Web News

www.upwebnews.com

एटा में अभद्रता और इलाज से इंकार पर डॉक्टर मुकेश परमार बर्खास्त

April 15, 2026

एटा में अभद्रता और इलाज से इंकार पर डॉक्टर मुकेश परमार बर्खास्त

एटा 15 अप्रैल उप्रससे। एटा मेडिकल कॉलेज में पत्रकार से अभद्रता और मरीज का इलाज ठुकराने पर संविदा डॉक्टर मुकेश परमार को बर्खास्त कर दिया, जांच जारी

वीरांगना अवंतीबाई लोधी ऑटोनोमस स्टेट मेडिकल कॉलेज में लगभग एक सप्ताह से चर्चा में चल रहा डाक्टर के गंभीर प्रकरण में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संविदा पर तैनात आर्थोपेडिक्स विभाग के बहुचर्चित चिकित्सक डॉ. मुकेश परमार की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री पोर्टल (आईजीआरएस) पर दर्ज शिकायत और उसके बाद हुई जांच के आधार पर की गई है। जिसमें डॉक्टर पर एक पत्रकार और मरीज के तीमारदार के साथ अभद्र व्यवहार मारपीट करने, मरीज को धमकाने और इलाज से इंकार करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।

शिकायतकर्ता अशोक कुमार ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से दर्ज कराई थी, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और जांच के आदेश दिए गए। जांच के दौरान आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए, जिसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से डॉक्टर की सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लिया।

सूत्रों के मुताबिक, संबंधित डॉक्टर पर पहले भी दबंगई और अनुशासनहीनता के आरोप लगते रहे हैं। साथ ही उनके द्वारा तीन जगहों पर निजी चिकित्सालय संचालित किए जाने और मैडिकल कालेज से मरीजो को प्राइवेट क्लीनिक ले जाने की भी चर्चा रही है, जिससे विवाद और गहरा गया था। इससे पहले कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह द्वारा डॉक्टर को सस्पेंड किए जाने की मौखिक जानकारी दी गई थी, लिखित आदेश मांगने पर बताया गया कि यह कार्यालय कापी होती है किसी को दी नहीं जा सकती लेकिन लिखित आदेश न देने को लेकर भी सवाल खड़े हुए थे। अब स्पष्ट कार्रवाई सामने आने के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों को कुछ हद तक विराम मिला है।

जिला प्रशासन का कहना है कि जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह ने उक्त प्रकरण की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं जो अपर जिलाधिकारी प्रशासन सत्य प्रकाश के नेतृत्व में की जा रही है। मरीजों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या अभद्रता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, इस पूरे मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

नोएडा हिंसा के पीछे समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का हाथ: ओमप्रकाश राजभर

नोएडा हिंसा के पीछे समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का हाथ बलिया में बोले ओपी राजभर।
रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 15/04/2026

बलिया, महिला बिल के सवाल पर सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव की पत्नी डिम्पल यादव को लेकर दिया बड़ा बयान कहा जो अपनी पत्नी की सुरक्षा पर एक मौलाना ने बोला उस पर उन्होंने कोई टिप्पणी नही की उसी से पता चलता हैं कि वह महिलाओ के प्रति कितना समर्पित है। अखिलेश यादव महिला विरोधी है। तो वही नोएडा हिंसा के पीछे समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का हाथ बलिया में बोले ओमप्रकाश राजभर।

पूर्व सांसद हरिनारायण राजभर के निधन के बाद उनके पैतृक आवास पहुंचे ओमप्रकाश राजभर ने महिला बिल के सवाल पर बड़ा बयान दिया कहा, महिला बिल का विरोध करने वाला महिला विरोधी है। विपक्ष को चाहिए कि सदन में हिस्सा लेकर अपनी बात रखे।अखिलेश यादव महिला विरोधी है वह अपनी पत्नी डिंपल यादव की सुरक्षा पर एक मौलाना ने बोला उस पर अखिलेश यादव ने कोई टिप्पणी तक नही की इसी से पता चलता है कि वह महिलाओ के प्रति कितना समर्पित है। महिला बिल का विरोध करने वाला महिला विरोधी है। अखिलेश यादव महिला विरोधी है।

Byte- ओमप्रकाश राजभर (सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष)

Byte-ओमप्रकाश राजभर (यूपी सरकार के मंत्री)

Gorakhpur लिव इन में रह रही युवती की हत्या कर प्रेमी फरार, बंद दुकान से शव बरामद

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
15/04/2026, UP News

Gorakhpur, 15 April 2026 (UP News Service) A heart-wrenching news has come out from the Cantt police station area. The body of a 25-year-old woman was found under suspicious circumstances in a shop in Maharana Pratap Building on Zilla Panchayat Road. The deceased has been identified as Gangotri Yadav, who was living in a live-in relationship with a youth for the last 8 years.

