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बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर जी का पूरा जीवन ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार करने के लिए समर्पित था

April 14, 2026

बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर जी का पूरा जीवन ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार करने के लिए समर्पित था

लखनऊ : 14 अप्रैल, 2026 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि आज पूरा देश भारत माता के महान सपूत बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर जी का स्मरण कर रहा है। उनका पूरा जीवन ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार करने तथा वंचितों, शोषितों, गरीबों व महिलाओं को न्याय प्रदान करने के लिए समर्पित था। आज देश बाबा साहब के इन्हीं कार्यों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित कर रहा है।
मुख्यमंत्री जी आज यहां बाबा साहब डॉ0 भीमराव रामजी आंबेडकर की 135वीं जयन्ती के अवसर पर भारत रत्न बोधिसत्व बाबा साहेब डॉ0 भीमराव आंबेडकर महासभा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने डॉ0 भीमराव रामजी आंबेडकर मूर्ति विकास योजना के अन्तर्गत प्रदेश के समस्त 75 जनपदों में स्थापित डॉ0 आंबेडकर की 75 मूर्तियों के सौन्दर्यीकरण एवं संरक्षण कार्यों का शिलान्यास किया। उन्होंने महासभा परिसर में स्थापित तथागत बुद्ध एवं डॉ0 भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा डॉ0 आंबेडकर के अस्थि कलश पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस कार्यक्रम में डॉ0 भीमराव आंबेडकर महासभा द्वारा प्रकाशित स्मारिका का विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री जी को भारतीय संविधान की प्रति तथा स्मृति चिन्ह के रूप में डॉ0 आंबेडकर की प्रतिमा भेंट की गयी। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने जी0पी0ओ0, हजरतगंज स्थित डॉ0 भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री जी ने महान न्यायविद्, भारतीय संविधान के शिल्पी, महान अर्थशास्त्री बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर जी की स्मृतियों को नमन करते हुए कहा कि हर वंचित, शोषित, गरीब व महिला को बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर जी में न्याय की रोशनी दिखायी देती है। बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर जी की 135वीं जयन्ती के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़े कार्यक्रम को अपने हाथों में लिया है। आज प्रदेश के सभी 75 जनपदों में, जहां किसी सार्वजनिक भूमि पर बाबा साहब की प्रतिमा होगी, यदि वहां बाउण्ड्रीवॉल तथा मूर्ति के ऊपर छत्र नहीं है, वहां बाउण्ड्रीवॉल तथा मूर्ति के ऊपर छत्र बनाने के कार्यों का शिलान्यास हुआ है।
पहले चरण में सभी 75 जनपदों में एक-एक स्थान पर यह कार्य किये जाएंगे। इसके उपरान्त अन्य सभी ऐसे स्थानों पर यह कार्य होंगे। समाज कल्याण विभाग को इसकी जिम्मेदारी दी गयी है। इसके अन्तर्गत बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर, सन्त रविदास जी महाराज, महर्षि वाल्मीकि, महात्मा ज्योतिबा फुले, महाराजा बिजली पासी, महाराजा सातन पासी सहित सामाजिक न्याय के लिए कार्य करने वाले प्रत्येक उन महापुरुषों को सम्मान देने का कार्य किया जाएगा, जिनके कारण यह समाज मजबूती के साथ जुड़ा हुआ है। गरीब, वंचित सहित समाज के हर तबके का व्यक्ति यहां पर जाकर अपना सम्मान व्यक्त कर सके, कोई भी अराजक तत्व इन मूर्तियों को क्षतिग्रस्त न कर सके, इस दिशा में यह कार्य किये जा रहे हैं।
