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एटा में डीएम ने कस्तूरबा विद्यालय में अव्यवस्थाओं को लेकर जताई नाराजगी,

May 14, 2026

एटा में डीएम ने कस्तूरबा विद्यालय में अव्यवस्थाओं को लेकर जताई नाराजगी,

साफ-सफाई व्यवस्था पर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

एटा 14 मई उप्रससे। जनपद के अलीगंज क्षेत्र में गुरुवार को जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली, छात्राओं को मिल रही सुविधाओं, हॉस्टल व्यवस्था, सुरक्षा इंतजामों, भोजन और साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने छात्राओं के हॉस्टल का दौरा किया। उन्होंने कमरों में लगे शीशे और पर्दों की स्थिति देखी, जहां कई कमरों में इनकी पर्याप्त संख्या न होने पर नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को तत्काल आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, और कहा कि छात्राओं की सुविधाओं से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी जिलाधिकारी गंभीर दिखे। विद्यालय की बाउंड्री वॉल छोटी पाए जाने पर उन्होंने चिंता जताई।
डीएम ने उपजिलाधिकारी जगमोहन गुप्ता और एबीएसए को सख्त निर्देश दिए कि बाउंड्री वॉल पर तत्काल कंटीले तार लगवाकर सुरक्षा मजबूत की जाए। छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि विद्यालय परिसर में बाहरी लोगों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जाए ताकि छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था भी असंतोषजनक मिली। कई स्थानों पर गंदगी और अव्यवस्था देखकर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को फटकार लगाते हुए नियमित साफ-सफाई करने के निर्देश दिए। और कहा कि आवासीय विद्यालय में स्वच्छ वातावरण अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि गंदगी छात्राओं के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। उन्होंने विद्यालय प्रशासन को परिसर, हॉस्टल, शौचालय और रसोईघर की प्रतिदिन साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए।

एटा में स्वयं सहायता समूह से 250 महिलाओं को रोजगार दे रहीं रीता बनीं लखपति दीदी

 महिलाओं को बनाया आत्मनिर्भर

एटा 14 मई उप्रससे। जनपद में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम नई सफलता की कहानियां लिख रही है।

अलीगंज के खैरपुरा गांव की रीता ने स्वयं सहायता समूह के माध्यम से अपनी और 250 अन्य महिलाओं की जिंदगी बदली है। वह अब ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचानी जाती हैं।
रीता ने बताया कि एक समय उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी और आय का कोई स्थायी साधन नहीं था। इसी दौरान उन्होंने वैष्णवी स्वयं सहायता समूह का गठन किया और 11 महिलाओं को साथ लेकर काम शुरू किया। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना था। समूह की महिलाओं ने पशुपालन, कृषि कार्य, सिलाई-कढ़ाई और अन्य छोटे स्वरोजगार अपनाए। इससे उनकी आय में वृद्धि हुई और परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधरी। लगातार बेहतर कार्य करने पर रीता का चयन समूह सखी के पद पर हुआ। वर्तमान में रीता के मार्गदर्शन में महिलाएं भैंस और गाय पालन, बकरी पालन, ई-रिक्शा संचालन, किराना दुकान, सिलाई सेंटर और सब्जी उत्पादन जैसे विभिन्न कार्यों से अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। बताया गया है कि कई महिलाओं की वार्षिक आय तीन से चार लाख रुपये तक पहुंच चुकी है।
रीता ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को सीसीएल (कैश क्रेडिट लिमिट) के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई, जिससे महिलाओं को गांव में ही रोजगार मिला और वे आत्मनिर्भर बन सकीं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय खंड विकास अधिकारी शिव शंकर शर्मा, एडीओ आईएसबी शिव प्रताप और ब्लॉक मिशन प्रबंधक गंगाधर को दिया।

खंड विकास अधिकारी शिव शंकर शर्मा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूह महिलाओं के सशक्तिकरण का एक मजबूत माध्यम बन रहे हैं। सरकार की योजनाओं के जरिए ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक जीवन प्रदान किया जा रहा है।

