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Meerut किसान नेता की पिटाई मामले में इंस्पेक्टर समेत 8 लाइन हाजिर

August 22, 2026

Meerut किसान नेता की पिटाई मामले में इंस्पेक्टर समेत 8 लाइन हाजिर

Breaking News UP Web News

मेरठ, 22 अगस्त 2026, नये एसएसपी IPS BBGTS मूर्ति ने किसान नेता दिग्विजय भाटी की पिटाई मामले में इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ सहित 8 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर किए हैं।

इनमें निरीक्षक अखिलेश कुमार गौड़, उप निरीक्षक मुलायम सिंह, हेड कांस्टेबल हरि ओम, कांस्टेबल मुकेश कुमार , हेड कांस्टेबल श्याम बाबू , कांस्टेबल सुमित कुमार, महिला कांस्टेबल नीलम लौर और ड्राइवर ललित कुमार शामिल हैं।

तत्कालीन SSP मेरठ IPS अविनाश पांडेय 2 दिन पहले ही हटाए जा चुके हैं। सहारनपुर DIG IPS अभिषेक सिंह इस केस की जांच कर रहे हैं।

ग्राहक बनकर आए महिला-पुरुष ने ज्वेलर्स की दुकान से चुराई अंगूठी


बरेली। थाना सुभाष नगर क्षेत्र के मेन बाजार स्थित गार्गी ज्वेलर्स में ग्राहक बनकर आए महिला-पुरुष के जोड़े ने करीब ढाई ग्राम वजन की अंगूठी चोरी कर ली। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी शाम के समय कई ज्वेलर्स की दुकानों की रेकी करने के बाद गार्गी ज्वेलर्स पहुंचे थे।
दुकान पर ग्राहक बनकर पहुंचे दोनों ने आभूषण देखने के बहाने दुकानदार का ध्यान भटकाया और मौका पाकर करीब ढाई ग्राम की अंगूठी चोरी कर ली। घटना की जानकारी होने के बाद दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
घटना के बाद व्यापारियों में भी चिंता का माहौल है।

August 21, 2026

अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे ग्राहक

त्योहारी सीजन में मिलावट का खेल जारी, कार्रवाई के दावों पर फिर उठे सवाल

प्रशासन अपना पक्ष बताने से कतरा रहा,आखिर कब होगी प्रभावी कार्रवाई

(एपी सिंह उप्र समाचार सेवा)
लखीमपुर-खीरी। त्योहारी सीजन शुरू होते ही खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं। रोजमर्रा से लेकर त्योहारों में इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं, लेकिन जांच और कार्रवाई के दावों के बावजूद बाजार में मिलावट का खेल थमता नजर नहीं आ रहा है।हाल ही में मिलावटखोरी को लेकर खबर प्रकाशित किए जाने के बाद संबंधित विभागीय अधिकारियों से लगातार सवाल पूछे गए किन्तु वह कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है इससे मिलावट वाले सामान की बिक्री लगातार जारी है जिससे खाद्य सुरक्षा अधिकारी की लापरवाही ग्राहकों को भारी पड़ रहीं है । इससे यह सवाल और गंभीर हो गया है कि यदि विभागीय कार्रवाई पूरी तरह पारदर्शी है तो फिर सवालों का जवाब देने से परहेज क्यों किया जा रहा है।मामले में जब खाद्य सुरक्षा आयुक्त ब्रजेन्द्र शर्मा से विभाग की कार्रवाई, लिए गए नमूनों, उनकी जांच रिपोर्ट और दोषी पाए गए कारोबारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन आरोप है कि विभाग की ओर से स्पष्ट जवाब देने के बजाय दूरी बनाई जा रही है।सवाल यह भी है कि यदि मिलावट के खिलाफ लगातार अभियान चल रहे हैं तो त्योहारी सीजन में शिकायतें सामने क्यों आ रही हैं।क्या केवल नमूने लेने और कार्रवाई के दावे पर्याप्त हैं या उनकी रिपोर्ट और कार्रवाई का पूरा विवरण भी सार्वजनिक होना चाहिए।स्थानीय लोगों का कहना है कि त्योहारों के दौरान दूध, मिठाई, खोया, पनीर, तेल, मसाले और अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। उपभोक्ताओं की मांग है कि संदिग्ध प्रतिष्ठानों की नियमित जांच हो, नमूनों की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और मिलावट साबित होने पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए।अब सबसे बड़ा सवाल यही है मिलावट के खिलाफ आखिर कब होगी ऐसी प्रभावी कार्रवाई, जिससे दावों के बजाय जमीन पर भी उसका असर दिखाई दे।त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की बढ़ती खपत के बीच इन सवालों का जवाब मिलना जरूरी है, क्योंकि मामला सिर्फ विभागीय कार्रवाई का नहीं, बल्कि सीधे आम उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और उनके भरोसे से जुड़ा है।

