Web News

www.upwebnews.com

कभी अपराध, भय और असुरक्षा के कारण बदनाम था मैनपुरी, आज यूपी देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन-मुख्यमंत्री

July 26, 2026

कभी अपराध, भय और असुरक्षा के कारण बदनाम था मैनपुरी, आज यूपी देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन-मुख्यमंत्री

मैनपुरी। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मैनपुरी स्टेडियम में उपस्थित जन-समूह को संबोधित करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब मैनपुरी की पहचान अपराध और भय के कारण प्रभावित थी, यहां के युवाओं को प्रदेश से बाहर सम्मान नहीं मिलता था लेकिन आज उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर के साथ मैनपुरी के युवाओं, किसानों और व्यापारियों को पूरे देश में सम्मान मिल रहा है, यह परिवर्तन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व एवं डबल इंजन सरकार की विकासपरक नीतियों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में नौकरी योग्यता से नहीं बल्कि सिफारिश और भ्रष्टाचार के आधार पर मिलती थी, आज पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से लाखों युवाओं को बिना भेद-भाव सरकारी योग्यता के आधार पर नौकरियां मिल रही हैं, प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है, निवेश बढ़ा है और उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य की छवि से निकलकर देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होने कहा कि सरकार की प्रत्येक योजना का लाभ बिना किसी जाति, वर्ग या धर्म के भेदभाव के पात्र व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है, किसानों के लिए फसल ऋण माफी, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायता योजना, मुफ्त सिंचाई सुविधा और अन्य योजनाओं का लाभ समान रूप से उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है, प्रदेश को माफिया मुक्त बनाया गया है, अब बेटियों, व्यापारियों एवं आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है, पहले दंगे, भय और असुरक्षा का वातावरण था, आज प्रदेश में शांतिपूर्ण वातावरण में सभी पर्व एवं धार्मिक आयोजन पूरे उत्साह से संपन्न हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री उ.प्र. शासन ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने मैनपुरी की पहचान को पूरी तरह बदल दिया है, कभी अपराध, भय और असुरक्षा के कारण बदनाम रहा जनपद आज विकास, सुशासन, सांस्कृतिक विरासत, निवेश, रोजगार और सम्मान की नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होने भारत की पौराणिक एवं ऐतिहासिक विरासत से समृद्ध मैनपुरी की धरती को नमन करते हुए कहा कि महर्षि मयन और महर्षि च्यवन की तपोभूमि तथा प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली इस पवित्र भूमि पर आना उनके लिए सौभाग्य की बात है।

