Web News

www.upwebnews.com

भाजपा नेता विंध्यवासिनी कुमार नहीं रहे

February 13, 2026

भाजपा नेता विंध्यवासिनी कुमार नहीं रहे

UP Web Newsलखनऊ, 13 फरवरी 2026, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता विंध्यवासिनी कुमार नहीं रहे। उन्होंने गुरुवार को अंतिम सांस ली। वे कभी समय से अस्वस्थ थे।

विंध्यवासिनी कुमार भाजपा के प्रदेश महामंत्री और विधान परिषद के सदस्य रहे। वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्णकालिक प्रचारक रहे थे। छात्र राजनीति में उन्होंने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। वे जे पी मूवमेंट भी सक्रिय रहे। उसके बाद राजनीति में आ गए।

उनके निधन पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी, महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह, विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने शोक व्यक्त किया है।

ध्यान, प्रेम और करुणा की त्रिवेणी में प्रवाहित हुआ रामचन्द्र मिशन आश्रम

शाहजहांपुर में बसंत उत्सव–2026 का शुभारंभ

Dada Ji D Patel, Ramchandra Mission

ध्यान करते दादा जी

Posted on 13.02.2026 Time 06.29 Friday, Shahjahanpur, Ramchandra Mission, Meditation, DADA ji, Dhyan Sadhana

शाहजहांपुर। श्री राम चन्द्र मिशन के अध्यक्ष एवं हार्टफुलनेस मेडीटेशन के मार्गदर्शक पूज्य गुरुदेव कमलेश डी. पटेल ‘दाजी’ के सान्निध्य और मार्गदर्शन में राम चन्द्र मिशन आश्रम की पुण्य धरा पर आज बीस दिवसीय बसंत उत्सव–2026 का शुभारंभ पूर्ण दिव्यता, भव्यता और आध्यात्मिक उल्लास के अनुपम वातावरण में हुआ। प्रातःकालीन साधना से प्रारंभ हुआ यह महोत्सव मानो साधकों की चेतना को नवप्रकाश से आलोकित करने का विराट यज्ञ बन गया। देश–विदेश से आये हजारों अभ्यासियों ने एकात्म भाव से सामूहिक ध्यान-साधना कर मानव कल्याण और विश्व शांति के लिए मंगल कामना कीं।

Ramchandra Mission Shahjahanpur

Ramchandra मिशन

उत्सव का शुभारंभ सुबह के ध्यान सत्र के साथ हुआ, जिसमें वातावरण शांति, श्रद्धा और साधना की दिव्य तरंगों से गुंजायमान हो उठा। इस पावन अवसर पर श्री राम चन्द्र मिशन के अध्यक्ष एवं हार्टफुलनेस मेडीटेशन के वैश्विक मार्गदर्शक पूज्य गुरुदेव कमलेश डी. पटेल ‘दाजी’ ने अपने प्रेरक संदेश में बसंत पंचमी के आध्यात्मिक रहस्य को उद्घाटित करते हुए कहा कि बसंत केवल ऋतु परिवर्तन का संकेत नहीं, बल्कि चेतना के नवीकरण का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि सहज मार्ग के साधकों के लिए बसंत पंचमी केवल प्राकृतिक उल्लास का पर्व नहीं, बल्कि एक दिव्य स्मृति और चेतना का उत्सव है। इसी पावन तिथि को दिव्य प्रकाश ने पृथ्वी पर अवतरण का संकल्प लिया था। वर्ष 1873 की बसंत पंचमी को फतेहगढ़ में एक ऐसी महान आत्मा का अवतरण हुआ, जिसने मानवता की आध्यात्मिक यात्रा को नवीन दिशा प्रदान की। वही महापुरुष आगे चलकर ‘लालाजी महाराज’ के नाम से विख्यात हुए। संसार उस समय उनके महत्त्व से अनभिज्ञ था, क्योंकि महान आत्माएं प्रायः बिना किसी उद्घोष के सामान्य मानव रूप में प्रकट होती हैं। परंतु प्रकृति ने उस दिवस मानव जाति को मौन वचन दिया था कि चेतना का पुनरुत्थान एक नई ज्योति के रूप में प्रकट होगा।
दाजी ने कहा कि लालाजी महाराज के माध्यम से मानवता को एक विस्मृत आध्यात्मिक धरोहर प्राणाहुति का पवित्र विज्ञान पुनः प्राप्त हुआ, जिसे ‘प्राणस्य प्राणः’, अर्थात जीवन के मूल तत्व का संचार कहा गया है। यह सूक्ष्म, गूढ़ और दिव्य विद्या मानव अंतःकरण में ईश्वरीय चेतना के संचार का माध्यम बनी। उन्होंने उल्लेख किया कि यह परंपरा सर्वप्रथम अयोध्या में भगवान श्रीरामचन्द्र से तिहत्तर पीढ़ी पूर्व पूज्य ऋषभदेवजी महाराज द्वारा प्रतिपादित की गई थी।


