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पर्यटन मंत्री ने निर्माणाधीन संग्रहालयों, स्मारकों तथा वृहद परियोजनाओं के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की

January 13, 2026

पर्यटन मंत्री ने निर्माणाधीन संग्रहालयों, स्मारकों तथा वृहद परियोजनाओं के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की

उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह विभागीय परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए

  • सभी निर्माण कार्यों को समयबद्धता से पूरा किया जाए-जयवीर सिंह

लखनऊ: 13 जनवरी, 2026, प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने आज पर्यटन भवन सभागार में विभाग की प्रमुख और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान उन्होंने फिरोजाबाद में निर्माणाधीन ग्लास म्यूजियम, कल्चरल सेंटर मैनपुरी, आर्य गुरुकुल म्यूजियम और सामौर बाबा मंदिर कॉम्प्लेक्स, फिरोजाबाद के विकास की रूपरेखा का गहन अवलोकन एवं योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की।
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि फिरोजाबाद में 47 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि से निर्माणाधीन ग्लास म्यूजियम के करीब 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। मेक इन इंडिया के तहत बन रहा यह अपनी तरह का देश का पहला ग्लास म्यूजियम होगा, जिसमें हड़प्पा से लेकर यूरोपीय एवं अन्य देशों तक फिरोजाबाद के कांच की पहुंच के इतिहास को दर्शाया जाएगा। म्यूजियम में एआर/वीआर जोन, संस्कृति से संबंधित जानकारी एवं लाइब्रेरी आगंतुकों का ध्यान आकर्षित करेंगे। मंत्री ने स्पष्ट कहा, बदलाव का स्वागत है लेकिन सुरक्षा में किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पर्यटन मंत्री के समक्ष प्रस्तुतिकरण के माध्यम से ग्लास म्यूजियम के भव्य और आधुनिक आंतरिक स्वरूप की विस्तृत जानकारी दी गई। अंतरराष्ट्रीय मानकों पर विकसित हो रहे इस तीन मंज़िला म्यूजियम में एक ही छत के नीचे शहर की विरासत, कला और शिल्प को जीवंत रूप में प्रदर्शित करने की परिकल्पना की गई है। म्यूजियम में शहर के इतिहास से परिचय कराने वाली गैलरी के साथ-साथ प्रोडक्ट गैलरी, डिजिटल गैलरी, सोविनियर गैलरी एवं अन्य अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। मंत्री जी ने गैलरियों में ब्रज, वृंदावन, नीम करौरी, बटेश्वर और रपड़ी जैसे सांस्कृतिक-धार्मिक स्थलों के कलात्मक चित्रण को भी सम्मिलित करने का सुझाव दिया।
फिरोजाबाद की वैश्विक पहचान बन चुकी चूड़ियों सहित ग्लास की कटाई, जरी, डिज़ाइन और सामग्री निर्माण की पूरी प्रक्रिया को इस म्यूजियम में भव्यता से प्रस्तुत किया जाएगा। आगंतुकों के लिए लाइव ग्लास ब्लोइंग का अनुभव भी आकर्षण का केंद्र होगा, जहां शिल्पकारों की कला को सजीव देखा जा सकेगा। म्यूजियम में उपलब्ध सभी जानकारियां हिंदी और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं में प्रदर्शित की जाएंगी, जिससे देश-विदेश के पर्यटक इस अनूठी विरासत से सहज रूप से जुड़ सकें। आगंतुक फ्लिप बुक जोन में जहां अपनी पसंद की सामग्री देख-पढ़ सकेंगे वहीं बच्चों के लिए इंटरेक्टिव जोन भी होगा। बारकोड स्कैन के माध्यम से म्यूजियम से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
