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मिर्जापुर में आंधी-तूफान के कहर से 14 लोगों की मौत, कई घायल

May 14, 2026

मिर्जापुर में आंधी-तूफान के कहर से 14 लोगों की मौत, कई घायल

*शहर से लेकर गांव तक बिजली आपूर्ति ठप, गंगा नदी में बना पीपा पुल भी टूटा*

मीरजापुर। जनपद में आंधी पानी ने जमकर तबाही मचाई है। तेज आंधी तूफान के कारण 14 लोगों की जान चली गई है। वहीं शहर लेकर गांव तक की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है‌। जो समाचार प्रेषण तक बाधित रहा है। बुधवार की रात से लेकर गुरुवार को सुबह तक बिजली आपूर्ति बाधित होने से उमश भरी गर्मी से व्याकुल लोगों को दो बूंद पानी के लिए परेशान देखा गया है।
मीरजापुर जिले में आए चक्रवती तूफान, तेज आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचाई. पेड़, दीवार, टीन शेड गिरने और आकाशीय बिजली से अलग-अलग थाना क्षेत्रों में 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं. मृतकों में पड़री थाना क्षेत्र में-5, अदलहाट-3, कछवां-2, चील्ह-1, लालगंज-1, संतनगर-1, ,कोतवाली देहात-1 बताएं गए हैं। पूरी रात जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित रहीं है।


छानबे विकास खंड क्षेत्र के गौरा परमानपुर मार्ग का पीपा पुल टूटने से 20 गांवों का आवागमन रुक गया है. कई इलाके में सड़क पर पेड़ गिरने से आवागमन तक बाधित हो गया है. जिले में बुधवार को देर शाम आंधी तूफान ने जमकर तबाही मचाई है आंधी पानी के कारण अलग-अलग थाना क्षेत्र में 14 लोगों की जान चली गई है. पड़री थाना क्षेत्र में चार की मौत हुई है. नदीगहना, सारी पोखरी गांव में आम के पेड़ गिरने से 9 साल के बच्चे अंशु मौर्य की मौत हुई है. छीतमपट्टी गांव में भी आम का पेड़ गिरने 17 वर्षीय किशोर अक्षय की मौत हुई है. मोहनपुर भवरख गांव में महुआ का पेड़ गिरने से महिला सरोज देवी की मौत हुई है.साथ ही महेवा में आम बिनने गए एक व्यक्ति बिहारी के भी मौत की खबर है.
कछवां थाना क्षेत्र में भी दो की मौत हुई है. विदापुर की रहने वाली महिला बेईला देवी पर टिन का शेड गिरने से मौत हो गई है. हरदरा के पास स्कॉर्पियो गाड़ी पर पेड़ गिरने से राणा उर्फ बबलू की मौत हो गई है स्कार्पियो सवार दो गंभीर रूप से घायल है जिनको ट्रामा सेंटर वाराणसी रेफर किया गया है. चील्ह थाना क्षेत्र के गडगेड़ी गांव में आंधी तूफान से दीवार गिरने से 50 वर्षीय वृद्ध राम सागर जायसवाल की मौत हुई है.

*आंधी में उड़े टिन शेड से महिला का कटा गर्दन हुईं मौत*

वही लालगंज थाना क्षेत्र के कोलकम गांव में आंधी पानी के कारण टिन शेड उड़ने से नीलम महिला की गर्दन कटने से मौत हो गई है.

पड़री थाना क्षेत्र में चार से बढ़कर हुई पांच लोगों की हुई मौतों को संख्या, लालता यादव 70 वर्ष, इसके साथ ही
देहत कोतवाली क्षेत्र के कुरकुटिया पांडेय में चंद्रावती देवी नामक महिला की मौत की खबर है,

*आकाशीय बिजली से हुई मौत*

इसी प्रकार अदलहाट थाना क्षेत्र में आकाशीय बिजली से मंगल प्रसाद की मौत हुई है.