गोरखपुर, 15 अप्रैल 2026 (उप्र समाचार सेवा) कैंट थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। जिला पंचायत रोड स्थित महाराणा प्रताप बिल्डिंग की एक दुकान में 25 वर्षीय युवती का शव संदिग्ध हालात में बरामद हुआ है। मृतका की पहचान गंगोत्री यादव के रूप में हुई है, जो पिछले 8 सालों से एक युवक के साथ लिव-इन में रह रही थी।

महाराणा प्रताप बिल्डिंग में स्थित फ्लैक्स की दुकान पिछले तीन दिनों से बंद थी। गंगोत्री के परिजनों का कहना है कि तीन दिनों से उसका मोबाइल स्विच ऑफ था। जब कोई संपर्क नहीं हुआ, तो परेशान परिजन महाराजगंज से गोरखपुर पहुंचे। पहले वे किराए के कमरे पर गए, लेकिन वहां ताला लटका मिला। इसके बाद जब वे दुकान पर पहुंचे, तो वहां से तेज दुर्गंध आ रही थी।
परिजनों की सूचना पर पहुंची कैंट पुलिस ने जब दुकान का शटर खुलवाया, तो अंदर गंगोत्री का शव पड़ा मिला। शव की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि मौत दो-तीन दिन पहले ही हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मृतका के भाई ने गंगोत्री के साथ रहने वाले अनिल गुप्ता पर हत्या का सीधा आरोप लगाया है। परिजनों के मुताबिक, घटना के बाद से ही अनिल का फोन बंद है और वह फरार है। स्थानीय दुकानदारों ने भी पुष्टि की है कि दुकान पिछले तीन दिनों से नहीं खुली थी।
फिलहाल पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया है। आखिर उस बंद दुकान के भीतर क्या हुआ? क्या अनिल गुप्ता ने ही गंगोत्री की जान ली या कहानी कुछ और है? पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कॉल डिटेल्स के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।

टाटा संस के चेयरमैन ने सीएम योगी के साथ किया गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
15/04/2026, Gorakhpur News

मंदिर परिसर का भ्रमण कराकर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एन. चंद्रशेखरन को दी नाथपंथ और इसके महान संतों के बारे में विस्तार से जानकारी

After visiting the temple complex, Gorakshapithadhishwar and Chief Minister Yogi Adityanath gave a detailed account of Nathpanth and its great saints to N. Chandrasekaran

गोरखपुर, 15 अप्रैल (उप्र समाचार सेवा) टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ गुरु गोरखनाथ मंदिर में शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन किया। गोरखनाथ मंदिर आगमन पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दर्शन-पूजन कराने के बाद उन्हें मंदिर परिसर का भ्रमण कराया और नाथपंथ तथा इसके महान संतो के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में स्थापित पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लोकार्पण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने गोरखपुर आए टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन बुधवार दोपहर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में गुरु गोरखनाथ का दर्शन और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि विधान से पूजन किया। मंदिर में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने उन्हें शिवगोरक्ष नामाकृत अंगवस्त्र और मंदिर का प्रसाद भेंट किया।

गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने के बाद टाटा संस के चेयरमैन ने सीएम योगी के साथ मंदिर परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें नाथपंथ के इतिहास, विस्तार-प्रसार, इस पंथ के प्रवर्तक महायोगी गुरु गोरखनाथ के जीवन दर्शन और नाथपंथ के प्रसिद्ध संतों के बारे में बताया। मंदिर परिसर का भ्रमण करने के बाद एन. चंद्रशेखरन गोरक्षपीठ की तरफ से आयोजित दोपहर भोज में भी शामिल हुए।

