Web News

www.upwebnews.com

सर्वाधिक सैनिक व सैन्य अधिकारी देने वाला जनपद है बुलंदशहरः मुख्यमंत्री

July 18, 2026

सर्वाधिक सैनिक व सैन्य अधिकारी देने वाला जनपद है बुलंदशहरः मुख्यमंत्री

*मुख्यमंत्री योगी ने जापान के उदाहरण के साथ बच्चों को दिया आत्म अनुशासन व परिश्रम का मंत्र*

*रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में बोले सीएम योगी*

*स्कूल को 32 बीघा जमीन देने वाले बाबा राजपाल सिंह का सीएम ने किया अभिनंदन*

*इस सैनिक विद्या मंदिर में भी होगा बेटियों का प्रवेश, रज्जू भैया की मां के नाम पर बनेगा छात्रावासः मुख्यमंत्री*

*लखनऊ, 18 जुलाईः* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों को आत्म अनुशासन, परिश्रम का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि अनुशासन ही जीवन का सबसे बड़ा मंत्र है। आगे वही बढ़ा है और इतिहास भी उसी ने बनाया है, जो अनुशासित, परिश्रमी होकर प्रयास करता रहा है। आप भी नए इतिहास को बनाने की दिशा में प्रयास करें। सीएम ने बच्चों से कहा कि राष्ट्र प्रथम का भाव अंतःकरण में होना चाहिए। दुनिया के जिस सबसे बड़े सामाजिक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सभी के सामने आदर्श प्रस्तुत किया है, आपको उसका सानिध्य प्राप्त हो रहा है। इससे कुछ सीख पाए तो जीवन सार्थक होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को बुलंदशहर पहुंचे। उन्होंने यहां रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया।

*सर्वाधिक सैनिक व सैन्य अधिकारी देने वाला जनपद है बुलंदशहर*
विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान का अभिनंदन करते हुए सीएम योगी ने कहा कि निजी ट्रस्ट भी सैनिक स्कूल प्रारंभ कर सकते हैं, इस अभियान का हिस्सा बनकर बुलंदशहर में सैनिक स्कूल की स्थापना की गई। सर्वाधिक सैनिक व सैन्य अधिकारी देने वाले बुलंदशहर में सैनिक स्कूल की स्थापना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

*स्कूल को 32 बीघा जमीन देने वाले बाबा राजपाल सिंह का सीएम ने किया अभिनंदन*
सीएम ने सैनिक स्कूल को 32 बीघा जमीन देने वाले बाबा राजपाल सिंह का अभिनंदन किया। कहा कि बाबा राजपाल सिंह ने इस कदम से बता दिया कि उनका जीवन भी साधना राष्ट्र को समर्पित है। उन्होंने रज्जू भैया के पैतृक जनपद में उनकी स्मृति को जीवंत बनाए रखने के लिए यह जमीन दी है।

*हर नागरिक के लिए पंच प्रण आवश्यक*
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में देशवासियों को संकल्प दिलाया था कि अभी से आजादी के शताब्दी महोत्सव की तैयारी प्रारंभ कर उसके अनुरूप आचरण करना होगा। इसके लिए उन्होंने हर भारतीय के लिए पंच प्रण सुनिश्चित किया। यह पंच प्रण हर नागरिक के लिए आवश्यक है।

*सीएम ने पंच प्रण की बताई परिभाषा*
पहला प्रण-गुलामी की मानसिकता को त्यागना। जब तक मन में यह मानसिकता बनी रहेगी, तब तक कोई भी देश या समाज आगे नहीं बढ़ सकता। देश/समाज अपने मूल्यों व आदर्शों पर खड़ा होकर ही आगे बढ़ता है।

दूसरा प्रण- विरासत पर गौरव की अनुभूति। पूर्वजों, ऋषि-मुनियों, तीर्थ, पवित्र ग्रंथ जैसी विरासत पर हर किसी को गौरव की अनुभूति होनी चाहिए। विरासत का संरक्षण हो, उसके संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयास हो। सीएम ने कहा कि आपने वोट बुलंदशहर में दिया, लेकिन परिणाम अयोध्या में भव्य राम मंदिर व काशी विश्वनाथ धाम के रूप में देखने को मिला।

