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सपा सांसद ने लोकसभा में उठाया गुलदार के आतंक का मुद्दा

April 3, 2026

सपा सांसद ने लोकसभा में उठाया गुलदार के आतंक का मुद्दा

SP MP MORADABAD RUCHI VEERA

मुरादाबाद: गुलदार के आतंक पर लोकसभा में गूंजा मुद्दा, सपा सांसद ने 25 लाख मुआवजे और विशेष टास्क फोर्स की मांग उठाई। मुरादाबाद और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बढ़ते गुलदार (तेंदुआ) के हमलों का मुद्दा अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। समाजवादी पार्टी की सांसद रुचि वीरा ने लोकसभा में इस गंभीर समस्या को जोरदार तरीके से उठाते हुए केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने क्षेत्र में लगातार हो रही जनहानि और लोगों में व्याप्त भय का मुद्दा उठाते हुए ठोस कदम उठाने की मांग की।

लोकसभा में बोलते हुए रुचि वीरा ने कहा कि मुरादाबाद और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गुलदार का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि आम लोगों का जीवन संकट में पड़ गया है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय में तेंदुए के हमलों में दर्जनों किसानों की जान जा चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इन घटनाओं के चलते ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है और लोग खेतों में जाने तक से डर रहे हैं।

सांसद ने कहा कि यह केवल वन्यजीवों का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह सीधे-सीधे लोगों की सुरक्षा और जीवन से जुड़ा मुद्दा बन चुका है। उन्होंने सरकार से मांग की कि तेंदुए के हमलों में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को कम से कम 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद हो सके।
इसके साथ ही रुचि वीरा ने प्रभावित क्षेत्रों में एक विशेष टास्क फोर्स तैनात करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की मौजूदा व्यवस्था इस समस्या से निपटने में पर्याप्त साबित नहीं हो रही है, इसलिए एक समर्पित और प्रशिक्षित टीम की जरूरत है, जो तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रखे और समय रहते कार्रवाई कर सके।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि ग्रामीण इलाकों में जागरूकता अभियान चलाए जाएं, ताकि लोग वन्यजीवों से बचाव के उपायों को समझ सकें और किसी भी आपात स्थिति में सही कदम उठा सकें। साथ ही, तेंदुओं को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उनके प्राकृतिक आवास में छोड़े जाने की व्यवस्था को भी और मजबूत करने पर जोर दिया।

इस मुद्दे के लोकसभा में उठने के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि केंद्र और राज्य सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाएंगी। मुरादाबाद और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी इस पहल को लेकर आशान्वित हैं और चाहते हैं कि जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान निकले।

गौरतलब है कि बीते कुछ समय से मुरादाबाद मंडल के कई गांवों में गुलदार की लगातार बढ़ती गतिविधियों ने लोगों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया है। ऐसे में इस मुद्दे का संसद तक पहुंचना इसे और गंभीर बनाता है और अब सभी की नजर सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

एटा में कांस्टेबल का आन ड्यूटी तबियत बिगड़ने से निधन

राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई

एटा 03 अप्रैल उप्रससे। जनपद के निधौली कला कोतवाली में तैनात हेड कॉन्स्टेबल रविंद कुमार (52) की ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। गुरुवार देर शाम अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर उन्हें वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

रविंद कुमार, पुत्र लाल सिंह, मूल रूप से इटावा जनपद के नगला दुजू थाना बकेवर के निवासी थे। उनके निधन की खबर से पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलते ही परिजन भी एटा पहुंच गए।
पोस्टमार्टम के बाद उनके पार्थिव शरीर को पुलिस लाइन लाया गया, जहां वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इलामारन सहित वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान राजकीय सम्मान के साथ अंतिम शोक सलामी गार्ड ऑफ ऑनर दी गई।

अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पांडे और योगेंद्र सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने पार्थिव शरीर को कंधा देकर परिजनों को सौंपा। अधिकारियों ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
बताया गया कि रविंद कुमार वर्ष 1995 में कॉन्स्टेबल के पद पर पुलिस सेवा में भर्ती हुए थे और लंबे समय तक उन्होंने ईमानदारी से अपनी सेवाएं दीं। उनके निधन से विभाग ने एक कर्तव्यनिष्ठ और समर्पित पुलिसकर्मी को खो दिया है।

अनुज हत्याकांड: पुलिस मुठभेड़ में आरोपी शूटर को कोर्ट से जमानत

MORADABAD DISTRICT COURT

 

-मुरादाबाद में विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट कोर्ट ने शूटर सूर्यकांत की जमानत प्रार्थना पत्र को दीं मंजूरी