*पीपा पुल टूटने से बीस गांवों का सम्पर्क टूटा*

जान जाने के साथ ही आंधी पानी ने गौरा-परमानपुर मार्ग बने गंगा नदी का पीपा पुल टूटने से 20 गांव का आवागमन हुआ ठप हो गया है. सिमराध नाथ को जोड़ने वाला यह संपर्क मार्ग है. गांव से लेकर शहर तक अभी तक लाइट आपूर्ति बाधित है. कई इलाके में सड़क पर पेड़ उखड़ कर गिर गए हैं जिससे आवागमन ठप है. विंध्याचल अटल चौक पर हाई मास्क लाइट गिर गई है गनीमत रहा की किसी को चोट नहीं आई. जिलाधिकारी और एसपी आवास के रोड पर पेड़ गिरने से घंटो आवागमन बाधित रहा. आंधी पानी से पूरे जनपद में जनजीवन प्रभावित हो गया है.
मंडलीय अस्पताल के समीप पेड़ की डाल गिरने से जहां काफी देर तक आवागमन बाधित रहा है वहीं उधर से गुजर रहे एक राहगीर के घायल होने की खबर है।
दूसरी ओर जिले के मड़िहान थाना क्षेत्र के ग्राम सभा बेदौली, गोपालपुर, कलवारी माफी व आसपास के इलाकों में आए तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई। कई जगह शादी-विवाह में लगे टेंट और सजावटी सामान तेज हवाओं में उड़कर टूट गए। ग्रामीणों के कच्चे मकानों व घरों को भी नुकसान पहुंचा है। अचानक आए तूफान से लोगों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर सहायता दिलाने की मांग की है।

हम सब एक हैं’, यह एकत्व की अनुभूति वर्ग में प्राप्त होती है – अतुल लिमये जी

नागपुर में कार्यकर्ता विकास वर्ग द्वितीय का शुभारम्भ

नागपुर, 11 मई 2026।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता विकास वर्ग-द्वितीय आज रेशीमबाग स्थित डॉ. हेडगेवार स्मृति भवन परिसर के महर्षि व्यास सभागार में प्रारंभ हुआ। शताब्दी वर्ष में हो रहे वर्ग के उद्घाटन अवसर पर सह सरकार्यवाह तथा वर्ग के पालक अधिकारी अतुल जी लिमये, सह सरकार्यवाह रामदत्त जी तथा जयपुर प्रांत संघचालक व वर्ग के सर्वाधिकारी महेंद्र सिंह मग्गो जी उपस्थित रहे। उन्होंने भारत माता की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर वर्ग का शुभारम्भ किया। वर्ग में देशभर से 880 शिक्षार्थी सम्मिलित हुए हैं। प्रशिक्षण वर्ग में सामाजिक जागरूकता एवं सामाजिक परिवर्तन पर प्रशिक्षण दिया जाता है।

सह सरकार्यवाह अतुल लिमये जी ने कहा कि हमारा जन्म भारत में हुआ, संघ के संपर्क में आकर स्वयंसेवक बने और संघ शताब्दी वर्ष में कार्यकर्ता विकास वर्ग द्वितीय में सहभागी होना, यह हमारा सौभाग्य है। संघ की शताब्दी की यात्रा में उपहास, उपेक्षा, विरोध का सामना करना पड़ा। तीन बार प्रतिबंध का भी सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों के त्याग, संघर्ष और प्रसंगानुरूप बलिदान के कारण यह यात्रा संभव हुई है। सामान्य दिखने वाले स्वयंसेवकों के असामान्य कर्तृत्व ने संघ को बनाया। उन्होंने कहा कि संघ की व्यक्ति निर्माण की प्रक्रिया विकेंद्रित है। व्यक्ति निर्माण का महत्त्वपूर्ण हिस्सा तो संघ की प्रतिदिन की शाखा है। उसी तरह संघ शिक्षा वर्ग भी व्यक्ति निर्माण का कार्य करता है। 1927 से संघ शिक्षा वर्ग की शुरुआत हुई। समय के अनुसार वर्गों की पद्धति में परिवर्तन आया। लेकिन भारत हिन्दू राष्ट्र है, परम वैभव साध्य करने हेतु संपूर्ण समाज का संगठन का लक्ष्य, समाज संगठन के लिए व्यक्ति निर्माण की प्रक्रिया, यह तीन मूलभूत बातें नहीं बदली। नागपुर में आयोजन के कारण इस वर्ग का महत्व असाधारण है। शरीर के साथ मन की सिद्धता भी जरुरी है। वही प्रक्रिया इस वर्ग में होती है।

