Web News

www.upwebnews.com

एटा में अभद्रता और इलाज से इंकार पर डॉक्टर मुकेश परमार बर्खास्त

April 15, 2026

एटा में अभद्रता और इलाज से इंकार पर डॉक्टर मुकेश परमार बर्खास्त

एटा 15 अप्रैल उप्रससे। एटा मेडिकल कॉलेज में पत्रकार से अभद्रता और मरीज का इलाज ठुकराने पर संविदा डॉक्टर मुकेश परमार को बर्खास्त कर दिया, जांच जारी

वीरांगना अवंतीबाई लोधी ऑटोनोमस स्टेट मेडिकल कॉलेज में लगभग एक सप्ताह से चर्चा में चल रहा डाक्टर के गंभीर प्रकरण में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संविदा पर तैनात आर्थोपेडिक्स विभाग के बहुचर्चित चिकित्सक डॉ. मुकेश परमार की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री पोर्टल (आईजीआरएस) पर दर्ज शिकायत और उसके बाद हुई जांच के आधार पर की गई है। जिसमें डॉक्टर पर एक पत्रकार और मरीज के तीमारदार के साथ अभद्र व्यवहार मारपीट करने, मरीज को धमकाने और इलाज से इंकार करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।

शिकायतकर्ता अशोक कुमार ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से दर्ज कराई थी, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और जांच के आदेश दिए गए। जांच के दौरान आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए, जिसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से डॉक्टर की सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लिया।

सूत्रों के मुताबिक, संबंधित डॉक्टर पर पहले भी दबंगई और अनुशासनहीनता के आरोप लगते रहे हैं। साथ ही उनके द्वारा तीन जगहों पर निजी चिकित्सालय संचालित किए जाने और मैडिकल कालेज से मरीजो को प्राइवेट क्लीनिक ले जाने की भी चर्चा रही है, जिससे विवाद और गहरा गया था। इससे पहले कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह द्वारा डॉक्टर को सस्पेंड किए जाने की मौखिक जानकारी दी गई थी, लिखित आदेश मांगने पर बताया गया कि यह कार्यालय कापी होती है किसी को दी नहीं जा सकती लेकिन लिखित आदेश न देने को लेकर भी सवाल खड़े हुए थे। अब स्पष्ट कार्रवाई सामने आने के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों को कुछ हद तक विराम मिला है।

जिला प्रशासन का कहना है कि जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह ने उक्त प्रकरण की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं जो अपर जिलाधिकारी प्रशासन सत्य प्रकाश के नेतृत्व में की जा रही है। मरीजों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या अभद्रता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, इस पूरे मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।