मैनपुरी। जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने पंचायत सचिवालयों की बदहाल स्थिति और विकास कार्यों की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक में पंचायत सचिवालयों की डिजिटल डायरी का निरीक्षण करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि ग्रामीण प्रशासन की रीढ़ माने जाने वाले सचिवालयों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक से अनुपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने के भी निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने बताया कि दो माह पूर्व पंचायत सचिवालयों को व्यवस्थित, स्वच्छ एवं जनसुविधाओं से युक्त बनाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अधिकांश सचिवालयों में रंगाई-पुताई, साफ-सफाई, फर्नीचर तथा भवन रखरखाव की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। उन्होंने सभी सचिवालयों में 15 दिन के भीतर सफेद अथवा ऑफ-व्हाइट रंग से पेंट कराने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधा, कंप्यूटर, इंटरनेट, टीवी, पंखे, सूचना पट्ट एवं अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि सचिवालयों को प्रभावी जनसुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके।
बैठक में ‘हमारी तलैया अभियान’ की समीक्षा के दौरान भी डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि जिले में चिन्हित 502 तालाबों में से केवल 36 पर ही कार्य शुरू हो सका है, जो बेहद निराशाजनक है। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों, एडीओ पंचायत एवं ग्राम सचिवों को प्राथमिकता के आधार पर कार्य में तेजी लाकर निर्धारित समय सीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत प्रत्येक विकासखंड की 10 ग्राम पंचायतों में घर-घर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था शुरू करने के निर्देश भी दिए गए। इसके लिए कूड़ा संग्रहण वाहन खरीदे जाएंगे तथा सूखे और गीले कचरे का अलग-अलग निस्तारण किया जाएगा। सामान्य परिवारों से 20 रुपये तथा दुकानों से 50 रुपये मासिक यूजर चार्ज लिया जाएगा, जबकि अंत्योदय कार्डधारकों एवं अत्यंत गरीब परिवारों को इससे छूट मिलेगी। चयनित ग्राम पंचायतों में यह व्यवस्था 15 जुलाई तक तथा शेष पंचायतों में 15 अगस्त तक लागू करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, एक जुलाई से शुरू होने वाले विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत नालियों की सफाई, एंटी-लार्वा छिड़काव, झाड़ियों की कटाई एवं जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने पर विशेष जोर दिया गया।जिलाधिकारी ने मिशन ज्योतिर्गमय, सामुदायिक शौचालयों तथा परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प कार्यों की भी समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