डबल इंजन सरकार प्रत्येक वंचित तथा अति पिछड़ों के विकास तथा सम्मान को प्राथमिकता दे रही है। यह कार्य लगातार आगे बढ़ेंगे। सरकार यह सुनिश्चित कराएगी कि गांव में बने सामुदायिक शौचालयों में स्वच्छता के कार्यक्रमों से जुड़ी बहनों को समय पर मानदेय मिले।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारी सरकार ने गोरखपुर में वीरांगना झलकारी बाई कोरी, बदायूं में वीरांगना अवन्तीबाई लोधी तथा लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी पासी के नाम पर पी0ए0सी0 की तीन महिला बटालियनों का गठन किया है। यह सामाजिक न्याय का उदाहरण है, जहां हर एक का सम्मान होता है। हमने समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरूण की पहल पर कन्नौज के सरकारी मेडिकल कॉलेज का नाम पुनः बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर के नाम पर किया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सन्त रविदास जी महाराज की पावन जन्मभूमि वाराणसी में माघी पूर्णिमा पर लाखों लोग एकत्रित होते हैं। पहले वहां कार्यक्रमों के लिए जगह नहीं मिल पाती थी। सिंगल लेन की सड़क थी। डबल इंजन सरकार ने वहां दो लाख लोगों के कार्यक्रम के लिए पार्क विकसित किया तथा वहां सन्त रविदास जी महाराज की भव्य प्रतिमा स्थापित करायी। सिंगल लेन सड़क को 04-लेन की सड़क में बदल दिया गया। अन्न क्षेत्र तथा अतिथि क्षेत्र के लिए भवन बनाये गये। यह उस महापुरुष के प्रति हमारी कृतज्ञता है, जिसने भारत की भक्ति परम्परा को बहुत ऊंचाईयां दी हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले महर्षि वाल्मीकि जी की पावन साधना स्थली लालापुर, चित्रकूट पर कब्जा किया जा रहा था। हमने वहां रोपवे का विकास किया है। वहां सड़क का निर्माण हो चुका है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में बने इण्टरनेशनल एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा गया है। इन महापुरुषों ने समाज के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। बाबा साहब की जयन्ती पर आयोजित आज का यह कार्यक्रम इन्हीं महापुरुषों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का अवसर है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लखनऊ में हमारी सरकार ने तत्कालीन राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविन्द जी के माध्यम से भारत रत्न डॉ0 भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केन्द्र बनाने के कार्य को आगे बढ़ाया है। इसके प्रथम चरण का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। द्वितीय चरण के कार्यां को जुलाई, 2026 तक पूर्ण किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। यहां पर वंचित वर्गों के बच्चों के लिए बाबा साहब के जीवन-दर्शन पर शोध करने का प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा। यह सामाजिक न्याय के प्रति जनचेतना जागृत करने का केन्द्र होगा। इसमें छात्रावास, शोध केन्द्र, ऑडिटोरियम, बाबा साहब की भव्य प्रतिमा का निर्माण हो रहा है। इसके माध्यम से समाज अपने महापुरुषों के योगदान के विषय में जानकर गौरव की अनुभूति कर सकेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने बाबा साहब से जुड़े पांच स्थलों को पंचतीर्थ के रूप में विकसित किया है। इनमें महु, मध्य प्रदेश स्थित उनकी जन्मस्थली पर बाबा साहब का भव्य स्मारक बना है। बाबा साहब ने लन्दन, ब्रिटेन में जिस भवन में रहकर उच्च शिक्षा ग्रहण की थी, उस भवन को खरीदकर बाबा साहब का स्मारक बनाकर अनुसूचित जाति/जनजाति के छात्रों के लिए स्कॉलरशिप की व्यवस्था की गयी है। दिल्ली में जहां बाबा साहब ने अपना सार्वजनिक जीवन व्यतीत किया, वहां डॉ0 भीमराव आंबेडकर अन्तरराष्ट्रीय एवं सास्कृतिक केन्द्र का निर्माण किया गया है। बाबा साहब की दीक्षा भूमि नागपुर तथा