पूज्य दाजी ने मिशन के अभ्यासियों से आह्वान किया कि वे इस बसंत उत्सव को केवल एक पर्व के रूप में न देखें, बल्कि इसे आत्म-परिष्कार, अंतर्मुखी साधना और चेतना के उत्कर्ष का अवसर बनाएं। उन्होंने कहा कि जैसे बसंत ऋतु में प्रकृति अपने पुराने आवरण को त्यागकर नव सृजन की ओर अग्रसर होती है, वैसे ही अभ्यासी को भी अपने भीतर की जड़ताओं को त्यागकर प्रेम, करुणा और शांति के पुष्प खिलाने चाहिए।
बसंत उत्सव में संपूर्ण आश्रम परिसर में श्रद्धा, साधना और शांति का दिव्य वातावरण दिखाई दिया ।यह उत्सव आने वाले बीस दिनों तक साधना, सेवा और सत्संग के माध्यम से मानव चेतना को उन्नत करने का अनुपम अवसर प्रदान करेगा।
सायंकाल में भी ध्यान सत्र में दाजी ने ध्यान कराया।
#dajji #heartfulness #sriramchandramission
#meditation

February 12, 2026

Mathura News वायरल वीडियो में पुलिस का मजाक उड़ाने वाला आरोपी गिरफ्तार 

मथुरा। पुलिस का मजाक उड़ाने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल  भेज दिया। आरोपी ने एक वायरल वीडियो में कहा था कि “1000 में हवलदार, 10,000 में इंस्पेक्टर और 1 लाख रुपये में पूरा थाना खरीद सकता हूँ”। जिसका  वीडियो हुआ था वायरल हुआ।
 जिस पर संज्ञान लेते हुए गोवर्धन पुलिस ने इंस्टाग्राम पर पुलिस की छवि खराब करने वाली रील बनाने वाले युवक को गिरफ्तार कर लिया है।
 पकड़े गए युवक का नाम रोबिन (20 वर्ष) है, जो गोवर्धन क्षेत्र के देवसेरस गांव का रहने वाला है। युवक ने सोशल मीडिया पर एक रील साझा की थी, जिसमें वह पुलिस का मजाक उड़ाते हुए कह रहा था— “1000 में हवलदार, 10,000 में इंस्पेक्टर और 1 लाख रुपये में पूरा थाना खरीद सकता हूँ”।वीडियो वायरल होने के बाद मथुरा पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने गाँठौली-देवसेरस बम्बा की पुलिया के पास से घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के समय उसके पास से एक अवैध तमंचा (.315 बोर) और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ है।
दर्ज मामला: पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ आर्म्स एक्ट (धारा 9/25) के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।

Gorakhpur नवोदय विद्यालय के शिक्षक की मौत पर हंगामा जारी.. 