मंत्री जयवीर सिंह ने मैनपुरी में निर्माणाधीन कल्चरल सेंटर के डिजाइन एवं क्यूरेशन प्रगति की रिपोर्ट ली। संस्कृति मंत्री को बताया गया कि कल्चरल सेंटर मैनपुरी में राजा तेज सिंह से जुड़े इतिहास, मैनपुरी का नाम, ऋषियों की भूमि, 800 लोगों की क्षमता वाले ऑडिटोरियम, एंट्रेंस गैलरी, एग्जीबिशन हॉल, सोविनियर स्टॉल, वाच टावर एवं रिसेप्शन आदि की व्यवस्था होगी। सेंटर में विभिन्न गैलरी के माध्यम से आस्था के आयाम, वीरों की भूमि, मैनपुरी की कला-संस्कृति, राजपूत राजाओं के शासन के दौर का इतिहास, पक्षी विहार, तारकशी के इतिहास से रूबरू कराया जाएगा। महाभारत काल और पांचाल के इतिहास को डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से दिखाया जाएगा। सेंटर में होलोग्राफिक प्रोजेक्शन के माध्यम से जैन, बुद्ध और हिंदू से जुड़े स्थलों को प्रदर्शित किया जाएगा। पर्यटन मंत्री ने विशेषकर बच्चों के लिए एआर/वीआर माध्यम के इस्तेमाल का सुझाव दिया।
पर्यटन विभाग द्वारा विकसित किए जा रहे आर्य गुरुकुल म्यूजियम को लेकर मंत्री ने प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह म्यूजियम आर्य समाज की गौरवशाली परंपरा और उससे जुड़ी महान विभूतियों के जीवन, विचार और योगदान को आधुनिक तकनीक के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने का एक अभिनव केंद्र होगा। यहां इतिहास को लिखित एवं वीडियो वॉल के जरिए जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, वेदों का अध्ययन डिजिटल माध्यम से संभव होगा। साथ ही, लाइब्रेरी और एआर/वीआर आधारित नवीन प्रयोग दर्शकों को एक अनूठा अनुभव प्रदान करेंगे। इसके अलावा, सामौर बाबा मंदिर कॉम्प्लेक्स के विकास की भी समीक्षा हुई। मंत्री कि मंदिर परिसर में बहुतायत पर्यटकों का आगमन हो रहा है, जिसे देखते हुए वोटिंग की सुविधा, वाटर फाउंटेन, पार्किंग, साइनेज आदि का विकास किया जा रहा है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि हमारा उद्देश्य भावी पीढ़ी के समक्ष प्रदेश के गौरवशाली और विस्तृत इतिहास को जीवंत रूप में प्रस्तुत करना है। आधुनिकता, तकनीक और नवाचार के प्रभावी उपयोग के माध्यम से हम विरासत को केवल संरक्षित ही नहीं, बल्कि उसे नई पीढ़ी की सोच, समझ और संवेदनाओं से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।
बैठक में पर्यटन महानिदेशक डॉ० वेदपति मिश्रा, यूपीएसटीडीसी के एमडी आशीष कुमार, पर्यटन मंत्री के सलाहकार जेपी सिंह, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अंजू चौधरी एवं संस्कृति विभाग के अधिकारी सहित अन्य मौजूद रहे।

