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गंगा एक्सप्रेस वे यूपी की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनेगा: योगी आदित्यनाथ

April 29, 2026

गंगा एक्सप्रेस वे यूपी की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनेगा: योगी आदित्यनाथ

हरदोई, 29 अप्रैल 26, गंगा एक्सप्रेस वे का उद्घाटन आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रधानमंत्री जी का स्वागत एवं अभिनन्दन करते हुए कहा कि आज प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से उनकी विराट सोच के अनुरूप गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन हो रहा है। हरदोई भगवान नृसिंह, वामन अवतार तथा श्रीहरि विष्णु के परम भक्त प्रहलाद के अवतरण की पावन धरा है। यह भूमि माँ गंगा के आशीर्वाद से अभिसिंचित है। उन्होंने माँ गंगा स्तुति- ‘देवि सुरेश्वरि भगवति गंगे, त्रिभुवनतारिणि तरलतरंगे‘ करते हुए कहा कि माँ गंगा के समानान्तर उस विराट को छूने तथा उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास को नई उड़ान देने के लिये गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास प्रधानमंत्री जी ने दिसम्बर, 2021 में किया था।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश को वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही को आगे बढ़ाने तथा तय समयसीमा में पूरा करने का विजन दिया था। गंगा एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनने जा रही है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में उनके विजन को स्पष्ट नीति और साफ नीयत के साथ प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने का कार्य किया गया। आज देश में हम नये भारत का दर्शन कर रहे हैं। नये भारत के नये उत्तर प्रदेश में यह आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर हमारे आवागमन को सरल व सुगम बनाएगा तथा अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज एक्सप्रेस-वे प्रदेश की समृद्धि का आधार बन रहे हैं। उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेस-वे डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर को सशक्त, अन्नदाता किसानों की उन्नति तथा युवाओं के रोजगार का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह आस्था और संस्कृति का एक्सप्रेस-वे है। इस एक्सप्रेस-वे से आच्छादित जनपदों में इन्टीग्रेटेड इण्डस्ट्रियल क्लस्टर एण्ड लॉजिस्टिक हब डेवलप करने की कार्यवाही तेजी के साथ आगे बढ़ी है। 594 किलोमीटर के लम्बे इस एक्सप्रेस-वे के लिए अन्नदाता किसानों से 18 हजार एकड़ भूमि ली गयी है। इस पर बनने वाले इण्डस्ट्रियल क्लस्टर और लॉजिस्टिक हब के लिये अलग-अलग स्थानों पर लगभग 07 हजार एकड़ भूमि लेकर नये निवेश के माध्यम से युवाओं के लिये नये रोजगार की सम्भावनाओं को आगे बढ़ाया गया।
मुख्यमंत्री जी ने मेरठ से प्रयागराज तक 12 जनपदों में विस्तारित इस एक्सप्रेस-वे के लिये एक लाख से अधिक किसानों को भूमि उपलब्ध कराने में अपना योगदान देने के लिये आभार व्यक्त किया। उन्हांने कहा कि अन्नदाता किसानों ने प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने एवं विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण के लिये अपना योगदान दिया। इसके परिणामस्वरूप गंगा एक्सप्रेस-वे बन कर तैयार हो गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश में परिवारवाद, जातिवाद, दंगा, अराजकता, कर्फ्यू, माफिया के अराजकता पूर्ण माहौल के कारण विकास, रोजगार एवं नये निवेश की कल्पना नहीं की जा सकती थी, लेकिन विगत 09 वर्षों में डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेस-वे, हाई-वे, डिस्ट्रिक्ट-वे और ग्रामीण सड़कों का 04 लाख किलोमीटर का बेहतरीन नेटवर्क देखने को मिल रहा है। इन्टर स्टेट कनेक्टिविटी के लिये फोर-लेन मार्ग विकसित किए जा रहे हैं। साथ ही, प्रत्येक जिला मुख्यालय को फोर लेन तथा प्रत्येक ब्लॉक एवं तहसील मुख्यालयां को फोर-लेन व टू-लेन सड़कों के साथ जोड़ा जा रहा है। प्रदेश के 07 शहरों में मेट्रो का संचालन किया जा रहा है। विगत दिनों प्रधानमंत्री जी ने दिल्ली से मेरठ तक देश की पहली रैपिड रेल का शुभारम्भ कर दूरियों को समेटने के साथ ही, उत्तर प्रदेश की अनलिमिटेड पोटेंशियल को आगे बढ़ाने का कार्य किया। आज डबल इंजन सरकार की ताकत प्रदेश में एक्सप्रेस-वे, रैपिड रेल, इनलैण्ड वॉटर-वे, मेट्रो तथा डेडीकेटेड रेल फ्रेट-कॉरिडोर के रूप में दिखाई दे रही है।
इसके पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने गंगा एक्सप्रेस-वे का स्थलीय निरीक्षण किया।
इस अवसर पर केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी, केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद, प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य एवं श्री ब्रजेश पाठक, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री श्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण, आबकारी एवं मद्य निषेध राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री नितिन अग्रवाल, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री श्रीमती रजनी तिवारी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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विकास की लाइफ लाइन बनेगा एक्सप्रेस वे: नरेंद्र मोदी