उन्होने कहा कि आज का मैनपुरी अपनी पौराणिक और ऐतिहासिक पहचान के साथ-साथ विकास की नई यात्रा के लिए जाना जा रहा है, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब मैनपुरी का नाम सुनकर लोग घबरा जाते थे, यहां के युवाओं को प्रदेश के बाहर होटल और धर्मशालाओं में ठहरने में कठिनाई होती थी, किराये पर मकान देने में भी लोगों को संकोच होता था। उन्होंने कहा कि यह स्थिति किसी प्राकृतिक कारण से नहीं बल्कि पूर्ववर्ती सरकारों की गलत नीतियों और अपराधियों को संरक्षण देने का परिणाम थी, पूर्ववर्ती सरकारों ने केवल मैनपुरी ही नहीं बल्कि पूरे उ.प्र. की पहचान पर प्रश्नचिह्न लगा दिया था, युवाओं की नौकरियां छीनी गईं, किसानों की खुशहाली प्रभावित हुई, व्यापारियों में असुरक्षा का माहौल बना और बेटियों की सुरक्षा संकट में पड़ गई, उ.प्र. को बीमारू राज्य की श्रेणी में पहुंचा दिया गया जबकि यह देश का सबसे बड़ा राज्य होने के साथ प्रकृति और परमात्मा की विशेष कृपा प्राप्त प्रदेश है। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री द्वारा किसानों को सिंचाई के लिए अधिक बिजली उपलब्ध कराने की मांग का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को दिन में सिंचाई 10 घंटे निर्वाध बिजली उपलब्ध कराएगी।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि मैनपुरी केवल एक जिला नहीं बल्कि गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक परंपराओं की धरती है, यह महान स्वतंत्रता सेनानी महाराजा तेज सिंह की पावन कर्मभूमि है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी, मैनपुरी सहित पूरे प्रदेश में अपराधियों का आतंक था, व्यापारी भय के वातावरण में व्यापार करने को मजबूर थे, बहन-बेटियों की सुरक्षा चिंता का विषय थी, आम नागरिक स्वयं को असुरक्षित महसूस करता था और अपराधियों में कानून का कोई भय नहीं था। विधायक भोगांव रामनरेश अग्निहोत्री ने कहा कि आज जनपदवासियों के लिए सौभाग्य की बात है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पधार रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री मोदी एवं प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में डबल इंजन की विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है, 80 करोड़ से अधिक गरीबों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मवीर प्रजापति, विधायक भोगांव राम नरेश अग्निहोत्री, जिलाध्यक्ष ममता राजपूत सहित अन्य पार्टी पदाधिकारियों ने मा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को तारकशी से बनी प्रतिमा, एक जनपद-एक व्यंजन में चयनित सोहनपापड़ी एवं आयुक्त आगरा मंडल आगरा नगेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने जनपद की पहचान का प्रतीक सारस की प्रतिमा भेंट कर अभिवादन किया। पैक्सफेड के अध्यक्ष प्रेमसिंह शाक्य, लोक दल के जिलाध्यक्ष राघवेंद्र दुबे, अनुजेश प्रताप सिंह, पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह राठौर, पूर्व विधायक अशोक सिंह चौहान, जिला प्रभारी अनिल चौधरी, प्रान्तीय अध्यक्ष पूरन लाल लोधी, प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक गुप्ता, जिलाध्यक्ष ममता राजपूत आदि ने भी सम्बोधित किया। इस दौरान प्रभारी मंत्री, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार होमगाडर्स एवं नागरिक सुरक्षा धर्मवीर प्रजापति, अनुजेश प्रताप सिंह यादव, जिला प्रभारी अनिल चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष अर्चना गोविंद भदौरिया, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष संगीता गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष राहुल चतुर्वेदी, अरविंद तोमर, शिवदत्त भदौरिया, प्रदीप सिंह चौहान, राहुल चतुर्वेदी, राघवेंद्र दुबे, गोविन्द भदौरिया, गौरव पाल, कप्तान सिंह निषाद, सुभाष कश्यप, उदय चौहान, भूपेन्द्र यादव, अन्य पार्टी पदाधिकारियों के अलावा आयुक्त आगरा मंडल आगरा नगेन्द्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा, मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, अपर जिलाधिकारी श्यामलता आनन्द, अपर जिलाधिकारी न्यायिक राजेश चन्द्र, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी शिवम मिश्रा सहित अन्य अधिकारी, ब्लॉक प्रमुख, अध्यक्ष नगर निकाय आदि उपस्थित रहे।

सीएम योगी ने 06 अरब 82 करोड़ 93 लाख की लागत से निर्मित, निर्माणाधीन 111 परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास किया

