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असम में वायुसेना का विमान दुर्घटनाग्रस्त

March 6, 2026

असम में वायुसेना का विमान दुर्घटनाग्रस्त

नई दिल्ली। असम में, वायु सेना का एक सुखोई-30 एम.के.आई लड़ाकू विमान नियमित प्रशिक्षण मिशन के दौरान दुर्घटनाग्रस्‍त हो गया।

हादसे में दोनों पायलट की मौत हो गई है। यह हादसा असम के कार्बी आंगलोंग जिले में हुआ, जो जोरहाट वायुसेना अड्डे से लगभग 60 किलोमीटर दूर है।

विमान ने इसी अड्डे से उड़ान भरी थी और यह 47 स्क्वाड्रन से संबंधित था। इस विमान का रडार से संपर्क कल शाम 7 बजकर 42 मिनट पर टूट गया था।

बोकाजन उपमंडल के चोकीहोला गांव के स्थानीय लोग सबसे पहले दुर्घटनास्थल तक पंहुचे और वहां मलबे से दो पायलट के शव बरामद किए।

सातवें दिन भी ईरान-यूएस, इसराइल युद्ध जारी, अमेरिका ने कहा IRGC हथियार डाले

वाशिंगटन, 07 मार्च 26, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का आज 7वां दिन है। ईरान तथा अमरीकी और इस्राएली सेना की ओर से ताजा हमलों की खबर है। इस्राएली रक्षाबलों ने बताया कि ईरान की ओर से कई मिसाइले दागी गयीं।

बहरीन ने भी कहा है कि ईरान ने राजधानी मनामा में एक होटल और दो रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया।

इस हमले में जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। बहरीन के गृह मंत्रालय ने बताया कि चार लोगों को ईरान से सहानुभूति व्‍यक्‍त करने और उसके समर्थन में वीडियो बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

संयुक्‍त अरब अमीरात ने भी कहा है कि ईरान ने उसके क्षेत्र में कई मिसाइल और ड्रोन हमले किए। संयुक्‍त अरब की वायु रक्षा प्रणाली ने कल दागे गए सात मिसाइलों में से छह को और 131 ड्रोन में से 125 को हवा में ही नष्‍ट कर दिया।

इस्राएल ने बेरूत में हिजबुल्‍ला के कंमाडर जैद अली जुमा को मार दिया है। जुमा दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्ला का शस्त्रागार प्रमुख था। इससे पहले इस्राइली नौसेना ने हमास के कमांडर वसीम अताअल्ला अली को भी मार दिया था।

इस बीच, अमरीका के राष्‍ट्रपति डॉनल्‍ड ट्रंप ने ईरान के इस्‍लामिक रेवोल्‍युशनरी गार्ड से हथियार डालने को कहा है। श्री ट्रंप ने कहा कि ईरानी सेना के लिए यह समय अपने लोगों की मदद करने का है।

अमरीका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी ईरान को चेतावनी देते हुए हमले रोकने को कहा है। इसके जवाब में ईरान के विदेश मंत्री अरागशी ने कहा है कि ईरान ने अमरीकी प्रशासन से दो बार बात करने की कोशिश की लेकिन अमरीका ने इस बीच ही ईरान पर हमला कर दिया।

उन्‍होंने एक सोशल मीडिया पोस्‍ट में कहा कि ईरान इस युद्ध के तैयार था उसकी सशक्‍त सेना सुनिश्‍चित कर रही है कि शत्रु को माकूल सबक मिले।

अब विकासशील देश तय करेंगे विश्व अर्थव्यवस्था का भविष्य

Posted on 07.03.2026, Time 09.20 AM, New Delhi

नई दिल्ली, 07 मार्च 26, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली में रायसीना संवाद के 11वें संस्करण का शुभारंभ किया। मुख्य भाषण देते हुए फिनलैंड के राष्ट्रपति आलेक्‍सांदर स्‍तूब ने कहा कि विकासशील और अल्‍पविकसित देश यह तय करेगें कि भविष्य में विश्व व्यवस्था कैसी होगी और इसमें भारत की अहम भूमिका होगी।

उन्होंने कहा कि वैश्विक शक्ति संतुलन बदल गया है। विकासशील और अल्‍पविकसित देशों के पास अर्थव्यवस्था और जनसंख्या दोनों ही मजबूत पक्ष हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि पश्चिमी प्रभुत्व वाले विश्व का युग समाप्त हो गया है, लेकिन पश्चिम में इसे पूरी तरह समझने में कुछ समय लगेगा। उन्होंने स्वीकार किया कि आज विश्व राजनीति में कई बड़ी चुनौतियाँ हैं।

उन्होंने कहा कि यदि राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करना छोड़ देते हैं, तो वर्तमान विश्व व्यवस्था ध्वस्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पश्चिम को यह पता लगाने का प्रयास करना चाहिए कि एक अपूर्ण विश्व में शक्ति को नियंत्रित करने का सर्वोत्तम तरीका क्या है।

उन्होंने कहा कि भारत किसी भ्रम में नहीं रहा है और उसने अपनी विदेश नीति को एक व्यावहारिक विश्व दृष्टिकोण पर आधारित किया है। उन्होंने कहा कि भारत स्वयं को अलग-थलग नहीं करता और उसकी शक्ति सक्रिय भागीदारी पर आधारित है।

नई विश्व व्यवस्था को आकार देने के विषय पर डॉ. स्‍तूब ने कहा कि फिनलैंड की नीति मूल्यों पर आधारित यथार्थवाद पर टिकी है। उन्होंने कहा कि भारत हजारों वर्षों से मूल्यों पर आधारित यथार्थवाद का पालन करता आ रहा है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के एक रचनात्मक सदस्य के रूप में भारत के कार्य करने के तरीके से यह स्पष्ट है।

उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को स्थायी सीट मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यापार को एक भू-राजनीतिक उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है और इस युग में भारत के नेतृत्व की आवश्यकता है। राष्ट्रपति स्तूब ने कहा कि नई तकनीक से विकसित और विकासशील देशों के बीच की खाई नहीं बढ़नी चाहिए।

इस अवसर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि भारतीयों को वैश्विक जागरूकता को और अधिक विकसित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आगामी कुछ दिनों में होने वाली चर्चाएं नई क्षमताओं, प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और नई सोच पर केंद्रित होंगी।

Prime Minister Narendra Modi launched the 11th edition of the Raisina Dialogue in New Delhi today. Delivering the keynote address, President of Finland Alexander Stubb said that the developing and least developed countries will decide what the world order will be like in the future and India will have an important role in it. He said the global balance of power has shifted. Developing and least developed countries have both economic and population strengths. The President said that the era of the Western-dominated world is over, but it will take some time before it is fully understood in the West. He acknowledged that there are many major challenges in world politics today. He said that if nations stop following international rules, the current world order will collapse. He said that the West should strive to find out what an imperfect future holds

March 5, 2026

भारत ने खामनेई के निधन पर शोक व्यक्त किया

नई दिल्ली 05 मार्च 26, भारत सरकार ने ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला सैयद अली खामनेई के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने आज दिल्ली में ईरानी दूतावास जाकर भारत सरकार की ओर से शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए। श्री मिसरी ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर शोक व्यक्त किया।

New Delhi 05 Mar 26, The Government of India has condoled the passing away of the Supreme Leader of Iran, Ayatollah Seyyed Ali Khamenei. Foreign Secretary Vikram Misri visited the Iranian Embassy in Delhi today and signed the condolence note on behalf of the Government of India. Mr. Misri expressed condolences on the passing away of Iran’s Supreme Leader, Ayatollah Ali Khamenei.

ईरान के बैलेस्टिक मिसाइल तंत्र को ध्वस्त करने का इसराइल का दावा

तेहरान, 05 मार्च 26, पश्चिम एशिया में संघर्ष और तेज हो गया है। इजरायली रक्षा बलों ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल बेड़े से जुड़े कई ठिकानों को नष्ट करने का दावा किया है। इनमें मिसाइल लॉन्चर और वायु रक्षा प्रणाली शामिल हैं, जो इजरायली वायुसेना विमानों के लिए खतरा मानी जा रही थी। इससे पहले, इजरायल ने पूर्वी तेहरान में ईरान के बड़े सैन्य परिसर पर हमला किया था। इस परिसर में आईआरजीसी, खुफिया निदेशालय, बासिज, कुद्स फोर्स, आंतरिक सुरक्षा बल, साइबर युद्ध बल और विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए जिम्मेदार आंतरिक सुरक्षा इकाई का मुख्यालय शामिल हैं।

इस बीच, अमरीकी वायु सेना ईरान पर लगातार भारी हवाई हमले कर रही है। अमरीकी केंद्रीय कमान ने कहा कि उनके बलों ने 20 से अधिक ईरानी जहाजों को नष्ट कर दिया है या डुबो दिया है, जिनमें सोलेमानी श्रेणी का युद्धपोत भी शामिल है। अमेरिका ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान पहली बार लंबी दूरी की सटीक मारक मिसाइलोंपी का भी इस्तेमाल किया।

इस बीच, अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ युद्ध में अमरीका और इजरायल मज़बूत स्थिति में हैं और वे आगे भी कार्रवाई जारी रखेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि तेहरान के बैलिस्टिक मिसाइल भंडार को तेजी से नष्ट किया जा रहा है।

दूसरी ओर, ईरान भी इस क्षेत्र में अपने हवाई हमले जारी रखे हुए है। संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसके वायु रक्षा प्रणाली ने कल 3 बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराया, 129 ड्रोन का पता लगाया, जिनमें से 121 को नष्ट कर दिया गया, जबकि 8 देश की सीमा के भीतर गिरे। मंत्रालय के अनुसार, संघर्ष की शुरुआत से अब-तक 189 बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाया गया है, जिनमें से 175 मिसाइलों को नष्ट कर दिया गया, 13 समुद्र में गिरीं और एक मिसाइल देश की सीमा के भीतर गिरी। कुल 941 ईरानी ड्रोन का भी पता लगाया गया है, जिनमें से 876 को रोक लिया गया जबकि 65 देश के भीतर गिरे। आठ क्रूज मिसाइलों को भी नष्ट किया गया।

दुबई प्रशासन ने पुष्टि की है कि अमीरात के विभिन्न क्षेत्रों में सुनाई दी आवाजें सफल वायु रक्षा कार्रवाई का हिस्सा थीं और किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है।

कतर के गृह मंत्रालय ने कहा है कि संबंधित अधिकारी एहतियाती उपाय के तौर पर अमेरिकी दूतावास के आसपास रहने वाले निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित आवास की व्यवस्था की गई है।

सऊदी अरब ने भी कहा है कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने अल-खारज प्रांत के पूर्व में तीन ड्रोन मार गिराए। इससे पहले, अल-खारज शहर के बाहर तीन क्रूज मिसाइलों को भी नष्ट किया गया था। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह भी बताया कि रास तनुरा रिफाइनरी पर हमले की कोशिश की गई थी।

इस बीच, बहरीन के गृह मंत्रालय ने बताया कि खाड़ी सहयोग परिषद-जीसीसी देशों के आपात एवं संकट प्रबंधन विभागों की बैठक आयोजित की गई। जीसीसी देशों में बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।

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