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एक कौम, एक वतन: हिंदुस्तान — राष्ट्र प्रथम की भावना से ही बनेगा समरस भारत: डा० इंद्रेश कुमार

January 28, 2026

एक कौम, एक वतन: हिंदुस्तान — राष्ट्र प्रथम की भावना से ही बनेगा समरस भारत: डा० इंद्रेश कुमार

इंद्रेश कुमार,

राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के कार्यक्रम में आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार

लखनऊ।  इरम कॉलेज लखनऊ मुस्लिम राष्ट्रीय मंच हिन्दुस्तानी फर्स्ट और हिंदुस्तानी बेस्ट के तत्वाधान में “एक कौम, एक वतन: हिंदुस्तान” विषय पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में देश की एकता, अखंडता और आपसी सौहार्द का सशक्त संदेश दिया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए वक्ताओं ने धर्म, जाति और समुदाय से ऊपर उठकर राष्ट्र प्रथम की भावना को जीवन में उतारने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. इंद्रेश जी ने अपने ओजस्वी संबोधन में कुरान पाक का उल्लेख करते हुए कहा कि “माँ के कदमों में जन्नत है” और यही संस्कार भारतीय संस्कृति की आत्मा है। उन्होंने कहा कि हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में रहते हैं और हमें इस लोकतांत्रिक परंपरा को और मजबूत करना है। डॉ. इंद्रेश जी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस का स्मरण करते हुए कहा कि उनके नारे ने अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर मजबूर किया। बसंत पंचमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने इसे ज्ञान और शिक्षा की देवी का पर्व बताया।
उन्होंने कहा कि कभी-कभी हम अपनी कट्टरता को ही सर्वश्रेष्ठ मानने लगते हैं, लेकिन यह सोच देश को जोड़ने में सहायक नहीं हो सकती। “सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा” केवल हिंदुस्तान के लिए गाया गया है, किसी अन्य देश के लिए नहीं। पैग़म्बर मोहम्मद साहब के संदर्भ में उन्होंने कहा कि गाय का दूध शिफा है और उसके संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यदि समाज में संवेदनशीलता और संयम आए तो दंगों जैसी स्थितियाँ स्वतः समाप्त हो सकती हैं। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित लोगों को गौ-माता की सुरक्षा की शपथ भी दिलाई।
डॉ. इंद्रेश जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “हम किसी भी जाति, धर्म या समुदाय से हों, सबसे पहले भारतीय हैं। नेशन प्रथम होना चाहिए। हम एक वतन, एक कौम — हिंदुस्तान हैं और इस विचार को गली-गली, मोहल्ले-मोहल्ले तक पहुँचाना होगा।” उन्होंने भारत की सर्वधर्म समभाव की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने ही पहली मस्जिद और पहला चर्च बनवाकर दिया, यही हमारी सांस्कृतिक पहचान है। उन्होंने प्रदेश को स्वच्छ, सुरक्षित और दंगा-मुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया।
इससे पूर्व सोशल एक्टिविस्ट शालिनी अली ने कहा कि हम चाहे किसी भी धर्म के हों, हमारी पहली पहचान भारतीय होने की है। जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के रजिस्ट्रार कर्नल ताहिर मुस्तफा ने कहा कि सपने वो नहीं जो हम सोते हुए देखते हैं, बल्कि वो हैं जो हमें सोने नहीं देते, और विकसित भारत के लिए काम करने वाला हर व्यक्ति एक फौजी है। डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मित्तल जी ने युवा शक्ति को शिक्षित, संस्कारयुक्त और कौशलयुक्त बनाने पर बल दिया तथा पर्यावरण संरक्षण को श्रेष्ठ भारत की अनिवार्य शर्त बताया। अल्पसंख्यक शिक्षा आयोग भारत सरकार के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. शाहिद अख्तर ने कहा कि हमारी पहचान एक हिंदुस्तानी के नाते होनी चाहिए और देश के लिए कुर्बानी देने की भावना सदैव जीवित रहनी चाहिए। विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश राज्य मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिए गए विकसित भारत के संकल्प को पूरा करना हम सबकी जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम का सफल संचालन सैयद रज़ा हुसैन ने किया।
इस अवसर पर कॉलेज के ट्रस्टी ख़्वाजा फैज़ी, दयालु महाराज, डॉ. शौकत खान, आलोक चतुर्वेदी, ठाकुर राजा रईस, मज़हिर खान, डॉ. शाहिद सईद, शाहनवाज़, डॉ. ताहिर शाह, डॉ. अली ज़फर, आफ़ताब मिर्ज़ा, शेर खान, याक़ूब अली, अशफ़ाक सिद्दीकी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