मैनपुरी। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद के सर्वागींण विकास हेतु रू. 06 अरब 82 करोड़ 93 लाख की लागत से निर्मित, निर्माणाधीन 111 परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास किया, जिसमें विधान सभा मैनपुरी की रू. 87.57 करोड़ की 26 एवं विधान सभा करहल की रू. 54.52 करोड़ की 39 परियोजनाओ का लोकार्पण तथा विधान सभा क्षेत्र मैनपुरी की रू. 425.19 करोड़ की 26, विधान सभा क्षेत्र करहल की रू. 115.65 करोड़ की 20 परियोजनाओं का शिलान्यास सम्मिलित हैं। मुख्यमंत्री ने आज जिन परियोजनाओं का लोकार्पण किया, उसमें मुख्य रूप से विधान सभा क्षेत्र मैनपुरी में रू. 15 करोड़ 74 लाख की लागत से पुलिस लाइन में ट्रॉजिस्ट हॉस्टल में जी$8 आवास, रू. 13 करोड़ 19 लाख की लागत से नवीन राजकीय नलकूप परियोजनाओं, रू. 09 करोड़ 27 लाख की लागत से अग्निशमन केन्द्र के आवासीय भवनो का निर्माण, रू. 08 करोड़ 67 लाख की लागत से रजवाहा पचावर के पुर्नस्थापना, नहरी भूमि के सीमाकंन कार्य, रू. 03 करोड़ 41 लाख की लागत से राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में बैंक, एटीएम, पोस्ट ऑफिस, कैफेटेरिया सुविधायुक्त शॉपिंग कॉम्पेक्स का निर्माण, रू. 02 करोड़ 92 लाख की लागत से अलूपुरा पेयजल योजना, रू. 02 करोड़ 62 लाख की लागत से लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों हेतु टाइप-4 के 06 नग आवासों का निर्माण, रू. 02 करोड़ 50 लाख की लागत से जीगनचन्दाई मार्ग से बम्बा की पटरी होते हुए नगला घनी तक सम्पर्क मार्ग, रू. 02 करोड़ 49 लाख की लागत से अस्योली ग्राम पेयजल योजना, रू. 02 करोड़ 48 लाख की लागत से शिवसिंहपुर नवादा ग्राम पेयजल योजना, रू. 02 करोड़ 45 लाख की लागत से बिछिया विक्रमपुर ग्राम पेयजल योजना, रू. 02 करोड़ 22 लाख की लागत से कूकामई पेयजल योजना तथा विधान सभा क्षेत्र करहल में रू. 06 करोड़ 91 लाख की लागत से इटावा शाखा के किनारे से निकलने वाले कुशियारी रजवाहा की पुर्नस्थापना, नहरी भूमि के सीमांकन कार्य की परियोजना, रू. 03 करोड़ 45 लाख की लागत से फायर स्टेशन करहल, रू. 03 करोड़ 16 लाख की लागत से बांसक रजवाहा की पटरी जीपेबल बनाने हेतु मिट्टी, ब्रिक सोलिंग कार्य, रू. 02 करोड़ 32 लाख की लागत से बादशाहपुर ग्राम पेयजल योजना, रू. 02 करोड़ 31 लाख की लागत से बलापुर ग्राम पेयजल योजना, रू. 02 करोड़ 18 लाख की लागत से बस स्टेशन घिरोर का पुनर्निर्माण, रू. 02 करोड़ 17 लाख की लागत से बिघरई ग्राम पेयजल योजना, रू. 02 करोड़ 04 लाख की लागत से भूरापुरा पेयजल योजना का लोकार्पण किया गया।
अन्न-प्रासन्न योजनांतर्गत 06 माह की आयु पूर्ण कर चुकी मिष्ठी, आयु को अपने कर-कमलों से ऊपरी आहार खिलाया, बेसिक शिक्षा के विद्यालयों में अध्ययनरत् ओंकार, संजय, दिव्या चौहान, कीर्ति, रूद्रप्रताप, नैन्सी को निःशुल्क बैग, पाठ्य पुस्तक भी उपलब्ध करायीं।
इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा धर्मवीर प्रजापति, पैक्सफेड अध्यक्ष प्रेम सिंह शाक्य, जिलाध्यक्ष ममता राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष अर्चना भदौरिया, प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक गुप्ता, पूर्व विधायक अशोक सिंह चौहान, अनुजेश प्रताप सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष संगीता गुप्ता, अन्य जन-प्रतिनिधियों के अलावा आयुक्त आगरा मंडल आगरा नगेन्द्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा, मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, अपर जिलाधिकारी श्यामलता आनन्द, अपर जिलाधिकारी न्यायिक राजेश चन्द्र, अपर पुलिस अधीक्षक अरूण कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी शिवम मिश्रा, परियोजना निदेशक डीआरडीए शोभनाथ चौरसिया, उपायुक्त एनआरएलएम शौकत अली, आदि उपस्थित रहे।