April 14, 2026

दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण

लखनऊ : 14 अप्रैल, 2026 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने आज देहरादून, उत्तराखण्ड से 12,000 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित दिल्ली-उत्तर प्रदेश-उत्तराखण्ड को जोड़ने वाले दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण किया। इसके पूर्व, प्रधानमंत्री जी ने जनपद सहारनपुर में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के अन्तर्गत निर्मित वन्यजीव एलिवेटेड कॉरिडोर का निरीक्षण किया तथा माँ डाट काली मन्दिर में दर्शन-पूजन किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन जयराम गडकरी तथा केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री श्री पंकज चौधरी सम्मिलित हुए।
प्रधानमंत्री जी ने कार्यक्रम को देहरादून से वर्चुअल माध्यम से सम्बोधित करते हुए कहा कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को पूरा करने में माँ डाट काली का आशीर्वाद बहुत बड़ी शक्ति के रूप में रहा। इस एक्सप्रेस-वे का बहुत बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है। इससे गाजियाबाद, बागपत, शामली और सहारनपुर जैसे अनेक शहरों को लाभ होगा। पर्यटन के दृष्टिकोण से यह प्रोजेक्ट काफी अहम है। आज बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर जी की पावन जयन्ती भी है। बीते दशक में सरकार की नीतियां व निर्णय संविधान की गरिमा को पुनर्स्थापित करने वाले रहे। अनुच्छेद-370 हटने के बाद सम्पूर्ण देश में भारत का संविधान लागू है। जिन जिलों में माओवाद व नक्सलवाद का खात्मा हुआ है, वहां भी संविधान की भावना के अनुरूप कार्य हो रहा है। देश में समान नागरिक संहिता लागू करना संविधान की अपेक्षा है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि बाबा साहब का जीवन गरीबों, वंचितों, शोषितों को न्यायपूर्ण व्यवस्था देने के लिए समर्पित था। हमारी सरकार उसी भावना के साथ प्रत्येक गरीब व वंचित को सच्चा सामाजिक न्याय देने में जुटी हुई है। देश का संतुलित विकास सामाजिक न्याय का बहुत बड़ा माध्यम है। बाबा साहब आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और औद्योगीकरण की वकालत करते थे। भविष्य की दशा और दिशा के लिए अक्सर लोग हस्तरेखाएं दिखाते हैं। यदि इसे राष्ट्र के सन्दर्भ में देखा जाए, तो राष्ट्र की भाग्य रेखाएं सड़कें, हाई-वे, एक्सप्रेस-वे, एयर-वे, रेलवे, वॉटर-वे होती हैं। बीते एक दशक से देश विकसित भारत बनाने के लिए अभूतपूर्व निवेश कर विकास की ऐसी ही भाग्य रेखाओं के निर्माण में जुटा हुआ है। विकास की यह भाग्य रेखाएं सिर्फ आज की सुविधाएं नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की समृद्धि की गारण्टी हैं।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2014 से पूर्व, ऐसे इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए पूरे देश में प्रतिवर्ष 02 लाख करोड़ रुपये भी खर्च नहीं होते थे। आज यह आंकड़ा 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। 21वीं सदी का भारत आज जिस स्पीड व स्केल पर कार्य कर रहा है, उसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। कुछ सप्ताह पूर्व दिल्ली मे मेट्रो का विस्तार हुआ। मेरठ में मेट्रो की शुरूआत हुई। दिल्ली-मेरठ नमो भारत रेल देश को समर्पित की गयी। नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट की शुरूआत हुई। हवाई जहाजों के लिए एम0आर0ओ0 फैसिलिटी पर कार्य शुरू हुआ। आज देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे शुरू हो रहा है। 