दबंगों ने घर में घुसकर की मारपीट और लूटपाट

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पुलिस पर कार्रवाई न करने और पीड़ित का ही चालान करने का आरोप

(एपी सिंह उप्र समाचार सेवा)

लखीमपुर खीरी।थाना फरधान क्षेत्र के ग्राम लखनापुर से पुलिस की लापरवाही और दबंगों के हौसले बुलंद होने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां के निवासी रामजीवन पुत्र बलभद्र ने सीओ,पुलिस अधीक्षक,आईजी को प्रार्थना पत्र देकर गांव के ही दबंगों पर घर में घुसकर जानलेवा हमला करने, लूटपाट करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय उल्टा पीड़ित परिवार के सदस्य का ही शांतिभंग में चालान कर दिया।
शिकायत के अनुसार, विवाद की शुरुआत 24 जून को हुई थी जब पीड़ित का पुत्र साकेत सरकारी नलकूप पर नहाने गया था। वहां विपक्षी रामकिशोर के छोटे पुत्र के साथ मामूली कहासुनी होने पर दबंगों ने साकेत के कपड़े उतारकर उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। इसके बाद 25 जून की शाम को जब साकेत बकरी चराने गया, तो विपक्षी श्यामू, मुकेश और हिमांशु ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से उस पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं।
पीड़ित का कहना है कि जब वह अपने बेटे को बचाने घर पहुंचा, तो विपक्षियों ने अपने अन्य साथियों (धर्मेश, रामजीवन, रामकिशोर, दुर्गेश, मायाराम, तिलकराम आदि) और महिलाओं के साथ मिलकर पीड़ित के घर को घेर लिया। दबंगों ने जबरन दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश किया और पीड़ित, उसकी पत्नी व भतीजे विनय कुमार को बेरहमी से पीटा। हमले में विनय कुमार की पसली और हाथ की हड्डी टूट गई। मारपीट के दौरान दबंगों ने घर में रखा सैमसंग का टैबलेट, 20,000 हजार रूपये नगद और पीड़ित की पत्नी के कान के कुंडल सहित अन्य कीमती सामान लूट लिया और पूरे परिवार को जान से मारने व गांव से उजाड़ने की धमकी देकर भाग गए।
पुलिस पर मिलीभगत और एकतरफा कार्रवाई का आरोप

पीड़ित रामजीवन का आरोप है कि घटना के बाद घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरधान ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत के चलते उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। वर्तमान में घायलों का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है।पीड़ित का आरोप है कि घटना की लिखित सूचना कई बार थाना फरधान में दी गई, लेकिन पुलिस ने आज तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की। उल्टा विपक्षी पक्ष के प्रभाव में आकर पुलिस पीड़ित परिवार पर ही समझौते का दबाव बना रही है। आरोप है कि पुलिस ने निष्पक्ष जांच करने के बजाय पीड़ित के परिवार के सदस्य साकेत कुमार के खिलाफ शन्ति भंग के तहत एकतरफा चालान की कार्रवाई कर दी, जिसे बाद में जमानत पर रिहा कराया गया।
थाना पुलिस की इस कथित निष्क्रियता और पक्षपातपूर्ण रवैये से पीड़ित परिवार अत्यंत भयभीत और असुरक्षित महसूस कर रहा है।पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने, लूटे गए सामान की बरामदगी कराने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है।

राया में दूध टैंकर पकड़ा, जांच में स्टार्च और कम फैट मिला

मथुरा, 21 अगस्त। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने राया रेलवे फाटक पर दूध से भरे टैंकर का निरीक्षण किया। टैंकर में करीब 2000 लीटर दूध भरा था। त्वरित जांच में दूध में स्टार्च की मौजूदगी और फैट की मात्रा कम पाए जाने पर दूध का नमूना जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया।

सहायक आयुक्त खाद्य डा. जतिन कुमार सिंह के निर्देशन में खाद्य सचलदल ने राया रेलवे फाटक पर दूध टैंकर संख्या यूपी 86 एटी 0875 की जांच की। चालक हेमनेस कुमार ने बताया कि दूध गोपाल डेयरी, सिकंदराराऊ (हाथरस) से लाया गया है। निरीक्षण के दौरान चालक दूध के क्रय-विक्रय संबंधी अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका।

दूध की गुणवत्ता संदिग्ध पाए जाने पर राया स्थित डेयरी पर टैंकर में भंडारित दूध की त्वरित जांच की गई। जांच में दूध में स्टार्च मिलने तथा फैट कम होने के प्रमाण मिले। इसके बाद दूध का नमूना संग्रहित कर राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया, जबकि शेष करीब 2000 लीटर दूध को जनहित में मौके पर नष्ट करा दिया गया। नष्ट किए गए दूध की अनुमानित कीमत करीब 1.20 लाख रुपये बताई गई है।

विभाग के अनुसार प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित के खिलाफ नियमानुसार अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र सिंह और जितेंद्र सिंह मौजूद रहे।

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