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एटा में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व शुरू

April 19, 2026

एटा में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व शुरू

प्राचीन कैलाश मंदिर में भगवान शिव का रुद्राभिषेक और पूजन-अर्चना कर यात्रा रवाना

एटा 19 अप्रैल उप्रससे। जनपद में रविवार को ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का शुभारंभहुआ। इस अवसर पर प्राचीन कैलाश मंदिर में भगवान शिव का रुद्राभिषेक और विशेष पूजन-अर्चन किया गया।

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष सुधा गुप्ता, पंकज गुप्ता, सदर विधायक विपिन कुमार वर्मा ‘डेविड’, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद, अपर उप जिलाधिकारी राजकुमार मौर्य और अधिशासी अधिकारी निहाल सिंह ने संयुक्त रूप से किया। मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चार और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोषों से गूंज उठा।
कार्यक्रम के बाद, एटा से 10 श्रद्धालुओं और कर्मचारियों का एक दल लखनऊ के लिए रवाना हुआ। इस दल ने राजधानी के गोमती नगर रेलवे स्टेशन पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भाग लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने अपने वर्चुअल संबोधन में कहा कि यह यात्रा भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य समाज को अपनी आध्यात्मिक जड़ों से जोड़ना और गौरवशाली विरासत के प्रति नई पीढ़ी में जागरूकता उत्पन्न करना है।

जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह के निर्देशन में एटा का यह श्रद्धालु दल राज्य स्तरीय यात्रा के साथ गुजरात स्थित विश्वविख्यात सोमनाथ धाम के लिए प्रस्थान कर चुका है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, यह जत्था 21 अप्रैल 2026 को सोमनाथ धाम पहुंचकर भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग के दर्शन एवं पूजन-अर्चन करेगा।

Breaking News: तमिलनाडु में विस्फोट से 18 की मृत्यु, 6 घायल

चेन्नई, 19 अप्रैल 2026, विरुधुनगर में पटाखा फैक्टरी में आज हुए विस्फोट में 18 लोगों की मृत्यु हो गई है और 6 लोग घायल हुए है। दुर्घटना पर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने शोक व्यक्त किया है।

पटाखा फैक्टरी में विस्फोट की सूचना मिलते ही तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने तत्काल दो मंत्रियों को मौके पर रवाना किया है। विस्फोट के कारणों की जांच की जा रही है।

 

पीएम मोदी ने क्यों कहा कांग्रेस को एंटी रिफॉर्म पार्टी

Article Posted on 19.04.2026 Time 07.48 PM , Reservation bill for Women in Parliament, PM Narendra Modi, Writer Name: Sarvesh Kumar Singh

Sarvesh Kumar Singh Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

Sarvesh Kumar Singh
Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

महिला आरक्षण बिल से संबंधित विधेयक के शुक्रवार 17 अप्रैल को लोकसभा में गिर जाने के बाद एक बहुत बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम कल शाम को हुआ। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी टीवी पर आए और उन्होंने 8:30 बजे राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन यह उनके पिछले संबोधन से बिल्कुल अलग है। यह संबोधन यूं तो एक बहुत महत्वपूर्ण घटनाक्रम पर है। लेकिन यह राजनीतिक संबोधन भी कहा जा सकता है। क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसमें राजनीतिक घटनाक्रम और विपक्ष पर तीखा हमला बोला। इतना तीखा हमला शायद ही कभी प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर बोला हो। चाहे वो चुनावी रैली हो, संसद में उनके भाषण हो या जनसभाएं हो। प्रधानमंत्री ने कभी इतनी तीखी बातें और इतना कड़ा हमला कभी कांग्रेस और विपक्ष पर नहीं किया जितना उन्होंने राष्ट्र के नाम संबोधन में किया।

