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पश्चिम एशिया युद्ध से ऊर्जा संकट और मंदी का खतरा

April 15, 2026

पश्चिम एशिया युद्ध से ऊर्जा संकट और मंदी का खतरा

IMF
Posted on 15.04.2026 Time 07.51 PM IMF , Energy Crisis in world
नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने चेतावनी दी है कि अमरीका और इस्राएल के बीच ईरान को लेकर चल रहा युद्ध ऊर्जा संकट पैदा कर सकता है और इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था में भीषण मंदी आ सकती है।
आईएमएफ ने अपने नवीनतम वैश्विक आर्थिक आउटलुक में कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने या ऊर्जा ढांचे को नुकसान पहुंचने से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।
रिपोर्ट में विभिन्न परिणामों की आशंकाएं व्‍यक्‍त की गई हैं। बहुत अच्‍छी स्थिति में यदि युद्ध जल्‍दी समाप्त भी जाए और वर्ष के मध्‍य तक ऊर्जा बाजार स्थिर हो जाए तो भी 2026 में वैश्विक विकास दर थोड़ी धीमी होकर लगभग 3.1% रह जाएगी। मुद्रास्फीति उच्च बनी रहेगी।
खराब स्थितियों में, प्रभाव कहीं अधिक गंभीर हो जाता है। यदि तेल की कीमतें लगभग 100 अमरीकी डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रहती हैं, तो वैश्विक विकास दर गिरकर 2.5% हो सकती है।
अत्यंत गंभीर स्थिति में, यदि तेल की कीमतें इस वर्ष बढ़कर 110 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल और अगले वर्ष 125 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो जाती हैं, तो वैश्विक विकास दर गिरकर 2% हो सकती है, जो वैश्विक मंदी के करीब होगी, जबकि मुद्रास्फीति बढ़कर लगभग 6% हो जाएगी। आईएमएफ के मुख्य अर्थशास्त्री पियरे-ओलिवियर गौरिंचास ने कहा कि विश्व अर्थव्यवस्था को एक और बड़ा झटका लगने वाला है, खासकर अगर संघर्ष जारी रहता है।
आईएमएफ ने सरकारों को बड़े पैमाने पर, अनियोजित खर्च करने के खिलाफ चेतावनी भी दी और कहा कि सहायता अस्थायी और लक्षित होनी चाहिए क्योंकि मुद्रास्फीति अभी भी अधिक है और सार्वजनिक ऋण पहले से ही काफी ऊंचा है।

गुरुवार से कासगंज के लिए चलेगी बरेली इंटरसिटी

Moradabad Samachar

मुरादाबाद समाचार

*गुरुवार से कासगंज के लिए चलेगी बरेली-नई दिल्ली इंटरसिटी*

-नई दिल्ली से कासगंज के लिए ट्रेन का पहला फेरा
-जोन बदलने से बरेली-नई दिल्ली इंटरसिटी का ट्रेन नंबर भी बदलेगा

Post on 15.4.26
Wednesday Moradabad
Rajesh Bhatia , Northern Railway News, DRM
मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
बदायूं के यात्रियों को नई दिल्ली तक अब सीधी रेल सेवा मिलेगी।नई दिल्ली से गुरुवार को ट्रेन बदायूं होते हुए कासगंज तक जाएगी। इसी के साथ ही बरेली-कासगंज कनेक्टिविटी की शुरुआत हो जाएगी।
बदायूं से दिल्ली के बीच रेल सेवा शुरू करने की मांग अर्से से चलीं आरही थी। बदायूं व अन्य स्टेशनों के बीच लंबे समय से सीधी कनेक्टिविटी के की मांग की जा रहीं हैं। लोगों को रेल सेवा की सुविधा मुहैया कराने के मंथन हुआ। इसके मद्देनजर बरेली से बदायूं, कासगंज की नई रेललाइन शुरू होने के बाद कनेक्टिविटी की संभावनाओं पर विचार हुआ। रेल मुख्यालय ने बरेली-नई दिल्ली इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन के विस्तार का रास्ता अब साफ हुआ।
गुरुवार से नई दिल्ली से कासगंज के लिए ट्रेन रवाना होगी। ट्रेन बरेली तक अपने निर्धारित टाइमटेबल के अनुसार
ही चलेगी। इसके बाद बरेली से कासगंज तक आवाजाही के लिए टाइम टेबल को हरी झंडी दी गई है।
सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता के अनुसार नई दिल्ली से बरेली होकर ट्रेन-14316 का पहला ट्रिप होगा। बरेली सेरात 10 बजे चलकर ट्रेन बदायूं, उझानी, सोरों शूकर क्षेत्र से कासगंज जाएगी।कासगंज में रात 12.10 बजे पहुंचने का समय निर्धारित किया गया है।
इसीतरह कासगंज से 17 अप्रैल को ट्रेन तड़के 2.50 बजे चल कर सोरों शूकर क्षेत्र,उझानी, बदायूं पहुंचेगी। बदायूं से सुबह 3.55 बजे चलकर बरेली 4.45 बजे आएगी। बरेली से 4.55 बजे नई दिल्ली के लिए शेड्यूल टाइम टेबल से चलेगी।

