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संघ की सौ वर्ष की यात्रा हिन्दू स्वाभिमान और समरसता की यात्राः जोगिन्दर पाल सिंह

February 8, 2026

संघ की सौ वर्ष की यात्रा हिन्दू स्वाभिमान और समरसता की यात्राः जोगिन्दर पाल सिंह

Joginder Pal Singh Adress in Hindu Sammelan

हिन्दू सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेश महामंत्री जोगिंदर पाल सिंह

Posted on: 08.02.2026 Sunday, Time: 11.17 PM, Moradabad

मुरादाबाद, 08 फरवरी 2026, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेश महामंत्री जोगिन्दिर पाल सिंह ने कहा कि है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सौ वर्ष की यात्रा हिन्दू स्वाभिमान और समरसता की यात्रा है। हिन्दू पुनर्जागरण की यात्रा है। संघ का सौ वर्ष का इतिहास गौरवपूर्ण है। श्री सिंह रविवार को यहां कृष्णा विद्या मन्दिर इंटर कालेज मंगुपुरा में आयोजित हिन्दू सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में  सम्बोधित कर रहे थे।

श्री सिंह ने कहा कि आज शबरी जयंती है। यह हमें समरसा का संदेश देती ही। शबरी ने अनेक वर्ष तक दृढ़ विश्वास के साथ भगवान श्रीराम की प्रतीक्षा की थी। भगवान श्रीराम ने भी शबरी के बेर खाकर समसरसा का संदेश दिया। उन्होंने कहा  हिन्दू समाज और संस्कृति पर अनेक आक्रमण हुए हैं। पहला आक्रमण मुहम्मद बिन कासिम ने सन् 712 में किया था। हमारी संस्कृति, सभ्यता और परंपराओं को नष्ट करने का प्रयास हुआ। इसके बाद भी अनेक आक्रमण हुए। लेकिन भारत के संत महात्माओं, महापुरुषों ने उन आक्रमओं का डटकर सामना किया। उन्हें विफल करते रहे।

हिन्दू सम्मेलन के अध्यक्ष सर्वेश कुमार सिंह का सम्मान

श्री सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना काल की परिस्थितियों और संस्थापक डा केशव बलिराम हेडगेवार के प्रेरणादायी जीवन का उल्लेख करते हुए बताया कि संघ ने स्वतंत्रता संग्राम में बढ चढकर हिस्सा लिया। संघ संस्थापक डा हेडगेवार ने ही सबसे पहले पूर्ण स्वराज्य का प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। उनके प्रस्ताव को मानकर ही पूर्ण स्वराज्य दिवस मनाने की परंपरा आरम्भ हुई थी। स्वतंत्रता के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर लगे प्रतिबंधों की भी उन्होंने चर्चा की। साथ ही बताया कि संघ के योगदान को देखते हुए ही 1963 में संघ को गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल किया गया था।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर शनि सिंह ने कहा कि आज यह विडम्बना ही है कि हिन्दुओं के देश में हिन्दू सम्मेलन आयोजित करने की आवश्यकता पड़ रही है। उन्होंने उन कारणों पर प्रकाश डाला जिनके कारण हिन्दू समाज को संगठित करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कार्य कर रहा है। श्री सिंह ने संघ के शताब्दी वर्ष में निर्धारित किये गए पंच परिवर्तनों पर विस्तार से प्रकाश डाला।  इन पंच परिवर्तनों के लिये समाज को तैयार होने और अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि पंच परिवर्तनों में कुटुम्ब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्व का जागरण और राष्ट्रीय कर्तव्य को आत्मसात करना है। इनके माध्यम से ही समाज अनेक आसन्न चुनौतियों का सामना करने में सफल होगा।

प्रो. सिंह ने कहा कि हमें यह नारा देना होगा और इसे अपनाना भी होगा-जातिवाद की करो विदाई, हम सब हैं भाई भाई। हमें जातिवाद को दूर करना है, जातियों में नहीं बंटना है। भेदभाव रहित समाज, एकात्म समाज की स्थापना ही संघ का उद्देश्य है। इन पंच परिवर्तनों के भाव को युवा पीढ़ी को समझना और अपनाना आवश्यक है क्योंकि ये युवा ही देश के भविष्य हैं।