स्थानीय अधिकारियों से समन्वय स्थापित करें एनएचएआई अधिकारी

  • मुख्यमंत्री ने एनएचएआई की सड़क परियोजनाआें की समीक्षा की
  • एन0एच0ए0आई0 के स्थानीय अधिकारियों एवं जिला प्रशासनके बीच बेहतर, सतत् और प्रभावी समन्वय स्थापित करने के निर्देश
  • एन0एच0ए0आई0 परियोजनाओं की मुख्य सचिव पाक्षिकतथा जिलाधिकारी साप्ताहिक समीक्षा करें
  • भूमि अधिग्रहण के सम्बन्ध में सीधे किसानों से संवाद स्थापित किया जाए,किसी भी स्थिति में बिचौलियों को हस्तक्षेप का अवसर न मिले

लखनऊ,  12 जनवरी, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की प्रदेश में संचालित एवं प्रस्तावित विभिन्न सड़क परियोजनाआें की समीक्षा की। उन्होंने एनएचएआई के स्थानीय अधिकारियों एवं जिला प्रशासन के बीच बेहतर, सतत् और प्रभावी समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क परियोजनाएं प्रदेश के आर्थिक विकास, औद्योगिक विस्तार और आमजन की सुविधा से सीधे जुड़ी हैं। अतः सभी कार्य गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाएं, जिससे उत्तर प्रदेश में सुदृढ़ कनेक्टिविटी के माध्यम से विकास को नई गति मिल सके।
उन्होंने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेन्ट प्रदेश की अनिवार्य आवश्यकता है, किन्तु यह पर्यावरण की कीमत पर नहीं हो सकता। इस वर्ष प्रदेश में 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार की नीति है कि किसी भी परियोजना में अपरिहार्य स्थिति में ही वृक्षों की कटान की जाए और जितने वृक्ष कटें, उससे अधिक संख्या में पौधरोपण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए, ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बना रहे।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद के जिलाधिकारी एनएचएआई परियोजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा करें। जहां भी किसी स्तर पर कोई विषय लम्बित हो, उसे मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत कर समयबद्ध निस्तारण किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मुख्य सचिव स्वयं इन परियोजनाओं की पाक्षिक समीक्षा करें, जिससे कार्यों में अनावश्यक विलम्ब न हो और निर्णय शीघ्रता से लिए जा सकें।
मुख्यमंत्री ने भूमि अधिग्रहण से सम्बन्धित विषयों पर स्पष्ट निर्देश दिए कि सीधे किसानों से संवाद स्थापित किया जाए। किसी भी स्थिति में बिचौलियों को हस्तक्षेप का अवसर न मिले, ताकि किसानों के हित सुरक्षित रहें और परियोजनाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ें।

 

हरिद्वार में विवेकानंद जयंती पर स्वदेशी संकल्प दौड़

हरिद्वार। ग्रामीण विधानसभा के फेरूपुर रामखेड़ा के डिग्री कॉलेज में स्वामी विवेकानंद की 164वीं जयंती के अवसर पर स्वदेशी संकल्प दौड़ का आयोजन किया गया संकल्प दौड़ का शुभारंभ भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा जिला ,उपाध्यक्ष लव शर्मा, जगपाल सैनी ,धर्मेंद्र चौहान और विक्रम भुल्लर ने झंडी दिखाकर किया।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कहा स्वामी विवेकानंद ने कहा कि उठो जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए। ऐसे महान व्यक्तित्व की जन्म जयंती के अवसर पर हम सब युवाओं को संकल्प लेना है कि विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए निरंतर कार्य करना है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मस्तक ऊंचा किया है। उनकी शिक्षाएं युवाओं को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देती है। युवाओं के कंधों पर इस देश का भविष्य टिका है उन्हें मानसिक रूप से मजबूत होकर देश सेवा में लगना चाहिए।
इस अवसर पर युवा मोर्चा प्रभारी लव शर्मा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अमेरिका स्थित शिकागो में सन 1893 आयोजित विश्व धर्म संसद में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी जो आज भी देश सेवा में लगा हुआ है। स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को हुआ था बचपन में उन्हें नरेंद्र नाथ के नाम से जानते थे। आज उनकी जयंती को मनाने का मकसद नौजवान उनके प्रेरणादायक विचारों और आदर्शों से परिचित हो और उनके बताएं मार्ग पर चलें।
इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष किसान मोर्चा जगपाल सैनी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी सभी युवाओं को शिक्षा और खेल से जुड़कर देश सेवा करनी चाहिए उन्हें नशा और बुराइयों से बचना चाहिए। आज हमारे देश में सबसे ज्यादा युवा है। युवा हमारे देश की पूंजी है। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा, जिला महामंत्री हीरा सिंह बिष्ट, जिला उपाध्यक्ष लव शर्मा, जिला मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र चौहान,किसान मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष जगपाल सैनी , प्रदेश उपाध्यक्ष विक्रम भुललर, प्रदेश मंत्री तरुण चौहानजिला महामंत्री दीपांशु शर्मा,कार्यक्रम संयोजक सचिन चौहान,सहसंयोजक चीनू नितीश चौधरी,जिला मंत्री लेखराज, प्रियांशु गोयल ,मंडल अध्यक्ष विवेक चौहान,रीनू चौधरी,मोहित चौहान,श्रवण चौहान दीपक सैनी जी, आदर्श कश्यप,सचिन आर्य, राहुल चौहान,विनीत प्रताप सिंह,राजु पाल,बीरसिंह कश्यप सैकड़ो युवा सम्मिलित हुए।

