण ही किसी भी देश की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने स्वयंसेवकों को सदैव सेवा, संस्कार और समर्पण के मार्ग पर अग्रसर रहने का आशीर्वाद प्रदान किया तथा समाज के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का आह्वान किया।

*स्वयंसेवकों की एकरूपता, अनुशासन का जन मानस पर पड़ा*
कार्यक्रम मे वर्गार्थियों ने दंड, योग, समता, नियुद्ध, व्यायाम योग तथा अन्य शारीरिक कार्यक्रमों का प्रभावी प्रदर्शन किया। स्वयंसेवकों की एकरूपता, अनुशासन, दक्षता एवं आत्मविश्वास ने उपस्थित नागरिकों को अत्यंत प्रभावित किया। वर्ग के दौरान प्राप्त प्रशिक्षण की झलक इन प्रस्तुतियों में स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

*तेज बारिश के बीच स्वयंसेवकों ने किया प्रदर्शन*
समापन समारोह के दौरान हुई मूसलाधार वर्षा भी स्वयंसेवकों एवं समाजजनों के उत्साह को डिगा नहीं सकी। तेज बारिश के बावजूद सभी स्वयंसेवक पूरे अनुशासन एवं एकाग्रता के साथ कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे तथा बड़ी संख्या में उपस्थित समाजजनों ने भी अंत तक कार्यक्रम में सहभागिता निभाकर राष्ट्रकार्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया।

*स्वावलंबन एवं पर्यावरण अनुकूल दिनचर्या*
शिक्षार्थियों ने स्वावलंबन एवं सामूहिकता की भावना के साथ निवास, भोजन, स्वच्छता एवं अन्य व्यवस्थाओं का संचालन स्वयं करते हुए आत्मनिर्भरता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। वर्ग में सिंगल यूज प्लास्टिक का निषेध रहा और जल संरक्षण आधारित दिनचर्या रही। शिक्षार्थी तय सत्र में 05 मिनट पहले पहुंचने का स्वभाव रहा।

*संविधान व पाथेय कण प्रदर्शनी*
संविधान के चित्रों एवं संबंधित अध्यायों के साथ संदेश देती संविधान की प्रदर्शनी लगाई गई। साथ ही पिछले 30 वर्षों के पाथेय कण विशेषांक को स्वाध्याय के लिए शिक्षार्थियों को उपलब्ध करवाये गये।

*98 शिक्षार्थी, 25 शिक्षक, 29 प्रबंधक*
फतहनगर में 17 मई दोपहर से प्रारंभ होकर 15 दिवसीय यह वर्ग 2 जून प्रातः दीक्षांत समारोह के पश्चात पूर्ण हुआ। इस वर्ग में चित्तौड़ प्रांत के 15 प्रशासनिक एवं संघ दृष्टि से 27 जिलों के 83 स्थानों से 98 शिक्षार्थी देश सेवा की साधना को तीव्र करने के लिए उपस्थित हुए हैं। सभी 98 शिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण पूर्ण किया। इन शिक्षार्थियों में 17 वर्ष से 28 वर्ष की आयु वर्ग के महाविद्यालयीन विद्यार्थी के प्रशिक्षणार्थी सम्मिलित हैं। संघ कार्य की दृष्टि से इनमें 44 कार्यकर्ता शाखा स्तर तथा 54 स्वयंसेवक प्रवासी कार्यकर्ता के रूप में अपने अपने क्षेत्र में कार्यरत है। इन शिक्षार्थियों के सुचारू एवं सघन प्रशिक्षण हेतु अपने अपने विषय में 25 निपुण शिक्षक तथा इनकी सभी सामान्य आवश्यकताओं के व्यवस्थित प्रबंधन के लिए 29 प्रबंधक दिन रात लगे हुए थे।

*वर्गाधिकारी द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन* वर्गाधिकारी ने प्रतिवेदन मे बताया कि 15 दिवसीय इस शिक्षा वर्ग में विभिन्न नगरों एवं ग्रामों से आए स्वयंसेवकों ने सहभागिता की। वर्ग के दौरान शारीरिक प्रशिक्षण, बौद्धिक सत्र, योग, गीत, समूह चर्चा, सेवा गतिविधियाँ, सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, ग्राम विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं राष्ट्रीय विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया। संघ शिक्षा वर्ग फतहनगर नगर में स्थित विद्या निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित हुआ।

सांस्कृतिक गौरव की रक्षा हेतु निरंतर कार्य करने का संकल्प
समापन अवसर पर स्वयंसेवकों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं सांस्कृतिक गौरव की रक्षा हेतु निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। संघ प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

बंगाल के चर्चित हत्याकांड का बलिया कनेक्शन, गैंगेस्टर कोर्ट में मोनू सिंह का सरेंडर

पत्नी बोली सीबीआई पर भरोसा।
रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 04/06/2026
बलिया, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी के पिए चन्द्रनाथ रथ हत्याकांड की परतें जैसे-जैसे खुल रही है, इसके तार उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से गहरे जुड़ते जा रहे है। हर बीतते दिन के साथ यह हाई प्रोफाइल मामला एक नया मोड़ ले रहा है।अब इस पूरे हत्याकांड में बलिया के बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के शीतल दवनी गांव के रहने वाले ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मोनू सिंह का नाम सामने आने से हड़कंप मच गया है। इसी बीच एक बड़ी खबर यह आ रही है कि पश्चिम बंगाल पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के रडार पर आए मोनू सिंह ने बलिया के गैंगेस्टर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है। बंगाल हत्याकांड में नाम उछलने के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस और जांच एजेंसीयां कई बार मोनू सिंह के गांव पहुंची थी। पुलिस ने मोनू के परिजन और ग्रामीणों से कड़ी पूछता की थी। खुद को चौतरफा घिरता देख मोनू सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था। वीडियो में उसने बंगाल की इस चर्चित हत्याकांड में खुद को पूरी तरह से निर्दोष बताते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर गुहार लगाई थी।