लगातार दो दिनों तक छात्र-छात्राओं ने भोजन न कर किया विरोध.. प्रिंसिपल पर है आरोप 
Posted on 12.02.2026 Time 06.39 PM, Thursday, Gorakhpur, Santosh Kumar Singh 
Navodaya Vidyalaya PP Ganj Gorakhpur

नवोदय विद्यालय भवन

गोरखपुर, 12 फरवरी 2026, पीपीगंज थाना क्षेत्र में स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय मैं टीचर की मौत का मामला अभी शांत नहीं हुआ है। मंगलवार और बुधवार को छात्र_ छात्राओं ने जमकर  हंगामा किया और भोजन करने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही वह हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर धरने पर बैठे रहे। अधिकारियों और शिक्षकों के काफी समझाने के बाद भी उनका आक्रोश शांत नहीं हुआ उनका कहना था कि हमें अपने टीचर के लिए न्याय चाहिए।
पीपीगंज थाना क्षेत्र में स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय के कंप्यूटर साइंस के शिक्षक अभय प्रताप सिंह की सड़क हादसे में मौत हो जाने के बाद, छात्र-छात्राओं में आक्रोश का माहौल है। उनका कहना है कि शिक्षक की मौत, प्रिंसिपल साहब के तानाशाही रवैये की वजह से हुई। मंगलवार और बुधवार को छात्र-छात्राओं ने हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया और भोजन करने से इनकार कर दिया। जैसे ही इसकी सूचना आला अधिकारियों को हुई तो  मौके पर एसडीम, प्रिंसिपल उप प्रिंसिपल, क्षेत्राधिकारी सहित एसएचओ पीपीगंज पहुंचे और छात्र-छात्राओं को काफी मशक्कत के बाद समझाया और उन्हें भोजन कराया। बता दें कि नवोदय विद्यालय में परीक्षायें चल रही हैं, बताया जा रहा है कि कुछ छात्रों ने उत्तर पुस्तिका को बगैर कुछ लिखे ही जमा कर दिया। मंगलवार और बुधवार के हंगामें के बाद गुरुवार को माहौल सामान्य देखा गया है।
दरअसल 7 फरवरी को बस्ती से स्कूल आते वक्त नवोदय विद्यालय के कंप्यूटर साइंस टीचर अभय प्रताप सिंह की सड़क हादसे में मौत हो गई। परिजनों सहित स्कूल के छात्रा_ छात्राओं और कुछ टीचरों का आरोप था कि उनकी मौत के पीछे की वजह स्कूल के प्रधानाचार्य संजीव कुमार सक्सेना है। जिनके तानाशाही रवैया की वजह से शिक्षक की मौत हुई है। मिली जानकारी के मुताबिक अभय सिंह 3 वर्ष पहले लखनऊ से स्थानांतरित होकर अपने होम डिस्ट्रिक्ट बस्ती के नजदीक पीपीगंज नवोदय विद्यालय में तैनात हुए थे और कक्षा 11 और 12 के छात्रों को कंप्यूटर साइंस पढ़ाते थे। मंगलवार और बुधवार को छात्रों ने लगातार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं, जिन पर लिखा था प्रिंसिपल तेरी तानाशाही ने ले ली एक जान, प्रिंसिपल के तानाशाही रवैए के कारण हमें पढ़ाने वाले शिक्षक चले गए, “प्रिंसिपल हत्यारा है, उसने हमारे अभय सर को मारा है”। इस दौरान कई छात्रों ने भोजन करने से भी इंकार कर दिया, मौके पर पहुंचे एसडीम, सीओ और एसएचओ ने उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थे, उनका कहना था कि प्रिंसिपल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, इस दौरान जिलाधिकारी दीपक मीणा ने भी छात्रों से बात की तब जाकर कहीं छात्र आश्वस्त हुए और उन्होंने भोजन किया। गुरुवार को  दोपहर तक किसी भी प्रकार के हंगामें की सूचना नहीं है।
मृतक की पत्नी मंधूलिका सिंह ने विद्यालय समिति के आयुक्त को पत्र लिखकर आरोप लगाया गया है कि हमारे घर में मांगलिक कार्यक्रम था। इसके लिए मेरे पति ने तीन दिनों का अवकाश मांगा था ,लेकिन प्रिंसिपल इसके लिए तैयार नहीं थे, और उन्होंने बड़ी मुश्किल से दो दिनों का अवकाश स्वीकृत किया था। उनका कहना था कि स्कूल में परीक्षाएं चल रही हैं, मैं अवकाश नहीं दे सकता, 6 तारीख को उन्होंने फोन कर पति से कहा कि आप सुबह स्कूल पहुंच जाइए अन्यथा मैं आपकी नौकरी खा जाऊंगा, जबकि स्कूल में कुल 30 टीचर है। इसी दवाब में पति सुबह 5:00 बजे ही घर से निकल गए थे। प्रिंसिपल साहब  का रवैया शुरू से ही तानाशाही रहा है, वह कई बार पति को मेमो देकर दवाब बना चुके हैं। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करा कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
वहीं इस बारे में उप प्रधानाचार्य डॉक्टर बृजभूषण पांडे का कहना है कि विद्यालय का माहौल सामान्य हो रहा है। छात्र-छात्राओं के भोजन न करने का दावा निराधार है। प्रशासन ने पूरे प्रकरण की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वही इस बारे में स्कूल के प्रधानाचार्य संजीव कुमार सक्सेना ने बताया कि अभय सिंह ने ट्रांसफर ड्राइव भरा था, लेकिन किस जिले के लिए, उन्हें यह याद नहीं है। व्यवहार सुधार के लिए मेमो जारी किया गया था।