तीसरा प्रण- सामाजिक समता का ध्यान। छुआछूत, अस्पृश्यता, आदि हमारी बुराइयां हैं। जाति, क्षेत्र, भाषा के नाम पर बंटकर देश गुलाम हुआ। हमें इससे उबरकर कार्य करना है।

चौथा प्रण- यूनिफॉर्म धारी फोर्स के प्रति श्रद्धा व सम्मान। सीएम ने कहा कि जवान सर्दी, गर्मी, बरसात, दिन-रात की परवाह किए बिना सीमा की रक्षा करता है, तब हम चैन से सोते हैं। पुलिसकर्मी जब दिन-रात मेहनत करते हैं, तब हम खुद को सुरक्षित पाते हैं और सुशासन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल होते हैं। सेना, अर्धसेना, पुलिस के जवानों, देश के लिए बलिदान देने वाले क्रांतिकारियों, शहीद सैनिकों व उनके परिजनों के प्रति सम्मान का भाव पैदा करना होगा।

पांचवां प्रण- नागरिक कर्तव्य। हम अधिकारों की चर्चा तो हर कीमत पर करते हैं, लेकिन कर्तव्य भूल जाते हैं। नागरिक कर्तव्य का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि छात्र अनुशासित रहकर शिक्षा अर्जित करें, शिक्षक छात्र को अनुशासित व संस्कारित रखते हुए समय पर पाठ्यक्रम पूरा करे और राष्ट्र के प्रति अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करे, यही सच्ची राष्ट्रभक्ति है। व्यापारी ईमानदारी से व्यापार कर कालाबाजारी का विरोध करे। सामान्य उपभोक्ता का शोषण न कर सरकार को टैक्स का हिस्सा दे। किसान सर्दी, गर्मी, बरसात की चिंता किए बिना अन्न उत्पादन कर देश के पेट को भरे तो यह सब देश के प्रति कर्तव्यों के निर्वहन का उदाहरण है। सभी लोग ईमानदारी से उत्तरदायित्वों का निर्वहन करते हैं तो यह राष्ट्रभक्ति व राष्ट्र के प्रति कर्तव्य है। जिस देश में लोग कर्तव्य को अधिकार से महत्वपूर्ण मानते हैं, वही देश आगे बढ़ता है। यही आत्मनिर्भर और विकसित भारत की आधारशिला भी हो सकती है।

*सैनिक के लिए देश पहले, फिर परिवार, सबसे अंत में स्वहित*
सीएम ने कहा कि सैनिक स्कूल अनुशासित और संस्कारित वातावरण की ओर ध्यान आकृष्ट करता है। सैनिक के लिए देश प्रथम होता है। स्वहित की तिलांजलि देकर वह देशहित को प्राथमिकता देता है और देश की रक्षा करते हुए बलिदान हो जाता है। सीएम ने बार्डर पर सर्दी और राजस्थान की 50-52 डिग्री तापमान में झुलसाती भयंकर गर्मी में सैनिकों के परिश्रम की चर्चा की, फिर कहा कि सैनिक के लिए देश पहले, फिर परिवार, सबसे अंत में स्वहित होता है। सैनिक माइनस 20-40 डिग्री तापमान में कारगिल की पहाड़ियों में पहरेदारी करते हैं, तब देश सुरक्षित रहता है।

*जापान का उदाहरण देकर बोले सीएम- आत्म अनुशासन ही देश की प्रगति का आधार*
मुख्यमंत्री ने बच्चों के समक्ष अपने जापान दौरे की चर्चा की, कहा कि 1945 में जापान में परमाणु बम का दुरुपयोग हुआ था। वहां की सबसे बड़ी आबादी के दो शहर परमाणु बम की चपेट में आए थे। इसमें लाखों लोग मारे गए थे। जापान आर्थिक रूप के साथ ही मनोबल से भी टूट गया था, फिर भी जापान आज विकसित अर्थव्यवस्था है। 1947 में भारत आजाद हुआ, कमोबेश दोनों देशों की परिस्थितियां एक जैसी ही थीं। 12 वर्ष में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की हुई प्रगति अभिनंदनीय है। भारत आज चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है तो वहीं परमाणु बम के प्रहार के बावजूद जापान कभी रुका, झुका, थका और डिगा नहीं। सीएम ने कहा कि मैंने जापान की टेक्नोलॉजी और आत्म अनुशासन को देखा। आत्म अनुशासन ही किसी जाति, समाज व देश की प्रगति का आधार बनता है। जापान आत्म अनुशासन की वजह से ही विकसित देश बना है।

