Web News

www.upwebnews.com

सेलिब्रेटिंग कल्चरल हेरिटेज की थीम पर नेचर एण्ड बर्ड फेस्टिवल हुआ आयोजन

February 2, 2026

सेलिब्रेटिंग कल्चरल हेरिटेज की थीम पर नेचर एण्ड बर्ड फेस्टिवल हुआ आयोजन

UP Tourism Minister Jayveer Singh

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह

उप्रससे अजय बरया

ललितपुर। सोमवार को विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर ललितपुर के देवगढ़ स्थित महावीर स्वामी वन्यजीव अभ्यरण में नेचर एण्ड वर्ड फेस्टिवल का आयोजन किया गया, जहां उ0प्र0 शासन के मंत्री, पर्यटन एवं संस्कृति जयवीर सिंह, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री अरुण कुमार सक्सेना एवं राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ ने फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और झांसी-ललितपुर क्षेत्र में 24 करोड़ से अधिक की पर्यटन विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में सभी अतिथियों ने आयोजन स्थल से पहले बनाये गए बर्ड विलेज में ठहरकर प्रकृति के लुभावने दृश्यों का आनन्द लिया, इसके बाद मुख्य आयोजन स्थल की ओर रवाना हुए। यहां पर उन्होंने सर्वप्रथम फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और 24 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का पट्टिकाओं का अनावरण कर लोकार्पण किया। उन्होंने परिसर में लगाये गए फोटो गैलरी, चित्र प्रदर्शनी व स्टॉलों का निरीक्षण कर सराहना की। उन्होंने मंच पर पहुंचकर मॉ सरस्वती जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन किया तत्तपश्चात प्रधान मुख्य वन संरक्षक/विभागाध्यक्ष सुनील कुमार चौधरी, मण्डलायुक्त बिमल कुमार दुबे, जिलाधिकारी सत्य प्रकाश, पुलिस अधीक्षक मो0 मुश्ताक, डीएफओ नवीन शाक्य सहित अन्य अधिकारीगणों ने मंत्रीगणों का बुके भेंट कर स्वागत किया।
कार्यक्रम में राज्यमंत्री श्रम एवं सेवायोजन विभाग उ0प्र0 मनोहर लाल पंथ, सदर विधायक रामरतन कुश्वाहा, जिलाध्यक्ष भाजपा हरीशचन्द्र रावत, प्रमुख सचिव पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन अनिल कुमार सहित जिले के अन्य जनप्रतिनिधिगण, निदेशक इको पुष्प कुमार के० सहित इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड, पर्यटन विभाग एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, प्रकृति प्रेमी, स्थानीय नागरिक, बर्डिंग एवं ट्रैकिंग से जुड़े विशेषज्ञ एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के कलाकार उपस्थित रहे। राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज सहित अन्य कॉलेजों की छात्राओं के द्वारा स्वागत गीत व सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी।
इसके उपरान्त कार्यक्रम में सारस गणना 2025 कॉफी टेबिल बुक व डॉक्यूमेन्ट्री का विमोचन किया गया, इसके बाद फोटोग्राफी, स्लोगन व चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किये गए।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि पर्यटन विभाग और वन विभाग संयुक्त रूप से उत्तर प्रदेश में ईको टूरिज्म को शिखर पर पहुंचाने के लिए कटिबद्ध है। हमारा प्रयास है कि वैश्विक इको पर्यटन मानचित्र पर बुंदेलखंड को विशिष्ट स्थान प्राप्त हो, बर्ड फेस्टिवल इसकी आधारशिला है।
मंत्री जयवीर सिंह ने आगे कहा कि श्ललितपुर का देवगढ़ क्षेत्र ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक रूप से अत्यंत समृद्ध है। यहां प्राचीन काल के जैन मंदिर, बौद्ध गुफाएं, दशावतार मंदिर के साथ-साथ बेतवा नदी के किनारे जैव-विविधता और वन्यजीवों के सरंक्षण का अद्भुत केंद्र है। केवल देवगढ़ ही नहीं पूरा ललितपुर पर्यटन आकर्षणों से भरा है। नेचर एंड बर्ड फेस्टिवल के दौरान आमलोग पक्षियों को देख सकते हैं, प्रकृति के बीच भ्रमण कर सकते हैं तथा आर्द्रभूमि संरक्षण से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का हिस्सा बन सकते हैं।
