एटा, 17 अप्रैल उप्रससे। जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष एवं साहित्यकार डाॅ०राकेश सक्सेना ने विश्व विरासत दिवस 18 अप्रैल की महत्ता के संदर्भ में अवगत कराया कि भारत जैसे प्राचीन सांस्कृतिक राष्ट्र में विरासत की समृद्ध परम्परा रही है। यहाँ के मंदिर, स्तूप, स्मारक, किले, साहित्य, नृत्य, लोककला और जीवन-दर्शन विश्व की अनुपम, अमूल्य सांस्कृतिक विरासत प्रदान करते हैं।
डाॅ०राकेश सक्सेना ने जिलाधिकारी प्रेमरंजन सिंह के द्वारा ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय पाण्डुलिपियों एवं दुर्लभ अभिलेखों के संरक्षण के उद्देश्य से जनपद में चलाए जा रहे विशेष अभियान की सराहना करते हुए जनपद के पुरोहित, धर्माचार्य, ज्योतिषाचार्य, पत्रकार एवं साहित्यकार साथियों का आह्वान किया कि वे पाण्डुलिपियों को ज्ञान भारतम् मोबाइल एप के माध्यम से संरक्षित कराने में अपनी सक्रिय सहभागिता करें जिससे हमारे एटा जनपद की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण व संवर्धन सुनिश्चित हो सके।