*20 मई से इंटरसिटी का नंबर होगा 15303 -04*

मुरादाबाद में रेल प्रशासन का कहना है कि एनईआर के क्षेत्र
कासगंज तक विस्तार के बाद 20 मई से ट्रेन नंबर भी बदल जाएगा।अभी 14315-16 नंबर से संचालित ट्रेन का नया नंबर 15303-04 होगा।

टीईटी के विरोध में मथुरा में शिक्षकों का विशाल मशाल जुलूस

Posted on 15.04.2026, Time 07.02 PM Wednesday, Mathura Vrandavan News
मथुरा। टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) लागू करने के विरोध में मथुरा में अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ इकाई के बैनर तले हजारों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विशाल मशाल जुलूस निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया। जुलूस टैंक चौराहे से शुरू होकर विकास बाजार स्थित गांधी मूर्ति तक पहुंचा, जहां सभा आयोजित की गई।
जुलूस में प्राथमिक, बेसिक और माध्यमिक शिक्षा से जुड़े शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। हाथों में मशाल लिए प्रदर्शनकारियों ने टीईटी विरोधी नारे लगाए और सरकार के फैसले को शिक्षकों के अधिकारों के खिलाफ बताया।
सभा को संबोधित करते हुए महासंघ के जिला संरक्षक योगराज चाहर, प्रांतीय संयुक्त मंत्री टीएससीटी एवं शैलेंद्र यादव ने कहा कि टीईटी लागू करना शिक्षकों के अधिकारों का हनन है। अटेवा की जिलाध्यक्ष प्रदीपिका फौजदार और चेतना सीमा सारस्वत ने कहा कि इस निर्णय से महिला शिक्षकों सहित सभी वर्ग प्रभावित होंगे।
वक्ताओं में मुनीश चौधरी, राजेंद्र चौधरी और गोविंद सिंह चौहान ने इसे शिक्षकों की अस्मिता और भविष्य की लड़ाई बताया। एससी/एसटी बेसिक शिक्षक एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अशोक प्रिय और सुरेशचंद ने कहा कि यह निर्णय कमजोर वर्ग के युवाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालेगा।
नरेंद्र चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसान यूनियन शिक्षक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि इस मुद्दे पर किसान और शिक्षक एकजुट हैं। मीडिया प्रभारी मनीष दयाल ने इसे शिक्षकों पर जबरन थोपा गया अन्यायपूर्ण निर्णय बताया।
हजारों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने थामी मशाल, टीईटी से मुक्ति की मांग
मथुरा में आरटीई लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त करने की मांग को लेकर भी व्यापक प्रदर्शन किया गया। महासंघ के प्रांतीय आह्वान पर सेठ बीएन पोद्दार इंटर कॉलेज से होलीगेट तक मशाल जुलूस निकाला गया।
इस दौरान जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, प्राथमिक शिक्षक संघ, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, महिला शिक्षक मोर्चा, एससी/एसटी बेसिक शिक्षक महासभा, उर्दू बीटीसी शिक्षक संघ, यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) सहित कई संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
सभा को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य परिषद के जिलाध्यक्ष डॉ. अजयकृष्ण सारस्वत और जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र सारस्वत ने टीईटी अनिवार्यता को असंवैधानिक और गैर-मानवीय बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक इस कानून को निरस्त कराकर ही दम लेंगे।
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अतुल सारस्वत और विशिष्ट बीटीसी शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रविन्द्र चौधरी ने कहा कि शिक्षकों की एकता के आगे सरकार को झुकना पड़ेगा।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष लोकेश गोस्वामी ने सभी प्रदर्शनकारियों का आभार जताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं और एक स्वर में सरकार से टीईटी लागू करने के निर्णय को वापस लेने की मांग की।

सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री बने, ली शपथ

Posted on 15.03.2026 Time 06.38 PM , Patna, Bihar News

पटना, 15 अप्रैल, 2026, भाजपा के पहले मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी ने आज शपथ ली। उन्हें राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद आता हुसैन ने शपथ दिलाई।

सम्राट चौधरी के साथ ही दो उप मुख्यमंत्री ने भी शपथ ली। दोनों उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी और बृजेश यादव जदयू कोटे से हैं। भाजपा से कोई मंत्री नहीं बना है। अनुमान है कि शीघ्र मंत्रिपरिषद के नए नाम तय करके शपथ ग्रहण समारोह संपन्न कराया जाएगा।

Patna, April 15, 2026, Samrat Chaudhary was sworn in today as the first BJP Chief Minister. He was administered the oath of office by Governor Lieutenant General Syed Ata Hussain. Along with Samrat Chaudhary, two Deputy Chief Ministers were also sworn in. Both Deputy Chief Ministers Vijay Chaudhary and Brijesh Yadav are from the JDU quota. No minister has been made from the BJP. It is expected that the swearing-in ceremony will be held soon with the new names of the council of ministers being decided.

श्रमिक के उग्र व्यवहार पर एजेंसी पर होगी कार्रवाई: डीएम मेघा रूपम

डीएम गौतमबुद्धनगर की अध्यक्षता में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों की आउटसोर्सिंग एजेंसी/संविदाकारों की बैठक

कार्मिक या श्रमिक के उपद्रवी व्यवहार पर संबंधित एजेंसी होगी ब्लैक लिस्ट, की जाएगी लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई

समस्त संविदाकार शासन की गाइडलाइंस के अनुसार निर्धारित वेतन देना करें सुनिश्चित

राज्य सरकार श्रमिकों एवं नियोजकों दोनों के हितों की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध

गौतमबुद्धनगर, 15 अप्रैल। जनपद में शासन की गाइडलाइंस का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने एवं औद्योगिक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों की आउटसोर्सिंग एजेंसी/संविदाकारों के साथ बैठक सम्पन्न हुई।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि आउटसोर्सिंग एजेंसी/संविदाकार उद्योग को चलाने तथा लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में सभी आउटसोर्सिंग एजेंसी/संविदाकारों की जिम्मेदारी है कि वे अपने कार्मिकों व श्रमिकों समेत शांति व्यवस्था बनाए रखें।

डीएम ने निर्देश दिया कि सभी संविदाकार शासन की गाइडलाइंस का शत प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें। अगर किसी भी एजेंसी द्वारा या एजेंसी के कार्मिक/श्रमिक द्वारा उपद्रवी व्यवहार किया जाएगा तो उसकी जिम्मेदारी एजेंसी की भी होगी। ऐसे में उस एजेंसी को ब्लैक लिस्ट करते हुए एजेंसी का लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है ।

जिलाधिकारी ने राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन का उल्लेख करते हुए बताया कि अकुशल श्रमिक के लिए 13,690, अर्धकुशल श्रमिक के लिए 15,059 तथा कुशल श्रमिक के लिए 16,868 रुपए प्रतिमाह वेतन निर्धारित किया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संविदाकार इन वेतन मानकों का पूर्ण रूप से अनुपालन सुनिश्चित करें एवं श्रमिक के बैंक खातों में पूर्ण वेतन हस्तांतरित करें। किसी भी प्रकार के नियमों का उलंघन व श्रमिकों का शोषण करने पर सख्त कार्रवाई होगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि उद्योग, श्रमिक एवं नियोजक तीनों एक-दूसरे के पूरक हैं। उद्योगों का सुचारु संचालन रोजगार के अवसरों को सुरक्षित रखता है, वहीं नियोजकों की स्थिरता से श्रमिकों का भविष्य भी सुनिश्चित होता है। यदि औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं, तो इसका प्रतिकूल प्रभाव सभी पक्षों के साथ-साथ प्रदेश के समग्र विकास पर पड़ता है।

डीएम ने सभी से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें और औद्योगिक शांति बनाए रखते हुए आपसी सहयोग एवं विश्वास के साथ कार्य करें। जिलाधिकारी ने यह भी आश्वस्त किया कि राज्य सरकार श्रमिकों एवं नियोजकों दोनों के हितों की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और किसी भी समस्या के समाधान हेतु प्रशासन तत्परता से कार्य करेगा।

बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व अतुल कुमार, डीडी फैक्ट्री बृजेश, संबंधित विभागों के अधिकारीगण एवं विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के संविदाकार उपस्थित रहे।

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