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Friday, Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
महानगर के चर्चित अनुज कुमार चौधरी हत्याकांड में आरोपी शूटर की पुलिस मुठभेड़ मामले में जमानत अर्जी मंजूर हो गई। जमानत अर्जी की स्वीकृति का आधार मेडिकल प्रमाणपत्र बना।
मुरादाबाद में भाजपा नेता अनुज चौधरी की 10 अगस्त, 2023 को गोली मारकर हत्या कर दी गई। केस में पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिक समेत करीब चौदह लोगों को गिरफ्तार किया गया। केस में आरोपी शूटर सूर्यकांत को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। 22 अगस्त, 23 को सिविल लाइंस में अगवानपुर के पास पुलिस ने मुठभेड़ के बाद शूटर सूर्यकांत को पकड़ा। शूटर के जानलेवा हमले में पुलिस कर्मी संदीप नागर भी घायल हुआ। पुलिस ने शूटर के खिलाफ आर्म्स एक्ट और पुलिस पार्टी पर हमले के आरोप में जेल भेजा गया।
आरोपी की ओर से अधिवक्ता ने जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया। इस प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए कहा गया कि मुठभेड़ में बरामदगी सही नहीं है। अभियुक्त से कोई हथियार या अवैध वस्तु बरामद नहीं हुई। जबकि अभियोजक पक्ष का कहना है कि उसने व अन्य ने पुलिस पर फायरिंग की।घटना में पुलिसकर्मी संदीप नागर को चोटिल होना बताया गया।पर
इसके लिए अदालत में पुलिस कर्मी का मेडिकल सर्टिफिकेट प्रस्तुत नहीं किया।

बचाव पक्ष अधिवक्ता अभिषेक शर्मा का कहना है कि विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट कोर्ट रेशमा चौधरी की अदालत में शूटर की जमानत अर्जी पर सुनवाई हुईं। अदालत में संदीप नागर का मेडिकल प्रपत्र न होने पर विशेष न्यायाधीश ने शूटर सूर्यकांत की जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया।

मुरादाबादः भाजपा जिला कमेटी में जाट समाज का दबदबा, वैश्य उपेक्षित

भाजपाः लंबे इंतजार के बाद घोषित भाजपा की जिला कमेटी अब भी सवालों में

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Friday, Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
लंबे इंतजार के बाद घोषित भाजपा की जिला कमेटी में जहां जाट समाज की चौधराहट रहीं वहीं वैश्य समुदाय को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया। बीस सदस्यीय कमेटी में एक चौथाई पदों पर जाट नेता हावी रहे। इनमें उपाध्यक्ष बने नेता पर सबसे ज्यादा उंगली उठी है। इसी तरह सूची में जिले की सूची में शहर में रह रहे लोगों को अहमियत मिली है।जिला कमेटी परिवारवाद से भी मुक्त नहीं हो पाई। निगम में महिला पार्षद के पति को भी जिला कमेटी में जगह मिली है। उनके नाम को लेकर भी पहले विरोध हुआ था। भाजपा विधायक ने एक परिवार से दो लोगों को लेकर एतराज जताया था।

मुरादाबाद में भाजपा की महानगर के साथ ही जिला कमेटी की घोषणा होनी थी।तब महानगर कमेटी का ऐलान हो गया। लेकिन जिला कमेटी घोषणा से पहले ही वायरल होने से सियासी बखेड़ा खड़ा हो गया।वायरल सूची में कई नामों पर आपत्ति जताई गई। पार्टी में
संगठन नेताओं की चर्चाओं में सवाल उठे तो प्रदेश नेताओं ने पार्टी में विरोध को देखते हुए जिला कमेटी की घोषणा को रोक दिया। हिन्दू नववर्ष के दौरान रुका भाजपा जिला कमेटी की घोषणा पन्द्रह दिन बाद अब हो सकीं। लेकिन लंबे इंतजार के बाद जिला कमेटी फिर से विवादों में है।
पार्टी हल्कों में कहा जा रहा है कि जिला कमेटी में जाट नेताओं का दबदबा है। 20 की जिला कमेटी में महिला समेत पांच जाट नेताओं को उपाध्यक्ष, महामंत्री और मंत्री का पद देकर शामिल किया गया है। जिला कमेटी में परिवार वाद भी है। जबकि जिले के मुकाबले शहरी नेताओं को तरजीह मिली है। कई नाम ऐसे है कि शहर में रहने के बावजूद जिले में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ा बताकर संगठन में पद सौंप दिया गया।एक पूर्व विधायक के पुत्र के अलावा कुछ समय पहले अपराधिक मामलों में चर्चित नेता और पार्षद के पति भी कमेटी में जगह बनाकर नेताओं पर पकड़ बनाने का संदेश दे दिया। पर सबसे ज्यादा जिला कमेटी में किसी वैश्य समाज को प्रतिनिधित्व न मिलना भी चौंकाने वाला है।