हिन्दू सम्मेलन के विशिष्ट अतिथि मेजर राजीव ढल ने कहा कि हम हिन्दू गर्व से कह सकते हैं कि हम हिन्दू हैं। हमारे पूर्वजों ने लालच में आकर, भय के कारण हिन्दू धर्म नहीं छोड़ा। उन पर अनेक अत्याचार हुए, अनेक तरह के प्रलोभन भी दिये गए किन्तु उन्हें स्वीकार नहीं किया। पूर्वजों ने बलिदान कर दिये किन्तु हिन्दू धर्म नहीं त्यागा। इसलिए हम कह सकते हैं कि हमें गर्व है कि हम हिन्दू हैं। भारत पर आक्रमण करने वालों ने हिन्दू संस्कृति को मिटाने का अभियान चलाया। मठ मन्दिर तोड़े गए, उनके स्थान पर मस्जिदें बनायी गईं। यदि उन्हें मस्जिदें बनानी थीं तो कहीं और भी बना सकते थे। लेकिन उन्हें हिन्दू समाज को अपमानित करना था इसलिए हिन्दू मंदिरों को तोड़ा गया, वहीं मस्जिदें बना दी गईं।

मेजर ढल ने कहा कि सिख गुरुओं के बलिदान से हिन्दू समाज की रक्षा हुई। गुरुओं की संतानों ने बलिदान किये। गुरुओं के शीश काट दिये गए। लेकिन उन्होंने हिन्दू धर्म को बचा लिया। भारत विभाजन की विभिषिका और कश्मीर में हुए नरसंहार की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए यह सब किया गया। नेता देखते रहे और नरसंहार होते रहे। भारत विभाजन के समय हो अत्याचारों को झेलते हुए जब अनेक हिन्दू यहां आये तो कोई मदद को नहीं आया। सिर्फ राष्ट्रीय स्वंयंसेवक संघ ने शिविर लगाकर सहायता की थी। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि स्वतंत्रता के बाद देश में मुगलों की इतिहास पढ़ाया जाने लगा, कभी गुरुओं के बलिदान का इतिहास नहीं पढ़ाया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार सर्वेश कुमार सिंह ने कहा कि 21वीं शताब्दी, हिन्दू शताब्दी है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में हो रहे हिन्दू सम्मेलनों की श्रंखला में सभी समस्याओं की भी समाधान है। उन्होंने बताया कि इसी क्षेत्र में 1982 से 85 के मध्य चार हिन्दू सम्मेलन हुए थे। ये सम्मेलन काशीपुर, अमरोहा, मुजफ्फरनगर और दिल्ली मे हुए। इन सम्मेलनों की ही शक्ति और जागरण का परिणाम था कि मात्र 46 वर्ष में अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य दिव्य मन्दिर बन गया। क्योंकि इन सम्मलेनों से ही राम मन्दिर के निर्माण की मांग उठी थी। हिन्दू सम्मेलन की शक्ति ने उस संघर्ष में निर्णायक विजय दिला दी जोकि 496 साल तक चला था। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नगर कार्यवाह जितेन्द्र चौधरी ने किया।

 

 

उपज अध्यक्ष का रामपुर में स्वागत

UPAJ President Sarvesh Kumar Singh hounered by Surya Prakash Pal in Rampur

रामपुर में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सूर्य प्रकाश पाल ने उपज अध्यक्ष सर्वेश कुमार सिंह का स्वागत किया

Posted on 08.02.2026 Sunday, Time 08.32 PM, Rampur

रामपुर, 08 फरवरी 2026, उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा) श्री सूर्य प्रकाश पाल जी से वरिष्ठ पत्रकार और उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (उपज) के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश कुमार सिंह ने भेंट की। भेंट के दौरान श्री पाल ने अंगवस्त्र भेंट कर उपज प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत किया।

इस अवसर पर साथ में राष्ट्र सेविका समिति की पदाधिकारी श्रीमती अनीता प्रकाश और उत्तर प्रदेश समाचार सेवा के वरिष्ठ संवाददाता श्री किशन लाल शर्मा भी उपस्थित थे। उपज अध्यक्ष ने श्री सूर्य प्रकाश पाल जी को उत्तर प्रदेश समाचार सेवा का विशेषांक अभ्युदय भेंट किया।

Uttar Pradesh Samachar Sewa Souvenir Abhuday presented to Upadhyaksh UP Rajya pichda varg ayog

उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सूर्य प्रकाश पाल को उत्तर प्रदेश समाचार सेवा की स्मारिका अभ्युदय भेंट करते हुए सर्वेश कुमार सिंह

भेंट वार्ता के दौरान श्री पाल से वर्तमान राजनीतिक परिप्रेक्ष्य पर चर्चा हुई।

विधान सभा सत्र संचालन में दलीय नेता सहयोग करें: सतीश महाना

Yogi Adityanath

दलीय नेताओं की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने स्वागत किया