उत्तर प्रदेश के हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री के भाषण का मूल पाठ

प्रविष्टि तिथि: 29 APR 2026 2:03PM by PIB Delhi

भारत माता की जय।

गंगा मइया की जय।

गंगा मइया की जय।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, यहां के मुख्यमंत्री श्रीमान योगी आदित्यनाथ जी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश जी पाठक, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी जितिन प्रसाद जी, पंकज चौधरी जी, यूपी सरकार के मंत्रीगण, सांसद और विधायकगण, अन्य जनप्रतिनिधि और विशाल संख्या में पधारे हुए मेरे प्यारे भाइयों और बहनों।

सर्वप्रथम, मैं भगवान नरसिंह की इस पुण्य भूमि को प्रणाम करता हूं। यहां से कुछ किलोमीटर की दूरी पर मां गंगा कृपा बहाती हुई गुजरती है। इसलिए, ये पूरा क्षेत्र ही तीर्थ से कम नहीं है। और मैं मानता हूं यूपी को एक्सप्रेसवे का ये वरदान, ये भी मां गंगा का ही आशीर्वाद है। अब आप कुछ ही घंटों में संगम भी पहुंच सकते हैं, और काशी में बाबा के दर्शन करके भी वापस आ सकते हैं।

साथियों,

जैसे मां गंगा हजारों वर्षों से यूपी की और इस देश की जीवन रेखा रही है, वैसे ही आधुनिक प्रगति के इस दौर में, उनके समीप से गुजरता ये एक्सप्रेसवे, ये यूपी के विकास की नई लाइफ लाइन बनेगा। ये भी अद्भुत संयोग है कि पिछले चार-पांच दिनों में, मैं मां गंगा के सानिध्य में ही रहा हूं। 24 अप्रैल को मैं जब बंगाल में था, तो मां गंगा के दर्शन किए थे, और फिर कल तो मैं काशी में था। आज सुबह ही फिर बाबा विश्वनाथ, मां अन्नपूर्णा और मां गंगा के दर्शन करने का सौभाग्य मिला है। और अब मां गंगा के नाम पर बने इस एक्सप्रेसवे के लोकार्पण का अवसर मिला है। मुझे खुशी है कि यूपी सरकार ने इस एक्सप्रेसवे का नाम मां गंगा के नाम पर रखा है। इसमें विकास का हमारा विजन भी झलकता है, और हमारी विरासत के भी दर्शन होते हैं। मैं यूपी के करोड़ों लोगों को गंगा एक्सप्रेसवे की बधाई देता हूं।

साथियों,

आज लोकतंत्र के उत्सव का भी एक अहम दिन है। बंगाल में इस समय दूसरे चरण का मतदान हो रहा है, और जो खबरें आ रही हैं, उनसे पता चलता है कि बंगाल में भारी मतदान हो रहा है। पहले चरण की तरह ही जनता वोट देने के लिए बड़ी संख्या में घरों से निकल रही हैं, लंबी-लंबी का कतारों की तस्वीरें सोशल मीडिया में छाई हुई हैं। पिछले 6-7 दशक में जो नहीं हुआ, जिसकी कल्पना भी मुश्किल थी, वैसे निर्भीक वातावरण में बंगाल में इस बार वोटिंग हो रही है। लोग भय मुक्त होकर वोट दे रहे हैं। ये देश के संविधान और देश के मजबूत होते लोकतंत्र का पुण्य प्रतीक है। मैं बंगाल की महान जनता का आभार व्यक्त करता हूं कि वो अपने अधिकार के प्रति इतनी सजग है, बड़ी संख्या में वोटिंग कर रही है। अभी वोटिंग खत्म होने में कई घंटे बाकी हैं, मैं बंगाल के जनता से आग्रह करूंगा कि लोकतंत्र के इस पर्व में ऐसे ही उत्साह से भाग लें।