राष्ट्रनीति से बड़ी न हो राजनीति : कुमार विश्वास

Udeesha

कुमार विश्वास

Posted on : 28.01.2026, Wednesday Time: 10:48AM,  Source:  Rajesh Bhatia
  • उदीसा महोत्सव में शामिल हुए कुमार विश्वास
  • राम कथा से समझाया राम राज्य का महत्व।

मुरादाबाद, 27 जनवरी (उप्र समाचार सेवा)। उदीसा महोत्सव का समापन यादगार बन गया। महोत्सव में भारतीय हिन्दी कवि और वक्ता कुमार विश्वास ने रामराज की अवधारणा को साकार करने के लिए आपसी भाईचारे व एक दूसरे की संस्कृति का सम्मान करने के महत्व पर जोर दिया। कहा कि राम से सीखना चाहिए, रामराज का मतलब।
मंगलवार को मुरादाबाद में बुद्धि विहार में आयोजित उदीसा महोत्सव में शामिल हुए कवि कुमार विश्वास ने रामकथा के जरिए जहां लोगों में आध्यात्मिक चेतना को जागृत किया। वहीं आज की राजनीति पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि वन को जाते समय राम
ने भरत को संदेश भिजवाया कि राजा का पद पाकर नीति न छोड़ें। पर समस्या यह कि अब नीति ही राजा का पद पाने की हो गई है। राजा जो कहें वहीं नीति। कुमार विश्वास ने दोहे के जरिए समझाया कि जनता भी राजा से मिल सकें और बिना भय के अपनी बात कह सकें। पर लोकतंत्र में यह समस्या खड़ी हो गई है कि राजनीति राष्ट्रनीति से बड़ी हो गई है। जबकि राष्ट्र में राजनीति होनी चाहिए। उन्होंने रामराज्य की अवधारणा का जिक्र करते हुए बताया कि हम लोग गणतंत्र या लोक तंत्र का प्रयोग करते हैं पर सालों में व्यवस्था यह हो गई है कि इसमें तंत्र पहले आ गया और लोक पीछे छूट गया। मौजूदा राजनीति से जोड़ते हुए कहा कि आज किसी नेता विधायक से मिलने के लिए श्रम करना पड़ता है। कहा कि राम लोक के नेता है और राम का राज्य लोक का राज्य है।
महोत्सव के सत्र ‘अपने-अपने राम’ में रामकथा के जरिए भरत को राजा का पद पाकर नीति न छोड़ने, महाराज दुष्यंत प्रसंग के जरिए मौजूदा स्थिति पर स्पष्ट संदेश दिया। कहा कि तब आम लोग अपने राजा कभी भी मिल सकतें।
ढाई घंटे तक चले कार्यक्रम में कुमार विश्वास ने बताया कि भगवान राम हर युग में प्रासांगिक हैं। रामराज्य की व्यवस्था का जिक्र कर राम की मर्यादा, वचन और त्याग के मर्म को बारीकी से समझाया।
देर रात तक चले कार्यक्रम में कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष शैफाली सिंह, शहर विधायक रितेश गुप्ता, कुंदरकी विधायक रामवीर सिंह,एमएलसी डा जयपाल सिंह व्यस्त समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में लगातार तालियां बजती रही।

January 27, 2026

जिला निर्वाचन अधिकारी जसजीत कौर द्वारा ईवीएम स्ट्रांग रूम एवं वीवीपेट वेयरहाउस का किया गया निरीक्षण

जिला निर्वाचन अधिकारी जसमीत कौर

बिजनौर 27 जनवरी, 2026:- जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी जसजीत कौर द्वारा आज दोपहर 12:00 बजे कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ईवीएम संरक्षित एवं झंडापुर स्थित वीवीपेट वेयरहाउस का मासिक निरीक्षण किया गया। सर्वप्रथम जिलाधिकारी द्वारा कलेक्ट्रेट स्थित ईवीएम स्ट्रांग रूम के बाहर लगे तालों की सील्ड्स का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ईवीएम सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा, विद्युत व्यवस्था एवं अन्य सभी प्रकार की व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित पाई गईं। स्ट्रांग रूम स्थित गार्ड रूम के निरीक्षण के दौरान उन्होंने सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी को सफाई व्यवस्था एवं रंगाई-पुताई कराने के निर्देश दिए।
तदोपरांत जिलाधिकारी श्रीमती कौर ने झंडापुर स्थित वीवीपेट वेयरहाउस का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने यहां भी भूतल स्थित विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के वीवीपेट कक्षों में लगे तालों की सील्ड्स आदि का मुआयना किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सिक्योरिटी, विद्युत व्यवस्था, साफ सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया, जो मानक के अनुरूप संचालित पाई गईं। निरीक्षण के दौरान ईवीएम के रख रखाव व सुरक्षा के दृष्टिगत सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने अपनी सहमति जताई और सुरक्षा के इंतजाम देख कर संतोष व्यक्त किया।
निरीक्षण के दौरान सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी प्रमोद कुमार, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि कांग्रेस से अनिल कुमार एवं क़ाज़ी आतिफ़, बसपा से मुहम्मद सिद्दीक तथा सपा से अख़लाक़ पप्पू सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।