वन डिस्ट्रिक्ट, वन वेटलैंडश् की दिशा में बढ़ रहे
पर्यटन मंत्री ने कहा कि इंटरनेशनल वेटलैंड डे पर जानकारी देते हुए हर्ष हो रहा है कि केंद्र सरकार की एक जनपद, एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना और राज्य सरकार की वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूज़ीन योजना के बाद हम वन डिस्ट्रिक्ट, वन वेटलैंड की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म विकास बोर्ड भविष्य के ब्रांड अंबेसडर भी तैयार कर रहा है। युवा टूरिज्म क्लबों के सदस्यों को विभिन्न अवसरों पर विस्टाडोम कोच, विभिन्न पक्षी विहारों सहित नजदीक प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण कराया जाता है। विद्यालयों में प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों में प्रारंभिक स्तर से ही पर्यावरण संरक्षण और ईको टूरिज्म के प्रति जागरूकता विकसित की जा रही है। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक जनपद के अल्पज्ञात पर्यटन स्थलों का भी विकास किया जाए।
रामसर साइट्स-टाइगर रिजर्व के पास पर्यटन विकास
पर्यटन मंत्री ने कहा कि पिछले दिनों हुई संयुक्त बैठक में वन विभाग ने बताया कि अब तक 52 वेटलैंड सूचीबद्ध किए जा चुके हैं। यहां पर्यटन सुविधाओं के विकास पर सहमति बनी है। इस प्रदेश के प्रत्येक जिले पर्यटकों को आकर्षित करेंगे। दोनों विभागों के बीच प्रदेश की 11 रामसर साइट्स और 04 टाइगर रिजर्वों के आसपास पर्यटन सुविधाओं के विकास पर सहमति बनी है। उत्तर प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए विभिन्न राज्यों और देशों के टूर ऑपरेटरों एवं यात्रा व्यवसायियों की फैम ट्रिप आयोजित की जा रही है। हाल में ही यूके, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका से आए प्रतिनिधि न केवल राज्य के सौंदर्य से आकर्षित हुए, बल्कि उत्तर प्रदेश के डेस्टिनेशन को अपनी आइटनरी में शामिल भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड घरेलू और विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद बने। पर्यटन स्थलों और पर्यटकों की सुविधाओं पर तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अरुण सक्सेना, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने कहा, नेचर एंड बर्ड फेस्टिवल-2026 उत्तर प्रदेश की समृद्ध जैव-विविधता, पक्षी संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का उदाहरण प्रस्तुत करता है। यह उत्सव न केवल प्रदेश के वेटलैंड्स, वन क्षेत्रों और प्रवासी पक्षियों की महत्ता को रेखांकित करता है, बल्कि नागरिकों विशेषकर युवाओं को प्रकृति के संरक्षण के लिए जागरूक और प्रेरित भी करता है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को समृद्ध प्राकृतिक विरासत मिल सके।
नदियां, वेटलैंड्स, प्रवासी पक्षी हमारी धरोहर
वन मंत्री अरुण सक्सेना ने कहा कि उत्तर प्रदेश की नदियां, वेटलैंड्स, वन क्षेत्र और प्रवासी पक्षी हमारी प्राकृतिक धरोहर हैं, जिनका संरक्षण आवश्यक है। नेचर एंड बर्ड फेस्टिवल-2026 यह संदेश देता है कि विकास तभी सार्थक है जब वह प्रकृति के संतुलन के साथ हो। प्रदेश सरकार जैव-विविधता संरक्षण, पक्षी आवासों के संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है।
इसके अलावा कार्यक्रम में राज्यमंत्री, सदर विधायक, जिलाध्यक्ष भाजपा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगणों व अधिकारियों ने अपने सम्बोधन में जिले के पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन व भावी पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण की महत्ता पर प्रकाश डाला। इसके उपरान्त मंचासीन अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