साथियों,

कुछ समय पहले जब बिहार में चुनाव हुए, तो बीजेपी एनडीए ने प्रचंड जीत दर्ज की थी, एक इतिहास रच दिया था। अभी-अभी कल ही गुजरात में महा नगरपालिका, नगर पालिका, जिला पंचायतें, नगर पंचायतें, तहसील पंचायत, इन सबके चुनाव के नतीजे आए हैं। और आप मेरे उत्तरप्रदेश वासियों को खुशी होगी, 80 से 85 प्रतिशत नगर पालिका और पंचायतों को भाजपा ने जीत ली है। और मुझे विश्वास है कि इन पांच राज्यों के चुनाव में भी भाजपा ऐतिहासिक जीत की हैट्रिक लगाने जा रही है। 4 मई के नतीजे, विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करेंगे, देश के विकास की गति को नई ऊर्जा से भरेंगे।

साथियों,

देश के तेज विकास के लिए हमें तेजी से आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का भी निर्माण करना है। दिसम्बर 2021 में गंगा एक्सप्रेसवे का शिलान्यास करने मैं शाहजहाँपुर आया था। अभी 5 साल से भी कम समय हुआ है, और आप देखिए, देश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवेज में शुमार यूपी का सबसे लंबा ग्रीन कॉरिडॉर एक्सप्रेसवे, ये 5 साल के भीतर-भीतर बनकर तैयार हो गया है। आज

हरदोई से इसका लोकार्पण भी हो रहा है। यही नहीं, एक ओर गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा हुआ है, तो साथ ही, इसके विस्तार की योजना पर काम भी शुरू हो गया है। जल्द ही, गंगा एक्सप्रेसवे, मेरठ से आगे बढ़कर हरिद्वार तक पहुंचेगा। इसके और बेहतर उपयोग के लिए फ़र्रुख़ाबाद लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण कर, इसे अन्य एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जाएगा। ये है, डबल इंजन सरकार का विजन! ये है भाजपा सरकार के काम करने की स्पीड! ये है, भाजपा सरकार के काम का तरीका!

भाइयों-बहनों,

कुछ ही दिन पहले मुझे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण का अवसर मिला था। तब मैंने कहा था कि ये नए बनते एक्सप्रेसवे, विकसित होते भारत की हस्तरेखाएं हैं और ये आधुनिक हस्तरेखाएं, आज भारत के उज्ज्वल भविष्य का जयघोष कर रही हैं।

साथियों

अब वो दौर चला गया, जब एक सड़क के लिए दशकों तक इंतज़ार करना पड़ता था! एक बार घोषणा हो गई, तो वर्षों तक फाइलें चलतीं थीं! चुनाव के लिए पत्थर लग जाता था, उसके बाद सरकारें आती रहतीं थीं, जाती रहतीं थीं, लेकिन, काम का कुछ अता-पता नहीं लगता था। कभी-कभी तो पुराने फाइलें ढूंढने के लिए बड़े-बड़े अफसरों को दो-दो साल तक मेहनत करनी पड़ती थी। डबल इंजन सरकार में शिलान्यास भी होता है, और तय समय में लोकार्पण भी होकर के रहता है। इसलिए ही, आज यूपी के एक्सप्रेसवेज़ से भी ज्यादा रफ्तार अगर कहीं है, तो वो यूपी के विकास की रफ्तार ही है।

