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मुलायम सिंह के बेटे प्रतीक यादव की संदिग्ध परिस्थिति में मृत्यु

May 13, 2026

मुलायम सिंह के बेटे प्रतीक यादव की संदिग्ध परिस्थिति में मृत्यु

Posted News on Date 13.05.2026 Wednesday, Time 08.34 AM, Lucknow

Prateek Yadav is no more, deadbody found in kichen

लखनऊ, 13 मई 2026 (UP Samachar Sewa), पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सौतेले भाई और मुलायम सिंह के पुत्र, महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव (38) का आज सुबह निधन हो गया। उन्हें सुबह 6 बजे गंभीर हालत में सिविल अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने जांच कर मृत घोषित कर दिया। उनकी मृत्यु संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है।

Prateek and Aparna yadav Prateek and Aparna yadav

उप्र समाचार सेवा को मिली जानकारी के अनुसार प्रतीक यादव अपने आवास के किचन में सुबह बेहोश मिले थे। उन्हें सिविल अस्पताल लाया गया, जहां पहुंचने से पहले ही उनकी मृत्यु हो चुकी थी। प्रतीक यादव के निधन पर समाजवादी पार्टी ने एक्स पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। और शोक व्यक्त किया है।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी स्व प्रतीक यादव के निधन पर शोक व्यक्त किया है। प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहते थे। उन्हें जिम का शोक था, वे व्यवसाई थे। उनके निधन से मुलायम सिंह के परिवार और समाजवादी पार्टी में शोक की लहर दौड़ गई है।

May 12, 2026

नीम के पेड़ पर युवक का शव मिलने से सनसनी

हाथरस।मुरसान कोतवाली क्षेत्र के पटैनी चौराहे के पास खेत में खड़े नीम के पेड़ से एक युवक का शव लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।मृतक की पहचान गांव बमनई निवासी 22 वर्षीय आकाश पुत्र नेत्रपाल के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार आकाश राजस्थान में बर्तन बेचने का काम करता था और घर लौटने की बात कहकर निकला था, लेकिन देर रात तक घर नहीं पहुंचा। बाद में उसका शव पेड़ से लटका मिला, जबकि उसकी मोटरसाइकिल पास में खड़ी थी।परिजनों ने हत्या कर शव लटकाने की आशंका जताई है। उनका कहना है कि युवक की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। बताया गया कि अगले महीने उसकी शादी होने वाली थी और घर में तैयारियां चल रही थीं। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

ऑपरेशन दहन के तहत पुलिस ने करोड़ों के मादक पदार्थ किए नष्ट

मैनपुरी। उत्तर प्रदेश शासन एवं पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर चलाये जा रहे “ऑपरेशन दहन” अभियान के अंतर्गत जनपद पुलिस द्वारा मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में जब्त मादक पदार्थों का विधिवत निस्तारण किया गया। यह कार्रवाई थाना कोतवाली, दन्नाहार एवं थाना घिरोर पुलिस द्वारा संयुक्त रुप से की गई।
क्षेत्राधिकारी नगर संतोष कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने कुल 129 अभियोगों से संबंधित लगभग 1472.436 किलोग्राम मादक पदार्थों को नष्ट किया। इनमें गांजा 1458.123 किलोग्राम, स्मैक 270 ग्राम, चरस 1257 ग्राम, डोडा 8.575 किलोग्राम, डायजापाम 3.596 किलोग्राम तथा हेरोइन 615 ग्राम शामिल है। इन मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत लगभग 10 करोड़ 68 लाख रुपये से अधिक बताई गई है। पुलिस विभाग के अनुसार न्यायालय के आदेशानुसार जब्त किए गए इन अवैध मादक पदार्थों का सुरक्षित निस्तारण ग्रीन हाउस वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड, ज्योति रोड, घिरोर में निर्धारित मानकों के अनुरुप किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण एवं सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया। सम्पूर्ण प्रक्रिया नगर क्षेत्राधिकारी संतोष कुमार सिंह व डीसीआरबी प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार एवं गठित डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में पारदर्शिता के साथ संम्पन्न्न कराई गई। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि जनपद में नशे के अवैध कारोबार को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा तथा भविष्य में भी इस प्रकार की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