PM Narendra Modi

उन्होंने एक तरह से कांग्रेस को और पूरे विपक्ष को आईना दिखा दिया। भारत की आजादी से लेकर आज तक के कांग्रेस के फैसलों की समीक्षा कर दी और उन्होंने कांग्रेस को एंटी रिफॉर्म दल घोषित कर दिया और विपक्ष के बारे में तो उन्होंने कहा कि संपूर्ण विपक्ष ने कल जो महिला आरक्षण पर फैसला लिया और उस बिल को पास नहीं होने दिया। बिल को गिरा दिया। यह इन विपक्षी दलों ने पाप किया है। उन्होंने पाप की संज्ञा दी और कहा कि इस पाप की सजा इन विपक्षी दलों को भुगतनी पड़ेगी। जनता इसका फैसला सुनाएगी। जनता इसका जवाब देगी

प्रधानमंत्री कल बहुत भावावेश में थे। उनके अंदर का जो आक्रोश था वो साफ झलक रहा था। स्पष्ट झलक रहा था। क्योंकि एक ऐसा बिल जिसके लिए महिलाओं ने सपना सजोया था और जिसके लिए राजनीतिक दल भी 40 साल से प्रयास कर रहे थे, मांग कर रहे थे, चाहे सरकार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की रही हो या सरदार मनमोहन सिंह जी की रही हो या उसके पहले भी पीवी नरसिंह राव जी की रही हो, वीपी सिंह की सरकार रही हो। महिला आरक्षण का मुद्दा हमेशा उठता रहा और सभी दल कहते रहे कि हम महिला आरक्षण बिल लाना चाहते हैं। महिलाओं को 33% आरक्षण दिया जाना चाहिए। लेकिन जब आरक्षण देने का समय आया और लोकसभा में एक बिल आया। एक नहीं तीन बिल आए। जिसमें पहला बिल 131वां संशोधन विधेयक था। संविधान संशोधन विधेयक जिसके अनुसार लोकसभा में सांसदों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 की जानी है। इस बिल को प्रस्तुत किया गया और जब इस पर मतदान हुआ तो यह पारित नहीं हुआ। संपूर्ण विपक्ष ने इसका विरोध किया और बिल गिर गया। बिल ही नहीं गिरा। इससे महिलाओं के सपने गिर गए। सपने टूट गए, चूरचूर हो गए।

इसी बात की पीड़ा को प्रधानमंत्री ने व्यक्त किया। उन्होंने चुन चुन कर दलों के नाम लिए। उन्होंने टीएमसी का नाम लिया कि बंगाल की महिलाएं टीएमसी को माफ नहीं करेंगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश के प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने डॉ. राम मनोहर लोहिया के सपनों को तोड़ दिया और अब इस पार्टी का डॉ. राम मनोहर लोहिया की विचारधारा से कोई मतलब नहीं है। उत्तर प्रदेश की महिलाएं समाजवादी पार्टी को सबक सिखाएंगी। उन्होंने दक्षिण की पार्टियों को, स्टालिन की पार्टी पर भी निशाना साधा और सबसे तीखा हमला तो उन्होंने कांग्रेस पर ही किया।

उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस ने कैसे-कैसे रिफॉर्म का विरोध किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब जब विकसित भारत के लिए कोई रिफॉर्म होता है तो कांग्रेस उसका विरोध करती है। चाहे वो रिफॉर्म सीएए बिल का हो, चाहे वो जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने का हो, चाहे वो तीन तलाक का मुद्दा हो, चाहे यह महिला आरक्षण का बिल। हमेशा कांग्रेस ने विरोध किया और इन रिफॉर्म के साथ वह कभी खड़ी नहीं हुई।

उन्होंने याद दिलाया कि 40 साल तक ओबीसी आरक्षण के मुद्दे को कांग्रेस ने दबाए रखा। कांग्रेस दबाने की, भटकाने की राजनीति करती रही और वही हस महिला आरक्षण का कांग्रेस ने किया। उन्होंने कांग्रेस को कहा कि कांग्रेस अपने इस कार्य का भी परिणाम भुगतेगी और कांग्रेस को जनता जवाब देगी। एक मौका था कांग्रेस के पास और संपूर्ण विपक्ष के पास कि वे महिलाओं को न्याय दिला सकते थे, सहभागी हो सकते थे। लेकिन वो यह मौका गवा बैठे। यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल अपने राष्ट्र के नाम संबोधन में कही।