चैत्य भूमि मुम्बई में भी भव्य स्मारक बनाये गये हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर के दर्शन के अनुरूप आज डबल इंजन सरकार द्वारा प्रत्येक गरीब तथा वंचित वर्ग के लोगों को निःशुल्क राशन, आयुष्मान कार्ड, उज्ज्वला योजना के तहत निःशुल्क रसोई गैस कनेक्शन, निःशुल्क विद्युत कनेक्शन, प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास व शौचालय आदि का लाभ दिया जा रहा है। डबल इंजन सरकार प्रत्येक वंचित, अति पिछड़े, गरीब, नौजवान तथा महिला के साथ मजबूती से खड़ी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमें बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर के व्यक्तित्व से प्रेरणा लेनी चाहिए। उनका कहना था कि वह शुरु से अन्त तक भारतीय रहेंगे। बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर अपने परिश्रम और पुरुषार्थ से वंचितों के मसीहा बन गये। हमें भारत माता तथा देश की एकता और अखण्डता के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं करना चाहिए। जब कोई भारत के संविधान, तिरंगे, राष्ट्रगीत तथा राष्ट्रगान का अपमान करता है, तो वह बाबा साहब का अपमान करता है। हम ऐसी कोई भी बात स्वीकार्य नहीं करें, जो बाबा साहब के दर्शन के अनुरूप न हो।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज कुछ स्वार्थी ताकतें बाबा साहब के नाम का स्मरण कर रही हैं। यह वही लोग हैं, जिन्हें वंचितों, गरीबों और महिलाओं के उत्थान से हमेशा नफरत रही है। ऐसे लोगों ने सामाजिक न्याय के पुरोधाओं का हमेशा अपमान किया है। आज यह लोग नये तरीके से लोगों को गुमराह करने का प्र्रयास कर रहे हैं। बाबा साहब को चुनाव से वंचित करने का प्रयास किया गया। उन्हें भारतरत्न न मिले, इसके लिए हर प्रकार के षड्यंत्र रचे गये। आज ऐसे लोग संविधान की प्रति लेकर घूम रहे हैं। इनकी वास्तविकता को समझने की आवश्यकता है। बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर के नाम पर राजनीति करने वाले लोगों के वास्तविक चरित्र को अब जनता जान चुकी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ऐसे लोगों से पूछा जाना चाहिए कि बाबा साहब तथा संत रविदास जी महाराज के नाम पर बने जनपदों का नाम क्यों बदला गया। प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान के0जी0एम0यू0 का नाम जिन महापुरुष के नाम पर था, उसे क्यों बदला गया। लखनऊ के भाषा विश्वविद्यालय तथा कन्नौज के सरकारी मेडिकल कॉलेज का नाम क्यों बदला गया। कौन लोग थे, जो गरीबों, वंचितों के हक पर डाका डाल रहे थे और इन्हें मिलने वाले जमीन के पट्टे के अधिकार से वंचित कर रहे थे। ऐसे लोगों ने स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत मिलने वाले शौचालयों पर रोक लगायी तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हर गरीब को मिलने वाले आवास की योजना को लागू नहीं करने दिया। इन्हांने गरीबों तथा वंचितों की पीड़ा को कभी महसूस नहीं किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि तीन दिन पूर्व उन्हें जनपद लखीमपुर खीरी जाने का अवसर मिला था। वहां थारू जनजाति के वंचितों को अब तक नागरिकता नहीं मिल पायी थी। हमने ऐसे 4,356 वंचित लोगों को भौमिक अधिकार प्रदान किये हैं। वर्ष 1971 में पूर्वी पाकिस्तान/बांग्लादेश से लखीमपुर खीरी में विस्थापित परिवारों को भी भौमिक अधिकार दिए गये हैं। 56 वर्षां से उन्हें कोई अधिकार नहीं मिला था।
इस अवसर पर महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री श्रीमती बेबी रानी मौर्य, समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण, सांसद श्री ब्रजलाल, विधान परिषद सदस्य डॉ0 लालजी प्रसाद निर्मल, लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