बिजनौर की महिलाओं की VIDUR प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी हुई ग्लोबल

Posted on 26.07.2026, Time 2.30pm

*राष्ट्रीय से अंतरराष्ट्रीय पहचान की ओर बढ़ा VIDUR प्रेरणा स्वदेशी ब्रांड, ग्रामीण महिलाओं को मिल रही नई उड़ान*

*बिजनौर 26 जुलाई, 2026:-*( उत्तर प्रदेश समाचार सेवा ) जिलाधिकारी जसजीत कौर ने जानकारी देते हुएबताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़ी बिजनौर की ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित VIDUR प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी अब राष्ट्रीय स्तर से आगे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय पहचान की ओर अग्रसर है। विकास खंड कोतवाली के ग्राम लखीवाला स्थित VIDUR Prerna Herbal Tea Production Group की महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्य विगत लगभग दो वर्षों से इस हर्बल टी का निर्माण एवं पैकेजिंग कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि VIDUR प्रेरणा स्वदेशी दिसंबर 2023 में जिला प्रशासन, बिजनौर द्वारा स्थापित एक सामुदायिक ब्रांड है। वर्तमान में इस ब्रांड के अंतर्गत 160 से अधिक उत्पादों का उत्पादन एवं विपणन स्वयं सहायता समूहों द्वारा किया जा रहा है। ब्रांड का कुल कारोबार ₹12 करोड़ से अधिक हो चुका है। इन उत्पादों की बिक्री 100 से अधिक VIDUR प्रेरणा स्वदेशी ब्रांड आउटलेट्स तथा 64 से अधिक VIDUR प्रेरणा कैफे के माध्यम से की जा रही है। इसके अतिरिक्त, VIDUR प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी का विगत वर्षों से जनपद मुरादाबाद में भी नियमित रूप से सफलतापूर्वक विपणन किया जा रहा है।
VIDUR प्रेरणा स्वदेशी ब्रांड ने ग्रामीण महिलाओं को स्थायी बाजार उपलब्ध कराते हुए उनके उत्पादों के प्रभावी विपणन की व्यवस्था विकसित की है। इसी का परिणाम है कि जनपद बिजनौर में 30,000 से अधिक लखपति दीदियों के निर्माण में इस ब्रांड ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने बताया कि VIDUR प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी का प्रदर्शन प्रयागराज महाकुंभ तथा सुंदर नर्सरी, नई दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फूड फेस्टिवल सहित विभिन्न राष्ट्रीय आयोजनों में किया गया। इन आयोजनों में अमेरिका, यूरोप एवं अन्य देशों से आए आगंतुकों और संभावित खरीदारों ने उत्पाद में विशेष रुचि दिखाई तथा फ्रेंचाइजी एवं व्यावसायिक सहयोग की संभावनाओं पर प्रारंभिक स्तर पर चर्चा की।
उन्होंने बताया कि ब्रांड की एक विशेष उपलब्धि इसकी पूर्णतः डिजिटल सप्लाई चेन एवं विपणन प्रणाली है। vidurprerna.in वेब पोर्टल एवं मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से ऑर्डर प्रबंधन, उत्पाद ट्रेसबिलिटी, इन्वेंट्री तथा वितरण व्यवस्था का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। VIDUR प्रेरणा स्वदेशी की विश्वसनीयता का प्रमाण यह भी है कि संबंधित स्वयं सहायता समूह द्वारा नीति आयोग को उनकी आवश्यकता के अनुरूप उत्पादोंकीसफलतापूर्वक आपूर्ति की जा चुकी है।

पूर्व प्रधानमंत्री की पत्नी के निधन पर शोक सभा

Posted on 26.07.2026 Time 08.24 PM

लखनऊ, 26 जुलाई 2026 (उप्र समाचार सेवा)। पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा की धर्मपत्नी चिन्नमा देवेगौड़ा के निधन पर शोक सभा आयोजित की गई। जनता दल (एस) कार्यालय पर आयोजित शोक सभा में प्रदेश पदाधिकारियों और गणमान्य लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