इसका संबंध राजनीति के उस मुद्दे से था जो लगातार चुनावी मुद्दा भी बनता रहा। चुनावी घोषणा पत्रों में जगह पाता रहा। महिला आरक्षण। इसी पर प्रधानमंत्री ने संबोधन किया। यह समय की मांग थी कि प्रधानमंत्री अपना पक्ष रखें क्योंकि यह पहला ऐसा मौका है। नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद 12 साल में जब उनका कोई बिल गिर गया है। हालांकि ये सोचने और समझने की बात सत्तारूढ़ दल के लिए भी है। एनडीए के लिए भी है कि आखिर बिल क्यों गिरा? बिल के लिए आवश्यक बहुमत जुटाने की रणनीति क्यों नहीं बनाई गई? यह भी विचारणीय प्रश्न है।

विपक्ष एकजुट था। विपक्ष तालियां बजा रहा था। मेज थपथपा रहा था। महिलाओं को आरक्षण से वंचित करने के लिए यह महिलाएं देख रही थी। अब फैसला जनता के हाथ है, महिलाओं के हाथ में है कि वह इस पूरे घटनाक्रम को प्रक्रिया को कैसे लेती हैं। हालांकि विपक्ष के भी अपने तर्क हैं। कल राज्यसभा में बोलते हुए कांग्रेस के राज्यसभा में नेता और कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक बात कही। उनकी बात का भी महत्व है। उसे भी नकारा नहीं जा सकता। उनका अपना पक्ष है। उन्होंने कहा कि यह जो 543 की वर्तमान संख्या है इसी में 33% आरक्षण क्यों नहीं दिया जा रहा है? इसी में दे दिया जाए। हम साथ देंगे। ये उनका अपना पक्ष है।

लेकिन सत्तारूढ़ दल चाहता है कि सदस्यों की संख्या बढ़ाकर, संसद को विस्तारित करके आरक्षण दिया जाए। कुल मिलाकर अब संसद का यह सत्र था जो बजट सत्र था । 28 जनवरी से शुरू हुआ था। यह 18 तारीख को 18 अप्रैल को समाप्त हो गया। तीन सत्रों में मतलब तीन भागों में यह बजट सत्र पूरा हुआ। यह समाप्त हो गया है और इसके साथ ही अब यह तय हो गया है कि अगला लोकसभा चुनाव बगैर महिला आरक्षण के होगा। यानी कि 2029 के लोकसभा चुनाव में महिलाओं को संसद में आरक्षण मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।

लेखक: वरिष्ठ पत्रकार हैं।

इंडी गठबंधन ने अक्षम्य पाप किया है: योगी आदित्यनाथ

Posted on 19.04.2026 Time 06.59 PM Sunday, CM Yogi Adityanath, BJP, UP News, UP Samachar
लखनऊ 19 अप्रैल 2026। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक पारित नहीं होने देने पर विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन द्वारा किया गया यह कृत्य न केवल नारी सम्मान के खिलाफ है, बल्कि “अक्षम्य पाप” है, जिसके लिए देश की नारी शक्ति उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। विधेयक गिरने के बाद विपक्षी दलों द्वारा जिस प्रकार जश्न मनाया गया और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियां की गईं, उसने भारतीय इतिहास के उस पीड़ादायक प्रसंग की याद दिला दी, जब भरी सभा में द्रौपदी का चीरहरण हुआ था। मुख्यमंत्री ने इसे लोकतंत्र और महिला सम्मान, दोनों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह आचरण विपक्ष की नारी-विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। श्री आदित्यनाथ आज बीजेपी ऑफिस में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी ने 2014 में सत्ता संभालने पर एक बात बहुत स्पष्ट रूप से कही थी कि देश के अंदर चार ही जातियां हैं- गरीब, युवा, किसान व नारी। भारत को कमजोर करने की नीयत से जिन लोगों ने जातिवाद के नाम पर अपने परिवार का भरण-पोषण किया और देश को लूटा, स्वाभाविक रूप से उनके लिए यह एक बड़ी चुनौती थी और चेतावनी भी। इसीलिए जब भी प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में कोई प्रगतिशील कदम उठाया गया, कांग्रेस व उसके सहयोगी दलों ने हमेशा उस प्रगतिशील सोच और देशहित में उठाए जाने वाले कदमों का विरोध किया है।