रामचन्द्र मिशन आश्रम में ध्यान मंडप का निर्माण आरंभ


बाबूजी महाराज की 127 वीं जयंती पर होगा भव्य जन्मोत्सव का आयोजन
मिशन के उ प्र प्रभारी अनुपम अग्रवाल , आश्रम प्रबंधक प्रमोद कुमार सिंह, ए के गर्ग और राजगोपाल अग्रवाल ने रखी पिलर की आधारशिला
( संजीव गुप्त द्वारा )
शाहजहांपुर। श्री राम चन्द्र मिशन आश्रम में पचास वर्षों की स्वर्णिम आध्यात्मिक यात्रा के महापर्व पर विगत फरवरी माह में आयोजित पांच चरणों में बीस दिवसीय बसन्त उत्सव के बाद रामचंद्र मिशन के संस्थापक महात्मा रामचन्द्र जी महाराज (बाबूजी) की 127 वीं जयंती पर आगामी 29 अप्रैल से 1 मई तथा 4 मई से 6 मई तक दो चरणों में रामचंद्र मिशन के अध्यक्ष और हार्टफुलनेस मेडीटेशन के ग्लोबल गाइड दाजी के मार्गदर्शन में विशाल जन्मोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
मिश्रीपुर स्थित रामचंद्र मिशन आश्रम परिसर में ध्यान के लिए पंडाल के निर्माण कार्य का शुभारंभ श्रद्धा, मौन और आध्यात्मिक गरिमा के साथ किया गया। ध्यान साधना के बाद मिशन के उ.प्र. प्रभारी अनुपम अग्रवाल,प्रशिक्षक अशोक कुमार गर्ग, आश्रम प्रबंधक प्रमोद कुमार सिंह ने पिलर की आधारशिला रखी। आधारशिला रखने से पूर्व सामूहिक ध्यान हुआ।
इस अवसर पर मिशन के उप्र प्रभारी अनुपम अग्रवाल ने कहा कि मेडिटेशन हाल केवल साधना का स्थल नहीं होगा, बल्कि यह हृदय से हृदय को जोड़ने वाला वह सेतु बनेगा। आश्रम प्रबंधक प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि बाबूजी महाराज के जन्मोत्सव पर निर्मित होने वाला यह ध्यान मंडप मिशन की उस साधना परंपरा का सजीव प्रतीक होगा, जिसने आठ दशकों से मानवता को प्रेम, सरलता और आंतरिक शांति का मार्ग दिखाया है। प्रशिक्षक इंजीनियर अशोक कुमार गर्ग ने बताया कि
मेडिटेशन हाल का निर्माण कार्य आश्रम की आध्यात्मिक साधना की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।इस ध्यान मंडप में करीब 6 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी।इस मौके पर मिशन के प्रशिक्षक राजगोपाल अग्रवाल,श्री गोपाल अग्रवाल, ममता सिंह , मंजुला गर्ग, सुयश सिन्हा,सुरेंद्र मोहन सिन्हा,कृष्णा भारद्वाज, राजीव सपरा, विकास, प्रतिमा,अमन, विशाल, रईस खान सहित तमाम साधक मौजूद रहे।

ट्रांसपोर्ट प्रीमियर लीग-3 में परिवहन की उत्तर प्रदेश की टीम बनीं क्रिकेट उप विजेता


-बेंगलुरु(कर्नाटक) में 10-12 अप्रैल के बीच हुईं प्रतियोगिता
-प्रतियोगिता में देश की 12 टीमों ने लिया हिस्सा