शोक सभा में स्व चिन्नम्मा देवेगौड़ा के सामाजिक कार्यों और सेवा के लिए समर्पण का स्मरण किया गया। जनता दल (एस) के प्रदेश अध्यक्ष ओंकार सिंह ने कहा कि स्व चिन्नमा देवेगौड़ा के निधन से समाज की अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा ईश्वर स्व चिनम्मा देवेगौड़ा की आत्मा को सद्गति प्रदान करे और परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे।

स्व चिनम्मा देवेगौड़ा को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए कई प्रांतों से पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी एकत्रित हुए। शोक सभा में प्रदेश सचिव रविंद्र कुमार, बरेली से अल्पसंख्यक मोर्चा के इफ्तखारुद्दीन, राजेश सिंह, धर्मेंद्र रस्तोगी, अमरीश शुक्ल, राजेश सिंह आदि उपस्थित थे।

उचित निर्णय

Editorial 26.07.2026 Time 10.21 AM, Sunday, by Sarvesh Kumar Singh Editor UP Web News

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का त्यागपत्र पूर्णतः उचित और समझदारी का निर्णय है। इसे दवाब में लिया गया निर्णय कहकर एक वर्ग द्वारा प्रचारित किया जा रहा है। वस्तुत: यह दवाब में लिया गया निर्णय नहीं अपितु युवाओं की वाणी और भावनाओं का सम्मान है। इस निर्णय को इस रूप में भी नहीं देखना चाहिए कि सरकार झुक गई। सरकार लोकतंत्र, लोकतांत्रिक मूल्यों और असहमति की भावना का सम्मान करती स्पष्ट दिखाई दी है।

यह बात बिल्कुल सही है कि 3 मई को हुई नीट परीक्षा का पेपर लीक के बाद जब 12 मई को इसे रद्द किया गया तो लाखों परीक्षार्थियों के सपने टूटे। वे आहत हुए, सदमे में आए, भविष्य के लिए चिंतित हुए। इसी अवसाद की स्थिति में एक दर्जन से अधिक परीक्षार्थियों ने आत्म हत्या कर ली। ये इस प्रकरण का दुखद पहलू है। इसके बाद पूरे देश की भावनाएं इस प्रकरण से जुड़ गईं। परीक्षार्थियों से सहानुभूति हो गई।

ये भावनात्मक लगाव और सहानुभूति ही कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को ऊर्जा देने वाले साबित हुए। कॉकरोच जनता पार्टी और उसके संस्थापकों ने मात्र एक माह 19 दिन में आंदोलन को सफलता के शिखर पर पहुंचा दिया। कल 25 जुलाई को इनकी सभी मांगें मान ली गईं। ये आंदोलन की उपलब्धि है। मोदी सरकार के 12 साल में ये दूसरा और सबसे कम समय चला पहला आंदोलन है जो अपनी मांगें मनवाने के बाद ही समाप्त हुआ है। पहला ऐसा आंदोलन किसानों का था। जिसमें तीन कृषि कानूनों को सरकार ने अधिसूचित करने के बाद वापस लिया था।

दोनों आंदोलनों में दो बातें समान हैं। पहली ये कि आंदोलनकारियों द्वारा बार बार पुलिस को उकसाया गया, ऐसे हालात पैदा किए गए की पुलिस संयम तोड़ दे और अधिकतम बल प्रयोग करे। याद है 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर किसान आंदोलन में घुसे पंजाब के कुछ युवाओं ने लालकिले पर राष्ट्रीय ध्वज हटा दिया था और निशान साहिब स्थापित कर दिए थे। वहां तक किसान ट्रैक्टर लेकर पहुंचे थे, पुलिस जवानों को रौंदने की कोशिश हुई थी। लेकिन दिल्ली पुलिस ने संयम दिखाया था। अन्यथा हालत ऐसे थे कि लालकिले की सुरक्षा के लिए पुलिस बल गोली भी चला सकते थे। लेकिन पुलिस ने सूझबूझ का परिचय दिया। हालांकि कुछ तत्व यही चाहते थे कि पुलिस संयम खो दे और विश्व में भारत की छवि को खराब करे तथा देश में माहौल बिगाड़ दें।