मुरादाबाद में वकीलों का पीलीकोठी पर विरोध प्रदर्शन, जाम लगाया

रामपुर वकील हत्याकांड (Advocate murder)

    Moradabad: Advocate protest कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते अधिवक्ता

Post on 12.2.26, Time 05.11 PM Moradabad, Rajesh Bhatia

मुरादाबाद, 12 फरवरी (उप्र समाचार सेवा)। रामपुर में अधिवक्ता की दिन दहाड़े हत्या( Murder) को लेकर वकील सड़कों पर उतरे। पीली कोठी चौराहा रास्ता जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। हंगामे को देखते हुए पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया। वकीलों ने घटना पर आक्रोश जताते हुए अधिवक्ता एकता जिंदाबाद के नारे लगाए। चौराहे पर सड़क पर बैठने से आवागमन थमा रहा।
रामपुर में अधिवक्ता फारुख अहमद खां की बुधवार को दिन में गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना से प्रदेश भर रोष फैल गया। बार एसोसिएशन, संगठनों ने घटना पर विरोध जताने और शोक स्वरुप में गुरुवार को हड़ताल कर न्यायिक कार्य न करने का निर्णय लिया गया।
गुरुवार को रामपुर में अधिवक्ता हत्याकांड को लेकर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष समेत पदाधिकारी और वकील कचहरी परिसर में विरोध जताते हुए पीलीकोठी पहुंचे।अधिवक्ता सड़क पर बैठ गए और वकील की हत्या‌ को लेकर विरोध प्रदर्शन कर जाम लगाया। हंगामे को देखते हुए पुलिस फोर्स और प्रशासन भी वहां पहुंच गया। वकीलों ने एडीएम सिटी को ज्ञापन सौंपा। जिसमें मृतक परिवार को सहायता के लिए पचास लाख रुपए की सहायता की मांग की।
सुबह दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी के सभागार में शोक सभा भी की गई। वकीलों ने घटना पर दुख जताते हुए दो मिनट का मौन रखा। साथ ही हत्या की निंदा की। सभा का संचालन महासचिव कपिल गुप्ता की जबकि अध्यक्षता आनंद मोहन गुप्ता ने की। मांग कि वकीलों की सुरक्षा के लिए प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की। साथ ही परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की। कहा कि‌ सरकार वकीलों के हित में कोई भी योजना नहीं ला रही है। जिससे वकील सुरक्षित किया जा सके। अब आए दिन वकीलों के साथ कोई ना कोई घटनाएं हो रही है। बार अध्यक्ष व महासचिव ने एकजुटता पर जोर दिया । बाद में अधिवक्ता कलेक्ट्रेट से होते हुए पीली कोठी पहुंचे। इस दौरान बार पदाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह (जेपी), आवरण अग्रवाल श्रेष्ठ, अभिषेक भटनागर, अंजार हुसैन, पुनीत चौहान, विजेंद्र राज सिंह, सुनील सक्सेना, त्रिलोक चंद्र दिवाकर, राजेश दयाल आदि रहे

« Newer PostsOlder Posts »