Post on 14.4.26
Thursday Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
कर्नाटक में ट्रांसपोर्ट प्रीमियर लीग-3 क्रिकेट टूर्नामेंट मैच में उपविजेता परिवहन विभाग उत्तर प्रदेशक्रिकेट टीम बनीं।10 से12 अप्रैल के बीच कर्नाटक में हुईं प्रतियोगिता का खिताब महाराष्ट्र राज्य की टीम ने जीता। प्रतियोगिता में देश में 12 राज्यों में परिवहन विभाग की टीमों ने भाग लिया था।
आँल इंडिया फेडरेशन ऑफ मोटर व्हीकल टेक्निकल आँफीसर एसोसिएशन इंडिया के द्वारा सड़क सुरक्षा के प्रति जनसामान्य को प्रोत्साहित करने के लिए ट्रांसपोर्ट प्रीमियर लीग-3 क्रिकेट मैच आयोजित किया गया। मैच प्रतियोगिता में केरला, उड़ीसा, बिहार, गुजरात, झारखंड, तेलंगाना,राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत 12 राज्यों की टीमों ने भाग लिया।
प्रतियोगिता में परिवहन विभाग की उत्तर प्रदेश राज्य क्रिकेट टीम को उप विजेता बनीं। टीम में मैनेजर एआरटीओ बदायूं हरिओम ने बताया कि उत्तर प्रदेश की टीम ने लीग मैच में क्वार्टर, सेमीफाइनल में प्रवेश पा लिया। फाइनल मुकाबले में उत्तर प्रदेश टीम उपविजेता रहीं।
टीम के कप्तान उप परिवहन आयुक्त रामवृक्ष सोनकर, लखनऊ आरटीओ संजय तिवारी, टीम मैनेजर एआरटीओ बदायूं हरिओम,उप मैनेजर रवि कांत,एआरटीओ बिजनौर शिव शंकर सिंह,राम बाबू, विकास कुमार,पवन सोनकर,कृष्ण कुमार,कौशल कुमार, प्रमोद गौतम,अशोक कुमार, चरन सिंह,देवेन्द्र शुक्ला, अनुभव, शुभम व ब्रजेश आदि रहे। कर्नाटक सरकार में परिवहन मंत्री,आयुक्त ने टीम को ट्राफी, स्मृति चिन्ह,मेडल, प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।

क्लिनिकल एक्सपोजर और रिसर्च-बेस्ड लर्निंग का समावेश जरूरीः प्रो. मंजुला

टीएमयू फिजियोविज़न इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस
ज्ञान, नवाचार और शोध का उत्कृष्ट संगम

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के फिजियोथेरेपी विभाग की ओर से आयोजित दो दिनी इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में जुटे देश-विदेश के जाने-माने विशेषज्ञ

ख़ास बातें
न्यूरोप्लास्टिसिटी तकनीकें गुणवत्ता, स्वतंत्रता, सशक्तिकरण में सहायकः प्रो. चित्रा
प्रो. शिवानी कौल बोलीं, नवाचार से क्लिनिकल परिणाम प्रभावी और रोगी-केंद्रित
श्रीमती शिवानी लाल ने लोड मॉनिटरिंग पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण किया प्रस्तुत
एआई टूल्स से शिक्षा और क्लिनिकल प्रैक्टिस प्रभावी और उन्नतः नवजोत
कॉन्फ्रेंस के पहले दिन 46 पोस्टर प्रजेंट, प्रोसिडिंग का विमोचन भी हुआ

Moradabad April 14, 2026,
इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर, नई दिल्ली की प्रिंसिपल प्रो. चित्रा कटारिया ने आधुनिक स्वास्थ्य प्रणाली में फिजियोथेरेपी की बढ़ती भूमिका और न्यूरोलॉजिकल रिहैबिलिटेशन की गहन व्याख्या करते हुए कहा, स्पाइनल कॉर्ड इंजरी जैसे जटिल मामलों में प्रारंभिक और संरचित फिजियोथेरेपी हस्तक्षेप, न्यूरोप्लास्टिसिटी आधारित तकनीकों और व्यक्तिगत रिहैबिलिटेशन प्लानिंग के जरिए न केवल कार्यात्मक क्षमता में सुधार लाया जा सकता है, बल्कि मरीजों के जीवन की गुणवत्ता, स्वतंत्रता और मानसिक सशक्तिकरण को भी बढ़ाया जा सकता है। वैज्ञानिक सत्र स्पाइनल कॉर्ड इंजरी के बाद रिकवरी में सुधार में उन्होंने उन्नत फिजियोथेरेपी इंटरवेंशन्स, तकनीकी एकीकरण और दीर्घकालिक पुनर्वास रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की। प्रो. कटारिया तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के फिजियोथेरेपी विभाग की ओर से आयोजित दो दिनी इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस-फिजियोविज़न 1.0 के शुभारम्भ मौके पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रही थीं। इससे पूर्व प्रिंसिपल प्रो. चित्रा कटारिया ने बतौर मुख्य अतिथि, टीएमयू की डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन, फिजियोथेरेपी विभाग की एचओडी प्रो. शिवानी एम. कौल, डेंटल एंड एलाइड साइंस की डायरेक्टर गवर्नेंस श्रीमती नीलिमा जैन आदि ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके ऑडी में कॉन्फ्रेंस का शंखनाद किया। इस मौके पर प्रो. हरबंश दीक्षित, श्री रविन्द्र देव आदि की उल्लेखनीय मौजूदगी रही। इस अवसर पर कुल 46 पोस्टर भी प्रस्तुत किए गए, जिनमें प्रतिभागियों ने अपने शोध एवं नवाचारी विचारों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इस मौके पर कॉन्फ्रेेंस प्रोसिडिंग का विमोचन भी हुआ।

डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन ने टीएमयू में फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों को रेखांकित करते हुए स्टुडेंट्स को शोध, नवाचार तथा प्रतियोगी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। साथ ही कहा कि आधुनिक शिक्षा प्रणाली में क्लिनिकल एक्सपोजर और रिसर्च-आधारित लर्निंग का समावेश स्टुडेंट्स को भविष्य के लिए अधिक सक्षम बनाता है। एचओडी प्रो. शिवानी एम. कौल ने नॉवल्टी मीट्स रिहेबिलिटेशन एक्सीलेंस थीम के महत्व को बताते हुए कहा, फिजियोथेरेपी में नवाचार और उत्कृष्टता का समन्वय क्लिनिकल परिणामों को अधिक प्रभावी और रोगी-केंद्रित बनाता है। तकनीकी सत्रों में स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपिस्ट श्रीमती शिवानी लाल ने लोड मॉनिटरिंग इन स्पोर्ट्स रिहैबिलिटेशन पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया, जबकि श्रीमती नवजोत त्रिवेदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करते हुए बताया, एआई टूल्स शिक्षा और क्लिनिकल प्रैक्टिस दोनों को अधिक प्रभावी और उन्नत बना रहे हैं। कॉन्फ्रेंस में डॉ. नंद किशोर साह, श्रीमती हिमानी, सुश्री नीलिमा चौहान, डॉ. हरीश शर्मा, श्रीमती समर्पिता सेनापति आदि की भी मौजूदगी रही।

 

 

ऊर्जा संचरण को सुपरकंडक्टर की दरकारः प्रो. प्रकाश चौहान

Prof Prakash Chauhan lecture in TMU Moradabad

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के अंतर्गत एप्लाइड साइंसेज विभाग की छठी नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन मैटेरियल्स एंड डिवाइसेज- एनसीएमडी-2026 में एक्सपर्ट्स ने दिए व्याख्यान

  • सामग्री के गुणों की सटीक पहचान पर जोरः एक्सपर्ट दिनेश चंद्र
  • डॉ. मयंक अग्रवाल ने एआई और मशीन लर्निंग के उपयोग पर की चर्चा
  • वीसी प्रो. वीके जैन ने प्रभावशीलता और दक्षता के बीच बताया अंतर
  • डीन प्रो. आरके द्विवेदी बोले, एडवांस्ड मटेरियल्स का विकास आवश्यक
  • कॉन्फ्रेंस के फर्स्ड डे चुनौतियों और परिणामों पर 65 रिसर्च पेपर्स प्रस्तुत
  • एनसीएमडी-2026 में अतिथियों ने कॉन्फ्रेंस प्रोसिडिंग का किया विमोचन