सांसद के अमर्यादित बक्तव्य के खिलाफ महिला मोर्चा ने किया प्रदर्शन

उप्रससे,अजय बरया
ललितपुर -हमीरपुर-महोबा के सांसद द्वारा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अमर्यादित एवं अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किये जाने के विरोध में आज भारतीय जनता पार्टी की जिला महामंत्री रजनी अहिरवार के नेतृत्व में कलैक्ट्रेट में विरोध‌ प्रदर्शन किया गया एवं धरना दिया गया। जिला महामंत्री रजनी अहिरवार ने कहा कि महोवा हमीरपुर के सांसद द्वारा जो अमर्यादित अपमानजनक शब्द प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए कहें गये हैं वह भारतीय लोकतंत्र में विरोध की राजनीति को शर्मसार करने बाले हैं।एक लोकतांत्रिक देश के जनता से चुने गए प्रधानमंत्री जी के लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग किया जाना अत्यंत निंदनीय एवं दुर्भाग्यपूर्ण है।
इसी के विरोध में जिला महिला मोर्चा द्वारा बर्णी कालेज से कलेक्ट्रेट कार्यालय तक विरोध मार्च निकालकर आक्रोश व्यक्त किया गया और जम कर नारेबाजी की गई इसके उपरांत कुछ समय के लिए धरना भी दिया गया।इस अवसर पर भी जम कर नारे बाजी की गई।
इस दौरान महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष लक्ष्मी रावत, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सोनाली विवेक जैन,कार्यक्रम संयोजक रुचिका बुन्देला, डाक्टर स्वाधीनता कृष्णा, जिला महामंत्री रजनी अहिरवार, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रजनी साहू,श्रीमती पार्वती खटीक पार्षद ,पूर्व जिला उपाध्यक्ष राखी तामकर ,रानी जहां ,रितु समाधिया, सुनीता सोनी,भागवती लोधी आदि सहित सैकड़ों की संख्या में मातृ शक्ति उपस्थित रही ।

विहिप प्रांत कार्यालय का चंपत राय ने किया भूमिपूजन

Posted on 14.05.2026, Thursday, Time 08.07 PM, Lucknow, Vishva Hindu Parishad VHP, Champatrai

बहुमंजिला आधुनिक कार्यालय बनेगा
लखनऊ, 14 मई 2026, विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष एंव श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने लखनऊ में आज विहिप अवध प्रांत के नवीन प्रांतीय कार्यालय का भूमि पूजन किया। यह कार्यक्रम हुसैनगंज मेट्रो स्टेशन के पास, लालकुआं में आयोजित किया गया, जहाँ परिषद का आधुनिक बहुमंजिला भवन बनाया जाएगा।
इस अवसर पर चपत राय ने विश्व हिंदू परिषद की स्थापना से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण संघर्षों से लेकर प्राण प्रतिष्ठा में कार्यालय के योगदान के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही कहा कार्यालय संगठन के कार्य विस्तार का केंद्र बिंदु है और संगठन की साधना का मंदिर है कार्यालय केवल स्थान मात्र नहीं है बल्कि कार्यकर्ताओं के मिलन का भी केन्द्र है। इस स्थान पर विहिप का एक नया, बहुमंजिला प्रांतीय कार्यालय स्थापित किया जाएगा। यह कार्यक्रम अवध प्रांत में संगठन की गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
इस अवसर पर के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अखिल भारतीय अधिकारी रमेश पप्पा, अखिल भारतीय अधिकारी संजय,क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष, प्रांत प्रचारक कौशल, प्रांत विशेष संपर्क प्रमुख प्रशांत विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्र संगठन मंत्री गजेंद्र , प्रांत संगठन मंत्री विजय प्रताप,प्रांत मंत्री देवेंद्र, सह मंत्री अविनाश व विवेक, प्रांत प्रचार प्रमुख नृपेंद्र विक्रम विधि प्रकोष्ठ के क्षेत्र संयोजक बृजेंद्र प्रांत संयोजक संजय तथा विश्व संवाद केंद्र के प्रमुख डॉ उमेश शुक्ला, प्रांत प्रचारक प्रमुख यशोदा नंद, पीयूष चैहान एसआर ग्रुप के के डायरेक्टर एवं बीबीडी ग्रुप के डायरेक्टर विराज सागर, विहिप के सह मंत्री वीरेंद्र प्रताप, जिला संगठन मंत्री समरेंद्र, प्रांत सेवा प्रमुख धर्मेंद्र, मातृशक्ति प्रांत संयोजिका दीप्ति,दुर्गा वाहिनी सह संयोजिका किरन सहित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विहिप,और भाजपा के कार्यकर्ता मौजूद रहे ।