गीता के निष्काम कर्म के सिद्धांत को जीवन में करें आत्मसात: डॉ. कोठारी

Dr Jagdish Kothari

डा जगदीश कोठारी

Posted on 02.02.2026 Monday, Time: 07.10 PM, Teerthankar Mahaveer University TMU, Shrimad Bhagwadgeeta, Dr Jagdeesh Kothari, Moradabad

 

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के आईकेएस सेंटर की ओर से उद्देश्य, अवसर और व्यावसायिक जीवनः श्रीमद्भगवद्गीता से सीख पर 12वीं राष्ट्रीय कॉन्क्लेव में प्रतिष्ठित भगवदाचार्य और ज्योतिषाचार्य डॉ. जगदीश कोठारी ने बतौर मुख्य वक्ता की शिरकत

मुरादाबाद, 02 फरवरी 2026, प्रतिष्ठित भगवदाचार्य और ज्योतिषाचार्य डॉ. जगदीश कोठारी ने श्रीमद्भगवद्गीता के चयनित श्लोकों के जरिए जीवन के उद्देश्य, आत्मज्ञान और निष्काम कर्म के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करते हुए कहा कि हमें निष्काम कर्म के सिद्धांत को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। इससे  न केवल व्यावसायिक सफलता प्राप्त की जा सकती है, बल्कि आंतरिक संतोष और मानसिक शांति भी मिलती है। डॉ. कोठारी तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के सेंटर फॉर इंडियन नॉलेज सिस्टम- आईकेएस की ओर से उद्देश्य, अवसर और व्यावसायिक जीवनः श्रीमद्भगवद्गीता से सीख पर टिमिट के सभागार में आयोजित 12वीं राष्ट्रीय कॉन्क्लेव में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे। इससे पूर्व ज्योतिषाचार्य डॉ. जगदीश कोठारी, आई स्पेशलिस्ट डॉ. उपमा अवस्थी, यूथ मेंटर श्री अरविंदाक्ष माधव दास, इस्कॉन के प्रतिनिधि श्री अरुणोदय कीर्तन दास आदि ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके कॉन्क्लेव का शुभारम्भ किया। इस मौके पर डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन आदि की गरिमामयी मौजूदगी रही। प्रो. मंजुला जैन ने यूनिवर्सिटी की प्रगति आख्या प्रस्तुत करते हुए कहा कि गीता का कर्मयोग युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति निष्ठावान रहने, परिणाम की चिंता किए बिना निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने आत्मविकास, अनुशासन और सकारात्मक सोच को जीवन में अपनाने का आह्वान करते हुए ऐसे आयोजनों को भारतीय ज्ञान परंपरा के पुनर्जागरण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। कॉन्क्लेव के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों ने वक्ताओं से जीवन, करियर, नेतृत्व और मूल्य-आधारित शिक्षा से संबंधित जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।

आई स्पेशलिस्ट डॉ. उपमा अवस्थी ने मानसिक स्वास्थ्य, संतुलित जीवनशैली और आंतरिक शांति के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कह, गीता के सिद्धांत आज भी तनाव प्रबंधन, सकारात्मक सोच और भावनात्मक संतुलन के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। यूथ मेंटर श्री अरविंदाक्ष माधव दास ने युवाओं से कहा, जुनून और स्पष्ट उद्देश्य के बिना सफलता अधूरी रहती है। उन्होंने गीता के जरिए नेतृत्व क्षमता, आत्मअनुशासन और सशक्त निर्णय लेने की कला पर बल दिया। उन्होंने युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ प्रतिबद्ध और नशे से दूर रहने की प्रतिज्ञा दिलवाई। इस्कॉन के प्रतिनिधि श्री अरुणोदय कीर्तन दास ने कहा, जब व्यावसायिक जीवन में आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों का समावेश हो जाता है, तब व्यक्ति न केवल सफलता प्राप्त करता है, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणास्रोत बनता है। टीएमयू आईकेएस सेंटर की कोऑर्डिनेटर डॉ. अलका अग्रवाल ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन प्रबंधन, नेतृत्व, कर्मयोग और नैतिक मूल्यों की एक सशक्त और व्यावहारिक मार्गदर्शिका है। इस अवसर पर डॉ. मनोज अग्रवाल, डॉ. चंचल चावला, डॉ. विभोर जैन, डॉ. विवेक पाठक, डॉ. अमीषा सिंह आदि की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। संचालन डॉ. माधव शर्मा ने किया।

 

