देवरिया, सुबह टहलने निकली महिला को टैंकर ने कुचला,
टैंकर कुचल से महिला की हुई दर्दनाक मौत,
पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में हुई है कैद,
गौरीबाजार थाना क्षेत्र के बैतालपुर कस्बे का मामला,
टैंकर चालक मौके से हुआ फरार,पुलिस जांच पड़ताल में जुटी,
देवरिया, सुबह टहलने निकली महिला को टैंकर ने कुचला,
टैंकर कुचल से महिला की हुई दर्दनाक मौत,
पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में हुई है कैद,
गौरीबाजार थाना क्षेत्र के बैतालपुर कस्बे का मामला,
टैंकर चालक मौके से हुआ फरार,पुलिस जांच पड़ताल में जुटी,
आगरा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 7 अप्रैल को संभावित आगमन को लेकर आगरा प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर शनिवार को मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने एडीए उपाध्यक्ष एम. अरुणमोझी सहित संबंधित अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों की गहन समीक्षा की। इस दौरान हेलीपैड से लेकर मुख्य मंच, भूमिपूजन स्थल, वीआईपी व्यवस्था, मीडिया गैलरी और पार्किंग तक हर बिंदु पर विस्तार से मंथन किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों आगरा के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही ‘ग्रेटर आगरा योजना’ का शिलान्यास प्रस्तावित है। यह परियोजना शहरी विस्तारीकरण एवं नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत विकसित की जा रही है, जिसे आगरा के भविष्य के शहरी ढांचे में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
449.65 हेक्टेयर में बसेंगी 10 आवासीय टाउनशिप
आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) द्वारा ग्राम रायपुर और रहनकलां क्षेत्र में लगभग 449.65 हेक्टेयर भूमि पर इस महत्वाकांक्षी योजना को विकसित किया जाएगा। परियोजना की कुल संभावित लागत 5142 करोड़ रुपये बताई गई है। इस योजना के तहत 10 आवासीय टाउनशिप विकसित की जाएंगी, जो आगरा के शहरी विस्तार को नई दिशा देंगी।
यह योजना न केवल शहर की बढ़ती आबादी के लिए आधुनिक आवासीय विकल्प उपलब्ध कराएगी, बल्कि आगरा को एक सुनियोजित, आधुनिक और भविष्य उन्मुख शहरी स्वरूप देने की दिशा में भी बड़ा कदम साबित होगी। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, यह परियोजना आने वाले वर्षों में आगरा के रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश परिदृश्य को नई रफ्तार दे सकती है।
—–भूमिपूजन के बाद टाउनशिप मॉडल का अवलोकन करेंगे मुख्यमंत्री
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शिलान्यास से पहले कार्यक्रम स्थल पर विधिवत भूमिपूजन करेंगे। इसके बाद वे ग्रेटर आगरा योजना के टाउनशिप मॉडल का अवलोकन करेंगे, जिसमें परियोजना के स्वरूप, लेआउट और विकास की रूपरेखा को प्रस्तुत किया जाएगा।
इसके बाद मुख्यमंत्री विभिन्न विभागों की अन्य विकास योजनाओं और परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी करेंगे। कार्यक्रम के अंत में वे एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे, जिसमें सरकार की विकास योजनाओं और प्रदेश में हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार को लेकर संदेश दिया जा सकता है।
मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने निरीक्षण के दौरान हेलीपैड से कार्यक्रम स्थल तक की पूरी व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा। उन्होंने मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्य मंच और भूमिपूजन स्थल पर मजबूत एवं पर्याप्त टेंट व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि बारिश या तेज हवाओं की स्थिति में कार्यक्रम प्रभावित न हो।
इसके अलावा उन्होंने वीआईपी दीर्घा और मीडिया गैलरी की सुव्यवस्थित तैयारी, अतिथियों के लिए स्विस कॉटेज की समुचित व्यवस्था, भारी और हल्के वाहनों की अलग-अलग पार्किंग, सभी एप्रोच मार्गों की मरम्मत और सुचारु आवाजाही,सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिहाज से बैरिकेडिंग व रूट प्लानिंग जैसे अहम बिंदुओं पर संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए।
—-प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद
निरीक्षण के दौरान एडीए उपाध्यक्ष एम. अरुणमोझी, उपजिलाधिकारी एत्मादपुर सुमित सिंह, एडीए मुख्य अभियंता संजीव कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मुख्यमंत्री के संभावित दौरे के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
मुख्यमंत्री का यह प्रस्तावित कार्यक्रम आगरा के विकास के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। खासकर ‘ग्रेटर आगरा योजना’ के शिलान्यास को शहर के लिए एक मेगा अर्बन डेवलपमेंट मोमेंट के तौर पर देखा जा रहा है।