साथियों,

ये एक्सप्रेसवे केवल एक हाइस्पीड सड़क नहीं है। ये नई संभावनाओं का, नए सपनों का, नए अवसरों का गेटवे है। गंगा एक्सप्रेसवे करीब 600 किलोमीटर लंबा है। पश्चिमी यूपी में मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, सम्भल और बदायूँ। मध्य यूपी में शाहजहाँपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली। पूर्वी यूपी में प्रतापगढ़ और प्रयागराज, इनके आस पास के दूसरे जिले, गंगा एक्सप्रेसवे, इससे इन इलाकों के करोड़ों लोगों का जीवन बदलेगा।

साथियों,

इन क्षेत्रों को गंगा जी और उनकी सहायक नदियों की उपजाऊ मिट्टी का वरदान मिला है। लेकिन, पहले की सरकारों ने जिस तरह किसानों की उपेक्षा की, उसके कारण किसान परेशानियों में ही घिरकर के रह गए! यहाँ के किसानों की फसलें बड़े बाज़ारों तक नहीं पहुँच पाती थीं। कोल्ड स्टोरेज की कमी थी। लॉजिस्टिक्स का अभाव था। किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य नहीं मिलता था। अब उन कठिनाइयों का समाधान भी तेजी से होगा। गंगा एक्सप्रेसवे से कम समय में बड़े बाज़ारों तक पहुँच मिलेगी। यहाँ खेती के लिए जरूरी इनफ्रास्ट्रक्चर का विकास होगा। इससे हमारे किसानों की आय बढ़ेगी।

साथियों,

गंगा एक्सप्रेसवे यूपी के एक छोर को दूसरे छोर से तो जोड़ता ही है। ये NCR की असीम संभावनाओं को भी करीब लाएगा। गंगा एक्सप्रेसवे पर गाड़ियाँ तो दौड़ेंगी ही, इसके किनारे नए औद्योगिक अवसर विकसित होंगे। इसके लिए हरदोई जैसे दूसरे जिलों में इंडस्ट्रियल कॉरिडॉर विकसित किए जा रहे हैं। इससे हरदोई, शाहजहाँपुर, उन्नाव समेत सभी 12 जनपदों में नए उद्योग आएंगे। अलग-अलग सेक्टर्स जैसे फार्मा, टेक्सटाइल आदि के क्लस्टर्स विकसित होंगे। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे।

साथियों,

हमारे ये युवा मुद्रा योजना और ODOP जैसी योजनाओं, उसकी ताकत से खुद भी नए-नए कीर्तिमान गढ़ रहे हैं। यहाँ छोटे उद्योग, MSMEs को बढ़ावा मिल रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी की सुविधा से उनके लिए भी नए रास्ते खुलेंगे। मेरठ की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री, संभल का handicraft, बुलंदशहर के सिरेमिक, हरदोई का हैंडलूम, उन्नाव का लेदर, प्रतापगढ़ के आंवला प्रॉडक्ट्स, ये सब बड़े स्केल में देश दुनिया के मार्केट में पहुंचेगे। लाखों परिवारों की इससे आमदनी बढ़ेगी। आप मुझे बताइए, क्या पुरानी सपा सरकार में हरदोई, उन्नाव जैसे जिलों में इंडस्ट्रियल कॉरिडॉर बनाने की कल्पना तक हो सकती थी क्या? हमारे हरदोई से भी एक्सप्रेसवे गुजरेगा, ये कोई सोच सकता था क्या कभी? ये काम केवल भाजपा सरकार में ही संभव है।

साथियों,

पहले यूपी को पिछड़ा और बीमारू प्रदेश कहा जाता था। वही उत्तर प्रदेश, आज 1 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनने के लिए आगे बढ़ रहा है। ये एक बहुत बड़ा लक्ष्य है। लेकिन, इसके पीछे उतनी ही बड़ी तैयारी भी है। क्योंकि, यूपी के पास इतनी असीम क्षमता है। देश की इतनी बड़ी युवा आबादी का potential यूपी के पास है। इस ताकत का इस्तेमाल हम यूपी को manufacturing हब बनाने के लिए कर रहे हैं। यूपी में नए उद्योग और कारखाने लगेंगे, यहाँ जब बड़ी मात्रा में निवेश आएगा, तभी यहाँ आर्थिक प्रगति के दरवाजे खुलेंगे, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