यही बात सीजेपी के आंदोलन में भी हुई। संसद मार्च के लिए 20 जुलाई,ठीक उसी दिन का चयन हुआ, जिस दिन संसद का मानसून सत्र शुरू होना था। जंतर मंतर पर धरना चल रहा था। इससे सरकार या दिल्ली पुलिस को कोई दिक्कत नहीं थी। लेकिन जब संसद मार्च हुआ तो इसमें गैर छात्रों और राजनीतिक विचार के युवाओं और कुछ अधेड़ उम्र के लोगों की घुसपैठ हो गई। ये हर हाल में माहौल बिगाड़ने पर आमादा थे। संसद कूच में इन लोगों ने दो बेरीकेड तोड़ दिए, तीसरे को तोड़कर संसद पहुंचना चाहते थे। जहां मानसून सत्र शुरू हुआ था। इनकी योजना संसद भवन में घुसने की थी, ताकि पुलिस नेपाल की तरह अधिकतम बल प्रयोग कर दे, यानि फायरिंग हो जाए। लेकिन पुलिस ने इन्हें जब तीसरे बैरिकेड पर रोका तो ये पुलिस से भिड़ गए। यहां पुलिस पर पथराव हुआ। पुलिस जवानों को पीटा गया, हमले किए गए। जवाब में पुलिस ने लाठी चार्ज किया। इस पूरे टकराव में 118 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। आंदोलनकारी भी घायल हुए। पुलिस ने उतना ही बल प्रयोग किया जितना सामान्य रूप से किसी भी जुलूस या मार्च को संसद जाने से रोकने के लिए किया जाता है। यहां भी पुलिस ने संयम दिखाया, अन्यथा हालात बहुत खराब हो सकते थे।

दोनों आंदोलनों में दूसरी समान बात ये है कि सरकार ने मांगे मानने के लिए उस खुफिया इनपुट को महत्व दिया, जिसमें बताया गया कि आंदोलन में बाहरी हस्तक्षेप हो गया है। बाहरी और देशविरोधी शक्तियां आंदोलन को उग्र करके अशांति पैदा करना चाहती हैं। ये तत्व चिन्हित भी किए गए, जो आंदोलन को बैक डोर से सपोर्ट कर रहे थे। दोनों आंदोलनों में मांगों से अधिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को निशाना बनाने की भरसक कोशिश हुई।

शिक्षा मंत्री पद से त्यागपत्र देते समय धर्मेंद्र प्रधान ने इस बात का स्पष्ट उल्लेख किया कि वे राष्ट्रवाद की भावना से प्रेरित होकर त्यागपत्र दे रहे हैं। आंदोलन के नाम पर कुछ लोग अशांति पैदा कर सकते है। दूसरी तरफ आंदोलन समाप्ति पर देश भर से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं हुई हैं सभी ने त्यागपत्र और आंदोलन समाप्ति को उचित बताया है। लेकिन ये युवाओं की अच्छी छवि लेकर समाप्त नहीं हुआ। आंदोलन में अश्लील भाषा, अश्लील पोस्टर और अभद्रता, आक्रामकता, पत्रकारों पर हमले की घटनाएं हुई, जो किसी भी सभ्य समाज के लिए शोभा नहीं देती हैं। इस पहलू पर कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं को विचार करना चाहिए। भविष्य की राजनीति के लिए वे ऐसे तत्वों से दूरी बना लें, तो बेहतर होगा। क्योंकि अभिजीत दीपके को अंततः राजनीति ही करनी है।

The resignation of Union Education Minister Dharmendra Pradhan is entirely appropriate and prudent. It is being propagated by a section as a decision taken under pressure. In fact, it is not a decision taken under pressure but out of respect for the voice and sentiments of the youth. This decision should also not be seen as the government bowing down. The government has been clear in respecting democracy, democratic values and the spirit of dissent.

Sarvesh Kumar Singh Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

Sarvesh Kumar Singh
Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

 

« Newer PostsOlder Posts »