Posted on 08.02.2026, Time: 08.01 AM, UP Assembly session 

लखनऊ, 08 फरवरी 2026, उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने 09 जनवरी 2026 से प्रारम्भ हो रहे 18वीं विधान सभा सत्र को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सभी दलीय नेताओं से सहयोग का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि संसदीय व्यवस्था में संवाद तथा सकारात्मक चर्चा-परिचर्चा के माध्यम से लोकतंत्र सुदृढ़ होता है। विधानसभा चर्चा और परिचर्चा का मंच है, शोर-शराबे का नहीं। सहमति और असहमति लोकतंत्र का अभिन्न अंग हैं। शोर-शराबे से न तो सरकार की बात सामने आती है और न ही विपक्ष की।विधान भवन में आयोजित सर्वदलीय बैठक में सभी दलीय नेताओं ने विधान सभा अध्यक्ष को सदन संचालन में सहयोग देने का आश्वासन दिया।

बैठक में विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि यह देश की सबसे बड़ी विधान सभा है। स्वाभाविक रूप से उत्तर प्रदेश विधान सभा की कार्यवाही पूरे देश के विधान मंडलों के लिए एक मानक एवं आदर्श प्रस्तुत करती है। श्री महाना ने कहा कि सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर देर शाम तक सदन की कार्यवाही संचालित की जाएगी, ताकि प्रत्येक सदस्य को अपनी बात रखने का अवसर मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पूर्व के इतिहास पर दृष्टि डाली जाए तो विगत चार वर्षों में इस विधानसभा में सर्वाधिक चर्चा हुई है।विधान सभा अध्यक्ष ने सभी दलों के नेताओं से अनुरोध किया कि वे अपने-अपने पक्ष को सदन में शालीनता एवं संसदीय मर्यादा के अंतर्गत रखें और प्रेमपूर्ण वातावरण में बहस करें। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त करते हुए कहा कि जिस प्रकार पूर्व के सत्रों में सभी का सहयोग प्राप्त हुआ है, उसी प्रकार इस सत्र में भी सहयोग की आशा है।इस अवसर पर सभी दलीय नेताओं ने विधान सभा अध्यक्ष की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि आपके दिशा-निर्देशन में विधान सभा में निरंतर कुछ नया देखने को मिल रहा है। उम्मीद है कि भविष्य में भी नए प्रयोगों के साथ विधान सभा में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेंगे।बैठक में नेता सदन एवं प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सर्वदलीय बैठक में संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना ने सभी दलीय नेताओं को आश्वस्त किया कि सरकार पूरी गंभीरता के साथ विकास को नई गति देने एवं आगे बढ़ाने के लिए कार्य करेगी। सरकार सभी मुद्दों पर सकारात्मक कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। संसदीय कार्य मंत्री ने माननीय मुख्यमंत्री जी की भावना के अनुरूप सभी दलीय नेताओं से सदन में शांतिपूर्ण सहयोग की अपील की।इस अवसर पर माननीय नेता प्रतिपक्ष श्री माता प्रसाद पाण्डेय, माननीय नेता अपना दल (सोनेलाल) श्री राम निवास वर्मा, माननीय नेता राष्ट्रीय लोकदल श्री राजपाल बालियान, माननीय नेता सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी श्री ओमप्रकाश राजभर, माननीय नेता निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल श्री रमेश सिंह, माननीय नेता भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस श्रीमती आराधना मिश्रा ‘मोना’ तथा जनसत्ता लोकतांत्रिक दल के माननीय नेता कुंवर रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भैया’ के स्थान पर श्री विनोद सरोज ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए और सदन की कार्यवाही को सुव्यवस्थित ढंग से चलाने में हर प्रकार का सहयोग देने का आश्वासन दिया।इससे पूर्व माननीय विधान सभा अध्यक्ष श्री सतीश महाना जी की अध्यक्षता में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना के अतिरिक्त समिति के सदस्य श्री जयवीर सिंह, श्रीमती बेबी रानी मौर्य, श्री सुशील कुमार शाक्य, श्री जयप्रताप सिंह, श्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, श्री पंकज सिंह, श्री रविदास मेहरोत्रा, डॉ. संग्राम यादव, श्री आशु मलिक तथा विशेष आमंत्रित सदस्य श्री रामनिवास वर्मा, श्री राजपाल सिंह बालियान, श्री रमेश, श्री ओमप्रकाश राजभर और श्रीमती आराधना मिश्रा ‘मोना’ शामिल हुए।इस अवसर पर उत्तर प्रदेश विधान सभा के प्रमुख सचिव श्री प्रदीप कुमार दुबे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि महाराज की जूना अखाड़े में वापिसी, निष्कासन रद्द