भाइयों-बहनों,

इसी विज़न को केंद्र में रखकर बीते वर्षों में लगातार काम हुआ है। आप सब खुद भी महसूस कर रहे हैं, जिस यूपी की पहचान पहले पलायन से होती थी, आज उसे इन्वेस्टर्स समिट और इंडस्ट्रियल कॉरिडॉर के लिए जाना जा रहा है। यूपी की इन्वेस्टर समिट में देश और दुनिया से कंपनियाँ आतीं हैं। यूपी में हजारों करोड़ रुपए का निवेश हो रहा है। आज अगर भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता है तो, उसमें बहुत बड़ा योगदान यूपी का है। आज भारत जितने मोबाइल बना रहा है, उसमें आधे मोबाइल हमारे यूपी में बन रहे हैं। अभी कुछ ही हफ्ते पहले, मैंने नोएडा में सेमीकंडक्टर प्लांट का शिलान्यास भी किया है।

साथियों,

आप सब जानते हैं, AI के इस दौर में, सेमीकंडक्टर कितनी बड़ी फील्ड बनती जा रही है। यूपी उसमें भी लीड लेने के लिए आगे बढ़ रहा है। भविष्य में असीम अवसरों वाला बहुत बड़ा क्षेत्र

यूपी के लोगों के लिए खुल रहा है।

साथियों,

उत्तर प्रदेश का औद्योगिक विकास आज भारत की सामरिक ताकत भी बन रहा है। आज देश के दो डिफेंस कॉरिडॉर्स में से एक यूपी में है। बड़ी-बड़ी डिफेंस कंपनियाँ यहाँ अपनी फ़ैक्टरी लगा रहीं हैं। ब्रह्मोस जैसी मिसाइलें, जिनका लोहा दुनिया मानती है, आज वो यूपी में बन रहीं हैं। रक्षा उपकरणों के निर्माण में जो छोटे-छोटे पार्ट्स चाहिए होते हैं, उनकी सप्लाइ के लिए MSMEs को काम मिलता है। इसका बहुत बड़ा लाभ उत्तर प्रदेश के MSME सेक्टर को हो रहा है। छोटे-छोटे जिलों में भी अब युवा बड़े-बड़े उद्योगों से जुड़ने का सपना देख सकते हैं।

साथियों,

आज उत्तर प्रदेश इतनी तेज गति से विकास कर रहा है, क्योंकि, यूपी ने पुरानी सियासत को भी बदला है, और नई पहचान भी बनाई है। आप याद करिए, एक समय यूपी की पहचान गड्ढों से होती थी। आज वही यूपी, देश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवेज वाला प्रदेश बन चुका है। पहले यहाँ पड़ोस के जिले तक जाना भी बड़ा मुश्किल था। लेकिन आज उत्तर प्रदेश में 21 एयरपोर्ट हैं, 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं। अब तो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन भी हो चुका है। गंगा एक्सप्रेसवे से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कुछ ही घंटों की दूरी पर है।

भाइयों-बहनों,

हमारा उत्तर प्रदेश भगवान राम और भगवान कृष्ण की धरती है। लेकिन, पिछली सरकारों ने अपनी करतूतों के कारण अपराध और जंगलराज को यूपी की पहचान बना दिया था। यूपी के माफियाओं पर फिल्में बनतीं थीं। लेकिन, अब यूपी की कानून व्यवस्था का देश भर में उदाहरण दिया जाता है।

भाइयों बहनों,

संसाधनों का बंदरबाँट करने वाले जिन सपाइयों के हाथ से सत्ता गई है, उन्हें यूपी की ये प्रगति

पसंद नहीं आ रही है। वो एक बार फिर यूपी को पुराने दौर में धकेलना चाहते हैं। वो एक बार फिर, समाज को बांटना और तोड़ना चाहते हैं।

साथियों,

समाजवादी पार्टी विकास विरोधी भी है और नारी विरोधी भी है। अभी बीते दिनों देश ने एक बार फिर सपा और काँग्रेस जैसी पार्टियों का असली चेहरा देखा है। केंद्र की NDA सरकार संसद में नारीशक्ति वंदन संशोधन लेकर आई थी। अगर ये संशोधन पास हो जाता, तो, साल 2029 के चुनाव से ही महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा में आरक्षण मिलता! बड़ी संख्या में हमारी माताएँ बहनें सांसद विधायक बनकर दिल्ली-लखनऊ पहुँचती। वो भी, किसी और वर्ग की सीटें कम हुये बिना! लेकिन, सपा ने इस संशोधन बिल के खिलाफ वोट किया।

