पाँक्सो कोर्ट का फैसला,2016 में मझोला थाना क्षेत्र की घटना
पीड़िता के बयान बने अहम साक्ष्य
Post on 26.5.29
Tuesday Moradabad
Rajesh Bhatia,Time 6.45 pm
मुरादाबाद, उप्र समाचार सेवा
विशेष न्यायधीश पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म में दोषी को दस साल की सजा मिली है।दोषी बदायूं के इस्लामनगर का है।दोषी युवक मंदबुद्धि लड़की को अगवाकर बंधक बनाकर दुष्कर्म किया।
वादी की ओर से मझोला में तहरीर दी गई।तहरीर में कहा गया कि 20 मार्च,16 को वह अपनी पत्नीथ के साथ रिश्ते दारी में गया हुआ था। आरोप लगायाकि थाना सिविल लाइंस निवासी गोपाल व मालती के बेटे बंटी,मनेाहरपुर का महेश व रामपुर टांडा का बबली उसकी नाबालिग बेटी को बहला फुसलाकर ले गए।उसी दिन रास्तेक में संभल के नरौली निवासी सुरेन्द्र व ब्रजलाल मिले।इस पर इन लोगों ने इस बारे में नाबालिग के परिजनों को बताया कि तो जान से मारने की धमकी दे दी।पुलिस को वादी ने इन लोगों की जानकारी भी दी।पुलिस ने रिपोर्ट के बाद मामले की जांच शुरु की तो जांच में आरोपी बदायूं के इस्लाेमनगर के देवेन्द्र उर्फ राजू का नाम सामने आया।
केस की सुनवाई विशेष न्यायधीश पॉक्सो कोर्ट-1 रेशमा चौधरी की अदालत में हुई।विशेष लोक अभियोजक मनोज कुमार वर्मा व अभिषेक भटनागर ने बताया कि केस की तफ़तीश के दौरान पता चलाकि नाबालिग को बदायूं का देवेन्द्रॉ अपने साथ चंडीगढ़ ले गया।वहां एक महीने तक उसने पीडि़ता को अपने पास रखा। और दुष्क र्म किया।पीडि़ता के बयान के बाद देवेन्द्र को आरोपी मानते हुए आरोपपत्र दाखिल किया।अदालत में पीडि़ता के बयान व अन्या साक्षय के आधार पर देवेन्द्रो को दोषी करार दिया।दोषी को दस साल की सजा व 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
दुष्कर्म के प्रयास में चार साल की सजा
Post on 26.5.29
Tuesday Moradabad
Rajesh Bhatia,Time 10.45 pm
मुरादाबाद,उप्र समाचार सेवा विशेष न्याtयधीश पॉक्सोस कोर्ट-2 छाया शर्मा ने दुष्करर्म के प्रयास में युवक को दोषी मानते हुए चार साल की सजा सुनाई।दोषी को बीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
मामला मूढ़ापांडे के 8 फरवरी,19 का मामला है।गांव में नाबालिग अपने खेत में सरसों लेने गई थी।इस दौरान एक गांव से आरोपी हरपाल पहुंचा।लड़की को देखकर आरोपी ने जबरदस्तीक करनी चाही।आरोप है कि युवक ने दुष्केर्म करने की कोशिश की तो नाबालिग ने शोर मचा दिया। आवाज सुनकर आसपास काम कररहे ग्रामीण वहां आ गए।आरोपी फरार हो गया। बाद में पीडि़ता की तहरीर पर मुकदमा कायम किया गया।
विशेष लोक अभियोजक एमपी सिह व मो. अकरम खां ने बताया कि पॉक्सो कोर्ट में केस की सुनवाई हुई।दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत ने हरपाल को दोषी करार दिया। दोषी को चार साल व 20 हजार रुपये की सजा सुनाई।