21वीं सदी का भारत आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के जिस युग में प्रवेश कर रहा है, वह अभूतपूर्व व अकल्पनीय है। आज भारत के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने वाले अनेक इकोनॉमिक कॉरिडोर यथा- दिल्ली-मुम्बई इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर, बेंगलूरू-मुम्बई इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर, ईस्ट-कोस्ट इकोनॉमिक कॉरिडोर, अमृतसर-कोलकाता इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर पर काम चल रहा है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि यह इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रगति के नये द्वार हैं। इनसे उम्मीदों की डोर भी जुड़ी हुई हैं। यह इकोनॉमिक कॉरिडोर सड़क के अतिरिक्त नये-नये व्यापार और कारोबार का मार्ग बनाते हैं। फैक्ट्रियों, गोदामों के नेटवर्क का आधार तैयार करते हैं। देहरादून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर से भी सम्पूर्ण क्षेत्र का कायाकल्प होने जा रहा है। इससे समय बचेगा, आवागमन सस्ता व तेज होगा और रोजगार में वृद्धि होगी। किसानों और पशुपालकों की उपज अब तेज गति से मण्डियों और बड़े बाजारों तक पहुंचेगी। इसके निर्माण में 12 हजार करोड़ रुपये व्यय हुए। हजारों श्रमिकों, इंजीनियरों व अन्य स्किल्ड वर्कफोर्स तथा ट्रान्सपोर्ट से जुड़े लोगों को बहुत बड़ी मात्रा में काम मिला।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि हम ऐसा भारत बनाने में जुटे हुए हैं, जहां प्रगति, प्रकृति व संस्कृति की त्रिवेणी हो। आज होने वाले हर निर्माण को इसी त्रिवेणी के मूल्यों के आधार पर विकसित किया जा रहा है। इन्फ्रास्ट्रक्चर से इंसान को भी सुविधा मिले और वहां रहने वाले वन्य जीवों को भी असुविधा न हो, यही सरकार का प्रयास है। इसलिए इस एक्सप्रेस-वे पर लगभग 12 किलोमीटर लम्बा एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर बनाया गया है, जिससे हाथियों को असुविधा न हो।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि दुनिया में बड़ा संकट आया है। इससे दुनिया के विकसित देशों में भी हाहाकार मचा हुआ है। ऐसे मुश्किल हालात में भी सरकार का निरन्तर प्रयास है कि हमारी बहनों को कम से कम परेशानी हो। बहन-बेटियों की भागीदारी का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव देश के सामने है। चार दशकों के इन्तजार के बाद संसद ने नारी शक्ति वन्दन अधिनियम पारित किया था। इससे विधानसभा व लोकसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण तय हो गया। सभी दलों ने आगे आकर इस महत्वपूर्ण कानून का समर्थन किया। महिलाओं को मिले इस हक को लागू करने में अब देर नहीं होनी चाहिए। वर्ष 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव और आगे होने वाले विधानसभा चुनावों में यह लागू हो जाना चाहिए। यह देश की भावना तथा प्रत्येक बहन-बेटी की इच्छा है। मातृशक्ति की इसी इच्छा को नमन करते हुए आगामी 16 अप्रैल से संसद में विशेष चर्चा तय की गयी है। मैंने देश की माताओं-बहनों को खुला पत्र लिखकर इस कार्य में भागीदार बनने के लिए निमंत्रित किया है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि सरकार सेना की सामर्थ्य को सशक्त करने तथा सैनिक परिवारों की सुविधा के लिए निरन्तर प्रयासरत है। ‘वन रैंक-वन पेंशन‘ के माध्यम से सरकार ने अब तक लगभग सवा लाख करोड़ रुपये पूर्व फौजियों के खाते में जमा किए हैं। इस वर्ष पूर्व सैनिकों के लिए हेल्थ स्कीम का बजट 36 प्रतिशत बढ़ाया गया है। 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के पूर्व सैनिकों के लिए दवाइयों की डोर-स्टेप होम डिलीवरी शुरू की गयी है। पूर्व सैनिकों के बच्चों की एजुकेशन ग्राण्ट दोगुनी तथा बेटियों के विवाह की सहायता राशि 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 01 लाख रुपये की गयी है। हमें देशभक्ति, देवभक्ति और प्रगति जैसे प्रत्येक आयाम को जोड़ते हुए देश को विकसित बनाना है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने जनपद सहारनपुर से कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि सहारनपुर से दिल्ली की जो दूरी पहले 05 से 06 घण्टे में पूरी होती थी, अब इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के माध्यम से 2.5 घण्टे में पूरी की जा सकेगी। यह इकोनॉमिक कॉरिडोर अन्नदाता किसानों के गुड़ की मिठास, सब्जी तथा फल, सहारनपुर की काष्ठ कला एवं शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत में बनने वाले उत्पादों को राष्ट्रीय राजधानी के साथ-साथ दुनिया के बाजारों में पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