परिवहन मंत्री ने 21 करोड़ की परियोजना का किया भूमिपूजन

बलिया यूपी, 27/01/2026,  नगर पालिका परिषद के कटहल नाले की आज भूमि पूजन और शिलान्यास का कार्यक्रम किया गया। जहां कार्यक्रम के दौरान यूपी सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह,बीजेपी जिलाध्यकाश संजय मिश्रा और जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह मौजूद रहे।वही यूपी सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि कटहल नाला एक एतिहासिक नाला है जो राजा सूरथ थे उन्होंने प्राचीन काल में सुरहाताल का निर्माण कराया था पुरानी में बताया जाता है कि कुष्ठ रोग से पीड़ित लोग आते थे और ताल में स्नान करते थे तो उनको मुक्ति मिल जाती थी और यह ताल एशिया का सबसे बड़ा ताल है यह 36 किलो मीटर और 3400 हेक्टेयर मीटर में है गंगा नदी और सुरहा ताल कटहल नाले से जुड़ा हुआ है 21 किलो मीटर कटहल नाला गंगा नदी से सूरहाताल को जोड़ता है जब बाढ़ आती है तो बाढ़ को रोकने में सुरहा ताल में जाकर पानी स्टोर हो जाता है।यह दोनो तरफ बहाने वाला एक मात्र नाला है देश का पहला यह नाला है जो दिनों तरफ से बहता है बाढ़ की भी सुरक्षा करता है और 28 गांवों में पानी हो जाता है तो पानी निकालने का काम करता है।शहर के बीचों बीच पांच किलो मीटर यह नाला होकर गुजरता है बलिया में किसी चीज से अगर गंदगी होती है तो वह है कटहल नाला।मैंने चुनाव के समय कहा था कि जो सबसे बड़ी गंदगी है वही से हम लोग शूरुवात करेंगे और इसको हम लोग जूहू चौपाटी जैसा बनाएंगे।मैं मुख्य मंत्री को धन्यवाद देता हूं कि इसकी सुंदरीकरण के लिए 19 करोड़ रुपए और सिंचाई विभाग इसकी सफाई के लिए निर्गत करके हम बलिया वासियों को सम्मान दिया है आज उसका शिलान्यास हुआ है। वही यूजीसी को लेकर यूपी सरकार के परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह से सवाल किया गया तो उन्होंने टाल मटोल करने लगे।

एटा में सवर्ण समाज ने यूजीसी कानून के विरोध में सड़क पर पैदल मार्च कर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा

एटा 27 जनवरी उप्रससे। जनपद में सवर्ण समाज के सैकड़ों लोगों ने यूजीसी कानून के विरोध में प्रदर्शन करते हुए शहीद पार्क से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला और उपजिलाधिकारी सतीश कुमार को राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री के नाम एक लिखित ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने कानून वापस लेने की मांग की।

यूजीसी विरोध में रैली

यूजीसी के विरोध में दिया ज्ञापन

यह प्रदर्शन अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह चौहान, मनोज पचौरी और करणी सेना के पदाधिकारियों के संयुक्त नेतृत्व में किया गया। सैकड़ों की संख्या में सवर्ण समाज के लोग शहीद पार्क से कलेक्ट्रेट तक पहुंचे, जहां उन्होंने सरकार विरोधी नारे लगाए। युवाओं ने हाथों में ‘यूजीसी एक्ट बायकॉट’ के पोस्टर थाम रखे थे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि कानून वापस नहीं लिया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि सरकार ने यह कानून बनाकर सवर्ण समाज के बच्चों को ‘स्वघोषित अपराधी’ बना दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सवर्ण समाज को कुचलने का काम कर रही है। चौहान ने मांग की कि इस कानून को वापस लिया जाए या इसमें संशोधन किया जाए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि कानून संशोधन समिति में सवर्ण समाज के लोगों को शामिल किया जाए और सवर्ण अभ्यर्थियों के लिए अलग शैक्षणिक संस्थान बनाए जाएं।

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