भारतीय जनता पार्टी के राज्य मुख्यालय पर रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, केंद्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी के साथ पत्रकार वार्ता को सम्बोधित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संसद में विपक्ष के नारी-विरोधी आचरण के प्रति आधी आबादी के मन में भारी आक्रोश है। यह आक्रोश कांग्रेस और इंडी गठबंधन के सहयोगी दलों, समाजवादी पार्टी, आरजेडी, टीएमसी, डीएमके और अन्य उन दलों के प्रति है, जो इस पाप में भागीदार थे। आधी आबादी में यह आक्रोश साफ देखा जा रहा है कि प्रधानमंत्री जी द्वारा उठाए गए एक-एक कदम, जो समाज के हर वर्ग और देशहित में थे, इंडी गठबंधन ने कैसे बैरियर की तरह खड़े होकर उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए षड्यंत्र किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित हुआ था। जब महिला संगठनों और सामाजिक संगठनों ने इस बात की मांग की कि यह अधिनियम 2034 के बजाय 2029 में लागू हो, तो उनकी मांग के अनुरूप प्रधानमंत्री जी ने सभी पक्षों से विचार-विमर्श करने के उपरांत नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 में जरूरी संशोधन लेकर संसद के विशेष अधिवेशन में इसे पेश किया। कुछ राज्यों ने इस बात की मांग उठाई थी कि कहीं ऐसा न हो कि इसके माध्यम से उनके हक को कम कर दिया जाए। प्रधानमंत्री जी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित होते समय स्पष्ट किया था कि किसी का भी हक नहीं लिया जाएगा। इस 33 प्रतिशत आरक्षण को माता-बहनों को उपलब्ध कराने के लिए हम लोकसभा और विधानसभाओं में अतिरिक्त सीटें बढ़ा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब यह चर्चा में आया कि दक्षिण भारत के राज्य मांग उठा रहे हैं कि उनका हक कम हो जाएगा, तो प्रधानमंत्री जी और गृहमंत्री जी ने स्पष्ट रूप से आश्वासन दिया कि 2011 की जनगणना के अनुसार जो व्यवस्था है, उसी के तहत जैसे उत्तर और पूर्व के राज्यों में सीटें बढ़ेंगी, वैसे ही दक्षिण के राज्यों में भी उसी अनुपात में सीटें बढ़ाई जाएंगी। किसी का हक कम नहीं होगा। सरकार की एकमात्र इच्छा थी कि पूरा सदन मिलकर भारत की नारियों को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन देने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को इस संशोधन के साथ पारित कर दे, ताकि 2029 में ही उन्हें उनका अधिकार मिल जाए।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने मुद्दा छेड़ा कि इसमें मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण क्यों नहीं मिल पा रहा है। ये संविधान की दुहाई देते हैं, लेकिन बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की भावनाओं के प्रतिकूल आचरण यहां भी देखने को मिला। जब भारत का संविधान निर्माण हो रहा था, उस समय भी धर्म के आधार पर आरक्षण देने की मांग उठी थी। तब सभी पक्षों ने इसका विरोध किया था। बाबा साहेब ने इस पर बहुत तीखी टिप्पणी की थी कि एक बार विभाजन हो गया है, अब भारत दूसरे विभाजन के लिए तैयार नहीं हो सकता। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने भी इसका पुरजोर विरोध किया। उस समय संविधान निर्माण समिति से जुड़े सभी सदस्यों ने इसका पुरजोर विरोध किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जो मुस्लिम महिलाओं की बात करते हैं, वे तब कहां थे जब शाहबानो प्रकरण में कांग्रेस की सरकार ने मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों को पूरी तरह वंचित करने का प्रयास किया था? जब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने शाहबानो प्रकरण में कांग्रेस के पाप का परिमार्जन कर ट्रिपल तलाक पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया और तय किया कि भारत का कानून शादी-विवाह के मामले में प्रत्येक नागरिक पर समान रूप से लागू होगा, तब ट्रिपल तलाक के खिलाफ बने कानून का भी कांग्रेस व इंडी गठबंधन के सभी दलों, समाजवादी पार्टी, टीएमसी, डीएमके ने कड़ा विरोध किया था। यह उनके दोहरे आचरण को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति के लिए किए गए प्रयासों में सबसे पहले ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का प्रस्ताव पास किया गया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने बेटी की रक्षा के लिए भ्रूण हत्या रोकने और लिंगानुपात को सही करने का संकल्प लिया। देश भर में इसे प्रभावी ढंग से लागू किया गया। मातृ वंदना योजना के माध्यम से मातृत्व रक्षा को मजबूत किया गया। बेटी गर्भ में भी सुरक्षित रहे और उसके जन्म के बाद टीकाकरण हो, इसके लिए इंद्रधनुष जैसे कार्यक्रम चलाए गए। परिणाम सामने आए, मातृ और शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई।

