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एटा में दिल्ली से दवा लेकर लौट रहे यात्री की चलती रोडवेज बस में मौत

July 15, 2026

एटा में दिल्ली से दवा लेकर लौट रहे यात्री की चलती रोडवेज बस में मौत

Posted on 15.07.2026 Time 09.56 PM, Etah News

एटा 15 जुलाई उप्रससे। जनपद में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां एक चलती रोडवेज बस में सफर कर रहे 55 वर्षीय यात्री की मौत हो गई। नोएडा डिपो की यह बस जब जीटी रोड स्थित पोस्टमार्टम हाउस गेट के सामने रुकी, तब परिचालक को यात्री के अचेत होने की जानकारी हुई। आनन-फानन में चालक और परिचालक उसे लेकर जिला मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

मैनपुरी जिले के सुल्तानगंज निवासी मजीद (55 वर्ष), पुत्र अजीज खान पिछले कुछ समय से दिल्ली में अपने भाई के पास गए हुए थे। बुधवार को वे वहां से अपनी दवाइयां लेकर बस द्वारा वापस अपने गांव लौट रहे थे। बस में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए।

मृतक की पत्नी की बहन (साली) मीणा, जो एटा के कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित किदवई नगर में रहती हैं, ने बताया कि रोडवेज कर्मियों ने मजीद के मोबाइल फोन से उनके पास फोन किया था। कॉल पर उन्हें बताया गया कि मजीद की तबीयत बेहद खराब है और उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही जब परिवार के लोग भागते हुए मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड पहुंचे, तब तक मजीद दम तोड़ चुके थे।

क्राइम इंस्पेक्टर अजब सिंह ने बताया रोडवेज बस के स्टाफ द्वारा एक यात्री को गंभीर और अचेत अवस्था में जिला मेडिकल कॉलेज लाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

Sitapur एटीसी कमांडेंट के सफाई कर्मचारी की जहर खाने से मौत

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Posted on 15.07.2026 Time 09.47 PM, Sitapur ATC

कमांडेंट पर प्रताड़ना का लगा आरोप।।

-आलोक कुमार बाजपेयी

सीतापुर , 15 जुलाई 2026 (उप्र समाचार सेवा) । कोतवाली नगर क्षेत्रान्तर्गत स्थित एटीसी (ATC) कमांडेंट के सरकारी आवास पर कार्यरत प्राइवेट सफाई कर्मचारी की बुधवार सुबह करीब 7 बजे कथित रूप से जहर खाने के बाद मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने एटीसी कमांडेंट शगुन गौतम पर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने पूरे प्रकरण की जांच कराने का आश्वासन भी दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान राजपुर मजरा चिलवारा निवासी शैलेन्द्र पाल के रूप में हुई है, जो एटीसी कमांडेंट शगुन गौतम के सरकारी आवास पर कार्य करता था। मृतक के परिजनों का आरोप है कि 25 जून को कमांडेंट के बंगले से कुछ सामान गायब हो गया था।
मृतका की पत्नी का आरोप है कि शैलेन्द्र को चोरी के संदेह में पूछताछ करते हुए काफी मारा पीटा गया था तथा दो दिनों तक कमरे में बंद रखा गया था। इतना ही नहीं, चोरी गए सामान के बदले उससे पांच लाख रुपये की मांग भी की गई। आरोप है कि लगातार शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर शैलेन्द्र ने मंगलवार शाम जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए लखनऊ ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। वहीं पिटाई से घायल दूसरे व्यक्ति का इलाज लखनऊ के निजी अस्पताल में चल रहा है।
घटना के बाद मृतक के परिजन पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल से मिले और पूरे मामले की शिकायत करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। परिजनों ने आरोप लगाया कि प्रताड़ना के कारण ही शैलेन्द्र ने यह आत्मघाती कदम उठाया।
पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने बताया कि परिजनों की शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की सभी बिंदुओं पर गंभीरता से जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।

युवा कार्यबल प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति: योगी आदित्यनाथ

Posted on 15.07.2026 Time 08.43 PM

कौशल को सम्मान, आत्मनिर्भर युवा – नए उत्तर प्रदेश की पहचान!

लखनऊ, 15 जुलाई 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी आज विश्व युवा कौशल दिवस-2026 के अवसर पर कौशल विकास मिशन एवं आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार एवं उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर बने युवाओं के सम्मान हेतु लखनऊ में आयोजित समारोह में सम्मिलित हुए।

इस अवसर पर व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग तथा उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा केंद्र सरकार के सफलतम 12 वर्षों में प्रदेश में हुए कार्यों एवं उपलब्धियों पर आधारित पुस्तिका ‘कौशलम’ का विमोचन भी किया गया।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश का युवा कार्यबल प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति है। कौशल, नवाचार और उद्यमिता के बल पर ही उत्तर प्रदेश वर्ष 2029-30 तक 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त कर विकसित भारत के संकल्प को नई गति प्रदान करेगा।

July 14, 2026

वृंदावन में साधक की जीवनभर की कमाई पर डाका, जैंत पुलिस ने 2.90 करोड़ की चोरी का किया खुलासा