साथियों,

इस बिल से सभी राज्यों की सीटें भी बढ़तीं। हमने संसद में साफ साफ कहा था, सभी राज्यों की सीटें एक ही अनुपात में बढ़ेंगी। लेकिन यूपी को गाली देकर पॉलिटिक्स करने वाली DMK जैसी पार्टियां, उन्हें इस बात पर आपत्ति थी कि यूपी की सीटें क्यों बढ़ेंगी? आप देखिए, समाजवादी पार्टी संसद में उन्हीं के सुर में सुर मिला रही थी। ये सपा वाले यहाँ से आपके वोट लेकर संसद जाते हैं, और, संसद में यूपी के लोगों को गाली देने वालों के साथ खड़े होते हैं। इसीलिए, यूपी के लोग कहते हैं, समाजवादी पार्टी कभी सुधर नहीं सकती है। ये लोग हमेशा महिला विरोधी राजनीति ही करेंगे। ये हमेशा तुष्टीकरण और अपराधियों के साथ खड़े होंगे। सपा कभी भी परिवारवाद और जातिवाद से ऊपर नहीं उठ सकती। ये लोग हमेशा विकास विरोधी राजनीति ही करेंगे। यूपी को सपा और उसके सहयोगियों से सावधान रहना है।

साथियों,

आज देश एक ही संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है- विकसित भारत का संकल्प! इस संकल्प को पूरा करने में उत्तर प्रदेश की बहुत बड़ी भूमिका है। आप सब देख रहे हैं, आज पूरी दुनिया कैसे

युद्ध, अशांति और अस्थिरता में फंसी हुई है। दुनिया के बड़े-बड़े देशों में हालात खराब हैं। लेकिन, भारत विकास के रास्ते पर उसी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। बाहर के दुश्मनों को ये पसंद नहीं आ रहा। भीतर बैठे कुछ लोग भी सत्ता की भूख में भारत को नीचा दिखाने की कोशिशों में लगे हैं। फिर भी, हम न केवल सुरक्षित हैं, बल्कि, विकास के नए-नए कीर्तिमान भी गढ़ रहे हैं। हम आत्मनिर्भर भारत अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। हम आधुनिक से आधुनिक इनफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कर रहे हैं। गंगा एक्सप्रेसवे इसी दिशा में एक और मजबूत कदम है। मुझे विश्वास है, गंगा एक्सप्रेसवे, जिन संभावनाओं को हमारे दरवाजे तक लेकर आएगा, यूपी के लोग अपने परिश्रम और अपनी प्रतिभा से उन्हें साकार करके रहेंगे। इसी संकल्प के साथ, आप सभी को एक बार बहुत-बहुत बधाई। बहुत-बहुत धन्यवाद!