January 31, 2026

मंडल में नई रेललाइन और बरेली से मुंबई की ट्रेन का इंतजार

  1. आम बजट आज

धामपुर-काशीपुर और बिजनौर हस्तिनापुर रेललाइन प्रोजेक्ट पर बोर्ड में विचाराधीन

मुरादाबाद, 31 जनवरी(उप्र समाचार सेवा)।
रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नए वित्तीय वर्ष के लिए बजट पेश करेंगी। आम आदमी की निगाह आयकर सीमा में छूट बढ़ने के अलावा रेल सेवाओं के विस्तार पर रहेगी।
मुरादाबाद मंडल में रेल सुविधा व सुरक्षा पर सरकार की प्राथमिकता रही है। अबकी भी रेल यात्री और विभाग की नजर कल के पेश होने वाले बजट पर टिकी है। माना जा रहा है कि मुरादाबाद मंडल में नई रेललाइन प्रोजेक्ट और तेज रफ्तार ट्रेनों के संचालन पर जोर
है। रेल प्रशासन ने इस साल में आधुनिकीकरण से लेकर स्टेशनों के कायाकल्प और विकास कार्यों पर जोर दिया है। मंडल में अभी कई योजनाओं पर काम चल रही हैं। मंडल प्रशासन ने रेल कनेक्टिविटी को
बढ़ावा देने के नई रेललाइन के प्रस्ताव विचाराधीन है। धामपुर काशीपुर और बिजनौर हस्तिनापुर रेललाइन बिछाने काई योजना है। धामपुर काशीपुर लाइन 58 किमी लंबी है। डीपीआर तैयार की गई है। इस सिलसिले में प्रस्ताव बोर्ड को भेजा गया है। जबकि बिजनौर हस्तिनापुर रेललाइन
63.5 किमी लंबी है। प्रोजेक्ट की स्वीकृति से मेरठ की रेल कनेक्टिविटी का रास्ता साफ होगा।
इसके अलावा मुंबई की डिमांड को देखते हुए रेलवे का लालकुआं से मुंबई बांद्रा के फेरे बढ़ाए जाने का भी प्रस्ताव है। जबकि बरेली से मुंबई के लिए नई ट्रेन का भी प्रस्ताव है।

एटा में हिंदू युवती को बुर्का पहनाकर ले जा रहा था युवक, स्थानीय लोगों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा

एटा 31 जनवरी उप्रससे। कोतवाली नगर क्षेत्र में रोडवेज बस स्टैंड पर एक मुस्लिम युवक को हिंदू युवती को बुर्का पहनाकर ले जाते हुए स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया। लोगों ने आरोपी युवक को पकड़कर कोतवाली नगर पुलिस के हवाले कर दिया। सूचना मिलने पर दर्जनों हिंदू संगठन के लोग मौके पर पहुंच गए और आक्रोश व्यक्त किया।

हिंदू संगठनों ने इसे ‘लव जिहाद’ का मामला बताते हुए लड़की को फंसाने का गंभीर आरोप लगाया है। युवती को नाबालिग बताया जा रहा है। पकड़े गए आरोपी युवक आसिफ पुत्र मुन्ने के हाथ में कलावा बंधा हुआ था। फिलहाल, हिंदू संगठनों के आक्रोश के बाद पुलिस मामले की जांच-पड़ताल में जुटी हुई है।

सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि एक मुस्लिम युवक हिंदू लड़की को बुर्का पहनाकर भगा ले जा रहा है। उन्होंने मौके पर पहुंचकर युवक को पकड़ा और पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की। अरविंद ने मुख्यमंत्री के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में किसी को बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि युवक के हाथ में बंधा कलावा निश्चित रूप से गुमराह करने के लिए बांधा गया था।

युवती के पिता ने कोतवाली नगर पुलिस को लिखित शिकायत पत्र सौंपा है। उन्होंने आरोपी आसिफ पर बहला-फुसलाकर भगाने और छेड़खानी का आरोप लगाया है। पिता ने यह भी बताया कि उनकी बेटी कुछ समय से अलग पूजा पद्धति से पूजा-अर्चना कर रही थी। शिकायत के बाद विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के दर्जनों कार्यकर्ता कोतवाली पहुंचे और तत्काल कार्रवाई की मांग की। परिजनों ने लड़की की उम्र नाबालिग बताई है।

विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष शिवांग गुप्ता ने बताया कि एक हिंदू लड़की को मुस्लिम युवक बस स्टैंड पर बुर्का पहनाकर ले जा रहा था। सूचना मिलने पर वे मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि लड़की एक इंटर कॉलेज की 10वीं कक्षा की छात्रा है और मुस्लिम युवक उसे बहला फुसलाकर ले जा रहा था।

रामसर सूची में शामिल हुआ एटा का पटना पक्षी विहार

एटा को बड़ी सौगात, पटना पक्षी विहार को किया रामसर स्थल घोषित, मिलेगी वैश्विक पहचान क्षेत्र में खुशी का माहौल