Letter Juna akhada

जूना अखाड़ा ने महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि का निष्कासन रद्द किया

Posted on 08.02.2026, Time 07.39 PM,, Haridwar, Juna akhada 
( गोपाल रावत)
हरिद्वार, 08 फरवरी। श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर श्री महंत यतींद्रानंद गिरि महाराज का निष्कासन समाप्त कर दिया गया है। जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्री महंत मोहन भारती महाराज ने बताया कि विगत दिनों कतिपय अखाड़ा विरोधी गतिविधियों तथा बयान बाजी के चलते महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि महाराज को अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया था ।इस प्रकरण की जांच हेतु अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्री महंत हरी गिरी महाराज के निर्देश पर वरिष्ठ सभापति श्री महंत प्रेमगिरी महाराज की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया जिसमें वरिष्ठ सभापति श्री महंत उमाशंकर भारती, महामंत्री श्री महंत महेश पुरी, राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री महंत नारायण गिरी तथा श्री महंत निरंजन भारती को शामिल किया गया ।
जांच समिति ने इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच करने पर पाया कि उनके विरुद्ध लगाए गए कतिपय आरोप भ्रामक तथा तथ्यहीन है। जांच समिति की संस्तुति के आधार पर अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्री महंत हरी गिरी महाराज के निर्देश पर महा मंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि महाराज का निष्कासन समाप्त कर उन्हें सम्मान पूर्वक अखाड़े में शामिल कर लिया गया है ।
श्रीमंत मोहन भारती महाराज ने बताया कि महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि महाराज के प्रति खेद व्यक्त करते हुए अखाड़े में उनकी प्रतिष्ठा व सम्मान के अनुरूप वापिसी की गई है।

लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर महामंच ने की मणिकर्णिका घाट का स्वरूप नहीं बदलने की मांग

हरिद्वार, 8 फरवरी। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर महामंच ने मणिकर्णिका घाट का मूल स्वरूप नहीं बदलने की मांग की है। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर महामंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेलूराम प्रधान ने प्रैस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वाराणसी में स्थित मणिकर्णिका घाट का पुनः निर्माण कराया जा रहा है। पुनः निर्माण के दौरान देवी अहिल्याबाई होल्कर की व उनके द्वारा निर्मित मूर्तियों और मंदिरों को तोड़ दिया गया। पुनः निर्माण की प्रक्रिया में मणिकर्णिका घाट के मूल स्वरूप को भी बिगाड़ा जा रहा है। जिससे पूरे समाज की आस्था को गहरा आघात पहुंचा है। तेलूराम प्रधान ने कहा कि सोशल मीडिया में वायरल हो रहे एक वीडियो में देवी अहिल्याबाई होल्कर की टूटी हुई मूर्तियों को दिखाया गया है। वीडियो को यूपी सरकार द्वारा एआई निर्मित बताया गया है। वीडियो एआई निर्मित है तो वीडियो बनाने वालों पर कार्रवाई की जाए और यदि वीडियो वास्तविक है तो मुख्यमंत्री को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए तथा अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे भारत में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर द्वारा निर्मित एवं जीर्णोद्धार किए गए मंदिरों, घाटों, प्याऊ, धर्मशाला, विद्यालय, गौशाला आदि का मूल स्वरूप और नाम ना हटाया जाए और ना बिगाड़ा ना जाए। तेलूराम प्रधान ने कहा कि इस संबंध में मंच की और से राष्ट्रपति को ज्ञापन भी प्रेषित किया जाएगा। प्रैसवार्ता के दौरान कृष्णपाल धनगर, अमित धनगर, सतीशचंद्र, नकली सिंह, विकास धनगर,़ उमेश पाल, राधेश्याम पाल, प्रदीप पाल, शिवचरण पाल, पंकज पाल, भूषण पाल, संजय पाल, सत्यपाल, नरेशपाल, गुलाब सिंह, तेजपाल, देवेंद्र धनगर, स्वामी सुशांत पुरी, राजेश कुमार पाल, सुनील, ओमपाल, नेपाल, जितेंद्र पाल, मोहित पाल, सतिंदर पाल, सुरेंद्र सिंह, रोहित पाल, अनिकेत पाल, कालूराम, सचिन पाल, सुलेख पाल सहित हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश से आए पदाधिकारियों का फूलमाला पहनाकर स्वागत किया गया।

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