पत्नी की हत्या करने वाले हत्यारे पति को 24 घण्टे के अन्दर किया गया गिरफ्तार

उप्रससे अजय बरया

ललितपुर- अपर पुलिस महानिदेशक, कानपुर जोन, कानपुर, पुलिस महानिरीक्षक, झांसी परिक्षेत्र, झांसी के निर्देश के क्रम में, पुलिस अधीक्षक मो0 मुश्ताक के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक जनपद कालू सिंह एवं क्षेत्राधिकारी मड़ावरा के निकट पर्यवेक्षण में अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में थाना मड़ावरा पुलिस द्वारा थाना मड़ावरा पर पंजीकृत *मु0अ0सं0- 84/2026 धारा 103(1)/238 BNS के वांछित अभियुक्त रामगोपाल सहरिया पुत्र लल्लू सहरिया उम्र करीब 33 वर्ष नि0ग्राम सौल्दा थाना मदनपुर जनपद ललितपुर को नियमानुसार गिरफ्तार कर विधिक कार्यवाही प्रचलित है ।

घटना का संक्षिप्त विवरण-

थाना मड़ावरा क्षेत्रान्तर्गत जंगल में एक अज्ञात महिला का जला हुआ शव मिलने के सम्बन्ध में सूचना प्राप्त हुई थी ।
सूचना पर वरिष्ठ अधिकारियों व थाना मड़ावरा पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर जाकर घटना स्थल का निरीक्षण किया गया था । मड़ावरा पुलिस द्वारा मृतिका की शिनाख्त श्रीमती आरती पत्नी रामगोपाल उम्र करीब 25 वर्ष निवासी ग्राम सौल्दा थाना मदनपुर जनपद ललितपुर के रुप में हुयी थी, शिनाख्त के उपरान्त स्थानीय पुलिस द्वारा मृतिका के शव को कब्जा पुलिस लेकर नियमानुसार पंचायतनामा भरकर पोस्ट मार्टम की कार्यवाही करायी गयी थी तथा मृतिका के पिता की तहरीर के आधार पर थाना मड़ावरा पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित की गयी थी ।

घटना की गंभीरता व संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, ललितपुर द्वारा क्षेत्राधिकारी मड़ावरा के नेतृत्व में 03 पुलिस टीमे गठित की गयी थी । गठित टीमों द्वारा सर्विलांस (टैक्नीकल/मैनुअली) की मदद से अभियुक्त रामगोपाल उपरोक्त को नियमानुसार गिरफ्तार किया गया । अभियुक्त रामगोपाल उपरोक्त ने पूछने पर बताया कि करीब 09 वर्ष पहले मेरी शादी आरती के साथ हुई थी । आज से करीब 2 वर्ष पहले मै अपनी पत्नी के साथ इन्दौर ईटभट्टे पर काम करने गया था, जहां पर राजाराम सहरिया निवासी थानागांव थाना तालबेहट जनपद ललितपुर भी ईट भट्टे पर काम करने के लिए आया था । राजाराम व मेरी पत्नी आरती का आपस में प्रेस प्रसंग चलने लगा था । मैने आरती को समझाने का कई बार प्रयास किया लेकिन वह नही मानी । इसी बात को लेकर हम लोगो का आपस में झगड़ा होता रहता था । इन्दौर से वापस घर आने पर भी मेरे द्वारा अपनी पत्नी आरती को कई बार समझाने का प्रयास किया कि वह राजाराम से बात न करे किन्तु वह नही मान रही थी इसलिये मैने उसकी हत्या करने का षडयंत्र रचा । दिनांक 01.04.2026 को समय करीब 4.00 PM बजे मैने अपने पेट में दर्द होने का बहाना बनाया और आरती से कहा कि दिखवाने के लिये डाक्टर के पास जाना है, तुम भी साथ में चलो और उसको साथ लेकर सौरई चला गया । ग्राम सौरई से शाम को ही लगभग 7.00 PM बजे वापस घर के लिये निकले थे और रास्ते में सौरई के जंगल में बाथरूम करने के बहाने मैने अपनी मो0सा0 खड़ी कर दी थी तथा वहीं पर हम दोनो में वाद-विवाद होने लगा था तभी मैने आरती को पकड़कर उसे जमीन पर पटक दिया जिससे उसके सिर में चोट लग गयी और वह बेहोश हो गयी । फिर मैने गुस्से में आकर उसका गला दबा दिया । जब मुझे लगा कि अब वह मर गयी है तो मैने पुलिस के पकड़े जाने के डर से सबूत मिटाने के उद्देश्य से आरती के शव को वहीं पर जला दिया था और वहां से अपने घर आ गया था । मैने घटना को छिपाने तथा राजाराम उपरोक्त के ऊपर आरोप लगाने के उद्देश्य से अगले दिन मैने थाने पर आकर बताया कि राजाराम अपने साथियों के साथ आया था और मेरी पत्नी को अपने साथ ले गया है, जिससे पुलिस मुझपर शक न करे । तभी जंगल में आरती के शव मिलने के सम्बन्ध में पुलिस को सूचना मिल गयी थी, इसलिये मैं जंगल में जाकर छुप गया और इन्दौर भागने वाला था ,लेकिन आप लोगो ने मुझे पकड़ लिया । साहब मुझसे गलती हो गयी, मुझे मांफ कर दीजिये, ।गिरफ्तारी करने वाली टीम में
प्रभारी निरीक्षक, अशोक वर्मा थाना मड़ावरा जनपद ललितपुर मय टीम शामिल रहे

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