हत्या के 45 दिन बाद भी औंछा पुलिस ने नहीं लिखा मुकदमा, भटक रहा परिवार

मैनपुरी। थाना औंछा क्षेत्र के ग्राम नगला कंचन निवासी एक परिवार ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उनके पुत्र गौरव कुमार की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना को करीब 45 दिन बीत चुके हैं, लेकिन आज तक पुलिस ने मामले में रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की है। परिजन लगातार हत्या का आरोप लगा रहे हैं और न्याय की मांग को लेकर अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।
पीड़ित पिता द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया गया कि उनका पुत्र गौरव कुमार नगला दुर्जन स्थित श्रीजी पेट्रोल पंप पर सेल्समैन का काम करता था। आरोप है कि होली के दिन 4 मार्च 2026 को दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार लोग पेट्रोल डलवाने पहुंचे थे। पेट्रोल भरवाने के बाद जब गौरव ने पैसे मांगे तो आरोपियों ने तमंचा निकालकर उसकी कनपटी पर लगा दिया और जान से मारने की धमकी दी। बताया गया कि उस समय गौरव ने चौकी पुलिस बुलाकर चारों लोगों को पकड़वा दिया था, जिसका वीडियो भी परिवार के पास मौजूद है।
परिजनों का आरोप है कि इसी घटना की रंजिश में 27 मार्च 2026 की सुबह करीब साढ़े पांच बजे गौरव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया गया कि घटना के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के उद्देश्य से उसका मोबाइल फोन भी पानी से भरे गड्ढे में फेंक दिया था। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फायर आर्म इंजरी से मौत की पुष्टि होने का दावा परिवार कर रहा है।
परिवार का कहना है कि हत्या जैसे गंभीर मामले में पुलिस को तत्काल मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन डेढ़ महीने बीत जाने के बाद भी अब तक न तो रिपोर्ट दर्ज हुई और न ही किसी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गई। पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर इतने गंभीर मामले को लगातार क्यों टाला जा रहा है।
अब परिवार ने पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा से मामले में  मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच करा कर परिवार की सुरक्षा की मांग की है।

मासूम पर मौत बनकर गिरा आश्रम का गेट

मैनपुरी। शहर के खरगजीत नगर मोहल्ले में रविवार रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। पिता के साथ ऋषि आश्रम घूमने गए पांच वर्षीय मासूम आरव उर्फ शनी की लोहे का भारी गेट गिरने से मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार सदर कोतवाली क्षेत्र के खरगजीत नगर निवासी शिव कुमार स्वास्थ्य विभाग में संविदाकर्मी हैं। वह अपने बेटे आरव को साथ लेकर पास स्थित ऋषि आश्रम गए थे। आश्रम परिसर में कई बच्चे खेल रहे थे और आरव भी खेलते-खेलते अहाते में लगे लोहे के गेट के पास पहुंच गया। इसी दौरान अचानक भारी लोहे का गेट पिलर समेत मासूम के ऊपर पलट गया। बेटे की चीख सुनते ही पिता शिव कुमार दौड़ पड़े। आश्रम में मौजूद लोगों की मदद से किसी तरह गेट हटाकर बच्चे को बाहर निकाला गया। आनन-फानन में परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। घर पहुंचते ही मोहल्ले में भी मातम पसर गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल था, जबकि पिता सदमे में दिखाई दिए। घटना की सूचना मिलने के बाद शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई।
मृतक के पिता शिव कुमार ने हादसे के पीछे निर्माण में लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि गेट को सही तरीके से नहीं लगाया गया था। गेट में मजबूत पिलर और सरिया का इस्तेमाल नहीं किया गया था, बल्कि सिर्फ ईंट और सीमेंट के सहारे उसे खड़ा कर दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार की लापरवाही की वजह से उनके बेटे की जान चली गई।
परिजनों का कहना है कि अगर गेट मजबूत तरीके से लगाया गया होता तो यह हादसा नहीं होता। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा मानकों की जांच कराने की मांग उठाई है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और परिजनों के आरोपों के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है
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