मुरादाबाद, 14 अप्रैल 2026, नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर, हैदराबाद के निदेशक प्रो. प्रकाश चौहान ने स्टुडेंट्स को प्रेरित करते हुए कहा, असफलताओं से डरने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने चंद्रयान-2 के अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा, उच्च तापमान सहन करने वाली सामग्रियों के विकास की आवश्यकता है। प्रो. चौहान ने जोर देते हुए वर्ष 2040 तक चंद्रमा पर भारतीय मानव मिशन के लक्ष्य की चर्चा की। साथ ही पारंपरिक धातुओं से लेकर आधुनिक सेंसर, डिटेक्टर और अंतरिक्ष तकनीक तक के विकास पर जोर दिया। उन्होंने भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया, चंद्रमा के लिए विकसित भारतीय कैमरों का डेटा वैश्विक स्तर पर उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने ऊर्जा संचरण के लिए सुपरकंडक्टर की आवश्यकता, महत्वपूर्ण खनिजों पर निर्भरता की चुनौतियों और आत्मनिर्भरता की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सौर ऊर्जा के महत्व, फ्लोटिंग सोलर पैनल पर हो रहे कार्य और भारत में उपलब्ध थोरियम के ऊर्जा उत्पादन में संभावित उपयोग पर भी प्रकाश डाला। प्रो. चौहान तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के अंतर्गत एप्लाइड साइंसेज विभाग की ओर से आयोजित छठी नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन मैटेरियल्स एंड डिवाइसेज-एनसीएमडी-2026 के उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रो. सतेंद्र पाल सिंह बतौर कीनोट स्पीकर अपने अनुभव साझा किए। आईयूएसी, नई दिल्ली के डॉ. प्रवीन कुमार की उल्लेखनीय मौजूदगी रही। कॉन्फ्रेंस के फर्स्ड डे चुनौतियों और परिणामों पर 65 रिसर्च पेपर्स प्रस्तुत किए गए। अतिथियों ने कॉन्फ्रेंस प्रोसिडिंग का विमोचन भी किया।

इससे पूर्व मुख्य अतिथि प्रो. प्रकाश चौहान, विशिष्ट अतिथियों- इलेक्ट्रॉनिक्स सर्विस एंड ट्रेनिंग सेंटर, नैनीताल के प्रिंसिपल डायरेक्टर श्री दिनेश चंद्र, जीके यूनिवर्सिटी, हरिद्वार के डॉ. मयंक अग्रवाल, टीएमयू के वीसी प्रो. वीके जैन, फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के डीन प्रो. आरके द्विवेदी आदि ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इलेक्ट्रॉनिक्स सर्विस एंड ट्रेनिंग सेंटर, नैनीताल के प्रिंसिपल डायरेक्टर श्री दिनेश चंद्र ने बतौर विशिष्ट अतिथि सामग्री के गुणों की सटीक पहचान और उनके सुरक्षित उपयोग पर बल दिया। जीके यूनिवर्सिटी, हरिद्वार के डॉ. मयंक अग्रवाल ने मैटेरियल्स एवं डिवाइसेज के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के बढ़ते उपयोग पर प्रकाश डाला। आधुनिक अनुसंधान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग तकनीकों के माध्यम से सामग्री के गुणों का पूर्वानुमान, डिज़ाइन तथा अनुकूलन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है, जिससे इस क्षेत्र में नवाचार की गति तेज हो रही है। टीएमयू के कुलपति प्रो. वीके जैन ने प्रभावशीलता एवम् दक्षता के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए संचार, समन्वय और नेतृत्व के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने हनुमान जी को उत्कृष्ट संचारक का उदाहरण बताया। फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के डीन प्रो. आरके द्विवेदी ने सम्मेलन की थीम पर प्रकाश डालते हुए कहा, वर्तमान समय में उपकरणों का तीव्र गति से लघुकरण हो रहा है, जिसके लिए एडवांस्ड मटेरियल्स का विकास अत्यंत आवश्यक है। अंत में सम्मेलन के सह-संयोजक डॉ. पराग अग्रवाल ने वोट ऑफ थैंक्स दिया। संचालन संयोजक डॉ. दिप्तोनिल बनर्जी ने किया।

Moradabad, 14 April 2026, Prof. Prakash Chauhan motivated the students and said, “There is no need to be afraid of failures, but one should learn from them and move forward. Referring to the experiences of Chandrayaan-2, he said, “There is a need to develop materials that can withstand high temperatures.” Prof. Chauhan emphasized the goal of an Indian manned mission to the Moon by 2040. At the same time, emphasis was laid on developments ranging from traditional metals to modern sensors, detectors, and space technology. Referring to India’s space achievements, he pointed out, the data from Indian cameras developed for the Moon is being used globally.

 

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