आज भारत में सामाजिक न्याय को धरातल पर उतारने वाले संविधान शिल्पी बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर जी की 135वीं पावन जयन्ती है। उन्होंने संविधान के माध्यम से भारत के प्रत्येक नागरिक, चाहे वह किसी भी जाति, सम्प्रदाय, क्षेत्र, लिंग या आयु का हो, को एकसमान अधिकार देकर सशक्त भारत की नींव रखी थी। बाबा साहब के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए प्रधानमंत्री जी ने देश में पंचतीर्थ बनवाए। आज उनकी प्रेरणा से प्रदेश सरकार ने तय किया है कि बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर, सद्गुरु रविदास जी महाराज, महर्षि वाल्मीकि और सामाजिक न्याय के महापुरुषों की मूर्तियां जहां स्थापित हैं, यदि वहां बाउण्ड्रीवॉल नहीं है और मूर्तियों के ऊपर छत्र नहीं है, तो प्रदेश सरकार धनराशि देकर इस कार्य को कराएगी। यह कार्य प्रारम्भ होने जा रहा है। यह सम्मान का भाव आने वाली पीढ़ी को एकसूत्र में जोड़कर प्रधानमंत्री जी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के अभियान को आगे बढ़ाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बाबा साहब की जयन्ती के अवसर पर सहारनपुर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेशवासियों को प्रधानमंत्री जी कर-कमलों से यह इकोनॉमिक कॉरिडोर प्राप्त हो रहा है। आज प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए हम सब यहां उपस्थित हुए हैं। पहले माँ डाट काली के स्थान से जब उत्तराखण्ड में प्रवेश करते थे, तो रोड ब्लॉक हो जाती थी। बरसात के दिनों में आवागमन बन्द हो जाता था। सहारनपुर व अन्य जनपदों के लोग इस मार्ग से देहरादून नहीं पहुँच पाते थे। उन्हें हरिद्वार मार्ग का सहारा लेना पड़ता था।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में नया भारत विकास, सुशासन तथा सेवा का जो मॉडल खड़ा कर रहा है, उस मॉडल को इकोनॉमिक कॉरिडोर के माध्यम से हम सभी देख रहे हैं। आज उत्तर प्रदेश सुरक्षा, सुशासन, इन्फ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और निवेश का एक नया केन्द्र बनकर उभरा है। यह डबल इंजन सरकार की ताकत है कि अब उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड और दिल्ली में बड़े से बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर को लाने में कोई दुविधा नहीं है। अब सहारनपुर में माता शाकुम्भरी के नाम पर विश्वविद्यालय बन चुका है। सरसावां में सिविल टर्मिनल व एयरपोर्ट बन रहा है। जेवर में एशिया का सबसे बड़ा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट प्रारम्भ हो चुका है। वहां फिल्म सिटी का निर्माण किया जा रहा है। यह कला एवं कलाकारों के लिए अपनी प्रतिभा को समाज के समक्ष प्रस्तुत करने का एक माध्यम है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि माता शाकुम्भरी देवी का भव्य कॉरिडोर बन रहा है। यह तभी सम्भव होता है, जब सरकार विरासत के संरक्षण के साथ विकास कार्यों को बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके आगे बढ़ाती है। सहारनपुर, मेरठ, बागपत में अधिकारियों को इण्डस्ट्रियल तथा हाउसिंग क्लस्टर तैयार करने के निर्देश दिये गये हैं। इससे रोजगार के अनेक अवसर सृजित होंगे। यहां के किसानों के उत्पाद को देश की राजधानी दिल्ली के साथ गंगा एक्सप्रेस-वे के माध्यम से लखनऊ व अन्य वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। अन्नदाता किसानों को उपज की अच्छी कीमत मिलेगी।
इसके पूर्व, राज्यपाल जी तथा मुख्यमंत्री जी ने बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम को केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन जयराम गडकरी ने देहरादून से वर्चुअल माध्यम से सम्बोधित किया। केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री श्री पंकज चौधरी, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री द्वय श्री केशव प्रसाद मौर्य व श्री ब्रजेश पाठक ने सहारनपुर में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित किया।
इस अवसर पर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रोद्योगिकी मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा, संसदीय कार्य तथा औद्योगिक विकास राज्यमंत्री श्री जसवन्त सिंह सैनी, लोक निर्माण राज्यमंत्री श्री ब्रजेश सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
« Newer PostsOlder Posts »