*भारत-भारतीयता, सनातन मूल्यों के संरक्षण व संवर्धन के लिए समर्पित था रज्जू भैया का जीवन*
सीएम ने रज्जू भैया को प्रेरणा का स्रोत बताते हुए छात्रों को अनुशासन का मंत्र दिया, कहा कि उनका जीवन भारत-भारतीयता, सनातन मूल्यों के संरक्षण व संवर्धन के लिए समर्पित था। वे प्रख्यात वैज्ञानिक और इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भौतिकी के प्रोफेसर थे। हमारी सरकार ने रज्जू भैया के नाम पर प्रयागराज में विश्वविद्यालय बनाया। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चतुर्थ सर संघचालक (सन 1994 से 2000) थे। उन्होंने देश-दुनिया के लाखों स्वयंसेवकों को नेतृत्व दिया। अनेक प्रकल्पों पर कार्य प्रारंभ कर उसे नई दिशा दी। उनका व्यक्तित्व काफी अद्भुत व चमत्कारिक था। सौम्य स्वभाव वाले रज्जू भैया के मन में संतत्व का भाव था। उनके नाम पर बना यह सैनिक विद्या मंदिर देश को सैन्य अधिकारियों देने में महत्वपूर्ण कदम उठाएगा।

*यहां भी मिलेगा बेटियों को प्रवेश, रज्जू भैया की मां के नाम पर बनेगा छात्रावास*
सीएम ने कहा कि 1960 में देश का पहला सैनिक विद्यालय स्थापित हुआ था। तब डॉ. संपूर्णानंद जी प्रदेश के मुख्यमंत्री हुआ करते थे। हम लोगों ने उस विद्यालय को अच्छे ढंग से बढ़ाया। हमने राज्य सरकार द्वारा संचालित देश के पहले सैनिक स्कूल (लखनऊ) में बालिकाओं का प्रवेश प्रारंभ कराया। अब भारत सरकार ने देश में सभी सैनिक स्कूलों के लिए व्यवस्था प्रारंभ की है। आने वाले समय में इस सैनिक विद्या मंदिर में भी बेटियां प्रवेश लेंगी। सरकार यहां रज्जू भैया की मां के नाम पर बालिकाओं के लिए छात्रावास बनाएगी। सीएम ने रज्जू भैया के पिता का भी जिक्र किया, कहा कि वे सिंचाई विभाग में चीफ इंजीनियर थे। पश्चिमी उप्र में सिंचाई के अच्छी नेटवर्किंग में उनका भी योगदान है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मंजू त्यागी ने की। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष सी एल बरेजा, विद्या भारती पश्चिमी क्षेत्र के अध्य़क्ष मनवीर, भाजपा के क्षेत्रीय अध्य़क्ष नवाब सिंह नागर, संरक्षक सदस्य एमएल शर्मा आदि मौजूद रहे।

दलित छात्रा ललिता गौतम के परिजनों से मिले मुख्यमंत्री, घटना पर जताया दुःख, कहा दोषी बचेंगे नहीं

ललिता गौतम प्रकरण में मुख्यमंत्री सख्त, विवेचना में लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश*

*पीड़ित परिवार को ₹5 Iलाख की सहायता, आवास और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा, दोषियों को कठोरतम सजा दिलाने के निर्देश*

गाजियाबाद, 18 जुलाई:-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को मेरठ की दिवंगत दलित छात्रा ललिता गौतम के परिजनों से गाजियाबाद स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में मुलाकात कर घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाते हुए भरोसा दिलाया कि इस जघन्य अपराध के प्रत्येक दोषी के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने प्रकरण की विवेचना में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को अभियोजन की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करते हुए दोषियों को कठोरतम दंड दिलाने के लिए सभी आवश्यक विधिक कदम उठाने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को तत्काल राहत प्रदान करते हुए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से ₹5 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने मृतका के पिता तथा परिवार के एक अन्य पात्र सदस्य को मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देशित किया कि पीड़ित परिवार को आयुष्मान भारत योजना, राशन कार्ड सहित सभी पात्र लाभार्थीपरक सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए, ताकि परिवार को हरसंभव सहयोग मिल सके।

इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री एवं मेरठ के जिला प्रभारी मंत्री असीम अरुण सहित वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी भी उपस्थित रहे।

शामली व कैराना की डेमोग्राफी बदल रहे थे जिन्ना के उपासकः मुख्यमंत्री

*मुख्यमंत्री ने शामली, थानाभवन व कैराना विधानसभा क्षेत्रों की 581 करोड़ रुपये से अधिक की 89 परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास*

*10 साल पहले आतंक व भय का प्रतीक था शामली, अब यहां गन्ने की मिठास और एक्सप्रेसवे की ‘त्रिवेणी’ हैः सीएम योगी*

*2017 के पहले 12 बजे तक सोने वाली और अब भोर में 4 बजे से काम करने वाली सरकार: सीएम योगी*

*कांवड़ यात्रा में अनुशासनहीनता स्वीकार नहीं, उपद्रव का प्रयास करने वाले को कान पकड़कर बाहर कर देंः मुख्यमंत्री*

*2007 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश में 29 चीनी मिलें बंद हुईं, आज 122 मिलें संचालित: सीएम*

*शामली, 17 जुलाई।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी व कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जिन्ना के उपासक लोग डेमोग्राफी बदल रहे थे और इसीलिए कैराना व कांधला से पलायन हो रहा था। उन्होंने स्थानीय नागरिकों को चेताया कि जिन्ना के अनुयायियों को जब भी मौका मिलेगा, वे आपको क्षेत्र व जाति के नाम पर बांटेंगे। विकास कार्यों में लूट-खसोट करेंगे। बेटी-व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाएंगे। इनसे लगातार सतर्क रहना है।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को कैराना, शामली व थानाभवन विधानसभा क्षेत्र की 581 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 89 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने लोकार्पण व शिलान्यास की गई योजनाओं का विवरण देते हुए गत 10 वर्ष में शामली, थानाभवन व कैराना में आए सकारात्मक बदलाव की भी चर्चा की।

*कैराना व शामली का आध्यात्मिकता, संस्कृति व आजादी में योगदान*
सीएम योगी ने कहा कि 5000 वर्ष पूर्व कुरुक्षेत्र के धर्मयुद्ध में जाने से पहले लीलाधारी प्रभु श्रीकृष्ण ने हनुमान टीले में आकर विश्राम किया था और यहां के पवित्र जल को ग्रहण किया था। शामली व कैराना ने 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर में ब्रिटिश हुकूमत की चूलों को हिला दिया था। कैराना घराने से पं. भीमसेन जोशी ने शास्त्रीय संगीत की परंपरा को नई ऊंचाई दी।

*10 साल पहले आतंक और भय का प्रतीक था शामली*
सीएम ने कहा कि 10 साल पहले लोग पूछते थे कि आतंक-भय का प्रतीक शामली जनपद कहां है। शामली, कैराना-कांधला से पलायन होता था, यहां गुंडागर्दी होती थी। कोई सुरक्षित नहीं था। शरारत के तहत डेमोग्राफी को बदलने की साजिश हो रही थी। अब यहां के गन्ने की मिठास प्रसिद्ध है। पीएम मोदी जी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार शामली की गति को प्रगति में बदल रही है।

*एक्सप्रेसवे का ‘संगम’ बन चुका है शामली*
मुख्यमंत्री ने कहा कि शामली अब दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, शामली-अंबाला एक्सप्रेसवे और गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे का ‘संगम’ बन चुका है। यहां की युवा पीढ़ी की ऊर्जा का उपयोग सकारात्मक दिशा में किया गया तो आने वाले समय में इंफ्रास्ट्रक्चर व सुरक्षा का यह बेहतर माहौल शामली को एनसीआर के सबसे धनी व समृद्ध जनपदों में खड़ा कर देगा। शामली वाले 10 साल पहले बिजली के लिए तरसते थे, लेकिन आज शामली 400 केवीए विद्युत स्टेशन के माध्यम से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति का माध्यम बना है। 10 साल पहले मेडिकल सुविधाएं नदारद थीं। लेकिन, कोरोना महामारी में दिल्ली व आसपास के लोग इलाज कराने शामली के हॉस्पिटलों में पहुंचे।