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

बहुत-बहुत धन्यवाद

श्री राम चन्द्र मिशन आश्रम में उमड़ा आस्था का सैलाब

महात्मा रामचन्द्र जी महाराज की 127 वीं जयंती समारोह में गूंजी आध्यात्मिक चेतना
हजारों अभ्यासियों ने ध्यान साधना कर की विश्व कल्याण की कामना
( संजीव गुप्त द्वारा )
शाहजहांपुर। श्री राम चन्द्र मिशन के अध्यक्ष एवं हार्टफुलनेस मेडीटेशन के वैश्विक मार्गदर्शक कमलेश डी. पटेल ‘दाजी’ के मार्गदर्शन में राम चन्द्र मिशन आश्रम में महात्मा रामचन्द्र जी महाराज बाबूजी की 127 वीं जयंती समारोह का शुभारंभ ध्यान-साधना से हुआ।
हजारों अभ्यासियों ने एकात्म भाव से सामूहिक ध्यान कर मानव कल्याण एवं विश्व शांति के लिए मंगल की कामना कीं। संपूर्ण आश्रम परिसर शांति, श्रद्धा और साधना की दिव्य तरंगों से आलोकित हो उठा।
इस अवसर पर पूज्य दाजी ने वर्चुअल माध्यम से दिये अपने संदेश में कहा कि
हर वह स्वप्न जो बिना प्रयास किए ही मर जाता हैै, वह स्वप्न देेखनेे वालेे को उस
स्वप्न की तुुलना मेंं कहींं अधिक निरंंतरता सेे सताता हैै जिसेे पूूरा करनेे की कोोशिश
की गई और वह नाकाम रहीी। यही वह ज्ञान हैै, जिसेे परंंपरााएँँ सदा सेे सिखाती आई
हैंं – अपूूर्णता केे संंस्कार, असफलता केे संंस्कारोंं सेे अधिक गहरेे घाव देेतेे हैंं। एक
पूूर्ण किया गया कार्य, चाहेे उसका अंंत दुु:खद ही क्योंं न हो, उसमेंं ऐसी सच्चाई
होती हैै जो शांंति प्रदान करती हैै जबकि छोड़ेे गए स्वप्न मेंं ऐसी कोई सच्चाई नहींं
होती। वह चेेतनाा मेंं जीवित रहता हैै, अनसुुलझा जोो निरंंतर वही प्रश्न पूूछता रहता
हैै, जिसका उत्तर देेनेे सेे भय हमेंं रोकता हैै। सहज मार्ग साधना पद्धति और हार्टफुुलनेेस केे अभ्यास मेंं जब हम शाम की सफ़ाई करतेे हैंं तब हम बैैठकर दिन भर केे संंस्कारोंं को पीछेे सेे बाहर निकल जानेे देेतेे हैंं। हमनेे जो किया, जो कहा, जो अनुुभव किया, उसेे हम अपनेे तंंत्र सेे निकाल देेतेे हैंं। लेेकिन उन संंस्कारोंं का क्या जो न किए गए कर्मोंं सेे
बनतेे हैंं? वह संंवाद, जिसेे हमनेे टाल दिया, वह सत्य जिसेे हमनेे कहा नहींं, वह
कदम जिसेे हमनेे उठाया नहींं, वह प्रेेम जिसेे हमनेे व्यक्त नहींं किया येे सभी
अकर्म भीअपनेे पीछेे छापेंं छोड़तेे हैंं। उन्होंने बताया कि दिव्य प्राणाहुति की जीवंत धारा अल्प समय में ही निष्ठापूर्ण दैनिक अभ्यास द्वारा साधक को समाधि की अवस्थाओं तक पहुँचा देती है। यह अमूल्य विद्या कालांतर में लुप्तप्राय हो गई थी, जिसे मिशन के आदि गुरु लाला जी महाराज ने पुनः खोजकर मानवता को प्रदान किया। इस पावन परंपरा को पूज्य बाबूजी महाराज ने जन–जन तक पहुँचाकर हृदय से हृदय तक आध्यात्मिक चेतना का वास्तविक संप्रेषण किया।
पूज्य दाजी ने अभ्यासियों का आवाहन किया कि वे अपने भीतर की जड़ताओं को त्यागकर प्रेम, करुणा और शांति के पथ पर अग्रसर हों तथा अपने जीवन को साधना का सजीव माध्यम बनाएं।


सायंकालीन ध्यान सत्र में भी साधकों ने ध्यान साधना कर वातावरण और अधिक आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण कर दिया। आयोजन में उत्तर प्रदेश प्रभारी अनुपम अग्रवाल, केंद्र प्रभारी सर्वेश चंद्रा, ए के गर्ग, आश्रम प्रबंधक प्रमोद कुमार सिंह, राजगोपाल अग्रवाल,श्री गोपाल अग्रवाल, ममता सिंह, सुयश सिन्हा, कृष्णा भारद्वाज, हर्षवर्धन अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, राजीव श्रीवास्तव, सुरेंद्र मोहन सिन्हा, माया सिंह, अभिषेक आदि का विशेष सहयोग रहा।

गोरखपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’ – 24 घंटे में लुटेरों का हिसाब!