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सनातन के अपमान का दुस्साहस 

Editorial

Editorial 14.05.2026, Thursday,Time 07.34 PM, by Sarvesh Kumar Singh, Editor From Lucknow 

सनातन के अपमान का फिर दुस्साहस हुआ है। वहीं जहां सितंबर 2023 में हुआ था। वही उदयनिधि स्टालिन जिसने तब कहा था। सनातन डेंगू और मलेरिया है। इसे खत्म करना होगा। थोड़ा विरोध, हल्ला गुल्ला हुआ। मामला शांत हो गया। अब फिर सनातन पर हमला। वही व्यक्ति उदयनिधि जब तमिलनाडु विधान सभा में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) विधायक दल का नेता चुना जाता है, और नेता विरोधी दल बनता है, तो पहले भाषण में ही सनातन को खत्म करने की बात कहता है। वह कहता है सनातन समाज को बांटता है। इसलिए इसे समाप्त करना जरूरी है।

जब तमिलनाडु विधान सभा में सनातन के अपमान का दुस्साहस होता है, तो विरोध का कोई स्वर सुनाई नहीं देता। यहां तक कि मुख्यमंत्री टी जोसेफ विजय भी कोई प्रतिक्रिया नहीं देते। न ही प्रतिकार और न ही रोकने की कोई कोशिश। ऐसा लगता है कि तमिलनाडु विधानसभा सनातन विरोध का केंद्र बन गई है। दो बार उदयनिधि दुस्साहस कर चुके है। ये पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे और द्रमुक संस्थापक के करुणानिधि के पौत्र हैं। इस परिवार ने दीर्घ काल तक तमिलनाडु में सरकार चलाई है। ईसाई मतावलंबी होने के बावजूद इस परिवार को तमिल हिंदुओं का समर्थन मिलता रहा है। लेकिन इस परिवार के आचार,व्यवहार और सोच में सहिष्णुता और सर्वधर्म समभाव का पूर्णतः अभाव है। अगर ऐसा नहीं होता तो एमके स्टालिन अपने बेटे को रोकते, टोकते और भारत की विविधतापूर्ण सांस्कृतिक विरासत की रक्षा की कोशिश करते मगर उन्होंने ऐसा कोई प्रयास नहीं किया। न अब जब 11 मई को उनके पुत्र ने सनातन का अपमान किया और न ही वर्ष 2023 में जब सनातन को डेंगू कहा गया।

भारत के सांस्कृतिक विकास क्रम में तमिल संस्कृति का अनूठा और अनुपम योगदान है। तमिल भाषा विश्व की प्राचीनतम भाषाओं में से एक है। इस गौरव से संपूर्ण भारत गौरवान्वित है। तमिल संस्कृति के महत्व को देखते हुए ही भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में काशी-तमिल संगमम आयोजन किए। ये आयोजन उतर और दक्षिण की सनातन संस्कृति का मिलन ही नहीं। भारत की एकरूपता का संदेश है। लेकिन पीएम मोदी की इस भावना को समझने के लिए स्टालिन परिवार तैयार नहीं है।

आज आवश्यकता है कि सनातन संस्कृति पर बढ़ रहे आक्रमणों और नियोजित, प्रायोजित अपमान का संगठित रूप से लोकतांत्रिक मर्यादाओं में रहकर प्रतिकार किया जाए, अन्यथा ये दुस्साहस बढ़ता जाएगा।

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