*2007 से 2017 के बीच 29 चीनी मिलें बंद हुईं, आज 122 चल रहीं*
सीएम ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों चौधरी जयंत सिंह, वीरेंद्र सिंह, मोहित बेनीवाल, पूर्व मंत्री सुरेश राणा के कार्यों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत में चौधरी चरण सिंह के बाद चीनी मिलों की स्थिति में सुधार व पुनरोद्धार का बीड़ा 2017 में सुरेश राणा ने उठाया था। 2007 से 2017 के बीच तत्कालीन सरकारों में 29 चीनी मिलें बंद हुईं। 21 मिलें औने-पौने दाम पर बेची गईं। 2017 में सुरेश राणा ने मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली तो मैंने पूछा कि अब मिलें बिकेंगी तो नहीं, तब उन्होंने कहा था कि इन मिलों को वापस लेकर चलाएंगे। आज 122 चीनी मिलें चल रही हैं और किसानों को समय से भुगतान हो रहा है। अब गन्ना किसानों को 400 रुपये कुंतल दाम मिल रहा है। यूपी चीनी, गन्ना व एथेनॉल उत्पादन में नंबर एक है। यह प्रगति किसानों की समृद्धि का कारक बनी है।

*शामली व कैराना को देखकर लगता है कि सार्वजनिक जीवन में आना सफल हुआ*
सीएम योगी ने कहा कि विकास का विकल्प नहीं हो सकता। हम किसानों के उपासक हैं, जिन्होंने गन्ने का क्षेत्रफल बढ़ाकर उत्पादन बढ़ाया। हमने भी चीनी मिलों के माध्यम से उन्हें गन्ना मूल्य का भुगतान करा के दिखा दिया। शामली की खुशहाली और थानाभवन-कैराना का विकास देख लगता है कि सार्वजनिक जीवन में आना सफल हुआ है। पिछली बार मैंने यहां के स्कूलों का दौरा किया था। यूपी-सीबीएसई बोर्ड की मेरिट सूची में शामली के बच्चों का नाम देखा तो उन्हें लखनऊ बुलाया। वे बच्चे भी बता रहे थे कि अब डर नहीं लगता, क्योंकि अपराधी जानता है कि हिमाकत की तो जेल या जहन्नुम में ही जगह मिलेगी।

*सैफई का सिंडिकेट अब युवाओं का अधिकार नहीं छीन सकता*
सीएम ने कहा कि शामली में तेज गति से प्रगति होगी। कैराना में पीएसी की भव्य बटालियन बन रही है। सैफई का नौकरी का सिंडिकेट अब शामली के युवाओं का अधिकार नहीं छीन सकता। शामली, मुजफ्फरनगर का नौजवान भी अब नौकरी पाता है। मुख्यमंत्री ने कटाक्ष भी किया कि 2017 के पहले जयश्रीराम बोलने पर लाठी-गोली चलाने वाले, कांवड़ यात्रा प्रतिबंधित करने, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आयोजन को रोकने, रामनवमी की शोभायात्रा नहीं निकलने देने वाले, धार्मिक स्थलों की संपत्तियों पर कब्जा करने वाले आज किस मुंह से आस्था की बात कर रहे हैं।

*चौधरी चरण सिंह के सपनों को साकार कर रही डबल इंजन सरकार*
सीएम ने कहा कि भारत रत्न चौधरी चरण सिंह ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश, किसानों, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए जो सपना देखा था, उसे डबल इंजन सरकार साकार कर रही है। एक तरफ किसान के चेहरे पर खुशहाली लाई जा रही है तो दूसरी तरफ युवाओं के लिए रोजगार व नौकरी है। हर गरीब को शासन की योजना का लाभ मिल रहा है। हर व्यापारी के निवेश को सुरक्षा मिल रही है।

*कांवड़ यात्रा में गलत व्यक्तियों को कान पकड़कर बाहर कर दें*
सीएम ने कांवड़ संघों से अपील करते हुए कहा कि हम सभी श्रीराम के वंशज, श्रीकृष्ण के अनुयायी व भोले शंकर के भक्त हैं। राम की मर्यादा, कृष्ण की लीला व शंकर की समरसता/जीवंतता आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। अनुशासन व धैर्य जीवन की पूंजी है। अनुशासनहीनता करने वालों को सीएम ने चेताया कि छोटी बातों को लेकर हुड़दंग नहीं होना चाहिए। विरोधी लोग अनुशासनहीनता पर कांवड़ यात्रा को पहले की तरह बंद कराने के लिए दबाव बनाने का प्रयास करेंगे। किसी गलत व्यक्ति ने हमारे बीच में आकर उपद्रव करने का प्रयास किया तो उसे कान पकड़कर बाहर करने की आवश्यकता है। अनुशासनहीनता कतई स्वीकार नहीं होगी। पर्वों की मर्यादा को ध्यान में रखकर काम करेंगे तो परंपरा और अच्छे तरीके से बढ़ेगी।