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
29/04/2029

गोरखपुर : गोरखपुर में खाकी का खौफ! महज 24 घंटे के अंदर पुलिस ने उस दुस्साहस का जवाब दे दिया है, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया था। देवांश स्वर्णकला केंद्र में लूट करने वाले शातिर लुटेरे अब अस्पताल के बेड पर हैं और उनके पैरों में पुलिस की गोली का निशान है।
मामला गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र का है। सोमवार की दोपहर, जब देवांश स्वर्णकला केंद्र के मालिक राकेश वर्मा अपनी बड़ी बेटी की सगाई का कार्ड बांटने बाहर गए थे, तब उनकी छोटी बेटी अमृता वर्मा दुकान संभाल रही थी।
​दोपहर के करीब 2:20 बज रहे थे। दो युवक ग्राहक बनकर दुकान में दाखिल होते हैं। गहने देखने के बहाने उन्होंने अमृता की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश की और पलक झपकते ही करीब 20 ग्राम सोने के झाले लेकर भागने लगे।

​लेकिन लुटेरों को अमृता के साहस का अंदाजा नहीं था। #बहादुरबेटी न सिर्फ चिल्लाई, बल्कि जान की बाजी लगाकर लुटेरों के पीछे भाग निकली। सीसीटीवी में साफ दिख रहा है कि कैसे अमृता ने एक लुटेरे को पकड़कर जमीन पर गिरा दिया। हालांकि, लुटेरा धक्का देकर फरार होने में कामयाब रहा, लेकिन उसने पुलिस के लिए सुराग छोड़ दिया था।

गोरखपुर पुलिस ने इस चुनौती को स्वीकार किया। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और सर्विलांस की मदद से घेराबंदी शुरू हुई। बुधवार की सुबह, पुलिस और बदमाशों का आमना-सामना हुआ। ​खुद को घिरा देख बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। इस मुठभेड़ में सहारनपुर के देवबंद निवासी मेहदी और रहमान के पैर में गोली लगी है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटा गया सारा सामान बरामद कर लिया है। घायल अवस्था में दोनों लुटेरों को अस्पताल भेजा गया है। गोरखपुर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों को साफ संदेश दे दिया है— जुर्म करोगे, तो अंजाम यही होगा।
​साहसी अमृता की इस बहादुरी और पुलिस के सटीक निशाने ने आज पूरे गोरखपुर में चर्चा बटोर ली है।

गार्ड की सतर्कता से बचीं रेल यात्री की जान

चलतीं ट्रेन में चढ़ने की कोशिश में फिसलकर पटरियों पर पहुंचा

चंडीगढ़ लखनऊ इंटरसिटी का मामला,मंगलवार रात पौने तीन बजे की घटना
Post on 29.4.26
Wednesday Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
चलतीं ट्रेन में चढ़ने की कोशिश में एक यात्री की जान पर बन आई। प्लेटफॉर्म पर रफ्तार पकड़ती ट्रेन में यात्री ने चढ़ना चाहा तो फिसलकर पटरियों पर आ गया। गार्ड यह देख ने गाड़ी रुकवा दीं।गार्ड,अन्य यात्रियों और रेलवे पुलिस की यात्री को बचाया जा सका।
घटना मंगलवार रात पौने तीन बजे की है।चंडीगढ़ से लखनऊ की ओर जारहीं ट्रेन (15012) का है।जानकारी के अनुसार ट्रेन मुरादाबाद में प्लेटफॉर्म पांच पर पहुंची। ट्रेन के ग्रीन सिग्नल हुए। गार्ड अजय कुमार सेकंड व लोको पायलट(ड्राइवर) से सिग्नलके संकेत दिए। प्लेटफार्म से ट्रेन रवाना हुईं। तभी पुल की ओर से उतरकर दौड़ते दो यात्री ट्रेन में चढ़ने लगे। एक यात्री चढ़ गया पर दूसरे ने कोच का हैंडल पकड़ना चाहा। इस कोशिश में यात्री का पैर फिसला और नीचे जा गिरा।
नजारा देख अन्य यात्री भी सहम गए।इस बीच ग्रीन सिग्नल देरहे गार्ड अजय कुमार सेकंड (पूर्व सैनिक) ने तत्परता दिखाई और प्रेशर से गाड़ी रोक दिया। गाड़ी रुकते ही पटरी पर पहुंचे यात्री को निकालने में लोग जुट गए। मौके पर गार्ड,सहयात्री व रेलवे पुलिस की मदद से यात्री को सकुशल निकाल लिया गया। गार्ड का कहना है कि यात्री ठीक है। अलबत्ता उसे गिरने से हाथ पैर छिला है। बाद में गाड़ी रवाना हो सकीं।

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