चार अंतरराज्यीय चोर गिरफ्तार, 2 करोड़ नकद समेत 2.60 करोड़ की संपत्ति बरामद
मथुरा। थाना जैंत पुलिस ने सुनरख क्षेत्र में हुई करीब 2 करोड़ 90 लाख रुपये की सनसनीखेज चोरी का खुलासा करते हुए चार अंतरराज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 करोड़ रुपये नकद, चोरी के पैसों से खरीदी गई फॉक्सवैगन वर्टस कार, सोने-चांदी के आभूषण, महंगे मोबाइल फोन, ब्रांडेड सामान तथा वारदात में प्रयुक्त टाटा पंच कार सहित कुल 2 करोड़ 60 लाख 12 हजार रुपये की संपत्ति बरामद की है।
पुलिस के अनुसार गुजरात के गांधीनगर निवासी राकेश प्रजापति अपने पुत्र के वृंदावन स्थित आश्रम में दीक्षित होने के बाद स्वयं भी धार्मिक जीवन अपनाने के उद्देश्य से गुजरात की अपनी संपत्ति बेचकर सुनरख में रहने लगे थे। उन्होंने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी करीब 2.90 करोड़ रुपये घर में रखी हुई थी।
इसी दौरान उनकी पहचान सुनरख में रहने वाले आलोक और राजन से हुई। आरोप है कि दोनों ने सूरत निवासी अपने साथियों प्रेम सागर और हीरेन के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई। योजना के तहत आलोक पीड़ित को प्लॉट दिखाने के बहाने मांट क्षेत्र ले गया, जबकि उसके तीन साथियों ने घर का ताला तोड़कर अलमारी और दीवान में रखी पूरी नकदी चोरी कर ली।
चोरी के बाद आरोपियों ने पीड़ित को धमकाकर मामला दबाने का प्रयास किया। भय के कारण पीड़ित कुछ समय के लिए गुजरात लौट गए, जहां उनकी तबीयत भी बिगड़ गई। बाद में उन्होंने थाना जैंत में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विशेष टीम गठित की।
जांच के दौरान पुलिस ने मंगलवार तड़के सुनरख रोड से एनएच-19 जाने वाले मार्ग पर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उनके कब्जे से 2 करोड़ रुपये नकद, फॉक्सवैगन वर्टस कार, घटना में प्रयुक्त टाटा पंच कार, एप्पल, सैमसंग और वीवो के चार मोबाइल, सोने-चांदी के आभूषण, ब्रांडेड जूते, कपड़े, घड़ियां तथा जिम और स्विमिंग किट बरामद की गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजन (फरीदाबाद), आलोक (कुशीनगर), प्रेम सागर और हीरेन (दोनों सूरत, गुजरात) के रूप में हुई है। सभी के विरुद्ध थाना जैंत में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई को थाना जैंत पुलिस और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि चोरी की अधिकांश रकम और उससे खरीदी गई संपत्ति बरामद कर ली गई है तथा मामले में आगे की जांच जारी है।

कैंट स्टेशन कांड पर देशभर में हंगामा, रेलकर्मी सड़कों पर उतरे, आरपीएफ के खिलाफ खोला मोर्चा

–पीडित डिप्टी एस एस की पत्नी ने दी आत्मदाह की धमकी,बहन रेलवे ट्रैक पर बैठी

आगरा। कैंट रेलवे स्टेशन पर डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट (डीएसएस) नरेंद्र चाहर के साथ कथित मारपीट और उन्हें प्लेटफॉर्म पर घसीटने का मामला अब पूरे देश में तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को आगरा, मथुरा, कोटा, झांसी और दिल्ली समेत देश के करीब 30 शहरों में रेलवे कर्मचारियों ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रेलकर्मियों ने दोषी जवानों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।

सुबह करीब साढ़े दस बजे आगरा में डीआरएम कार्यालय के बाहर सैकड़ों रेलकर्मी एकत्र हुए। प्रदर्शन में स्टेशन मास्टर्स, रेलवे कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी भी शामिल हुईं। कर्मचारियों ने “आरपीएफ मुर्दाबाद”, “गुंडागर्दी बंद करो” और “दोषियों को गिरफ्तार करो” जैसे नारे लगाए।

प्रदर्शन के दौरान डीआरएम कार्यालय के बाहर सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में आरपीएफ जवानों को तैनात किया गया था। इसी बीच प्रदर्शन कर रहे रेलकर्मियों और आरपीएफ कर्मियों के बीच कई बार तीखी नोकझोंक भी हुई।

रेल कर्मचारियों का आरोप है कि आरपीएफ के कुछ जवान आए दिन रेलवे कर्मचारियों और यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं। उनका कहना है कि अगर इस घटना में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि रविवार को आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर एक यात्री के चोटिल होने के बाद ट्रेन को रोकने के मुद्दे पर डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र चाहर और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों के बीच विवाद हो गया था। आरोप है कि बहस बढ़ने के बाद आरपीएफ के कुछ जवानों ने डीएसएस नरेंद्र चाहर के साथ मारपीट की और उन्हें प्लेटफॉर्म पर घसीटते हुए ले गए। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और कर्मचारियों ने घटना का वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

वीडियो सामने आने के बाद रेलवे कर्मचारियों में भारी नाराजगी फैल गई। आगरा मंडल ही नहीं, बल्कि देश के कई शहरों से रेलवे संगठनों ने इस घटना का विरोध शुरू कर दिया। जो कर्मचारी आगरा नहीं पहुंच सके, उन्होंने अपने-अपने कार्यस्थलों पर प्रदर्शन कर दोषियों की गिरफ्तारी की मांग उठाई।

—-किए जा चुके हैं चार आरपीएफ जवान निलंबित

मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने प्राथमिक कार्रवाई करते हुए आरपीएफ के एएसआई मेघराज मीणा, बालकिशन और कॉन्स्टेबल बदन सिंह तथा जितेंद्र को निलंबित कर दिया है। घटना की जांच जारी है और रेलवे प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। हालांकि, अब तक इस विरोध-प्रदर्शन का रेल यातायात पर कोई असर नहीं पड़ा है और सभी ट्रेनें सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।

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