मजदूर की बहादुरी से बची जान
आगरा। पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव के चलते पिता की डांट से आहत एक युवती ने आत्मघाती कदम उठाते हुए नगला सिंघी में यमुना पुल से नदी में छलांग लगा दी। मौके पर मौजूद एक मजदूर की सूझबूझ और बहादुरी के चलते समय रहते युवती की जान बचा ली गई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
—-पुल से लगाई छलांग, मची अफरा-तफरी
घटना रविवार की बताई जा रही है, जब नगला सिंघी स्थित यमुना पुल पर अचानक एक युवती ने नदी में कूदकर जान देने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवती भावनात्मक रूप से बेहद परेशान नजर आ रही थी और देखते ही देखते उसने पुल से छलांग लगा दी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
—-मजदूर सुखवीर बना फरिश्ता
इसी दौरान वहां काम कर रहे मजदूर सुखवीर ने बिना देर किए अपनी जान जोखिम में डालकर यमुना नदी में छलांग लगा दी। सुखवीर ने साहस दिखाते हुए युवती तक पहुंच बनाई और उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उसकी इस बहादुरी की हर तरफ सराहना हो रही है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और युवती के परिजन मौके पर पहुंच गए। युवती को तुरंत सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक देखभाल दी गई। पुलिस ने बताया कि युवती अब खतरे से बाहर है और उसकी हालत स्थिर है।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि युवती किसी पारिवारिक विवाद और पिता की डांट से आहत थी, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। हालांकि, पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और युवती से भी बातचीत की जा रही है।
यदि मौके पर मौजूद मजदूर सुखवीर साहस न दिखाता, तो यह घटना जानलेवा साबित हो सकती थी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मानसिक तनाव और पारिवारिक दबाव किस हद तक युवाओं को खतरनाक कदम उठाने पर मजबूर कर रहा है।
-योगी सरकार में यूपी में गो-संरक्षण की मुहिम
मुख्यमंत्री सहभागिता योजना::
-गायों के संरक्षण पर किसानों को मिलेगी आर्थिक सहायता
-किसानों को 4 गाय संरक्षण पर मिलेगा 6000 रूपये मासिक
Post on 4.4.26
Saturday Moradabad
Rajesh Bhatia
मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
योगी सरकार में गो संरक्षण की मुहिम को बढ़ावा मिलेगा। गो -वंश की देखभाल पर किसान को आर्थिक सहायता मिलेगी। एक किसान को चार गायों के संरक्षण के लिए छह हजार रुपए प्रति माह भरण पोषण के लिए मिलेंगे। गोवंश के उपचार आदि के लिए भी सरकार वाहन आदि की सुविधा मुहैया कराएगी।
सड़कों पर लावारिस गायों को बचाने की योगी सरकार ने पहल की है। गाय संरक्षण व संवर्धन को बढ़ावा देनेके लिए मुख्यमंत्री सहभागिता योजना नई पहल शुरू की गई है।इस योजना के तहत किसान गोवंश की देख भाल कर आर्थिक मदद भी पा सकेंगे। गो सेवा में रुचि रखने वाले स्वयं सहायता समूह या किसानों को योजना से जोड़ा जाएगा। सहभागिता योजना में एक किसान एक आईंडी पर चार गायों को संरक्षण के लिए गोद ले सकता है। यानी सरकार से इसकी एवज में डेढ़ हजार रुपए प्रति गाय से 6000 रुपए प्रति माह मिलेंगे।
गोसेवा आयोग सदस्य व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री दीपक गोयल का कहना हैकि यूपी सरकार गोवंश संरक्षण व संवर्धन के लिए गंभीर है। बताया कि पहले
लावारिस गोवंश सड़कों पर घूमते थे पर अब लगभग 90 फीसद गोवंश गौशालाओं में संरक्षित है।बताया कि सरकार का लक्ष्य गौशालाओं में गायों को संरक्षित करना है। ताकि किसान उनका बेहतर तरीके से पालन-पोषण हो सके। योजना के तहत किसानों को अपनी आईडी के माध्यम से चार गोवंश दिए जाएंगे। उनके भरण पोषण के लिए उन्हें मासिक अनुदान मिलेगा।
*बीमार गोवंश को वाहन की सुविधा*
लावारिस व घायल गोवंशों को सुरक्षित गौशालाओं तक पहुंचाने के लिए निजी वाहन की सुविधा मिलेगी। गोवंशों की देखभाल के लिए पशुपालन अधिकारी और डाक्टर निगरानी करेंगे। गोवंश का उपचार,टीका -करण आदि परीक्षण किया जाएगा।किसी भी किसान को गोद देने से पहले सीवीओ,
विभागीय अधिकारी गाय की पहचान के लिए टैग लगाने संबंधित कार्यों की निगरानी करेंगे।
गो-सेवा आयोग के सदस्य दीपक गोयल के विधि पूर्वक शुभारंभ के साथ ही सेवा शुरू हो गई। गोवंश को लाने ले जाने के लिए मिलन विहार में कान्हा गो-सेवा केन्द्र वाहन व्यवस्था शुरु की है।
वर्जन–
*मुख्यमंत्री सहभागिता योजना में प्रदेश सरकार किसानों को गो संरक्षण के लिए प्रोत्साहित कर रही है। योजना में एक किसान अधिकतम चार गाय गोद ले सकता है।*
दीपक गोयल सदस्य
गोसेवा आयोग उत्तर प्रदेश।