 

उन्होंने कहा कि पहली बार देश के इतिहास में 12 करोड़ परिवारों के लिए एक-एक शौचालय बनाए गए। इन शौचालयों ने न केवल स्वच्छता का मानक तय किया, बल्कि नारी गरिमा की रक्षा भी की। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत मिशन के कारण इंसेफेलाइटिस जैसी संक्रामक बीमारियों को नियंत्रित करने में हम सफल हुए। 4 करोड़ गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक-एक पक्का मकान उपलब्ध कराया गया। अब हर नारी अपने बच्चों और परिवार को एक सुरक्षित छत दे पा रही है। उत्तर प्रदेश में 65 लाख गरीब परिवारों को इस योजना का लाभ मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद से अब तक, पहली बार भारत की संसद में महिला जनप्रतिनिधियों की संख्या सबसे अधिक हो गई है। लेकिन इस संख्या को 33 प्रतिशत और आगे चलकर 50 प्रतिशत तक ले जाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी जी का जो अभिनव प्रयास था, नारी शक्ति वंदन अधिनियम उसमें इंडी गठबंधन, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आरजेडी, टीएमसी, डीएमके जैसे दलों ने बैरियर बनने का काम किया। इन दलों के पास अपने पापों का परिमार्जन करने का एक सुनहरा अवसर था।

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में जब समाजवादी पार्टी का नाम लेते हैं, तो यही याद आता है कि “देख सपाई, बिटिया घबराई”। सपा के पास स्टेट गेस्ट हाउस कांड जैसे कृत्यों का पाप धोने का एक अच्छा अवसर था। उन्हें इस अधिनियम को पारित करने में अपना योगदान देना चाहिए था। दुर्भाग्य है कि ये लोग बैरियर बनकर खड़े हो गए। इनका एकमात्र उद्देश्य है कि सब कुछ इन्हें और इनके परिवार को मिले, किसी नारी को न मिले, किसी गरीब को न मिले, किसी युवा को न मिले और किसी किसान को न मिले। यही इनकी युक्ति रही है और इसीलिए ये संसद की कार्यवाही में हमेशा बाधक बनते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के इस अवसर पर हम प्रधानमंत्री मोदी जी के इस प्रयास के लिए उनका अभिनंदन करते हैं। बिना रुके, बिना थके और बिना डिगे उनके नेतृत्व में देश मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। समाज के प्रत्येक तबके के लिए जो काम किए गए हैं और जो कदम उठाए गए हैं, उन सबके लिए देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य होने के नाते उत्तर प्रदेश, प्रधानमंत्री मोदी जी के साथ पूर्ण रूप से खड़ा है। हम उनका आभार व्यक्त करते हैं, उनका अभिनंदन करते हैं और उनके प्रयासों की सराहना करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की नारी शक्ति के मन में कांग्रेस और इंडी गठबंधन के प्रति जो आक्रोश है, उनके नारी-विरोधी कृत्यों के प्रति जो रोष है, उसमें पूरा एनडीए एकजुट होकर उत्तर प्रदेश की आधी आबादी के साथ खड़ा है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन के अन्य दलों को अपने इस नारी-विरोधी आचरण के लिए माफी मांगनी चाहिए। लेकिन उनका यह कृत्य अक्षम्य है और किसी भी स्थित में आधी आबादी उन्हें माफ नहीं करेगी। मुख्यमंत्री ने देश की आधी आबादी से, सभी बहनों और बेटियों से अपील की कि इस महिला-विरोधी और नारी-विरोधी आचरण को कभी स्वीकार न करें। यह आचरण वास्तव में देश के विकास को अवरुद्ध करने का है।