Posted on 31.01.2026 Saturday, Time : 09.44 PM, by Anuj Mishra Etah

Patna Bird sanctuary named in Ramsar list

Patna Bird sanctuary etah

पटना पक्षी विहार को मिली वैश्विक पहचान, रामसर सूची में शामिल

एटा 31 जनवरी उप्रससे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के एटा जिले में स्थित पटना पक्षी विहार को अन्तर्राष्ट्रीय महत्व का रामसर स्थल घोषित किया है। इसके साथ ही गुजरात के कच्छ क्षेत्र में स्थित चारी-ढांड को भी रामसर सूची में शामिल किया गया है। इस घोषणा से भारत की आर्द्रभूमि संरक्षण नीति को नई मजबूती मिली है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने स्थानीय जनता और आर्द्रभूमि संरक्षण में लगे सभी नागरिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह कदम भारत की प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और वैश्विक मंच पर देश की पर्यावरणीय भूमिका को मजबूत करेगा। प्रधानमंत्री की इस घोषणा के साथ ही एटा जिला अन्तर्राष्ट्रीय पर्यावरण मानचित्र पर दर्ज हो गया है।
उत्तर प्रदेश के एटा जनपद की जलेसर तहसील में स्थित पटना पक्षी विहार अब भारत की उन चुनिंदा आर्द्रभूमियों में से एक है, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त है।

पटना पक्षी विहार में आते हैं हजारों प्रवासी पक्षी

Bird sanctuary

पटना पक्षी विहार में प्रवासी

लगभग 108.86 हेक्टेयर में फैला पटना पक्षी विहार उत्तर प्रदेश की सबसे समृद्ध छोटी वेटलैंड्स में से एक है। यह आर्द्रभूमि हर साल सर्दियों के मौसम में देश-विदेश से आने वाले हजारों प्रवासी पक्षियों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करती है।

भारत के प्रमुख पक्षी संरक्षण केंद्रों में से एक है

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दीं शुभकामनाएं

विशेषज्ञों और सर्वेक्षणों के अनुसार, इस पक्षी विहार में अब तक 178 प्रजातियों के पक्षी दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें भारतीय उपमहाद्वीप की 42 प्रजातियों में से 18 प्रजातियां नियमित रूप से देखी जाती हैं। प्रत्येक वर्ष यह क्षेत्र 50 हजार से अधिक पक्षियों का मौसमी आवास बनता है, जिससे यह उत्तर भारत के प्रमुख पक्षी संरक्षण केंद्रों में गिना जाता है। पटना पक्षी विहार की जैव विविधता इसे और भी विशिष्ट बनाती है। यहां 44 से अधिक दुर्लभ प्रजातियों के पक्षी पाए जाते हैं। सर्दियों में जब आसपास के खेत जलमग्न हो जाते हैं, तब यह झील ‘सारस केम’ के रूप में विकसित हो जाती है। इस दौरान यहां बड़ी संख्या में सारस पक्षियों का एकत्रीकरण देखने को मिलता है।

252 पौध प्रजातियां भी पाई जाती हैं

यह आर्द्रभूमि केवल पक्षियों तक सीमित नहीं है। किए गए सर्वेक्षणों में यहां 71 वनस्पति परिवारों की 252 पौध प्रजातियां, जिनमें 24 जलीय पौधें शामिल हैं, दर्ज की गई हैं। इसके अलावा नीलगाय, सियार, नेवला, मॉनिटर लिज़र्ड, जंगली बिल्ली और साही जैसे वन्य जीव इस क्षेत्र की पारिस्थितिक समृद्धि को और सुदृढ़ करते हैं। प्रकृति के साथ विकास विजन को करेगी साकार पटना पक्षी विहार परिसर में स्थित प्राचीन भगवान शिव मंदिर धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से क्षेत्र को विशेष महत्व देता है। रामसर स्थल का दर्जा मिलने के बाद यह क्षेत्र अब इको-टूरिज्म, पर्यावरण शिक्षा, शोध कार्य और स्थानीय रोजगार की व्यापक संभावनाओं के नए दौर में प्रवेश कर चुका है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि पटना पक्षी विहार को मिली यह अंतरराष्ट्रीय मान्यता भारत के “प्रकृति के साथ विकास” के विजन को साकार करती है। इसके साथ ही यह उपलब्धि एटा जनपद को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने वाली एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गई है।

पटना गांव के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि हरेंद्र पाल है जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें बेहद खुशी हुई है कि देश के प्रधानमंत्री ने जलेसर के पटना पक्षी विहार को रामसर घोषित किया है अब जलेसर के पटना पक्षी विहार को वैश्विक पहचान मिल गई है यहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा रोजगार के अवसर पैदा होंगे वन्य जीव जंतु पंछियों को संरक्षित किया जाएगा।

महाभारत कालीन मंदिर
महाभारत काल का प्राचीन शिव मंदिर भी इस पटना पक्षी बिहार में स्थापित है करीब 600 वर्ष पुराना यहां महादेव का मंदिर स्थापित है। मंदिर की देखरेख करने वाले किशन ने ये जानकारी दी है उन्होंने बताया पी एम मोदी की इस घोषणा के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

« Newer PostsOlder Posts »