*सीएम ने विधायकों के कार्यों की प्रशंसा की*
सीएम ने थाना भवन के विधायक अरशद अली और शामली के विधायक प्रसन्न चौधरी के खराब स्वास्थ्य का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अरशद अली का सुबह फोन पर हालचाल लिया था, वह स्वास्थ्य के कारण अनुपस्थित हैं। वहीं पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद प्रसन्न चौधरी यहां मौजूद हैं। हमारे जनप्रतिनिधि निरंतर विकास के लिए प्रयास करते हैं। जनप्रतिनिधियों के प्रयास से ही कुछ ही दिनों में 750 किमी. लंबा गोरखपुर-शामली इकॉनमिक कॉरिडोर शामली को गोरखपुर व सिलीगुड़ी तक जोड़ देगा। इसकी दूरी लगभग 1100-1200 किमी की होगी। एक्सप्रेसवे के जरिए शामली से ही अंबाला व पानीपत की यात्रा कराएंगे। शामली चारों ओर से एक्सप्रेसवे हाईवे के महत्वपूर्ण पड़ाव का केंद्र होगा। आज दी जा रही योजनाएं शामली को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी।

*प्रदेश का पहला एकीकृत निजी टेक्सटाइल्स*
सीएम ने कहा कि शामली अब एनसीआर का हिस्सा हो गया है। प्रदेश का पहला एकीकृत निजी टेक्सटाइल्स यहां बनने जा रहा है, जिससे 8000 युवाओं को नौकरी/रोजगार प्राप्त होगा। आमजन का समर्थन ही हमारी ताकत है और हम इसका इस्तेमाल करके ही कार्य कर रहे हैं। शामली अब पहचान के लिए मोहताज नहीं है। जनता के आशीर्वाद से शामली की तकदीर और तस्वीर बदल रही है।

*पहले 12 बजे तक सोने वाली और अब भोर में चार बजे से काम करने वाली सरकार*
सीएम ने कहा कि 2017 के पहले सरकार में सोने वाले लोग थे। वे 12 बजे सोकर उठते थे, 2 बजे तैयार होते थे और 5 बजे जिम चले जाते थे। उनके पास जनता के लिए फुर्सत नहीं थी। यह माफिया के सामने नाक रगड़ते और दंगाइयों को घर में बुलाकर सम्मानित करते थे, लेकिन यूपी अब बदल चुका है। यूपी की यात्रा अब सुबह चार बजे से प्रारंभ होती है। चरैवेति-चरैवेति के मंत्र के साथ हर वर्ग का हित करने वाली सरकार है।

इस अवसर पर जलशक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटिक, विधायक प्रसन्न कुमार, विधान परिषद सदस्य मोहित बेनीवाल, चौधरी वीरेंद्र सिंह, पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी, पूर्व मंत्री व भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश राणा, क्षेत्रीय अध्य़क्ष नवाब सिंह नागर, जिलाध्यक्ष रामजीलाल कश्यप आदि मौजूद रहे।

July 17, 2026

Yogi Adityanath visit: बिजनौर को 1003 करोड़ की सौगात

Posted on 17.07.2026, Time 6.30 PM Friday, #Bijnore News, CM Yogi Adityanath Visit

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजनौर को दी 1003 करोड़ रुपये से अधिक की 76 विकास परियोजनाओं की सौगात