17 अप्रैल काला दिवस के रूप में जाना जाएगा – अन्नपूर्णा देवी’

प्रेसवार्ता में केंद्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने भी नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 के बाद महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुआ है और अब उन्हें राजनीतिक रूप से सशक्त करने की दिशा में ठोस पहल की जा रही थी। संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक पर हुई चर्चा सार्थक रही, लेकिन विपक्षी दलों कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके ने बिल का विरोध कर महिलाओं की आकांक्षाओं को ठेस पहुंचाई।
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि इन दलों ने हमेशा की तरह इस बार भी नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को लटकाने, भटकाने और अटकाने की राजनीति अपनाई। इसके लिए 17 अप्रैल काला दिवस के रूप में जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं अब जागरूक और सशक्त हो चुकी हैं तथा हर क्षेत्र में अपनी भागीदारी दर्ज करा रही हैं। महिलाएं अपने अधिकारों के खिलाफ खड़े होने वालों को लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगी। केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को उसका अधिकार नहीं दिया। ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का कार्य एनडीए सरकार ने किया। सपा पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं देता। उन्होंने मुखर होकर कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव और राहुल गांधी परिवारवाद की राजनीति कर रहे हैं। इन्हें देश की जनता के हितों से कोई लेना देना नहीं है।

इस अवसर पर एनडीए घटक दलों के नेता सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर, निषाद पार्टी प्रमुख संजय निषाद, प्रदेश सरकार में मंत्री व लोक दल नेता अनिल कुमार, अपना दल विधायक राम निवास वर्मा सहित महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल, भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती गीता शाक्य, प्रदेश महामंत्री श्रीमती प्रियंका रावत, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती अपर्णा यादव व श्रीमती चारू चौधरी, राज्य महिला कल्याण निगम की अध्यक्ष श्रीमती कमलावती सिंह, विधायक श्रीमती जयदेवी उपस्थित रहीं।

Mathura News चौमुहां में धूमधाम से मनाई गई भगवान परशुराम जयंती

मथुरा(चौमुहां) कस्बा चौमुहां में भगवान परशुराम जयंती बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाई गई। इस अवसर पर ब्राह्मण समाज के विप्र बंधुओं ने भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज के कोषाध्यक्ष हेमंत शर्मा ने सभी विप्र बंधुओं का हृदय से स्वागत किया। अध्यक्षता कर रहे हुकम चंद शर्मा ने भगवान परशुराम को आदर्श बताते हुए उनके पदचिह्नों पर चलने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर रमाकांत गौड़ ने भगवान परशुराम के अवतार एवं उनकी शक्तियों का वर्णन करते हुए उन्हें जीवन में अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में ब्राह्मण समाज चौमुहां के अध्यक्ष यतेंद्र कुमार भारद्वाज ने सभी का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में राहुल शर्मा, गौरव दीक्षित, लखन शर्मा, कुक्की पंडित, सुनील शर्मा, भानू मेंबर, हरीश शर्मा, खेमचंद शर्मा, गणेश शर्मा, छोटू, मोनू पंडित, त्रिनेत्र मोहन सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
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