अतुल जी ने कहा कि अमृत काल के चरण के साक्षी बनने का सौभाग्य हमें प्राप्त हो रहा है। इस कालावधी का पूर्ण उपयोग करना होगा। वर्ग में शारीरिक, बौद्धिक प्रशिक्षण के साथ अलग अनुभूति मिलती है। अलग-अलग प्रांतों के लोग साथ में रहते हैं। ‘हम सब एक हैं’, यह एकत्व की अनुभूति वर्ग में प्राप्त होती है। गौतम बुद्ध जी ने कहा था कि मुक्ति का मार्ग मैं बताता हूँ, पर पहुँचते वही हैं जो उसी मार्ग का अनुसरण कर निरंतर चलते रहते हैं। अपने मार्ग पर चलने के लिए स्वयंसेवकों को सिद्ध करने के लिए इस वर्ग में तैयार किया जाता है।

यह वर्ग अगले 25 दिनों तक चलेगा और आगामी 4 जून को समापन होगा। समापन के अवसर पर सरसंघचालक मोहन भागवत जी उपस्थित रहेंगे।

केलकर जी से विद्यार्थी परिषद में जीवन दृष्टि मिली, संघ में वह विकसित हुई: दत्तात्रेय होसबाले

‘प्रिय केलकर जी’ अभिवाचन कार्यक्रम में जीवंत हुआ संगठन शिल्पी प्रा. यशवंतराव केलकर का व्यक्तित्व

नई दिल्ली, 10 मई, 2026, अभाविप के संगठन शिल्पी एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रा. यशवंतराव केलकर जी के जन्मशती वर्ष के उपलक्ष्य में ‘प्रिय केलकर जी’ विशेष अभिवाचन कार्यक्रम का आयोजन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविक सेंटर में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी उपस्थित रहे। इस अवसर पर अभाविप के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. राजकुमार भाटिया जी, राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी जी, अखिल भारतीय छात्रा कार्य प्रमुख मनु शर्मा कटारिया जी, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष डॉ. तपन बिहारी जी तथा प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, कुलसचिव, प्राध्यापक, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष, दिल्ली सरकार के मंत्री, संघ प्रेरित संगठनों के कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

राष्ट्रनिष्ठ चिंतक, संगठन शिल्पी एवं विद्यार्थी चेतना के प्रखर प्रेरणास्रोत प्रा. यशवंतराव केलकर जी का जन्म 25 अप्रैल, 1925 को महाराष्ट्र के पंढरपुर (सोलापुर) में हुआ था। विद्यार्थी जीवन से ही राष्ट्र कार्य को जीवन का ध्येय मानने वाले केलकर जी 1945 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक बने। 1955 में अंग्रेजी के प्राध्यापक के तौर पर उन्होंने नेशनल कॉलेज में पढ़ाना शुरू किया और संघ के निर्देशानुसार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का कार्य प्रारम्भ किया। उनकी कार्यशैली से अभाविप को वैचारिक स्पष्टता, संगठनात्मक दृष्टि एवं कार्यकर्ता निर्माण की ऐसी कार्यपद्धति प्राप्त हुई, जिसने अभाविप को अखिल भारतीय स्वरूप प्रदान किया। उन्होंने छात्र शक्ति को राष्ट्र निर्माण की शक्ति के रूप में स्थापित करने का कार्य किया।

कार्यक्रम में पुणे से आई मिलिंद भड़गे के नेतृत्व वाली अभिवाचन टोली ने ‘प्रिय केलकर जी’ प्रस्तुति के माध्यम से प्रा. केलकर जी के जीवन, विचार एवं कार्यपद्धति को मंचित किया। प्रस्तुति में अभाविप की कार्यशैली, पूर्व योजना-पूर्ण योजना, समय संतुलन, अनुशासन, सामूहिकता तथा कार्यकर्ता निर्माण की उस जीवंत पद्धति को प्रस्तुत किया गया।

सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा, “बालासाहेब देवरस जी कहा करते थे कि यशवंतराव केलकर जी डॉ. हेडगेवार के कुलोत्पन्न हैं। प्रा. केलकर जी ने संगठन निर्माण के वे सूत्र दिए, जिन पर अभाविप की सशक्त नींव खड़ी हुई। उन्होंने अभाविप को केवल आंदोलन तक सीमित न रखते हुए रचनात्मकता, प्रतिनिधित्व एवं राष्ट्र निर्माण की दिशा प्रदान की। प्रा. केलकर जी ने टीम वर्क, समय पालन, सादगी, संसाधनों के सदुपयोग एवं आत्मीय कार्यपद्धति के माध्यम से संगठन जीवन का आदर्श प्रस्तुत किया। वे बिना किसी ईर्ष्या-द्वेष के सभी को साथ लेकर चलने वाले व्यक्तित्व थे। उनका जीवन कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का अखंड स्रोत है।” उन्होंने कहा, “प्रा. यशवंतराव केलकर जी के साथ कार्य करते हुए, विद्यार्थी परिषद में मुझे जीवन दृष्टि मिली और संघ में वह विकसित हुई।”

अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी जी ने कहा, “प्रा. यशवंतराव केलकर जी का जीवन प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए आदर्श है। आज अभाविप की जो कार्यपद्धति देशभर में दिखाई देती है, वह प्रा. केलकर जी द्वारा प्रदत्त है। उनके जीवन से यह सीखने की आवश्यकता है कि कार्यकर्ता के जीवन में कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं होना चाहिए।”

अभाविप के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. राजकुमार भाटिया जी ने कहा, “यदि हमें प्रा. केलकर जी के व्यक्तित्व एवं अभाविप की कार्यपद्धति को समझना है, तो उनके जीवन एवं विचारों पर आधारित साहित्य का अध्ययन करना आवश्यक है। प्रा. केलकर जी विद्यार्थी परिषद को व्यक्तित्व निर्माण की कार्यशाला मानते थे।”.

ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने जताई नाराजगी

कांग्रेस जिलाध्यक्ष विवेक उपाध्याय
हाथरस। कांग्रेस जिलाध्यक्ष विवेक उपाध्याय ने समाजवादी पार्टी के नेता राजकुमार भाटी द्वारा ब्राह्मण समाज को लेकर की गई टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज या समुदाय के खिलाफ अभद्र और अमर्यादित भाषा का प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।विवेक उपाध्याय ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन किसी भी वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचाना स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज ने देश की संस्कृति, शिक्षा, ज्ञान और सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, इसलिए ऐसे समाज के प्रति अपमानजनक टिप्पणी भारतीय संस्कृति और सामाजिक समरसता का अपमान है।कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मांग की कि केवल औपचारिक माफी नहीं, बल्कि संबंधित नेता पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि राजनीति समाज को जोड़ने का माध्यम होनी चाहिए, न कि वैमनस्य फैलाने का।

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Hathras News पप्पू नाथ बाबा अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे

बरसै में पुलिया बाले वाबा के मंदिर पर भूख हडताल पर बैठे पप्‍पू बाबा

हाथरस। सासनी के  गांव महमदपुर बरसै स्थित पुलिया वाले बाबा के मंदिर को तोडे जाने के बाद उक्त जगह पर चल रहा धरना प्रदर्शन आज पांचवें दिन और उग्र हो गया। प्रशासन द्वारा मांगों की अनदेखी किए जाने से क्षुब्ध होकर पप्पू नाथ बाबा ने आज से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
बुधवार को भी ग्रामीण और हिंदूवादी संगठन अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। पिछले पांच दिनों से ग्रामीण और कार्यकर्ता पुलिया वाले बाबा के स्थान पर धरने पर बैठे हैं। मांगें पूरी न होने पर पप्पू नाथ बाबा ने अन्न-जल त्याग कर भूख हड़ताल का आह्वान किया है। इस आंदोलन को अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल का समर्थन मिल रहा है। धरना स्थल पर आज भारी संख्या में लोग जुटे, जिनमें अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के विभाग अध्यक्ष राहुल उपाध्याय भी उपस्थित थे। राहुल उपाध्याय ने कहा कि जब तक बाबा की जायज मांगों को स्वीकार नहीं किया जाता, यह आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलनकारियों का कहना है कि पांच दिन बीत जाने के बाद भी शासन-प्रशासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले का समाधान नहीं निकाला गया, तो यह विरोध प्रदर्शन पूरे जनपद में फैल सकता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की बेरुखी ने उन्हें कठोर कदम उठाने पर मजबूर किया है।

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