एटा में पाले ने छीनी किसानों की खुशी, हज़ारों एकड़ मटर की फसल तबाह

पाले से एटा में मटर की फसल को नुकसान

एटा 13 जनवरी उप्रससे। जनपद में पड़ रहे भीषण पाले ने किसानों की वर्षों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। जिससे उनकी खुशियां निराशा में बदल गई। जनपद में हज़ारों एकड़ में खड़ी मटर की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। खेतों में लहलहाती फसल सुबह देखते ही देखते सफेद पाले की चादर में ढककर बर्बाद हो चुकी थी।

किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर मटर की खेती की थी। बीज, खाद, सिंचाई और दवाइयों पर भारी खर्च किया गया, लेकिन पड़ रहे पाला से सब कुछ तबाह हो गया। अब हालात ऐसे हैं कि कर्ज कैसे चुकाएं और परिवार का पेट कैसे पालें, यही सबसे बड़ा सवाल बन गया है।
पीड़ित किसानों ने बताया कि मटर की फसल बेहद शानदार थी और अच्छी पैदावार की पूरी उम्मीद थी। लेकिन पाले ने फसल को इस कदर झुलसा दिया कि अब खेतों में केवल सूखी और काली पड़ी फसल ही दिखाई दे रही है। कई किसान खेतों में खड़े होकर रोते नजर आए, जिनकी आंखों में बेबसी और चिंता साफ झलक रही थी। किसानों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनकी इस प्राकृतिक आपदा में आर्थिक सहायता और मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके और वे दोबारा खेती करने की हिम्मत जुटा सकें।

तहसीलदार सदर नीरज वार्ष्णेय ने बताया कि पाले से हुए नुकसान को लेकर क्षेत्र के लेखपालों को सर्वे के लिए भेजा गया है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई कर शासन को अवगत कराया जाएगा।

हालांकि, किसानों का कहना है कि सर्वे के साथ-साथ तत्काल राहत भी जरूरी है, क्योंकि उनके सामने अब जीवन यापन का संकट खड़ा हो गया है। पाले की इस मार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्रकृति की मार से अन्नदाता किस कदर टूट जाता है।

January 12, 2026

भागवत कथा के चौथे दिन मनाया गया भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव

बलदेव (मथुरा), 12 जनवरी 2026, नीलकंठ आश्रम जुगसना पर चल रही श्रीमद भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया।इस दौरान कथा पंडाल में प्रसिद्ध भजन ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ पर सभी श्रद्धालु काफी देर तक झूमते व थिरकते रहे।श्रीकृष्ण-जन्मोत्सव कार्यक्रम को लेकर कथा पंडाल को गुब्बारे व फूल-मालाओं से आकर्षक ढंग से सजाया गया था।
भागवत प्रवक्ता आचार्य हरीश कौशिक महाराज Acharya Harish kaushik Maharaj ने प्रवचन के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन कर धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष की महत्ता पर व्याख्यान किया। उन्होंने कहा कि जब-जब अत्याचार, अनाचार व अन्याय बढा है, तब-तब प्रभु का अवतार होता है। अत्याचार को समाप्त कर धर्म की स्थापना को लेकर ही प्रभु का अलग-अलग रूपों में अवतार होता है। जब कंस ने सभी मर्यादाएं तोड दी, तो प्रभु श्रीकृष्ण का जन्म हुआ।
कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के बाल-रूप की झांकी देख सभी श्रद्धालु जयकारा लगाते हुए नृत्य करने लगे। इस अवसर पर  आचार्य मनीष गर्गाचार्य,सुजीत वर्मा, परीक्षित वीरेंद्र सिंह बाबा लक्ष्मण दास , पप्पू चौधरी, पूरन चंद अग्रवाल , आचार्य धीरज , दीपचंद कौशिक , राजेंद्र प्रसाद , जयंती प्रसाद, नेत्रपाल प्रधान , सत्यवीर चौधरी, मोती प्रधान , ब्रजमोहन शर्मा , नीलकंठ बाबा, किशन दासी, डाक्टर चोभ सिंह, जगवीर सिंह डीलर ,कृष्णवीर प्रधान, शिवकुमार चौधरी , शंकर लाल मास्टर आदि भगवत प्रेमी उपस्थित रहे।
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