बिजनौर, 17 जुलाई 2026 (उत्तर प्रदेश समाचार सेवा) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद बिजनौर के बिजनौर एवं चांदपुर विधानसभा क्षेत्रों के लिए 1003 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 76 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक, आवास की चाबी, स्वीकृति पत्र, प्रमाण-पत्र, आयुष्मान कार्ड एवं टूलकिट वितरित किए। कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया, पौधरोपण किया तथा महिलाओं की गोदभराई एवं बच्चों का अन्नप्राशन कराया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बिजनौर महात्मा विदुर की पावन तपोभूमि है और यह जनपद अनेक महान विभूतियों की जन्मस्थली रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार विरासत और विकास के समन्वय के साथ प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। उन्होंने कहा कि बिजनौर ने संघर्ष से विकास तक की सफल यात्रा तय की है और आज यह प्रदेश के तेजी से विकसित हो रहे जनपदों में शामिल है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ना उत्पादन के लिए प्रसिद्ध बिजनौर के किसानों को प्रदेश सरकार समय पर गन्ना मूल्य का भुगतान सुनिश्चित करा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले किसानों को वर्षों तक भुगतान नहीं मिलता था, जबकि आज सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि आज बिजनौर कानून व्यवस्था, आधारभूत सुविधाओं और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। हाईवे, मेडिकल कॉलेज, पर्यटन विकास, एक्सप्रेस-वे और उद्योगों के विस्तार से जनपद तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने नगीना के काष्ठ शिल्प, किसानों की मेहनत, युवाओं की ऊर्जा और व्यापारियों की उद्यमशीलता की सराहना की।


मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गंगा एक्सप्रेस-वे को बिजनौर से हरिद्वार तक विस्तारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर सड़क, पुल एवं फ्लाईओवर जैसी विकास परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की जाएगी तथा विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की कर्जमाफी, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना, निःशुल्क राशन योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक लाभ पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली की प्रभावी निगरानी की जा रही है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजनौर में औद्योगिक निवेश तेजी से बढ़ रहा है। बेल्जियम की अग्रिस्ट मासा सहित कई घरेलू एवं विदेशी कंपनियों ने जनपद में निवेश किया है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने ‘विदुर प्रेरणा’ स्वदेशी ब्रांड की सफलता की भी सराहना की और इसे आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का सशक्त उदाहरण बताया।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के साथ नर्सिंग कॉलेज एवं छात्रावास का लोकार्पण होने से जनपद की बेटियों को नर्सिंग शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे। साथ ही पर्यटन, पेयजल, सड़क, पुल एवं अन्य आधारभूत संरचना से जुड़ी अनेक परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया गया।
कार्यक्रम को जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह, सांसद चंदन चौहान, एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह, विधायक सूचि चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया।


इस अवसर पर व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल, एमएलसी अशोक कटारिया, अशोक कुमार राणा, ओम कुमार, कुँवर सुशांत सिंह, विनोद राठी, जिलाधिकारी जसजीत कौर, पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा, मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

प्रतापगढ़ में 19 वर्षीय नर्स ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, कमरे में फंदे से लटका मिला शव

VIKAS GUPTA
PRATAPGARH UP

प्रतापगढ़, 17 जुलाई 2026, शहर के विक्रम चौराहे के पास गुरुवार शाम एक 19 वर्षीय नर्स का शव किराये के कमरे में फंदे से लटका मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर नगर कोतवाली पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मृतका की पहचान कोहंडौर थाना क्षेत्र के गहरौली गांव निवासी स्वर्गीय अशोक कुमार की पुत्री लक्ष्मी पटेल (19) के रूप में हुई। वह अपनी छोटी बहन ज्योति पटेल के साथ विक्रम चौराहे के पास किराये के मकान में रहती थीं। दोनों बहनें जेल रोड स्थित एक निजी अस्पताल में नर्स के रूप में कार्यरत थीं। जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे ड्यूटी समाप्त कर छोटी बहन ज्योति कमरे पर पहुंचीं। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद मकान मालिक की मौजूदगी में पीछे का दरवाजा खोलकर अंदर प्रवेश किया गया, जहां लक्ष्मी का शव पंखे के कुंडे से दुपट्टे के सहारे लटका मिला।
उन्हें तत्काल नीचे उतारकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार, लक्ष्मी की शादी वर्ष 2027 में तय थी और परिवार उसकी तैयारियों में जुटा था। उनके पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में मां, दो भाई और दो बहनें हैं। लक्ष्मी सबसे बड़ी संतान थीं। उनकी अचानक मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से मोबाइल सहित अन्य आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए हैं। सिटी सीओ आशुतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि होगी और उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

« Newer PostsOlder Posts »