मोनू सिंह के अधिवक्ता शार्दूल विक्रम सिंह ने बताया कि मोनू सिंह के खिलाफ पहले से ही उत्तर प्रदेश में एक मुकदमा दर्ज था, जिसमें कोर्ट से उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ था। इसी के आधार पर मोनू सिंह ने स्वयं बलिया की गैंगेस्टर कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। बताया जहां तक पश्चिम बंगाल के चर्चित हत्याकांड में ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मोनू का नाम जुड़ने की बात है, तो इस बारे में फिलहाल हमारे पास कोई खास या आधिकारिक जानकारी नही है, बताया परिजनों के द्वारा पता चला है कि पुलिस कई बार मोनू सिंह के घर गयी थी।

मोनू सिंह के सरेंडर करने के बाद उसकी पत्नी महिमा सिंह मीडिया के सामने आई। महिमा ने पति के सरेंडर की पुष्टि करते हुए बंगाल पुलिस और केंद्रीय जांच ब्यूरो की कार्रवाई पर बड़ा बयान है।महिमा सिंह ने कहा आज मेरे पति ने बलिया कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। बंगाल हत्याकांड में मेरे पति का नाम क्यों और कैसे जुड़ा है, इस बारे में हमे कोई जानकारी नही है। लेकिन पुलिस और सीबीआई की टीम हमारे घर पर 3 से 4 बार आ चुकी है। जांच एजेंसियां हमारे घर से सीसीटीवी का डीवीआर भी अपने साथ ले गई है। बोली मुझे सीबीआई पर भरोसा है कि वह निष्पक्ष जांच करेगी। मेरे पति पूरी तरह निर्दोष है और हमे न्याय जरूर मिलेगा।

पश्चिम बंगाल के एक हाई प्रोफाइल हत्याकांड में नाम आने के बाद चर्चा में आए बलिया के शीतल दवनी निवासी ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मोनू ने अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने से पहले एक वीडियो संदेश अपने फेसबुक अकाउंट पर जारी किया। इस वीडियो में मोनू सिंह ने देश के शिर्ष नेतृत्व से न्याय की गुहार लगाई है और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

वीडियो में ज्ञानेंद्र सिंह मोनू ने कहा आदरणीय योगी जी मोदी जी और सीबीआई महोदय से मेरा निवेदन है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, मोनू का आरोप है कि उसे एक बड़ी साजिश के तहत फसाया जा रहा है।

मोनू सिंह ने अपने ही गांव के प्रभावशाली व्यक्ति मुकेश सिंह पर निशाना साधते हुए कहा, मुकेश सिंह एक बेहद रसूखदार और पहुंच वाला व्यक्ति है। इसके खिलाफ बलिया गाजीपुर और लखनऊ में कम से कम 10 मुकदमे दर्ज है। मोनू ने आरोप लगाया कि बांसडीह थाने की पुलिस मुकेश सिंह को पूरा सहयोग करती है। अपराधीक इतिहास होने के बावजूद पुलिस ने उसे पिस्तौल का लाइसेंस और गनर तक मुहैया करा रखा है। आपसी विवाद के कारण मुकेश सिंह उसे हर मामले में घसीटना चाहता है। मोनू ने मुकेश पर धोखाधड़ी करने और गाजीपुर में डीएम द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने की बात भी कहीं।

गैंगस्टर मोनू ने वीडियो में साफ तौर पर कहा कि वह अब भागते-भागते थक चुका है और कानून के सामने हाजिर होना चाहता है लेकिन उसे उत्तर प्रदेश पुलिस पर बिल्कुल भरोसा नहीं है क्योंकि इन्होंने हर जगह अपने लोगों को लगा रखा है जो मेरा एनकाउंटर करना चाहते हैं ताकि यह मामला यहीं दब जाए और सच मुकेश सिंह तक न पहुंच सके।

मोनू सिंह ने अपनी बेगुनाही का दावा करते हुए खुद को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा हुआ बताया। उसने कहा मैं भी एक आरएसएस का बेटा हूं। मेरे बारे में भी पता किया जाए मेरे ऊपर जो भी कैस दिखाया जा रहा है, अगर सीबीआई उनकी निष्पक्ष जांच करेगी तो सच सामने आ जाएगा। उसने यह स्वीकार किया कि उसका एकमात्र कसूर यह था कि उसने मुकेश सिंह के कहने पर गाजीपुर में सिर्फ एक गाड़ी छोडी थी और वह आगे की जांच में पूरी तरह सहयोग करने को तैयार है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद से स्थानीय पुलिस प्रशासन और सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है। अब देखना यह होगा कि इस बयान के बाद जांच एजेंसियां क्या रुख अपनाती है। फिलहाल मोनू सिंह ने गैंगस्टर कोर्ट बलिया में आत्मसमर्पण कर दिया है।

पश्चिम बंगाल के चर्चित हत्याकांड मामले में बंगाल की सियासत के साथ-साथ अब यूपी के पुलिस महकमे में खलबली मचा दी है।बलिया के एक छोटे से गांव से जुड़े इस तार ने जांच एजेंसियों को भी चकरा दिया है।अब देखना यह होगा कि गैंगेस्टर कोर्ट में सरेंडर के बाद क्या पश्चिम बंगाल पुलिस या सीबीआई मोनू सिंह को रिमांड पर लेने के लिए बलिया कोर्ट का रुख करती है या नहीं।

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